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सीधी ज़िला
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जनवरी 2021
सीधी जिला मध्य प्रदेश का जिला Total MP Sidhi district map.svg मध्य प्रदेश में सीधी जिला 24.42 N 81.88 E type:adm3rd_source:itwiki title Sidhi देश India राज्य मध्य प्रदेश संभाग रीवा संभाग स्थापित मुख्यालय सीधी तहसीलें para 8 4851 2011 1,127,033 93121 auto जनसांख्यिकी साक्षरता 66.09per cent Sex ratio 952 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र सीधी IST +05:30 मुख्य राजमार्ग NH-39 औसत वार्षिक वर्षा normal mm https://sidhi.nic.in/en/ SIDHI Chandreh Temple.jpg चन्द्रेह मंदिर
का निर्माण चेदि राजवंश
सीधी मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्व छोर पर स्थित जिला है। इसका मध्य प्रदेश में एक ऐतिहासिक स्थान है। सीधी जिले का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। सोन इस जिले की महत्वपूर्ण नदी है। यह नदी प्राकृतिक संपदा से भरपूर है। सिंगरौली (24 मई 2008 को सीधी जिला से अलग हुआ) बहुत बड़ा कोयला उत्पादन क्षेत्र है। इससे देश भर के कई उद्योग को कोयले की आपूर्ति की जाती है। यहीं पर विंध्याचल सुपर थर्मल पावर स्टेशन स्थित है, जिससे बहुत बड़े क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति होती है।
सीधी जिला राज्य के उत्तर-पूर्वी सीमा पर 22’’, 47’’5’ और 24.42’’10’’ उत्तर अक्षांश और 81ः18’’40 और 82’’48’’30 पूर्व देशांतर के मध्य स्थित है। सीधी जिला रीवा संभाग के 6 जिलों में से एक है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सीधी की दूरी 632 कि॰मी॰ है। वहीं संभागीय मुख्यालय से इसकी दूरी 60 कि॰मी॰ है। यह जिला पूर्व-पश्चिम में 155 और उत्तर-दक्षिण में 95 कि॰मी॰ क्षेत्र में फैला है। इसका कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 10,532 कि॰मी॰ है।
जिले में चौफाल,छुहिया,मोहनिया,खाम्ह घाटी में विशाल दृश्य जंगल की ज्वाला और फूलों का खुबसूरत नजारा है। वहीं महुआ के फूलों की मादक गंध है। सीधी जिले में कुसमी तहसील के अंतर्गत बना बरचर बांध जिले का सबसे बड़ा बांध है। इस बांध से सिंचाई होती है तथा मछली पालन होता है। यह बांध संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित है। बांध के आसपास साल के घने वन आच्छादित है जो काफी मनमोहक है।सीधी के 40 किमी पश्चिम के इलाके 'भॅंवरसेन' में तीन नदियों का संगम है—सोन, महान, बनास।
समीप ही चंदरेह ग्राम लगभग हजार वर्ष पुराना पुरातत्व स्थल हैं। चेदि राजवंश के गुरु प्रबोधशिव द्वारा बनवाया गया विशाल शिव मंदिर एवं विहार. विहार के मुख्य द्वार के दोनों ओर महत्वपूर्ण प्रस्तर शिलालेख हैं।
बढ़ौरा में लोकविख्यात शंकर भगवान का सिद्ध मंदिर है।
गोपद नदी— सीधी जिले की सिंगरौली से सीमा रेखा बनाती हुई जाती है।
चुरहट तहसील में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कुंवर अर्जुनसिंह का घर है।
चुरहट तहसील में ही जिले का नवोदय विद्यालय है।
रंगकर्म में भी इस जिले का नाम अव्वल है।
यहां की बोली बघेली है। बघेली में समकालीन बड़े कवि यहीं के हैं।
बड़े आलोचक कवि एवं साहित्यकार अशोक वाजपेयी इस जिले के कलेक्टर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री यहां के कलेक्टर रहे हैं।
सफेद बाघ White Tiger इसी जिले में कुसमी वनांचल में मिला था। दुनिया भर में जहां भी white tiger हैं उसी की संतानें हैं।
सिहावल तहसील में घोघरा देवी का प्रसिद्ध मंदिर है, ऐसी मान्यता है कि बीरबल का जन्म यहीं हुआ था।
इसी तरह भंवरसेन को मूर्धन्य संस्कृत कवि बाणभट्ट की जन्मस्थली मानी जाती है। इसी वजह से साहित्य के विद्वान एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारिका प्रसाद मिश्र ने सोन पर बने बांध को बाणसागर बांध नाम दिया था।
