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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

शुक्र

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शुक्र 24px|♀ frameless|upright=1.2 शुक्र वास्तविक रंग में, सतह बादलों की एक मोटी चादर से छिप गया है। J2000 10,89,39,000 किमी 0.728213 AU 10,74,77,000 किमी 0.718440 AU 10,82,08,000 किमी 0.723327 AU 0.006756 255 दिवस 0.615 190 वर्ष 1.92 शुक्र सौर दिवस 583.92 days 35.02 किमी/सेकंड 3.394 58° क्रांतिवृत्त से 3.86° सूर्य के विषुववृत्त से 2.19° अविकारी तल से 76.678° 55.186° 50.115° कोई नहीं yes 6,051.8 ± 1.0 km 0.9499 पृथ्वी 0 4.60 x 108 किमी2 0.902 पृथ्वी 9.28 x 1011 किमी3 0.866 पृथ्वी 4.868 524 किग्रा 0.815 पृथ्वी 5.243 ग्राम/सेमी3 8.87 मीटर/सेकंड2 0.904 ग्राम 10.36 किमी/सेकंड −243.018 दिवस (प्रतिगामी) 6.52 किमी/घंटा (1.81 मी/से) 177.3° 18 घंटे 11 मिनट 2 सेकंड 272.76° 67.16° 0.67 (ज्यामितीय) 0.90 (बांड) सर्वाधिक चमक −4.9 (अर्धचंद्र) −3.8 (पूर्णचंद्र) 9.7"–66.0" yes Kelvin 735 K Celsius 462 °C Fahrenheit 864 °F °C on en-us-Venus.ogg ˈ v iː n ə s Venusian or (rarely) Cytherean, Venerean yes 92 bar (9.2 MPa) ~96.5% कार्बन डाईऑक्साइड ~3.5% नाइट्रोजन 0.015% सल्फर डाइऑक्साइड 0.007% ऑर्गन 0.002% जल वाष्प 0.001 7% कार्बन मोनोऑक्साइड 0.001 2% हिलियम 0.000 7% नियॉन trace कार्बोनिल सल्फाइड trace हाइड्रोजन क्लोराइड trace हाइड्रोजन फ्लुओराइड शुक्र (Venus; प्रतीक: 16px|♀), सूर्य से दूसरा ग्रह है और प्रत्येक 224.7 पृथ्वी दिनों मे सूर्य परिक्रमा करता है।उपरोक्त लेखांश नासा की वेबसाइट के लेख वीनस:फेक्ट्स एण्ड फिगर्स https://web.archive.org/web/20131013193856/http://solarsystem.nasa.gov/planets/profile.cfm?Object=Venus&Display=Facts&System=Metric 13 अक्तूबर 2013 से लिया गया है | शुक्र नाम उच्चारण में शुक्ल से मिलता हुआ है जिसका अर्थ है श्वेत या उजला। यह ग्रह भी श्वेत वर्ण का उज्ज्वल प्रकृति का ही है। चंद्रमा के बाद यह रात्रि आकाश में सबसे चमकीली प्राकृतिक वस्तु है। इसका आभासी परिमाण -4.6 के स्तर तक पहुँच जाता है और यह छाया डालने के लिए पर्याप्त उज्जवलता है।http://www.digitalsky.org.uk/venus/shadow-of-venus.html The Shadow of Venus Lawrence Pete 2005 13 जून 2012 https://web.archive.org/web/20120611003523/http://www.digitalsky.org.uk/venus/shadow-of-venus.html 11 जून 2012 dead चूँकि शुक्र एक अवर ग्रह है इसलिए पृथ्वी से देखने पर यह कभी सूर्य से दूर नज़र नहीं आता है: इसका प्रसरकोण 47.8 डिग्री के अधिकतम तक पहुँचता है। शुक्र सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद केवल थोड़ी देर के लिए ही अपनी अधिकतम चमक पर पहुँचता है। यहीं कारण है जिसके लिए यह प्राचीन संस्कृतियों के द्वारा सुबह का तारा या शाम का तारा के रूप में संदर्भित किया गया है। शुक्र एक स्थलीय ग्रह के रूप में वर्गीकृत है और समान आकार, गुरुत्वाकर्षण और संरचना के कारण कभी कभी उसे पृथ्वी का "बहन ग्रह" कहा गया है। शुक्र आकार और दूरी दोनों में पृथ्वी के निकटतम है। हालांकि अन्य मामलों में यह पृथ्वी से एकदम अलग नज़र आता है। शुक्र सल्फ्यूरिक एसिड युक्त अत्यधिक परावर्तक बादलों की एक अपारदर्शी परत से ढँका हुआ है। जिसने इसकी सतह को दृश्य प्रकाश में अंतरिक्ष से निहारने से बचा रखा है। इसका वायुमंडल चार स्थलीय ग्रहों में सघनतम है और अधिकाँशतः कार्बन डाईऑक्साइड से बना है। ग्रह की सतह पर वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी की तुलना में 92 गुना है। 