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भारतीय महिला हॉकी टीम
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भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम महिला हॉकी के खेल में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला दल है।
महिला हॉकी की ध्यानचंद
सुश्रीमधुयादव
(अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, अंपायर, प्रशासक एवं खेल अधिकारी)
भारतीय महिला हॉकी के स्वर्णिम इतिहास में जिन नामों ने खेल, अनुशासन और नेतृत्व—तीनों स्तरों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है, उनमें सुश्री मधु यादव का नाम अत्यंत सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। खिलाड़ी, अंतरराष्ट्रीय अंपायर, टीम प्रबंधक और प्रशासक—हर भूमिका में उन्होंने भारतीय महिला हॉकी को वैश्विक मंच पर सशक्त पहचान दिलाई।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
सुश्री मधु यादव का जन्म 2 मई 1962 को हुआ। उन्होंने वर्ष 1979–80 में माध्यमिक शिक्षा (HSC) मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल से उत्तीर्ण की। किशोरावस्था से ही खेलों के प्रति उनका रुझान और अनुशासनबद्ध जीवनशैली आगे चलकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय हॉकी तक ले गई।
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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में योगदान (1979–1989)
भारतीय हॉकी संघ (IHF) से संबद्ध रहते हुए सुश्री मधु यादव ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अनेक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया—
• विश्व कप – वैंकूवर (कनाडा) 1979, कुआलालंपुर (मलेशिया) 1983
• एशियन गेम्स – नई दिल्ली 1982 (स्टैंडबाय), सियोल 1986 (कांस्य पदक)
• इंटरकॉन्टिनेंटल कप – अर्जेंटीना 1985 (पाँचवाँ स्थान)
• प्रेसिडेंट कप – पोलैंड 1989 (विजेता, टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी)
• इंदिरा गांधी गोल्ड कप –
• 1985 (संयुक्त विजेता)
• 1987 (रजत पदक)
• 1989 (कप्तान)
• एशिया कप – हांगकांग 1989 (कप्तान)
इसके अतिरिक्त उन्होंने रूस, जर्मनी, चीन, अमेरिका आदि देशों के विरुद्ध कई टेस्ट सीरीज़ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कई बार टीम की कप्तानी भी संभाली।
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राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियाँ
सुश्री मधु यादव ने भारतीय रेलways का प्रतिनिधित्व करते हुए—
• 1979 से 1991 के बीच
सीनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैंपियनशिप में 13 बार स्वर्ण पदक
• 1991 में
प्रथम फेडरेशन कप – स्वर्ण पदक
राष्ट्रीय हॉकी में उनका योगदान निरंतरता, नेतृत्व और उत्कृष्टता का प्रतीक रहा।
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अंतरराष्ट्रीय अंपायर के रूप में भूमिका
खेल से संन्यास के बाद भी उन्होंने हॉकी से अपना रिश्ता बनाए रखा और एक अंतरराष्ट्रीय अंपायर के रूप में भारत का गौरव बढ़ाया—
• 1998 –
• USA चार देशीय महिला टूर्नामेंट
• जर्मनी–भारत टेस्ट मैच (जर्मनी)
• 13वें एशियन गेम्स, बैंकॉक
• 2000 – जूनियर महिला एशिया कप, मलेशिया
• 2002 –
• चार देशीय टूर्नामेंट, इंग्लैंड
• कॉमनवेल्थ गेम्स, मैनचेस्टर
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टीम प्रबंधक एवं प्रशासक के रूप में योगदान
2010 में उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम की मैनेजर के रूप में—
• जापान, चीन, न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध टेस्ट मैच
• कनाडा एवं जर्मनी में चार देशीय टूर्नामेंट
• प्रथम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, कोरिया