यह केंहुजुआ और कैमोर पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है।
आदिवासी संस्कृति से, लोक से बहुत समृद्ध है यह जिला।
हाल ही मे मोहनिया टनल बनकर तैयार हुआ है जिसको रीवा सीधी टनल के नाम से भी जाना जाता हैं। इसकी लंबाई 2280 मीटर है। यह मध्य प्रदेश की सबसे लंबी सुरंग है जो रीवा सीधी की यात्रा में 45 मिनट की बचत करता है।
इतिहास
सीधी मध्यप्रदेश का हिस्सा है, इसकी छवि गौरवशाली इतिहास और कला की है। सीधी, राज्य की उत्तर-पूर्वी सीमा में स्थित है। सीधी को इसके प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक कला के लिए जाना जाता है। सीधी प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ है, सोन नदीं यहाँ से गुजरती है। संजय राष्ट्रीय उद्याान दुबरी में जो सीधी मुुुख्यालय से 80 कि.मी. की दूरी पर दक्षिणी छोर में स्थ्ति है । राष्ट्रीय अम्यारण्य भी हैै जोेे बगदरा में है। जिला मुख्यालय सीधी से लगभग 37 कि.मी.की दूरी पर जोगदहा मे सोन घड़ियाल अभ्यारण स्थित है| इस अभ्यारण मे घड़ियाल,मगरमच्छ,कछुऐ एवं अन्य दुर्लभ प्रकार के जीव - जन्तु पाये जाते हैं|
गोपद बनास तहसील क्षेत्र में घोघरा देवी का मन्दिर हैै जहां प्रतिवर्ष नवरात्रि में मेला लगता है। माना जाता है कि अकबर के नौ रत्नों में से एक बीरबल का जन्म भी यहीं हुआ था।
इस जिले के भवरसेंंन मे वाणभट्ट का जन्म हुआ माना जाता है।
विभाजन
सीधी में 8 तहसीलें हैं : गोपदबनास, सिहावल, रामपुर नैकिन, मझौली, कुसमी, चुरहट, मड़वास, बहरी। जिले में 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं - चुरहट(रामपुरनैकिन), सीधी, सिहावल और धौहनी। ये सारे विधानसभा क्षेत्र, लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र सीधी के अंतर्गत आते हैं। रामपुर नैकिन नगरपरिषद है। चुरहट और मझौली नगर पंचायत है ।
अर्थव्यवस्था
विंध्यांचल सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन एक बड़े क्षेत्र में बिजली पहुँचाता है।
2006 में पंचायती राज मंत्रालय ने सीधी को देश के सबसे पिछड़े 250 जिलो की सूची में शामिल किया था। यह मध्य प्रदेश के उन 24 जिलों में से एक है जिन्हें पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष (BRGF) कार्यक्रम के तहत अनुदान मिलता है। सीधी में आय का प्रमुुुुख स्त्रोत कृषि है।
सीधी के शासक
17वीं शताब्दी में तीन अलग अलग शासक सीधी के तीन क्षेत्रों पर शासन करते थे:
बर्दी (खटाई) के चंदेला शासक।
सीधी 24.42 N 81.88 E.FallingRainGenomics, Inc - Sidhi में स्थित है। इसकी औसत ऊंचाई 272 मीटर (892 फीट) है। यह बालेंदु राजपूतों (चेदि वंश)का एक राज्य था जिन्हें सीधी जिले के निर्माण का श्रेय जाता है, तथा कोरिया जिले(छत्तीसगढ़)के निर्माण का भी श्रेय जाता है। वर्तमान में बालेंदु राजाओं के वंसज सीधी जिले के मड़वास तथा कंचनपुर,उमरिया(मझौली) में निवास करते हैं।
सिंगरौली के राजा रूद्र प्रताप सिंह खैरवार बेनवंशी शासक राजासाहब।
इनके बाद कसौटा, रीवा से बघेल राजपूत आये। इनका आगमन सीधी में 19वीं शताब्दी में हुआ। तब से लेकर भारत की स्वतंत्रता तक इन्होने पश्चिमी सीधी (चुरहट/रामपुर) पर राज किया। चुरहट के अंतिम राजा राव रणबहादुर सिंह, अर्जुन सिंह के बड़े भाई थे।
राजा कान्तदेव सिंह बर्दी खटाई अभी भी सोन के किनारे स्थित अपनी पुश्तैनी हवेली में रहते हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं।
भूगोल
सीधी जिला राज्य के उत्तर-पूर्वी सीमा पर, 22.475 से 24.4210 उत्तरी अक्षांश तथा 81.18 40 से 82.4830 पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। जिले के उत्तर-पूर्व में सिंगरौली जिला, दक्षिण-पूर्व में छतीसगढ़ का सरगुजा(अंबिकापुर)जिला दक्षिण-पश्चिम मे शहडोल जिला पश्चिम में मैहर जिला और उत्तर में रीवा जिला स्थित है।
जनसांख्यिकी