735 K (462°C,863°F) के औसत सतही तापमान के साथ शुक्र सौर मंडल मे अब तक का सबसे तप्त ग्रह है। कार्बन को चट्टानों और सतही भूआकृतियों में वापस जकड़ने के लिए यहाँ कोई कार्बन चक्र मौजूद नही है और ना ही ज़ीवद्रव्य को इसमे अवशोषित करने के लिए कोई कार्बनिक जीवन यहाँ नज़र आता है। शुक्र पर अतीत में महासागर हो सकते हैHashimoto, G. L.; Roos-Serote, M.; Sugita, S.; Gilmore, M. S.; Kamp, L. W.; Carlson, R. W.; Baines, K. H. Felsic highland crust on Venus suggested by Galileo Near-Infrared Mapping Spectrometer data Journal of Geophysical Research, Planets 2008 113 10.1029/2008JE003134 E00B24 2008JGRE..11300B24H 0148-0227लेकिन अनवरत ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण बढ़ते तापमान के साथ वह वाष्पीकृत होते गये होंगे |B.M. Jakosky, "Atmospheres of the Terrestrial Planets", in Beatty, Petersen and Chaikin (eds,), The New Solar System, 4th edition 1999, Sky Publishing Company (Boston) and Cambridge University Press (Cambridge), pp. 175–200 पानी की अधिकांश संभावना प्रकाश-वियोजित (Photodissociation) रही होने की, व, ग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र के अभाव की वजह से, मुक्त हाइड्रोजन सौर वायु द्वारा ग्रहों के बीच अंतरिक्ष में बहा दी गई है।28 नवम्बर 2007 Caught in the wind from the Sun ESA (Venus Express) http://www.esa.int/SPECIALS/Venus_Express/SEM0G373R8F_0.html 12 जुलाई 2008 https://www.webcitation.org/616Voh32R?url=http://www.esa.int/SPECIALS/Venus_Express/SEM0G373R8F_0.html 21 अगस्त 2011 live शुक्र की भूमी बिखरे शिलाखंडों का एक सूखा मरुद्यान है और समय-समय पर ज्वालामुखीकरण द्वारा तरोताजा की हुई है। 2020 में हुए दूरदर्शी शोध में इसके वायुमंडल में फोस्फिन गैस के होने के प्रमाण मिले जिससे शुक्र पर जीवन की संभावना को पुनः परिकल्पित किया जा रहा है। भौतिक लक्षण शुक्र चार सौर स्थलीय ग्रहों में से एक है। जिसका अर्थ है कि पृथ्वी की ही तरह यह एक चट्टानी पिंड है। आकार व द्रव्यमान में यह पृथ्वी के समान है और अक्सर पृथ्वी की "बहन" या "जुड़वा " के रूप में वर्णित किया गया है।Lopes, Rosaly M. C.; Gregg, Tracy K. P. Volcanic worlds: exploring the Solar System's volcanoes स्प्रिंगर 2004 3-540-00431-9 61 शुक्र का व्यास 12,092 किमी (पृथ्वी की तुलना में केवल 650 किमी कम) और द्रव्यमान पृथ्वी का 81.5% है। अपने घने कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वातावरण के कारण शुक्र की सतही परिस्थितियाँ पृथ्वी पर की तुलना मे बिल्कुल भिन्न है। शुक्र के वायुमंडलीय द्रव्यमान का 96.5% कार्बन डाइऑक्साइड और शेष 3.5% का अधिकांश नाइट्रोजन रहा है।http://www.daviddarling.info/encyclopedia/V/Venusatmos.html Atmosphere of Venus The Encyclopedia of Astrobiology, Astronomy, and Spaceflght 29 अप्रैल 2007 https://web.archive.org/web/20190402130541/http://www.daviddarling.info/encyclopedia/V/Venusatmos.html 2 अप्रैल 2019 dead भूगोल 20 वीं सदी में ग्रहीय विज्ञान द्वारा कुछ सतही रहस्यों को उजागर करने तक शुक्र की सतह अटकलों का विषय थी | अंततः इसका 1990-91 में मैगलन परियोजना द्वारा विस्तार में मापन किया गया | यहाँ की भूमि विस्तृत ज्वालामुखीकरण के प्रमाण पेश करती है और वातावरण में सल्फर वहाँ हाल ही में हुए कुछ उदगार का संकेत हो सकती है।