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द यूनिवर्स इन ए नटशेल
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द यूनिवर्स इन ए नटशेल (संक्षेप में ब्रह्मांड) स्टीफन हॉकिंग अंग्रेजी यूनाइटेड किंगडम सैद्धांतिक भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान, ब्लैक होल, क्वांटम यांत्रिकी लोकप्रिय विज्ञान बैंटम बुक्स 216 पृष्ठ
द यूनिवर्स इन ए नटशेल (The Universe in a Nutshell, हिंदी अर्थ: संक्षेप में ब्रह्मांड) प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी और ब्रह्मांड वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग द्वारा लिखित 2001 की एक लोकप्रिय विज्ञान पुस्तक है। यह पुस्तक हॉकिंग की 1988 की अत्यधिक सफल कृति ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम की अगली कड़ी मानी जाती है। इस पुस्तक में हॉकिंग ने ग्राफिक्स, चित्रों और सरल भाषा का उपयोग करके पाठकों को आधुनिक भौतिकी के सबसे जटिल और अत्याधुनिक सिद्धांतों की सैर कराई है, जिसके लिए उन्हें 2002 में विज्ञान पुस्तकों के लिए प्रतिष्ठित 'एवेेंटिस प्राइज' से सम्मानित किया गया था।Hawking Stephen The Universe in a Nutshell https://archive.org/details/universeinnutshe0000hawk_j1f4 Bantam Books 2001 978-0553802023 15-32"The Universe in a Nutshell By STEPHEN HAWKING"
पुस्तक का शीर्षक शेक्सपियर के नाटक हैमलेट के एक प्रसिद्ध संवाद से प्रेरित है: "यदि मुझे एक अखरोट के छिलके में भी बंद कर दिया जाए, तो भी मैं स्वयं को अनंत ब्रह्मांड का राजा मानूँगा।" हॉकिंग इस रूपक का उपयोग यह दिखाने के लिए करते हैं कि कैसे हमारा विशाल ब्रह्मांड अपने शुरुआती क्षणों में एक सूक्ष्म परमाणु से भी छोटे दाने (अखरोट के छिलके जैसे) में सिमटा हुआ था।
पुस्तक को मुख्य रूप से सात अध्यायों में विभाजित किया गया है, जो निम्नलिखित सिद्धांतों की व्याख्या करते हैं:
1. सापेक्षता का इतिहास
हॉकिंग अल्बर्ट आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत और क्वांटम यांत्रिकी के बीच के टकराव को समझाते हैं। सामान्य सापेक्षता ब्रह्मांड की विशाल संरचनाओं (जैसे तारों और आकाशगंगाओं) को नियंत्रित करती है, जबकि क्वांटम यांत्रिकी उप-परमाणु कणों की सूक्ष्म दुनिया को नियंत्रित करती है। आधुनिक भौतिकी का सबसे बड़ा लक्ष्य इन दोनों को मिलाकर एक एकीकृत सिद्धांत यानी 'थ्योरी ऑफ एवरीथिंग' खोजना है।
2. स्पेसटाइम का आकार
इस खंड में हॉकिंग समझाते हैं कि गुरुत्वाकर्षण वास्तव में कोई पारंपरिक बल नहीं है, बल्कि यह भारी पिंडों (जैसे सूर्य या ब्लैक होल) द्वारा स्पेसटाइम (दिक्सूचक-समय) के ताने-बाने में पैदा की गई एक वक्रता है। हॉकिंग यहाँ अपने प्रसिद्ध 'काल्पनिक समय' और ब्रह्मांड के 'असीम प्रस्ताव' पर चर्चा करते हैं, जिसके अनुसार ब्रह्मांड की शुरुआत में कोई सिंगुलैरिटी नहीं थी जहाँ भौतिकी के नियम टूट जाते हों।Thorne Kip Black Holes and Time Warps: Einstein's Outrageous Legacy https://archive.org/details/blackholestimewa0000kips_t2o7 W. W. Norton & Company 1994 978-0393312768 450-465
3. अखरोट के छिलके में ब्रह्मांड
यहाँ ब्रह्मांड की उत्पत्ति और 'मल्टीपल हिस्ट्रीज़' के विचार को प्रस्तुत किया गया है। रिचर्ड फेनमैन के 'पाथ इंटीग्रल' दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए, हॉकिंग तर्क देते हैं कि ब्रह्मांड का केवल एक ही इतिहास नहीं है, बल्कि इसके होने के कई संभावित इतिहास हैं, और हम जिस ब्रह्मांड को देखते हैं वह उन सभी का एक सुपरपोजिशन है।Feynman Richard P. Space-Time Approach to Non-Relativistic Quantum Mechanics Reviews of Modern Physics 20 2 1948 367-387 10.1103/RevModPhys.20.367
4. भविष्य की भविष्यवाणी
हॉकिंग ब्लैक होल और सूचना के नुकसान के रहस्य की जांच करते हैं। क्या ब्लैक होल में गिरने वाली जानकारी हमेशा के लिए नष्ट हो जाती है? हॉकिंग 'ब्रह्मांडीय होलोग्राम' के सिद्धांत पर चर्चा करते हैं, जो यह सुझाव देता है कि हमारी त्रि-आयामी (3D) वास्तविकता वास्तव में एक दूर की द्वि-आयामी (2D) सीमा पर एन्कोड की गई जानकारी का एक भ्रम या होलोग्राम हो सकती है।Susskind Leonard The Black Hole War: My Battle with Stephen Hawking to Make the World Safe for Quantum Mechanics https://archive.org/details/blackholewarmyba0000suss_t1t4 Little, Brown and Company 2008 978-0316016407 110-125
5. उच्च आयाम और पी-ब्रेन
यह पुस्तक का सबसे उन्नत हिस्सा है। हॉकिंग सुपरस्ट्रिंग थ्योरी और 11-आयामी एम-थ्योरी की व्याख्या करते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, ब्रह्मांड के मूल कण बिंदु जैसे नहीं हैं, बल्कि वे कंपन करते हुए ऊर्जा के धागे हैं। हॉकिंग पी-ब्रेन और 'मेम्ब्रेन वर्ल्ड्स' की अवधारणा प्रस्तुत करते हैं, जहाँ हमारा दृश्यमान 4-आयामी ब्रह्मांड वास्तव में एक उच्च-आयामी अंतरिक्ष (जिसे 'बल्क' कहा जाता है) में तैरती हुई एक सतह या मेम्ब्रेन हो सकता है।Greene Brian The Elegant Universe: Superstrings, Hidden Dimensions, and the Quest for the Ultimate Theory https://archive.org/details/elegantuniverses0000gree_h6i2 W. W. Norton & Company 2003 978-0393058581 280-300
वैज्ञानिक और सांस्कृतिक प्रभाव
'द यूनिवर्स इन ए नटशेल' ने जटिल सैद्धांतिक भौतिकी को आम जनता के लिए सुलभ बनाया। इसके अत्यधिक रंगीन चित्रों और कंप्यूटर जनित ग्राफिक्स ने विज्ञान संचार के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया। यह पुस्तक आज भी छात्रों और खगोल विज्ञान के प्रेमियों को यह समझने के लिए प्रेरित करती है कि गणित और विज्ञान के माध्यम से हम कैसे उस अनंत ब्रह्मांड की प्रकृति को समझ सकते हैं जिसका हम स्वयं एक छोटा सा हिस्सा हैं।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग
श्रेणी:लोकप्रिय विज्ञान
श्रेणी:सैद्धांतिक भौतिकी