2011 की जनगणना के अनुसार , सीधी जिले की जनसंख्या 1,127,033 है,2011 District Census Handbook: Sidhi https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/760/download/2690/DH_2011_2345_PART_A_DCHB_SIDHI.pdf भारत की जनगणना भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त जो कि साइप्रस राष्ट्र US Directorate of Intelligence Country Comparison:Population https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/rankorder/2119rank.html https://web.archive.org/web/20070613004507/https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/rankorder/2119rank.html dead जून 13, 2007 2011-10-01 Cyprus 1,120,489 July 2011 est. या अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य के लगभग बराबर है।http://2010.census.gov/2010census/data/apportionment-pop-text.php 2010 Resident Population Data U. S. Census Bureau 2011-09-30 Rhode Island 1,052,567 27 दिसंबर 2010 https://archive.today/20101227010452/http://2010.census.gov/2010census/data/apportionment-pop-text.php dead यह इसे भारत में 411वें स्थान पर रखता है (कुल 640 में से )। जिले का जनसंख्या घनत्व 232 निवासी प्रति वर्ग किलोमीटर (600/वर्ग मील) है। 2001-2011 के दशक में इसकी जनसंख्या वृद्धि दर 23.66% थी। सीधी में लिंगानुपात 952 महिलाओं प्रति 1000 पुरुषों का है, और साक्षरता दर 66.09% है। 8.26% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है। अनुसूचित जाति और जनजाति क्रमशः 11.55% और 27.80% आबादी है।
सीधी जिले में 08 तहसीले है
सीधी-सीधी जिला का मुख्यालय हैं सीधी शहर को मिनी स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है|(2018)सीधी बीरबल की जन्म स्थली भी है।
रामपुरनैकिन- रामपुर नैकिन एक नगर परिषद तथा तहसील मुख्यालय है। रामपुर नैकिन के चंद्रेह में सोन-बनास संगम तट के निकट चेदि वंश के शासकों द्वारा निर्मित प्राचीनतम शिव मंदिर एवं मठविहार स्थापित है, जो पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार के अंतर्गत संरक्षित है।यह पूर्वी मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।रामपुर नैकिन संम्भागीय मुख्यालय के नजदीक होने के कारण सीधी जिले का सबसे विकसित तहसील है।खड्डी -हनुमानगढ़-सेमरिया प्रमुख क्षेत्र हैं। हनुमानगढ़ -स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व वनमंत्री पं चंद्रप्रताप तिवारी का जन्म स्थान है। रामपुर नैकिन में शिकारगंज रिसॉर्ट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। रामपुर नैकिन में कैमूर पर्वत पर मध्य प्रदेश की सबसे लम्बी रेलवे सुरंग है।रामपुर नैकिन का भँवरसेन घाट बाणभट्ट का जन्म स्थान माना जाता है। इसी आधार पर नजदीकी बांध का नाम विद्वान साहित्यकार एवं मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्र ने 'बाणसागर' नाम दिया था। इसी वजह से सीधी के कद्दावर नेता एवं पूर्व विधायक पं० केदारनाथ शुक्ल ने सीधी का नाम बाणभट्ट की कृति 'कादम्बरी' नाम करने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा था।
मझौली- के परसिली मे रेस्ट हाउस है(बनास नदी के किनारे) जो कि प्रमुख टूरिस्ट स्पेस बन चुका है।
चुरहट-अर्जुन सिंह, पूर्व मुख्य मंत्री एवं राज्यपाल का जन्म स्थान। नवोदय विद्यालय। सोन घड़ियाल क्षेत्र।
सिहावल - सोन घड़ियाल अभ्यारण इसी के समीप स्थित है | लोकप्रसिद्ध घोघरा मंदिर। बीरबल की जन्मस्थली के रूप में मान्यता।
कुसमी- साल वन, गोपद नदी, बरचर बांध, संजय डुबरी राष्ट्रीय उद्यान।
बहरी- पूर्वी छोर
मड़वास- राजा की गढ़ी। रेलवे स्टेशन।
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
सीधी
बाहरी कड़ियाँ
श्रेणी:मध्य प्रदेश के जिले
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