Larry W. Esposito 9 मार्च 1984 Sulfur Dioxide: Episodic Injection Shows Evidence for Active Venus Volcanism Science 223 4640 1072–1074 10.1126/science.223.4640.1072 http://www.sciencemag.org/cgi/content/abstract/223/4640/1072 29 अप्रैल 2009 17830154 1984Sci...223.1072E https://web.archive.org/web/20190701050549/https://science.sciencemag.org/content/223/4640/1072.abstract 1 जुलाई 2019 liveBullock, Mark A.; Grinspoon, David H. The Recent Evolution of Climate on Venus Icarus 150 1 March 2001 19–37 10.1006/icar.2000.6570 2001Icar..150...19B शुक्र की सतह का करीबन 80% हिस्सा चिकने और ज्वालामुखीय मैदानों से आच्छादित है। जिनमें से 70% सलवटी चोटीदार मैदानों से व 10% चिकनी या लोदार मैदानों से बना है।Basilevsky, Alexander T.; Head, James W., III Global stratigraphy of Venus: Analysis of a random sample of thirty-six test areas https://archive.org/details/sim_earth-moon-and-planets_1995_66_3/page/285 1995 Earth, Moon, and Planets 66 3 285–336 1995EM&P...66..285B 10.1007/BF00579467दो उच्चभूमि " महाद्वीप " इसके सतही क्षेत्र के शेष को संवारता है जिसमे से एक ग्रह के उत्तरी गोलार्ध और एक अन्य भूमध्यरेखा के बस दक्षिण में स्थित है। उत्तरी महाद्वीप को बेबीलोन के प्यार की देवी इश्तार के नाम पर इश्तार टेरा कहा गया है और आकार तकरीबन ऑस्ट्रेलिया जितना है। शुक्र का सर्वोच्च पर्वत मैक्सवेल मोंटेस इश्तार टेरा पर स्थित है। इसका शिखर शुक्र की औसत सतही उच्चतांश से 11 किमी ऊपर है। दक्षिणी महाद्वीप एफ्रोडाईट टेरा ग्रीक की प्यार की देवी के नाम पर है और लगभग दक्षिण अमेरिका के आकार का यह महाद्वीप दोनों उच्चभूम क्षेत्रों में बड़ा है। दरारों और भ्रंशो के संजाल ने इस क्षेत्र के अधिकाँश भाग को घेरा हुआ है।Kaufmann W. J. 1994 Universe https://archive.org/details/universe0004kauf W. H. Freeman New York 204 0-7167-2379-4 शुक्र पर दृश्यमान किसी भी ज्वालामुख-कुण्ड के साथ लावा प्रवाह के प्रमाण का अभाव एक पहेली बना हुआ है। ग्रह पर कुछ प्रहार क्रेटर है जो सतह के अपेक्षाकृत युवा होने का प्रदर्शन करते है और लगभग 30-60 करोड़ साल पुराने है।उपरोक्त लेखांश द ग्लोबल रिसरफेसिंग ऑन वीनस https://web.archive.org/web/20160202070828/http://adsabs.harvard.edu/abs/1994JGR....9910899S 2 फ़रवरी 2016 से लिया गया हैउपरोक्त लेखांश वोल्केनिस्म एण्ड टेक्टोनिक्स ऑन वीनस https://web.archive.org/web/20160603192822/http://adsabs.harvard.edu/abs/1998AREPS..26...23N 3 जून 2016 से लिया गया है | आमतौर पर स्थलीय ग्रहों पर पाए जाने वाले प्रहार क्रेटरों, पहाड़ों और घाटियों के अलावा, शुक्र पर अनेकों अद्वितीय भौगोलिक संरचनाएं है। इन संरचनाओं में, चपटे शिखर वाली ज्वालामुखी संरचनाएं "फेरा" कहलाती है, यह कुछ मालपुआ जैसी दिखती है और आकार में 20-50 किमी विस्तार में होती है। 100-1,000 मीटर ऊँची दरार युक्त सितारा-सदृश्य चक्रीय प्रणाली को "नोवा" कहा जाता है। चक्रीय और संकेंद्रित दरारों, दोनों के साथ मकड़ी के जाले से मिलती-जुलती संरचनाएं "अर्कनोइड" के रूप में जानी जाती है। "कोरोना" दरारों से सजे वृत्ताकार छल्ले है और कभी-कभी गड्ढों से घिरे होते है। इन संरचनाओं के मूल ज्वालामुखी में हैं।