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411 समाचार
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नागार्जुन सागर परियोजना

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नागार्जुन सागर बांध NagarjunaSagarDam.JPG नागार्जुन सागर परियोजना के अन्तर्गत बना बांध 16 34 32 N 79 18 42 E type:landmark inline,title गुन्टूर जिला, आन्ध्र प्रदेश और नल्गोंडा जिला, तेलंगाना India 200px 1955 12 10 1967 ₹132.32 करोड़ कृष्णा नदी 124 m ft 0 नदी के स्तर से 1550 m ft 0 जलविद्युत ऊर्जा & सिंचाई नागार्जुन सागर जलाशय 11.56 km3 e6acre.ft 0 on(405 अरब घन फुट) 5.44 e9m3 acre.ft 0 onIndia: National Register of Large Dams 2009 http://www.cwc.nic.in/main/downloads/National%20Register%20of%20Large%20Dams%202009.pdf Central Water Commission 7 अगस्त 2011 https://web.archive.org/web/20110721165130/http://www.cwc.nic.in/main/downloads/National%20Register%20of%20Large%20Dams%202009.pdf 21 जुलाई 2011 dead 215000 km2 285 km2 on आन्ध्र प्रदेश पावर जनरेशन कॉर्पोरेशनतेलंगाना स्टेट पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड 1978–1985 1 x 110 MW फ्रांसिस टर्बाइन, 7 x 100.8 MW प्रतिवर्ती फ्रांसिस टर्बाइन 816 MW on नागार्जुन सागर बाँध परियोजना भारत के तेलंगाना राज्य में स्थित एक प्रमुख नदी घाटी परियोजना हैं।इसका नामकरण बौद्ध विद्वान नागार्जुन जी के नाम पर की गई है। इस बाँध को बनाने की परिकल्पना १९०३ में ब्रिटिश राज के समय की गयी थी। १० दिसम्बर १९५५ में इस बाँध की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी। नागार्जुन बाँध हैदराबाद से 150 किमी दूर, कृष्णा नदी पर स्थित है। इसका निर्माण १९६६ में पूरा हुआ था। ४ अगस्त १९६७ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा इसकी दोनों नहरों में पहली बार पानी छोड़ा गया था। इस बाँध से निर्मित नागार्जुन सागर झील दुनिया की तीसरी सब से बड़ी मानव निर्मित झील है। विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्द वल्लभ पंत सागर झील है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमा पर है। नदी कृष्णा नदी पर स्थित है। उद्देश्य मुख्यत गुंटूर के किसानो को लाभ मिलता है। पहली इकाई १९७८ में और आठवीं इकाई १९८५ में लगाई गयी थी। -नालगोंडा क्षेत्र को पीने का पानी भी इसी बांध से मिलता है। -दाहिनी मुख्य नहर का नाम-- जवाहर नहर है। -बायीं मुख्य नहर का नाम लाल बहादुर नहर है। नागार्जुन बाँध बनाते समय हुई खुदाई में नागार्जुनकोंडा में तीसरी सदी के बौद्ध धर्म के अवशेष मिले हैं। यहाँ खुदाई के दौरान महाचैत्य स्तूप के भी अवशेष प्राप्त हुए थे। यहाँ कभी विहार, बोद्ध मोनेस्ट्री और एक विश्वविद्यालय हुआ करता था। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ आधिकारिक जालस्थल श्रेणी:भारत की नदी घाटी परियोजनाएं श्रेणी:कृष्णा नदी पर बाँध