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संयोजक कोश इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण सिद्धान्त
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अंगूठाकार|वक्र इलेक्ट्रॉन व्यवस्था (जल अणु) का उदाहरण। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों, आबन्धित परमाणुओं और आबन्ध कोणों का स्थान दिखाता है। जल का आबन्ध कोण 104.5° है।
संयोजक कोश इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण सिद्धान्त (Valence shell electron pair repulsion (VSEPR) theory ) रासायनिकी में प्रयुक्त एक सैद्धांतिक प्रतिमान है जो केन्द्रीय परमाणुओं के निकटवर्ती इलेक्ट्रॉन युग्मों की संख्या से विभिन्न अणुओं की भूमिति का पूर्वानुमान करता है। https://archive.org/details/trent_0116300649799/page/77 Modern Inorganic Chemistry Jolly W. L. McGraw-Hill 1984 978-0-07-032760-3 77–90 लूइस की अवधारणा अणुओं की आकृति की व्याख्या में असमर्थ है। संयोजक कोश इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण सिद्धान्त सहसयोजी आकृति को समझने हेतु एक सरल कार्यविधि उपलब्ध कराता है। यह विधि सर्वप्रथम सन् 1941 में नेविल सिज्विक तथा पॉवेल ने परमाणुओं के संयोजक कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्मों के बीच प्रतिकर्षण अन्योन्यक्रियाओं के आधार पर प्रतिपादित की थी।
इस विधि को रॉबर्ट नाइहॉल्म तथा रॉनल्ड गिलेस्पी ने सन् 1957 में इलेक्ट्रॉनों के एकाकी युग्मों तथा आबन्ध युग्मों के महत्त्वपूर्ण अन्तरों की व्याख्या करते हुए अधिक विकसित तथा संशोधित किया। एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म केन्द्रीय परमाणु पर स्थानीय होते हैं, जबकि प्रत्येक आबन्ध युग्म दो परमाणुओं के बीच सहभाजित होता है। अतः किसी अणु में आबन्ध इलेक्ट्रॉन युग्म की अपेक्षा एकाकी युग्म अधिक स्थान घेरते हैं। इसके फलस्वरूप एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों के मध्य एकाकी युग्म—आबन्ध युग्म तथा आबन्ध युग्म—आबन्ध युग्म की अपेक्षा अधिक प्रतिकर्षण होता है। इन प्रतिकर्षण प्रभावों के कारण अणु की सम्भावित आकृति में भिन्नता होती है तथा अणु के आबन्ध कोणों में भी अन्तर आ जाता है।
इस सिद्धान्त आधार यह है कि एक परमाणु के चतुर्दिक् संयोजक इलेक्ट्रॉन युग्म परस्पर को प्रतिकर्षित करते हैं। प्रतिकर्षण जितना अधिक होगा, अणु की ऊर्जा उतनी ही अधिक (कम स्थिर) होगी। इसलिए, एक अणु की अनुमानित आणविक ज्यामिति वह है जिसमें जितना सम्भव हो उतना कम प्रतिकर्षण होता है। गिलेस्पी ने इस बात पर बल दिया है कि पौली अपवर्जन नियम के कारण इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण स्थिरवैद्युतिक प्रतिकर्षण की तुलना में आण्विक ज्यामिति का निर्धारण करने में अधिक महत्त्वपूर्ण है। Gillespie R. J. 2008 Fifty years of the VSEPR model Coord. Chem. Rev. 252 12–14 1315–1327 10.1016/j.ccr.2007.07.007
मूल धारणाएँ
संयोजक कोश इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण सिद्धान्त की मूल धारणाएँ हैं:
अण्वाकृति, केन्द्रीय परमाणु के निकटवर्ती उपस्थित संयोजक कोश इलेक्ट्रॉन युग्मों (संयोजित अथवा असंयोजित) की संख्या पर निर्भर करती है।
केंद्रीय परमाणु के संयोजकता कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्म एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, क्योंकि उनके इलेक्ट्रॉन अभ्र पर ऋणात्मक आवेश होता है।
ये इलेक्ट्रॉन युग्म त्रिविम में उन स्थितियों में अवस्थित होने का प्रयत्न करते हैं, जिसके फलस्वरूप उनमें प्रतिकर्षण कम से कम हो। इस स्थिति में उनके मध्य अधिकतम दूरी होती है।
संयोजकता कोश को एक गोले के रूप में माना जाता है तथा इलेक्ट्रॉन युग्म गोलीय सतह पर एक दूसरे से अधिकतम दूरी पर स्थित होते हैं।
बह्वाबन्ध की एक एकल इलेक्ट्रॉन युग्म के रूप में तथा इस बह्वाबन्ध के दो या तीन इलेक्ट्रॉन युग्मों को एकल सुपर युग्म समझा जाता है।
यदि अणु को दो या अधिक अनुनाद संरचनाओं द्वारा दर्शाया जा सके तो इस स्थिति में यह मॉडल ऐसी प्रत्येक संरचना पर लागू होता है।
इलेक्ट्रॉन युग्मों के बीच प्रतिकर्षण अन्योन्यक्रियाएँ निम्नोक्त क्रम में घटती हैं-
एकाकी युग्म—एकाकी युग्म > एकाकी युग्म—आबन्ध युग्म > आबन्ध युग्म—आबन्ध युग्म
AXE विधि