Charles Frankel 1996 Volcanoes of the Solar System Cambridge University Press 0-521-47770-0 registration https://archive.org/details/volcanoesofsolar0000fran शुक्र की अधिकांश सतही आकृतियों को ऐतिहासिक और पौराणिक महिलाओं के नाम पर रखा गया हैं।Batson, R.M.; Russell J. F. Naming the Newly Found Landforms on Venus Procedings of the Lunar and Planetary Science Conference XXII 18–22 मार्च 1991 Houston, Texas 65 http://www.lpi.usra.edu/meetings/lpsc1991/pdf/1033.pdf PDF 12 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20110513162948/http://www.lpi.usra.edu/meetings/lpsc1991/pdf/1033.pdf 13 मई 2011 live लेकिन जेम्स क्लार्क मैक्सवेल पर नामित मैक्सवेल मोंटेस और उच्चभूमि क्षेत्रों अल्फा रीजियो, बीटा रीजियो और ओवडा रीजियो कुछ अपवाद है। पूर्व की इन तीन भूआकृतियों को अंतराष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा अपनाई गई मौजूदा प्रणाली से पहले नामित किया गया है। अंतराष्ट्रीय खगोलीय संघ ग्रहीय नामकरण की देखरेख करता है।Young, C. http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/guide.html August 1990 The Magellan Venus Explorer's Guide JPL Publication 90-24 Jet Propulsion Laboratory California 22 फ़रवरी 2013 https://web.archive.org/web/20130217232536/http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/guide.html 17 फ़रवरी 2013 dead शुक्र पर भौतिक आकृतियों के देशांतरों को उनकी प्रधान मध्याह्न रेखा के सापेक्ष व्यक्त किया गया है। मूल प्रधान मध्याह्न रेखा अल्फा रीजियो के दक्षिण मे स्थित उज्ज्वल अंडाकार आकृति "एव" के केंद्र से होकर गुजरती है। 10.1007/BF00693410 Davies M. E. Abalakin V. K. Bursa M. Lieske J. H. Morando B. Morrison D. Seidelmann P. K. Sinclair A. T. Yallop B. 1994 Report of the IAU Working Group on Cartographic Coordinates and Rotational Elements of the Planets and Satellites Celestial Mechanics and Dynamical Astronomy 63 2 127 1996CeMDA..63..127D वेनरा मिशन पूरा होने के बाद, प्रधान मध्याह्न रेखा को एरियाडन क्रेटर से होकर पारित करने के लिए नए सिरे से परिभाषित किया गया था |http://astrogeology.usgs.gov/Projects/WGCCRE/constants/iau2000_table1.html USGS Astrogeology: Rotation and pole position for the Sun and planets (IAU WGCCRE) 22 अक्टूबर 2009 https://web.archive.org/web/20110807132110/http://astrogeology.usgs.gov/Projects/WGCCRE/constants/iau2000_table1.html 7 अगस्त 2011 deadhttp://www2.jpl.nasa.gov/magellan/guide8.html The Magellan Venus Explorer's Guide 22 अक्टूबर 2009 https://web.archive.org/web/20161204023231/http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/guide8.html 4 दिसंबर 2016 dead भूतल भूविज्ञान thumb|alt=A false color image of Venus: Ribbons of lighter color stretch haphazardly across the surface. Plainer areas of more even colouration lie between.