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सम्मान एवं पुरस्कार
• 🏅 अर्जुन पुरस्कार (2000) – भारत सरकार
• 🏅 विक्रम पुरस्कार (1980) – मध्यप्रदेश शासन
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प्रशासनिक एवं सामाजिक भूमिकाएँ
• सचिव – महिला हॉकी, भारतीय हॉकी महासंघ (IHF) (सितंबर 2013 से)
• सचिव – मध्यप्रदेश महिला हॉकी संघ (वर्ष 2000 से)
• चयनकर्ता – हॉकी इंडिया (पुरुष एवं महिला) (2009–2010)
• समिति सदस्य – कॉमनवेल्थ गेम्स 2010
• समिति सदस्य – IHF
• पूर्व सरकारी पर्यवेक्षक – भारतीय महिला हॉकी टीम
• सरकारी पर्यवेक्षक – PYKKA (पंचायत युवा खेल क्रीड़ा अभियान), केंद्र सरकार
• क्रीड़ा अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर
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निष्कर्ष
सुश्री मधु यादव केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि भारतीय महिला हॉकी की संस्थागत शक्ति हैं। मैदान से लेकर प्रशासन तक, उन्होंने समर्पण, अनुशासन और नेतृत्व के साथ यह सिद्ध किया कि खेल जीवन का एक पड़ाव नहीं, बल्कि आजीवन साधना है। उनकी शख़्सियत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और गौरव का स्रोत बनी रहेगी।
उमेशकुमारगुप्ता
== एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी, नवम्बर 2013 ==
भारत की महिला हॉकी टीम ने जापान के काकामिगाहारा में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीता। फाइनल में भारतीय टीम जापान से 0-1 से हार गई। भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने से ऊंची वरीयता प्राप्त चीन को 4-2 और मलेशिया को 5-1 से हराया था। जापान के खिलाफ उसे लीग मैच में भी 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। भारत की गोलकीपर रजनी इतिमारपू को टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार मिला। भारत को इसके अलावा फेयर प्ले ट्रॉफी भी मिली।
चार टीमों की इस प्रतियोगिता में जापान को स्वर्ण पदक, जबकि मलेशिया को कांस्य पदक मिला।
== एशिया कप सितम्बर 2013 ==
आठवें एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट टूर्नामेंट के लिए चुनी गई भारतीय टीम इस प्रकार है :
गोलकीपर : रजनी एतिमारपू, सविता
रक्षापंक्ति : दीप ग्रेस एक्का, जॉयदीप कौर, किरनदीप कौर, सुनीता लाकड़ा, दीपिका, नमिता टोप्पो, पी. सुशीला चानू, एम.एन. पोनम्मा
मध्यपंक्ति : ऋतु रानी (कप्तान), चंचन देवी थोकचोम (उप कप्तान), सौंदर्य येंदाला, लिली चानू
अग्रिमपंक्ति : पूनम रानी, रानी रामपाल, वंदना कटारिया, अनुराधा देवी थोकचोम
अतिरिक्त खिलाड़ी : सनारिका चानू, असुंता लाकड़ा, मोनिका मलिक, नवजोत कौर, लीलिमा मिंज, अनूपा बारला
भारत की महिला हॉकी टीम ने के पहले दिन पूल-ए के अपने पहले मैच में हांगकांग चाइना को 13-0 से हराया। फारवर्ड खिलाड़ी रानी ने सबसे अधिक सात गोल किए।
अपने दूसरे मैच में गत चैम्पियन चीन के हाथों भारत को 1-0 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
अपने तीसरे मैच में भारत ने मलेशिया को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वॉलिफाई किया। इस मैच में पूनम रानी (39वें मिनट) और लिली चानू (46वें मिनट) ने दूसरे हाफ में एक-एक गोल किया।
सेमी फाइनल में कोरिया ने भारत को 2-1 से हराया।
भारत ने चीन को पेनल्टी शूट-आउट में 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता। नियमित समय में 2-2 से बराबरी रहने पर पेनल्टी शूटआउट से फैसला हुआ जिसमें भारतीय टीम ने चीन को 3-2 से हराया। 2014 में हॉलैंड के हेग में होने वाले विश्व कप में जगह बनाने के लिये भारत को यह टूर्नामेंट जीतना जरूरी था लेकिन उसे आखिर में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
== सन्दर्भ ==