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बिस्केट यात्रा
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बिस्का यात्रा बिस्काः जात्रा ne Bisket Jatra Chariot Bhaktapur.jpg भक्तपुर में बिस्का यात्रा त्योहार वार्षिक भक्तपुर भक्तपुर 2021 5 लाख लोग धार्मिक उत्सव
thumb|बिस्का यात्रा
बिस्काः यात्रा भक्तपुर, धापसी, मध्यपुर थिमि और टोखा के साथ नेपाल के कई अन्य स्थानों में होने वाला एक वार्षिक त्योहार है। यह त्योहार विक्रम संवत कैलेंडर को ध्यान में रखकर नए साल की शुरुआत में मनाया जाता है, हालांकि इस त्योहार का कोई भी सम्बन्ध विक्रम संवत से नहीं है।Sanskriti Bhitra Prajapati Subhash Ram newatech 2006 979-9994699949 81–83Bisket Jatra Images, Stock Photos & Vectors Shutterstock https://www.shutterstock.com/search/bisket+jatra www.shutterstock.com 20 नवम्बर 2021
किंवदंती यह है कि यह त्योहार एक नागिन की मृत्यु के बाद से मनाया जाता है। भक्तपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों नें लोग इस त्योहार को अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार मनाते हैं। त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण स्थान तःमाधि और थिमि बालकुमारी हैं। इस त्योहार के दौरान भगवान भैरव की मूर्ति एक रथ पर सैकड़ों लोगों द्वारा रस्साकशी के रूप में खींची जाती है। लगभग एक महीने पहले से ही रथ को न्यातापोला मंदिर के पास इकट्ठा कर दिया जाता है। भक्तपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पल वह है जब बिस्का यात्रा के दौरान भगवान भैरव को त्योहार के लिए अपने मंदिर से बाहर लाया जाता है और फिर उनकी मूर्ति को रथ पर चढ़ाकर रस्साकशी आरम्भ की जाती है। स्थानीय निवासी इस कार्यक्रम को "द्यः कोहा बिज्यागु" कहते हैं। रस्साकशी के दौरान रथ को थने और कोने (शहर के दो भाग) के स्थानीय निवासियों द्वारा दोनों ओर से खींचा जाता है और जो कोई भी जीतता है, उसे अगले वर्ष त्योहार को आयोजित करने का मौका मिलता है, जबकि दूसरा पक्ष अपनी बारी का इंतजार करता हैं और अगले वर्ष दोबारा प्रयास करता है। रथ को अंत में गहिती तक खींचा जाता है, जहाँ रथ को दो दिनों तक रखा जाता है और फिर उसे नेपाली नव वर्ष की पूर्व संध्या पर ल्यसिंख्यः तक पुनः खींचा जाता है। ल्यसिंखेल में रथ को अगले दिन तक रखा जाता है। इसके बाद फिर से रथ को गहिती तक खींचा जाता है और अंतिम दिन जिसे स्थानीय भाषा में "द्यः थाहां बिज्यागु" कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि भगवान भैरव को फिर से मंदिर में लाया जाना, इस दौरान रथ को फिर से दोनों तरफ खींचा जाता है और अंत में 5 मंजिला मंदिर के परिसर में स्थापित कर दिया जाता है।Biska Jatra (Bisket Jatra): Festival of bhaktapur https://www.bhaktapur.com/discover/bisket-jatra/ 20 नवम्बर 2021Magazine New Spolight Nepali New Year 2078 : Bisket Jatra, History, Importance And Celebration https://www.spotlightnepal.com/2021/04/14/nepali-new-year-2078-bisket-jatra-history-importance-and-celebration/ SpotlightNepal 20 नवम्बर 2021 enBisket Jatra: Experience The Serpent Festival of Nepal https://www.nepalsanctuarytreks.com/bisket-jatra/ Nepal Sanctuary Treks 20 नवम्बर 2021 23 जुलाई 2018
मध्यपुर थिमि में भी कई जगहों पर बिस्का जात्रा मनाया जाता हैं। मध्यपुर थिमि के विभिन्न हिस्सों के लोग स्व निर्मित रथों को लेकर इकट्ठा होते हैं। लोग जश्न मनाते हैं और एक-दूजे को बधाई देते हैं, सिमरिक रंग का पाउडर उड़ाते हैं और मधुर संगीत बजाते हैं। मान्यताओं का पालन करके कुछ लोग अपने जीभ को भेद कर रहते हैं, ऐसे लोगों को स्थानीय भाषा में बोडे कहते हैं, जो एक जीभ-भेदी है और समारोह के साक्षी हैं। वह सारा दिन लोहे की कील से अपने जीभ को छेदकर रहता है और अपने कंधे पर कई ज्वलंत मशालें लेकर शहर में घूमता है।https://www.iciclesadventuretreks.com/blog/biska Biska Jatra-Unique Nepali Festival Only Celebrated In various places of Nepal www.iciclesadventuretreks.com http://kathmandupost.ekantipur.com/news/2016-04-09/bisket-jatra-commences-in-bhaktapur.html Bisket Jatra commences in Bhaktapur kathmandupost.ekantipur.com 20 नवंबर 2021 3 अगस्त 2018 https://web.archive.org/web/20180803040750/http://kathmandupost.ekantipur.com/news/2016-04-09/bisket-jatra-commences-in-bhaktapur.html dead
इन्हें भी देखें
पाहां चह्रे
मध्यपुर थिमि
सन्दर्भ
श्रेणी:त्योहार
श्रेणी:उत्सव