|1990-1994 के बीच मैगलन रडार से प्रतिचित्रित सतह की वैश्विक रडार छवि शुक्र का भूविज्ञान शुक्र की अधिकतर सतह ज्वालामुखी गतिविधि द्वारा निर्मित नजर आती है। शुक्र पर पृथ्वी की तरह अनेकानेक ज्वालामुखी है और इसके प्रत्येक 100 किमी के दायरे मे कुछ 167 के आसपास बड़े ज्वालामुखी है। पृथ्वी पर इस आकार की ज्वालामुखी जटिलता केवल हवाई के बड़े द्वीप पर है। यह इसलिए नहीं कि शुक्र ज्वालामुखी नज़रिए से पृथ्वी की तुलना में अधिक सक्रिय है, बल्कि इसकी पर्पटी पुरानी है। पृथ्वी की समुद्री पर्पटी विवर्तनिक प्लेटों की सीमाओं पर भूगर्भिय प्रक्रिया द्वारा निरंतर पुनर्नवीकृत कर दी जाती है और करीब १० करोड़ वर्ष औसत उम्र की है,Karttunen, Hannu; Kroger, P.; Oja, H.; Poutanen, M.; Donner, K. J. Fundamental Astronomy https://archive.org/details/fundamentalastro0005unse 162 स्प्रिंगर 2007 3-540-34143-9 जबकि शुक्र की सतह 30-60 करोड़ वर्ष पुरानी होने का अनुमान है।उपरोक्त लेखांश वोल्केनिस्म एण्ड टेक्टोनिक्स ऑन वीनस https://web.archive.org/web/20160603192822/http://adsabs.harvard.edu/abs/1998AREPS..26...23N 3 जून 2016 से लिया गया है | शुक्र पर अविरत ज्वालामुखीता के लिए अनेक प्रमाण बिन्दु मौजूद हैं। सोवियत वेनेरा कार्यक्रम के दौरान, वेनेरा 11 और वेनेरा 12 प्रोब ने बिजली के एक निरंतर प्रवाह का पता लगाया और वेनेरा 12 ने अपने अवतरण के बाद एक शक्तिशाली गर्जन की करताल दर्ज की | यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के वीनस एक्सप्रेस ने उँचे वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में बिजली दर्ज की |http://www.cnn.com/2007/TECH/space/11/28/venus.lightning.ap/index.html Venus also zapped by lightning CNN 29 नवम्बर 2007 29 नवंबर 2007 https://web.archive.org/web/20071130201237/http://www.cnn.com/2007/TECH/space/11/28/venus.lightning.ap/index.html 30 नवंबर 2007 live जबकि पृथ्वी पर बारिश गरज-तूफ़ान लाती है, वहीं शुक्र की सतह पर कोई वर्षा नहीं होती है (हालांकि उपरी वायुमंडल में यह वर्षा सल्फ्युरिक अम्ल करता है जो सतह से करीब 25 किमी उपर वाष्पीकृत कर दी जाती है)। एक संभावना है एक ज्वालामुखी विस्फोट से उडी राख ने बिजली पैदा की थी | एक अन्य प्रमाण वायुमंडल में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड सांद्रता के माप से आता है, जिसे 1978 और 1986 के बीच एक 10 के कारक के साथ बूंदों से पाया गया था। इसका मतलब यह हो सकता है कि पहले बड़े पैमाने पर ज्वालामुखीय विस्फोट से स्तर बढ़ाया गया था।Glaze L. S. 1999 Transport of SO2 by explosive volcanism on Venus Journal of Geophysical Research 104 E8 18899–18906 10.1029/1998JE000619 1999JGR...10418899G http://www.agu.org/pubs/crossref/1999/1998JE000619.shtml 16 जनवरी 2009 https://web.archive.org/web/20090213135800/http://www.agu.org/pubs/crossref/1999/1998JE000619.shtml 13 फ़रवरी 2009 live thumb| शुक्र के सतह पर प्रहार क्रेटर (छवि रडार डेटा से पुनर्निर्मित है। शुक्र पर समूचे हजार भर प्रहार क्रेटर सतह भर मे समान रूप से वितरित है। पृथ्वी और चंद्रमा जैसे अन्य क्रेटरयुक्त निकायों पर, क्रेटर गिरावट की अवस्थाओं की एक रेंज दिखाते हैं। चंद्रमा पर गिरावट का कारण उत्तरोत्तर ट्क्कर है, तो वहीं पृथ्वी पर यह हवा और बारिश के कटाव के कारण होती है। शुक्र पर लगभग 85% क्रेटर प्राचीन हालत में हैं। क्रेटरों की संख्या, अपनी सुसंरक्षित परिस्थिती के सानिध्य के साथ, करीब 30-60 करोड़ वर्ष पूर्व की एक वैश्विक पुनर्सतहीकरण घटना के अधीन इस ग्रह के गुजरने का संकेत करती है,Strom R. G. Schaber, G. G.; Dawsow, D. D. 1994 The global resurfacing of Venus Journal of Geophysical Research 99 E5 10899–10926 10.1029/94JE00388 1994JGR....9910899S ज्वालामुखीकरण मे पतन का अनुसरण करती है।