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पाटीदार
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thumb|पाटीदार आरक्षण आंदोलन
पाटीदार (पटेल कुर्मी ) गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान अन्य राज्यों में निवास करने वाली जाति है।पाटीदार समाज ने निकाली संकल्प रैली 1 नवम्बर 2014 24 जनवरी 2015 दैनिक भास्कर http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-bhawani-mandi-news-022503-776861-NOR.html https://web.archive.org/web/20150128132924/http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-bhawani-mandi-news-022503-776861-NOR.html 28 जनवरी 2015 live पटेल उपनाम इनमें काफ़ी इस्तेमाल होता है।
उत्पत्ति
पाटीदार की उत्पत्ति कुणबी से मानी गई है जो कि किसान वर्ग है। 17वीं-18वीं शताब्दी में जब मराठों का राज उत्तर की तरफ फैलने लगा तब कुणबी को उनकी सैन्य सेवा के लिये या नई जीते गए क्षेत्र के कृषक के रूप में जमीन दी गई। उन्होंने वहाँ बसे कोली के आगे वर्चस्व स्थापित कर लिया और कणबी के रूप में मुख्य कृषक जाति बन गई।Brij V Lal A vision for change A.D. Patel and the politics of Fiji 2011 ANU E Press Acton, A.C.T. 9781921666599 19 6 फरवरी 2018 अंग्रेज़ी मराठा राज के अंतिम दिनों में कणबी को उनके मराठी और गुजराती भाषा दोनों भाषा के ज्ञान के कारण राजस्व संग्रह का कार्य दिया जाता था। इसी समय उन्हें देसाई और पटेल पदवी दी गई।S.N. Sadasivan A social history of India 2000 APH Pub. Corp. New Delhi 9788176481700 257 6 फरवरी 2018 अंग्रेज़ी
राजस्व संग्रह का कार्य करके कई ने विस्तृत भूमि प्राप्त कर ली। ऐसे व्यक्तियों को सामूहिक रूप से "पाटीदार" कहा जाने लगा। पाटी का अर्थ "भूमि" और दार का "धारक" होता है। यह वर्ग सामान्य लोगों का सम्मानजनक समूह बन गया और कई निम्न स्तर के समुदाय इसमें मिल गए और उनको इसमें सम्मिलित कर लिया गया। काइरा जिले के चरोतर क्षेत्र (वर्तमान खेड़ा जिले में) के पाटीदारों ने अधिक महत्व ग्रहण कर लिया। वहाँ दो समूह उपजे:- कड़वा और लेउवा। जिनका नाम कथित तौर पर राम के पुत्रों लव-कुश से लिया गया है। दोनों की कुलदेवी और धार्मिक संस्थान अलग है।हिमांशु भायाणी दो तरह के पटेल: कौन मोदी के साथ और कौन हार्दिक संग? http://www.bbc.com/hindi/india-42228411 बीबीसी हिन्दी 6 फरवरी 2018 6 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20180214210057/http://www.bbc.com/hindi/india-42228411 14 फ़रवरी 2018 live
इतिहास
ब्रिटिश राज में पाटीदारों को भूमि सुधार से फायदा हुआ और उन्होंने बड़ी संपदा और सामाजिक प्रतिष्ठा हासिल कर ली। कुछ पाटीदार क्षत्रिय दर्जा हासिल करने के लिए ऊँची जातियों के तौर-तरीके अपनाने लगे। जैसे कि शाकाहार और विधवा का पुनर्विवाह निषेध किया जाना। पाटीदार में अनुलोम विवाह का भी चलन हुआ, पाटीदार लड़कियाँ अपने से ऊँचे स्तर के लड़के साथ विवाह करती। लेकिन लड़के सिर्फ नीचे स्तर की पाटीदार लड़कियों से ही विवाह कर सकते। लड़कियों की कमी के कारण पाटीदार पिता को दहेज के साथ अपने लड़के की शादी के लिये वधू शुल्क भी देना पड़ता। कई गाँव में उन्हें गैर-पाटीदार लड़की से विवाह करना पड़ता है, जिसे पाटीदार ही माना जाता।David G. Mandelbaum Society in India : vol. 1. Continuity and change 2003 Popular Prakashan Bombay 9788171540136 107 अंग्रेज़ी 1. Indian ed., repr
वर्तमान
इस समय में पाटीदार व्यवसाय संबंधी कार्य में लिप्त होने लगे है और अब वो वैश्य के रूप में पहचानना पसंद करते हैं।Pratyusha Basu Villages, women, and the success of dairy cooperatives in India : making place for rural development 2009 Cambria Press Amherst, N.Y. 9781604976250 232 6 फरवरी 2018 अंग्रेज़ी 19वीं शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका और पूर्वी अफ्रीका में कई पाटीदार बसे। उनके अपने राज्य गुजरात में भी पाटीदार प्रधान जाति है और हर क्षेत्र में उसका काफी प्रभुत्व है।edited by Peter Berger Frank Heidemann The Modern Anthropology of India Ethnography, Themes and Theory 2013 Taylor and Francis Hoboken 9781134061112 72 6 फरवरी 2018 अंग्रेज़ी
इन्हें भी देखें
पाटीदार आरक्षण आंदोलन
सन्दर्भ
श्रेणी:भारतीय जाति