Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

भरत (महाभारत)

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

भरत Raja Ravi Varma - Mahabharata - Bharata.jpg भरत की छाया अनुकृति ययाति वंश प्राचीन भारत के एक क्षत्रिय चन्द्रवंशी सम्राट थे जो कि राजा दुश्यनत और रानी शकुंतला के पुत्र भरत के पुत्र राजा अक्रिड के चार पुत्र थे जो नीचे लिखे है । हरिवंश पव॔ , ४८,, पेज नमबर मे इस का वण॔न मिलता है तुव॔सु के वहनि ,उनके गौभानु ,उनके त्रैसानु ,के करध॔म,के मरुत़ नामक पुत्र हुए |मरुत के पुत्र नही हुआ उन्होने अपनी कन्या सममता यज्ञ के अवसर पर महात्तमा संवत॔ को दे दी | सममता के दुष्यन्त पुत्र हुआ तुव॔सु का वंश पौरव वंश मे मिल गया| इसी वंश मे आगे चलकर ,राजा पाडय ,राजा केलर , राजा कोल/कोली ,राजा चौल ,नामक चार भाई हुए ,जिन्होने अपने अपने नाम से विभिन्न देश बसाए इसी वंश मे गंधार हुए जिनके नाम से गंधार देश विख्यात हुआ| महाभारत,आदिपव॔ 77 पृ 177 भहाभारत आदिपव॔ पृ 168-169 हरिवशं पुराण ,33पृ 84- 85 नाम पर ही भारत का नाम है|व्यासम The Mahabharata, Volume 1 Book 1: The Book of the Beginning - पेज 211 1973 शिकागो विश्वविद्यालय प्रेस https://www.google.co.in/books/edition/The_Mahabharata_Volume_1/i8oe5fY5_3UC?hl=en&gbpv=1अतः एक चन्द्रवंशी क्षत्रिय राजा थे। http://www.sacred-texts.com/hin/m01/m01075.htm महाभारत, संभव पर्व 14 मई 2012 https://web.archive.org/web/20120520224622/http://www.sacred-texts.com/hin/m01/m01075.htm 20 मई 2012 live भरत के बल के बारे में ऐसा माना जाता है कि वह बाल्यकाल में वन में खेल ही खेल में अनेक जंगली जानवरों को पकड़कर या तो उन्हें पेड़ों से बाँध देते थे या फिर उनकी सवारी करने लगते थे। इसी कारण ऋषि कण्व के आश्रम के निवासियों ने उनका नाम सर्वदमन रख दिया। भरत की कथा right|thumb|200px|विश्वामित्र तथा मेनका thumbnail|200px|शकुन्तला पीछे मुड़कर देखती हुई right|thumb|200px|शकुन्तला right|thumb|200px|शकुन्तला दुष्यंत की याद में राजा भरत दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र थे शकुंतला के पिता का नाम विश्वामित्र था, दुष्यंत गंधर्व राजकुमार से उन्होंने शकुंतला से विवाह किया था लेकिन बाद में वे उन्हें भूल गए थे लेकिन बाद में उन्हें शकुंतला को एक मुद्रिका दी थी एक समय वह मुद्रिका का शकुंतला से खो गई थी जिसे एक मछली निगल लिया था एक मछुआरे ने उस मछली को पकड़कर जब काटा तो उसे मुद्रिका प्राप्त हुई वह उसे बेचने गया लेकिन उसे इसका मूल्य कोई नहीं देख सका फिर वह राजदरबार में गया जब राजा दुष्यंत ने उस मुद्रिका को देखा तो उन्हें शकुंतला की याद वापस आ गई और सत्कार पूर्वक भी शकुंतला और अपने पुत्र भरत को लेकर आ गए आगे चलकर वही भरत चक्रवर्ती के नाम से हस्तिनापुर के राजा बने आज हमारे देश का नाम भारत उन्हीं के नाम की ऊपर रखा गया है सिंहों के साथ बचपन में खेला करते थे पर्वत महावीर शक्तिशाली और पराक्रमी राजा थे। सन्दर्भ श्रेणी:पौरवकुल श्रेणी:इतिहास श्रेणी:प्राचीन भारत