Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

महाभास्करीय

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

महाभास्करीय, भास्कर प्रथम द्वारा रचित गणित एवं खगोल से सम्बन्धित ग्रन्थ है। गोविन्दस्वामी ने इसकी टीका लिखी है जिसमें अन्तर्वेशन का वही सूत्र है जिसे आजकल 'न्यूटन-गाउस अन्तर्वेशन फॉर्मूला' कहते हैं। महाभास्करीय में आठ अध्याय हैं। सातवें अध्याय के श्लोक १७, १८ और १९ में उन्होने sin x का सन्निकट मान (approximate value) निकालने का निम्नलिखित सूत्र दिया है- इस सूत्र को उन्होने आर्यभट्ट द्वारा दिया हुआ बताया है। इस सूत्र से प्राप्त ज्या य के मानों का आपेक्षिक त्रुटि 1.9% से कम है। (अधिकतम विचलन जो पर होता है।) मख्यादिरहितं कर्मं वक्ष्यते तत्समासतः। चक्रार्धांशकसमूहाद्विधोध्या ये भुजांशकाः॥१७ तच्छेषगुणिता द्विष्टाः शोध्याः खाभ्रेषुखाब्धितः। चतुर्थांशेन शेषस्य द्विष्ठमन्त्य फलं हतम् ॥१८ बाहुकोट्योः फलं कृत्स्नं क्रमोत्क्रमगुणस्य वा। लभ्यते चन्द्रतीक्ष्णांश्वोस्ताराणां वापि तत्त्वतः ॥१९Kim Plofker, Mathematics in Ancient India, Princeton University Press, 2008, page 81 इन्हें भी देखें लघुभास्करीय बाहरी कड़ियाँ महाभास्करीयम् (परमेश्वरकृतकर्मदीपिकाव्याख्यासहितम् (संस्कृत विकिस्रोत पर) महाभास्करीय (आर्काइव डॉट ओआरजी) महाभास्करीय का अंग्रेजी अनुवाद लघुभास्करीय (आर्काइव डॉट ओआरजी) आर्यभटकृतम् आर्यभटीयम् भास्कर-विरचित-भाष्योपेतम् (आर्यभटीय, भास्कर विरचित भाष्य सहित) Aryabhatheeya with commentary of Bhaskar and Someshwar (कृपाशंकर शुक्ल, लखनऊ विश्वविद्यालय) अनुक्रमणिका:महाभास्करीयम् (संस्कृत विकिस्रोत) अनुक्रमणिका:लघुभास्करीयम् (संस्कृत विकिस्रोत) सन्दर्भ श्रोत Plofker Kim 2009 मैथमेटिक्स इन इंडिया: 500 ईसा पूर्व-1800 ई Mathematics in India (book) Princeton, NJ Princeton University Press 978-0-691-12067-6 . श्रेणी:भारतीय गणित