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पूर्वजगत बंदर
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पूर्वजगत बंदरOld World monkeysGroves, C.P. (2005). Wilson, D.E.; Reeder, D.M., eds. Mammal Species of the World: A Taxonomic and Geographic Reference https://web.archive.org/web/20130620141013/http://www.bucknell.edu/msw3/ 20 जून 2013 (3rd ed.). Baltimore: Johns Hopkins University Press. pp. 152–178. OCLC 62265494. ISBN 0-801-88221-4. Oligocene Recent Olive baboon Ngorongoro.jpg ओलिव बाबून (Papio anubis) जंतु रज्जुकी (Chordata) स्तनधारी (Mammalia) नरवानर (Primates) हैप्लोरिनी (Haplorrhini) कैटारिनी (Catarrhini) सिमिफ़ोर्मीज़ (Simiiformes) सेर्कोपिथेकोइडेआ (Cercopithecoidea) ग्रे, १८२१ सेर्कोपिथेसिडाए (Cercopithecidae) ग्रे, १८२१ सेर्कोपिथेकस (Cercopithecus) उपकुल Cercopithecinae - १२ वंश
Colobinae - १० वंश
पूर्वजगत बंदर (Old World monkey) एशिया और अफ़्रीका के महाद्वीपों पर मिलने वाले बंदरों का जीववैज्ञानिक कुल है। इसमें वर्षावनों, सवाना घासभूमि और अन्य स्थानों पर रहने वाले कई बंदर आते हैं। यूरोप में भी इस कुल के बंदरों के जीवाश्म (फ़ॉसिल) मिले हैं और जिब्राल्टर पर भी कुछ बंदरों की टोलियाँ अस्तित्व में हैं हालांकि यह शायद अन्य जगहों से लाई गई हो। जीववैज्ञानिक नाम से पूर्वजगत बंदरों के कुल को सेर्कोपिथेसिडाए (Cercopithecidae) बुलाया जाता है। ध्यान दे कि केवल पूर्वजगत के बंदर ही इस कुल में आते है। नवजगत (मसलन दक्षिण अमेरिका) के बंदरों का कुल अलग है।
लक्षण
पूर्वजगत बंदर मध्यम से बड़े आकार के होते हैं। इनमें से कुछ कोलोबस बंदरों जैसे वृक्षों पर रहने वाले और कुछ बाबूनों जैसे अधिकतर धरती पर घूमने वाले होते हैं। सबसे छोटी जाति टैलापोइन है, जिसकी बिना-पूँछ की लम्बाई ३४-३७ सेंटीमीटर की और वज़न केवल ७०० ग्राम से लेकर १.३ किलोग्राम के बीच होता है। सबसे बड़ा पूर्वजगत बंदर मैन्ड्रिल जाति का नर है जो ७० सेमी लम्बा और ५० किलोग्राम तक के भार का होता है। Macdonald, D. Brandon-Jones, Douglas & Rowell, Thelma E. 1984 The Encyclopedia of Mammals Facts on File New York 370–405 0-87196-871-1 https://archive.org/details/encyclopediaofma00mals_0/page/370
देखने में पूर्वजगत बंदर कपियों से अलग होते हैं क्योंकि जहाँ कपियों की कोई विशेष दुम नहीं नहीं होती वहाँ अधिकतर पूर्वजगत बंदरों की स्पष्ट पूँछ होती है। लेकिन यह नवजगत बंदरों से भी अलग दिखते हैं क्योंकि अधिकतर नवजगत बंदरों की परिग्राही पूँछ होती है (यानि वे अपनी पूँछ से डालियाँ या अन्य चीज़ें पकड़ सकते हैं) जबकि पूर्वजगत बंदरों की दुमों में यह क्षमता नहीं होती। पूर्वजगत और नवजगत बंदरों के दाँतो की संख्या बराबर होती है लेकिन इनके दाँतो का अकार अलग-अलग है। इनकी नासिकाओं में भी अंतर है - नवजगत बंदरों की नासिकाएँ नीचे की ओर खुलती हैं जबकि पूर्वजगत बंदरों की दाई-बाई ओर।
इन्हें भी देखें
पूर्वजगत
वृक्ष विचरण
नरवानर गण
सन्दर्भ
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