Romeo, I.; Turcotte, D. L. 2009 The frequency-area distribution of volcanic units on Venus: Implications for planetary resurfacing Icarus 10.1016/j.icarus.2009.03.036 203 1 13 2009Icar..203...13R जहां एक ओर पृथ्वी की पर्पटी निरंतर प्रक्रियारत है, वहीं शुक्र को इस तरह की प्रक्रिया के पोषण के लिए असमर्थ समझा गया है। बिना प्लेट विवर्तनिकी के बावजूद अपने मेंटल से गर्मी फैलाने के लिए शुक्र एक चक्रीय प्रक्रिया से होकर गुजरता है जिसमें मेंटल तापमान वृद्धि पर्पटी के कमजोर होने के लिए आवश्यक चरम स्तर तक पहुंचने तक जारी रहती है | फिर, लगभग 10 करोड़ वर्षों की अवधि में दबाव एक विशाल पैमाने पर होता है जो पर्पटी का पूरी तरह से पुनर्नवीकरण कर देता है। शुक्र क्रेटरों के परास व्यास में 3 किमी से लेकर 280 किमी तक है। आगंतुक निकायों पर घने वायुमंडल के प्रभाव के कारण 3 किमी से कम कोई क्रेटर नहीं है। एक निश्चित गतिज ऊर्जा से कम के साथ आने वाली वस्तुओं को वायुमंडल ने इतना धीमा किया हैं कि वें एक प्रहार क्रेटर नहीं बना पाते हैं।Herrick R. R. Phillips, R. J. 1993 Effects of the Venusian atmosphere on incoming meteoroids and the impact crater population Icarus 112 1 253–281 10.1006/icar.1994.1180 1994Icar..112..253H व्यास मे 50 किमी से कम के आने वाले प्रक्ष्येप खंड-खंड हो जाएंगे और सतह पर पहुंचने से पहले ही वायुमंडल में भस्म हो जाएंगे। The Planetary System David Morrison 2003 Benjamin Cummings 0-8053-8734-X आंतरिक संरचना भूकम्पीय डेटा या जड़त्वाघूर्ण की जानकारी के बगैर शुक्र की आंतरिक संरचना और भू-रसायन के बारे में थोड़ी ही प्रत्यक्ष जानकारी उपलब्ध है।Goettel K. A. Shields, J. A.; Decker, D. A. Density constraints on the composition of Venus Proceedings of the Lunar and Planetary Science Conference Pergamon Press Houston, TX 16–20 मार्च 1981 1507–1516 http://adsabs.harvard.edu/abs/1982LPSC...12.1507G 12 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20151106154727/http://adsabs.harvard.edu/abs/1982LPSC...12.1507G 6 नवंबर 2015 live शुक्र और पृथ्वी के बीच आकार और घनत्व में समानता बताती है, वें समान आंतरिक संरचना साझा करती है: एक कोर, एक मेंटल और एक क्रस्ट। पृथ्वी पर की ही तरह शुक्र का कोर कम से कम आंशिक रूप से तरल है क्योंकि इन दो ग्रहों के ठंडे होने की दर लगभग एक समान रही है।Faure, Gunter; Mensing, Teresa M. 2007 Introduction to planetary science: the geological perspective https://archive.org/details/introductiontopl0000faur स्प्रिंगर eBook collection स्प्रिंगर 1-4020-5233-2 201 शुक्र का थोड़ा छोटा आकार बताता है, इसके गहरे आंतरिक भाग में दबाव पृथ्वी से काफी कम हैं। इन दो ग्रहों के बीच प्रमुख अंतर है, शुक्र पर प्लेट टेक्टोनिक्स के लिए प्रमाण का अभाव, संभवतः क्योंकि इसकी परत कम चिपचिपा बनाने के लिए बिना पानी के अपहरण के लिए बहुत मजबूत है। इसके परिणामस्वरूप ग्रह से गर्मी की कमी कम हो जाती है, इसे ठंडा करने से रोकती है और आंतरिक रूप से जेनरेट किए गए चुंबकीय क्षेत्र की कमी के लिए संभावित स्पष्टीकरण प्रदान किया जाता है।Nimmo, F. 2002 Crustal analysis of Venus from Magellan satellite observations at Atalanta Planitia, Beta Regio, and Thetis Regio Geology 30 11 987–990 10.1130/0091-7613(2002)030<0987:WDVLAM>2.0.CO;2 0091-7613 2002Geo....30..987N बावजुद, शुक्र प्रमुख पुनर्सतहीकरण घटनाओं में अपनी आंतरिक ऊष्मा बीच बीच में खो सकता हैं।