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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

कुमावत

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कुमावत एक भारतीय हिन्दू जाति है।https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.494949/page/n38/mode/1up Amchi Jata. Baitade G. b 1950 महाराणा कुम्भा द्वारा इस समाज का नामकरण किया गया। कुमावत एक समाज नहीं बल्कि भारतीय शिल्प, स्थापत्य और निर्माण कला से जुड़ी संस्कृति का संवाहक है।राज्यपाल ने ‘मेवाड़ कुमावत समाज महाकुंभ 2025’ में भाग लिया — कुमावत समाज नहीं संस्कृति- राज्यपाल https://lokbhavan.rajasthan.gov.in/content/lokbhavan/en/Press-Note-2025.html राजस्थान लोकभवन 28 December 2025 16 September 2026 hi कुमावत उत्तर भारत के निवासी हैं तत्पश्चात् कालांतर में दक्षिण भारत में बस गए जो पुनः गुजरात होते हुए वर्तमान में राजस्थान के कुंभलगढ़(मेवाड़) में प्रवेश किए थे। जिनका वर्तमान कार्य स्थापत्य कला के ठेकेदारी से सबंधित हैं। इस जाति(कुमावत) का जातिसूचक शब्द उत्तर भारत में पहले 'राजकुमार' हुआ करता था।Seṭha Haragovindadāsa Trikamacanda https://books.google.co.in/books?id=8wTGMIRwVZ4C&pg=RA1-PA158&dq=%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwjQiL7A35eAAxXWzTgGHZeKAIE4FBDrAXoECAsQBQ#v=onepage&q=%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF&f=false पाइअ-सद्द-महण्णवो (प्राकृत-शब्द-महार्णवः): अर्थात् प्राचीन ग्रन्थों के अनल्प अवतरणों और परिपूर्ण प्रमाणों से विभूषित बृहत्कोष 1986 978-81-208-0239-1 464 hi दुर्ग, क़िले, मंदिर इत्यादि के निर्माण व मुख्य स्थापत्य कला एवं चित्रकारी की ठेकेदारी का काम कुमावत समाज के लोगों द्वारा किया जाने लगा। स्थापत्य कला एवं शिल्पकला दोनों अलग-अलग कलाएं हैं। कुछ लोग कुमावत और कुम्हार (प्रजापति) को जातिसूचक शब्द में नामगत ओर ध्वन्यात्मक समानता होने के कारण एक ही समझ लेते है, लेकिन दोनों अलग-अलग जातियां है।https://books.google.com/books?id=GoZdzjvFVC4C&newbks=0&hl=mr Census of India, 1931 Commissioner India Census 1933 कुमावत जाति के अधिकांश लोग स्थापत्य कला (वास्तुकला) के ठेकेदारी का काम करने लगें, जबकि कुम्हार जाति के लोग मिट्टी का अर्थात् हस्तशिल्पकला का काम करते थे। चित्तौड़गढ़ के कीर्ति स्तंभ, कुंभलगढ़, हवामहल आदि का निर्माण एवं ठेकेदारी इसी समाज के वास्तुविदों, स्थपतियों ने किया। उनमें से अधिकांश मारवाड़ क्षेत्र और भारत के विभिन्न राज्यों में केंद्रित हैं। उन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे मारू कुमावत, मेवाड़ी कुमावत, ढूंढाड़ी कुमावत, मारू ठेकेदार आदि। कुमावत को नायक, ठेकेदार, स्थपति और हुनपंच के नाम से भी जाना जाता है। इस समुदाय के लिए नृवंशविज्ञान संबंधी साक्ष्य रानी लक्ष्मी चंदाबत द्वारा लिखित बागोरा बटों की गाथा और जेम्स टॉड द्वारा लिखित एनल्स एंड एंटिक्विटीज़ ऑफ राजस्थान में उपलब्ध हैं। यह समाज जयपुर से अपना त्रैमासिक प्रकाशन कुमावत क्षत्रिय हिन्दी में भी निकलता है।https://books.google.co.in/books?id=vm_KCE4XXPMC&pg=PA565 People of India: Rajasthan S. K. Mandal Kumawat Kumar Suresh Singh Kumar Suresh Singh 1998 562–564 978-8-17154-769-2 13 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150714032357/https://books.google.co.in/books?id=vm_KCE4XXPMC&pg=PA565 14 जुलाई 2015 live समुदाय कुमावत जाति उपसमूह, पांच जातियों के सम्मिलित समूह अर्थात विश्वकर्मा समुदाय के अंतर्गत शामिल है।