संयोजक कोश इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण सिद्धान्त को लागू करते समय इलेक्ट्रॉन गणना की "AXE विधि" का प्रायः प्रयोग किया जाता है। एक केंद्रीय परमाणु के चारों ओर इलेक्ट्रॉन जोड़े एक सूत्र AX m E n द्वारा दर्शाए जाते हैं, जहाँ A एक केन्द्रीय परमाणु का प्रतिनिधित्व करता है। प्रत्येक X, A से आबन्धित एक परमाणु का प्रतिनिधित्व करता है। प्रत्येक E केन्द्रीय परमाणु पर इलेक्ट्रॉनों की एक एकाकी युग्म का प्रतिनिधित्व करता है। General Chemistry: Principles and Modern Applications https://archive.org/details/generalchemistry0008petr Petrucci R. H. W. S. Harwood F. G. Herring Prentice-Hall 2002 978-0-13-014329-7 8th 410–417X और E की कुल संख्या को त्रिविम संख्या के रूप में जाना जाता है। उदाहरणार्थ एक अणु AX3 E2 में, परमाणु A की त्रिविम संख्या 5 होती है।
मुख्य-वर्ग तत्त्व
मुख्य-वर्ग तत्त्वों हेतु, त्रिविम रूप से सक्रिय एकाकी युग्म E होते हैं जिनकी संख्या 0 से 3 के मध्य भिन्न हो सकती है।
त्रिविम संख्या 0 एकाकी युग्म वाले आण्विक भूमिति General Chemistry: Principles and Modern Applications https://archive.org/details/generalchemistry0008petr Petrucci R. H. W. S. Harwood F. G. Herring Prentice-Hall 2002 978-0-13-014329-7 8th 413–414 (Table 11.1)1 एकाकी युग्म वाले आण्विक भूमिति General Chemistry: Principles and Modern Applications https://archive.org/details/generalchemistry0008petr Petrucci R. H. W. S. Harwood F. G. Herring Prentice-Hall 2002 978-0-13-014329-7 8th 413–4142 एकाकी युग्म वाले आण्विक भूमिति 413–4143 एकाकी युग्म वाले आण्विक भूमिति 413–4142128x128px रैखिक 3128x128pxसमतल त्रिकोणीय128x128px वक्र 4131x131px चतुष्फलकीय131x131px त्रिकोणीय पिरामिड128x128px वक्र 5131x131px त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय128x128px सी-सौ128x128pxT-आकार128x128px रैखिक6133x133px अष्टफलकीय133x133px वर्ग पिरामिडीय133x133px समतल वर्ग 7144x144px पंचभुज द्विपिरामिडीय144x144px पंचभुज पिरामिडीय144x144px समतल पंचभुज 8वर्ग ऐण्टी-प्रिस्मीय
आण्विक प्रकारShapeGeneral Chemistry: Principles and Modern Applications https://archive.org/details/generalchemistry0008petr Petrucci R. H. W. S. Harwood F. G. Herring Prentice-Hall 2002 978-0-13-014329-7 8thPetrucci, R. H.; W. S., Harwood; F. G., Herring (2002). General Chemistry: Principles and Modern Applications (8th ed.). Prentice-Hall. ISBN 978-0-13-014329-7.413–414इलेक्ट्रॉन व्यवस्था 413–414एकाकी युग्मों सहित, हल्के पीले दर्शाया भूमिति 413–414एकाकी युग्मों के अतिरिक्तउदाहरणAX 2 E 0रैखीय100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलBeCl2, https://archive.org/details/trent_0116300649799/page/77 Modern Inorganic Chemistry Jolly W. L. McGraw-Hill 1984 978-0-07-032760-3 77–90 CO2 Inorganic Chemistry https://archive.org/details/inorganicchemist0000mies_g8p0 Miessler G. L. Tarr D. A. Prentice-Hall 1999 978-0-13-841891-5 2nd 54–62AX 2 E 1वक्र100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलAX2E2वक्र100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलH2O,413–414 OF2Inorganic Chemistry Housecroft C. E. Sharpe A. G. 2005 Pearson 978-0-130-39913-7 2nd448AX2E3रैखिक100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलAX3E0समतल त्रिकोणीय 100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलAX3E1त्रिकोण पिरामिडीय 100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलNH3,413–414 PCl3407AX3E2T-आकार100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलClF3,413–414 BrF3481AX4E0चतुष्फलकीय अणु ज्यामिति101x101पिक्सेल105x105पिक्सेलCH4,413–414 PO 4 3-, SO 4 2-, ClO 4 -, XeO4499AX4E1सी सौ100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलSF4413–41445AX4E2समतल वर्गीय100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलXeF4413–414AX5E0त्रिकोण द्विपिरामिडीय 114x114पिक्सेल114x114पिक्सेलPCl5413–414AX5E1वर्ग पिरामिडीय 100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलAX5E2समतल पंचभुजीय100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलXeF 5 -498AX6E0अष्टफलकीय106x106पिक्सेल104x104पिक्सेलSF6413–414AX6E1पंचभुज पिरामिडीय 100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलXeOF 5 -, IOF 5 2-Baran E. 2000 Mean amplitudes of vibration of the pentagonal pyramidal XeOF 5 - and IOF 5 2- anions J. Fluorine Chem. 101 61–63 10.1016/S0022-1139(99)00194-3AX7E0पंचभुज द्विपिरामिडीय 101x101पिक्सेल100x100पिक्सेलAX8E0वर्ग ऐण्टी-प्रिस्मीय100x100पिक्सेल100x100पिक्सेलIF 8 -, XeF82- in (NO)2XeF8
सन्दर्भ