Nimmo, F.; McKenzie, D. Volcanism and Tectonics on Venus Annual Review of Earth and Planetary Sciences 26 1 23–53 1998 10.1146/annurev.earth.26.1.23 1998AREPS..26...23N वातावरण और जलवायु शुक्र का वायुमंडल thumb| 1979 में पायनियर वीनस ऑर्बिटर से पराबैंगनी प्रेक्षणों से प्रगट शुक्र की वायुमंडलीय मेघाकृति thumb| पृथ्वी के वायुमंडल के अनुरुप एक सरल गैस मिश्रण का सिंथेटिक स्टिक अवशोषण स्पेक्ट्रम thumb| शुक्र की वायुमंडलीय संरचना HITRAN डेटा पर आधारित है,http://www.cfa.harvard.edu/hitran/ The HITRAN Database Atomic and Molecular Physics Division, Harvard-Smithsonian Center for Astrophysics 8 अगस्त 2012 HITRAN is a compilation of spectroscopic parameters that a variety of computer codes use to predict and simulate the transmission and emission of light in the atmosphere. https://web.archive.org/web/20120814161841/http://www.cfa.harvard.edu/hitran/ 14 अगस्त 2012 live   जो वेब प्रणाली पर Hitran का उपयोग कर बनाई गई है।http://hitran.iao.ru/ Hitran on the Web Information System Harvard-Smithsonian Center for Astrophysics (CFA), Cambridge, MA, USA; V.E. Zuev Insitute of Atmosperic Optics (IAO), Tomsk, Russia 11 अगस्त 2012 https://web.archive.org/web/20130419191421/http://hitran.iao.ru/ 19 अप्रैल 2013 dead हरा रंग-जल वाष्प, लाल रंग-कार्बन डाइऑक्साइड, WN - तरंग संख्या (चेतावनी: अन्य रंगों के भिन्न अर्थ है, निम्न तरंग दैर्घ्य दांये पर और उच्च बाईं तरफ है।) शुक्र का वायुमंडल अत्यंत घना है, जो मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन की एक छोटी मात्रा से मिलकर बना है। वायुमंडलीय द्रव्यमान पृथ्वी पर के वायुमंडल की तुलना मे 93 गुना है, जबकि ग्रह के सतह पर का दबाव पृथ्वी पर के सतही दबाव की तुलना मे 92 गुना है- यह दबाव पृथ्वी के महासागरों की एक किलोमीटर करीब की गहराई पर पाये जाने वाले दबाव के बराबर है। सतह पर घनत्व 65 किलो/घनमीटर है (पानी की तुलना में 6.5%) | यहां का CO2-बहुल वायुमंडल, सल्फर डाइऑक्साइड के घने बादलों के साथ-साथ, सौर मंडल का सबसे शक्तिशाली ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करता है और कम से कम 462 °C (864 °F) का सतही तापमान पैदा करता है।http://burro.cwru.edu/stu/advanced/venus.html Venus Case Western Reserve University 13 सितंबर 2006 21 दिसंबर 2011 https://web.archive.org/web/20120426064658/http://burro.cwru.edu/stu/advanced/venus.html 26 अप्रैल 2012 dead यह शुक्र की सतह को बुध की तुलना में ज्यादा तप्त बनाता है। बुध का न्यूनतम सतही तापमान −220 °C और अधिकतम सतही तापमान 420 °C है।John S. Lewis 2004 Physics and Chemistry of the Solar System https://archive.org/details/physicschemistry00lewi_384 463 2nd Academic Press 0-12-446744-X शुक्र ग्रह सूर्य से दोगुनी के करीब दूरी पर होने के बावजुद बुध सौर विकिरण (irradiance) का केवल 25% प्राप्त करता है। प्रायः शुक्र की सतह नारकीय रूप में वर्णित है।Was Venus Alive? 'The Signs are Probably There' http://www.space.com/scienceastronomy/venus_life_040826.html space.com Henry Bortman 2004 31 जुलाई 2010 https://web.archive.org/web/20101224055407/http://www.space.com/scienceastronomy/venus_life_040826.html 24 दिसंबर 2010 liveयह तापमान नसबंदी प्राप्त करने के लिए उपयोग किए जाने वाले तापमान से भी अधिक है।