411 REFERENCE · Wikipedia
आंग्ल-भारतीय समुदाय
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
दिसम्बर 2017
आंग्ल–भारतीय Mother and daughter in India 1920.jpg १९२० के आसपास की आंग्ल–भारतीय महिला और बालिका (ब्रिटिश राज के समय) ५,००,०००Moore Gloria J. A Brief History of the Anglo-Indians International Journal of Anglo-Indian Studies 1 1 1996 https://international-journal-of-anglo-indian-studies.org/index.php/IJAIS/article/view/78 भारत ३,००,०००–४,००,००० (१९९६)Ann Lobo Anglo-Indian Schools and Anglo-Indian Educational Disadvantage, Part 2 International Journal of Anglo-Indian Studies 1 2 1996 https://international-journal-of-anglo-indian-studies.org/index.php/IJAIS/article/view/82
१,२५,०००–१,५०,००० (२०२३)https://minorityrights.org/communities/anglo-indians/ Anglo-Indians in India 2023 Minority Rights GroupAndrews, Robyn; Raj, Merin Simi (2021). Anglo-Indian identity: past and present, in India and the diaspora. Switzerland: Palgrave Macmillan. यूनाइटेड किंगडम ८६,०००Blair Williams, Anglo Indians, CTR, 2002, p.189 ऑस्ट्रेलिया २२,००० कनाडा २२,००० बांग्लादेश २,१००Anglo in Bangladesh https://joshuaproject.net/people_groups/10327/BG Joshuaproject.net 15 June 2026 संयुक्त राज्य अमेरिका २०,००० म्यांमार १९,२०० न्यूज़ीलैंड १५,८६१ मलेशिया १०,३१० सिंगापुर ४,८०० पाकिस्तान <१,५०० अंग्रेज़ी (ब्रिटिशभारतीय)हिन्दुस्तानी (हिन्दीउर्दू)अन्य अनेक भारतीय भाषाएँ बहुसंख्यक:15px ईसाई धर्म (प्रोटेस्टेंटकैथोलिक) आंग्ल–बर्मी, स्कॉटिश–भारतीय, आयरिश–भारतीय, बर्गर, क्रिस्तान्ग लोग, इंडो लोग, सिंगापुरी यूरेशियाई, मकानी लोग, इंडो–आर्य, द्रविड़, ब्रिटिश, भारतीय प्रवासी समुदाय
thumb|आंग्ल-भारतीय समुदाय में माँ-बेटी
आंग्ल-भारतीय या ऐंग्लो इंडियन(ऍङ्ग्लो-इण्डियन) विशेष शब्द है जो जाति और भाषा के संबंध में प्रयुक्त होता है। जाति के संबंध में यह उन अंग्रेजों की ओर संकेत करता है जो भारत में बस गए हैं या व्यवसाय अथवा पदाधिकार से यहाँ प्रवास करते हैं। इनकी संख्या तो आज भारत में विशेष नहीं है और मात्र प्रवासी होने के कारण उनको देश के राजनीतिक अधिकार भी प्राप्त नहीं, परंतु एक दूसरा वर्ग उनसे संबंधित इस देश का है और उसे देश के नागरिकों के सारे हक भी हासिल हैं। यह वर्ग भारत के अंग्रेज प्रवासियों और भारतीय स्त्रियों के संपर्क से उत्पन्न हुआ है जो ऐंग्लो इंडियन कहलाता है। इस समुदाय के समझदार व्यक्ति अपने को सर्वथा भारतीय और भारत के सुख-दु:ख में शरीक मानते हैं, परंतु अधिकतर ये स्थानीय जनता से घना संपर्क नहीं बना पाते और इंग्लैंड की सहायता की अपेक्षा करते हैं। इनका अंग्रेजों से रक्तसंबंध होना, अंग्रेजी का इनकी जन्मजात और साधारण बोलचाल की भाषा होना और उनका धर्म से ईसाई होना भी उन्हें अपना विदेशी रूप बनाए रखने में सहायक होते हैं। उनकी समूची संस्कृति अंग्रेजी विचारधारा और रहन-सहन से प्रभावित तथा अनुप्रमाणित है। तथापि अब वे धीरे-धीरे देश की नित्य बदलती परिस्थितियों के अनुकूल होते जा रहे हैं।
ऐंग्लो इंडियन शब्द का व्यवहार प्रवासी अंग्रेजों की भारतीय माताओं से प्रसूत संततियों अथवा उनसे प्रजनित संतानों से भिन्न भाषा के अर्थ में भी होता है। ऐंग्लो इंडियन भाषा के अनेक रूप हैं। कभी तो इसका प्रयोग भारतीयों द्वारा लिखी शुद्ध अंग्रेजी के अर्थ में हुआ है और कभी उन अंग्रेजों की भाषा के संबंध में भी जिन्होंने भारत में रहकर लिखा है, यद्यपि भाषाशास्त्र की दृष्टि से दोनों में स्थानीय प्रभावों के अतिरिक्त कोई विशेष भेद नहीं है। फिर ऐंग्लो इंडियन से तात्पर्य उस संकर हिंदी भाषा से भी है जो भारत के ऐंग्लों इंडियन अपने से भिन्न भारतीयों से बोलते हैं। इस शब्द का व्यवहार अनेक बार उस हिंदी भाषा के संबंध में भी हुआ है जिसे हिंदुस्तानी कहते हैं। परंतु इस अर्थ में इसका उपयोग अकारण और अनुचित दोनों हैं।
बाहरी कड़ियाँ
Scattered Seeds: The Diaspora of the Anglo-Indians... an exploration through history, identity and photography
श्रेणी:समाज
श्रेणी:भारत को अप्रवास