Ramaswamy Vijaya 2004 Vishwakarma Craftsmen in Early Medieval Peninsular India https://www.jstor.org/stable/25165073 Journal of the Economic and Social History of the Orient 47 4 548–582 0022-4995Ramaswamy Vijaya 2004 Vishwakarma Craftsmen in Early Medieval Peninsular India https://brill.com/view/journals/jesh/47/4/article-p548_3.xml Journal of the Economic and Social History of the Orient en 47 4 548–582 10.1163/1568520042467154 0022-4995 यह समुदाय पारंपरिक रूप से यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण करते हैं। यह उपसमूह दो शाखा में विभक्त है - प्रथम शाखा 'श्री कुमावत' (क्षत्रिय वर्ण) यह जाति मूलतः राजस्थान में निवास करती हैं। 'श्री कुमावत' जाति की उत्पति "विश्वब्राह्मण विश्वकर्मा समुदाय" से मानी जाती हैं। और दूसरी शाखा विश्वकर्मा जी के वंशज होने के दावे से "ब्राह्मण वर्ण" में सम्मिलित है जो दक्षिण भारत में निवास करती हैं। जिन्हें वर्तमान में शिल्पी एवं स्थपित के नाम से जाना जाता हैं। स्थापत्य कला बोर्ड राजस्थान राज्य स्थापत्य कला बोर्ड,जो कुमावत समुदाय को समर्पित है, का गठन किया गया है।Shri Ashok Gehlot, Chief Minister, Rajasthan https://cmo.rajasthan.gov.in/pressreleasedetail/117665 2023-07-28 cmo.rajasthan.gov.in 28 जुलाई 2023 https://web.archive.org/web/20230728093344/https://cmo.rajasthan.gov.in/pressreleasedetail/117665 dead Sectoral Portal https://sectors.rajasthan.gov.in/order/detail/956/0/109393 2023-08-24 sectors.rajasthan.gov.in उत्पत्ति स्कंदपुराण के नागर खंड में एवं श्री विश्वकर्मा पुराण में शिल्पियों का वर्णन मिलता हैं जो भगवान विश्वकर्मा के पांचों संतानों मनु, मय,त्वष्ठा,शिल्पी(वास्तु) और देवज्ञ में से महर्षि शिल्पी(महर्षि वास्तु) के अनुयायी/ वंशज ही शिल्पकार समुदाय(वर्तमान में कुमावत) से संबंधित हैं।http://www.gitapress.org/hindi/Search_result.asp Online Hindu Spiritual Books,Hinduism Holy Books,Hindu Religious Books,Bhagwat Gita Books India 2010-06-25 web.archive.org 2024-02-26 25 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100625064938/http://www.gitapress.org/hindi/Search_result.asp bot: unknown कुमावातो को प्राय: गजधर भी कहा जाता है जो दुर्ग के दुर्गपति हुआ करते थे।https://books.google.com/books?id=8Pk_CQAAQBAJ&newbks=0&hl=en The Great History of Ajmer: अजमेर का वृहत् इतिहास Gupta Dr Mohan Lal hi इस समुदाय के लोग अपने नाम के आगे या पीछे मुख्य रूप से 'आचारी' (Achari) या 'आसारी' (Asari) उपाधि लगाते हैं। कुमावतो को शिल्पी, पांचालRamaswamy Vijaya 2004 Vishwakarma Craftsmen in Early Medieval Peninsular India https://www.jstor.org/stable/25165073 Journal of the Economic and Social History of the Orient 47 4 548–582 0022-4995, ठेकेदार, राजकुमार, राजगीर, संगतरास,राज, मिस्त्री, राजमिस्त्री, पथरछिता(पाषाण से संबंधित शिल्पकार), परचिनिया, पच्चीकार कहा जाता है।https://books.google.com/books?id=1qhYL4ydm5UC&newbks=0&hl=en Hindi Ki Shabd Sampada Mishra Vidyaniwas 2009-01-01 978-81-267-1593-0 hi कुमावत जाति के लोग अपने पारंपरिक स्थापत्य कला के अतिरिक्त अभिनय, चित्रकारी, भजन, लोक संगीत इत्यादि से भी संबंधित रहे हैं।https://books.google.com/books?id=HcMYAAAAYAAJ&newbks=0&hl=en Cittauṛagaṛha 1994 Javāhara Kalā Kendra hi सन्दर्भ श्रेणी:राजस्थान की जातियाँ श्रेणी:कुमावत श्रेणी:भारत के सामाजिक समुदाय श्रेणी:कृषक जातियाँ श्रेणी:भारत की मानव जातियाँ श्रेणी:अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी:जाति श्रेणी:राजस्थान के सामाजिक समुदाय