(See also: Hot air oven) अध्ययनों ने बताया है कि शुक्र का वातावरण हाल की तुलना में अरबों साल पहले पृथ्वी की तरह बहुत ज्यादा था और वहां सतह पर तरल पानी की पर्याप्त मात्रा रही हो सकती है। लेकिन, 60 करोड से लेकर कई अरब वर्षों तक की अवधि के बाद,Grinspoon David H. Bullock M. A. Searching for Evidence of Past Oceans on Venus Bulletin of the American Astronomical Society 39 540 October 2007 2007DPS....39.6109G मूल पानी के वाष्पीकरण के कारण एक दौडता-भागता ग्रीनहाउस प्रभाव हुआ, जिसने वहां के वातावरण में एक महत्वपूर्ण स्तर की ग्रीन हाउस गैसों को पैदा किया |Kasting J. F. 1988 Runaway and moist greenhouse atmospheres and the evolution of Earth and Venus https://archive.org/details/icarus_1988-06_74_3/page/472 Icarus 74 3 472–494 10.1016/0019-1035(88)90116-9 11538226 1988Icar...74..472K हालांकि ग्रह पर सतही हालात किसी भी पृथ्वी-सदृश्य जीवन के लिए लम्बी मेहमान नवाजी योग्य नहीं है, जो इस घटना के पहले रहे हो सकते है। यह संभावना कि एक रहने योग्य दूसरी जगह निचले और मध्यम बादल परतों में मौजुद है, शुक्र अब भी दौड से बाहर नहीं हुआ है। 10.1016/S0032-0633(99)00036-7 Cockell C. S. Life on Venus https://archive.org/details/sim_planetary-and-space-science_1999-12_47_12/page/1487 Planetary and Space Science 47 12 1487–1501 1999 December 1999P&SS...47.1487C तापीय जड़ता और निचले वायुमंडल में हवाओं द्वारा उष्मा के हस्तांतरण का मतलब है कि शुक्र की सतह के तापमान रात और दिन के पक्षों के बीच काफी भिन्न नहीं होते है, बावजुद इसके कि ग्रह का घूर्णन अत्यधिक धीमा है। सतह पर हवाएं धीमी हैं, प्रति घंटे कुछ ही किलोमीटर की दूरी चलती है, लेकिन शुक्र के सतह पर वातावरण के उच्च घनत्व की वजह से, वे अवरोधों के खिलाफ उल्लेखनीय मात्रा का बल डालती है और सतह भर में धूल और छोटे पत्थरों का परिवहन करती है। यह अकेला ही इससे होकर मानवीय चहल कदमी के लिए मुश्किल खड़ी करता होगा, अन्यथा गर्मी, दबाव और ऑक्सीजन की कमी कोई समस्या नहीं थी।Dust on the surface of Venus Moshkin, B. E.; Ekonomov, A. P.; Golovin Iu. M. Kosmicheskie Issledovaniia (Cosmic Research) 17 280–285 1979 1979CoRe...17..232M सघन CO2 परत के ऊपर घने बादल हैं जो मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फ्यूरिक अम्ल की बूंदों से मिलकर बने है।Chemical composition of the atmosphere of Venus https://archive.org/details/sim_nature-uk_1981-08-13_292_5824/page/n48 Krasnopolsky, V. A.; Parshev, V. A. Nature 292 5824 610–613 1981 10.1038/292610a0 1981Natur.292..610KChemical composition of Venus atmosphere and clouds: Some unsolved problems Vladimir A. Krasnopolsky 2006 Planetary and Space Science 54 13–14 1352–1359 10.1016/j.pss.2006.04.019 2006P&SS...54.1352K ये बादल लगभग 90% सूर्य प्रकाश को परावर्तित व बिखेरते है जो कि वापस अंतरिक्ष में उन पर गिरता है और शुक्र की सतह के दृश्य प्रेक्षण को रोकते है। बादलों के स्थायी आवरण का अर्थ है कि भले ही शुक्र ग्रह पृथ्वी की तुलना में सूर्य से नजदीक है, पर शुक्र की सतह अच्छी तरह से तपी नहीं है। बादलों के शीर्ष पर की 300 किमी/घंटा की शक्तिशाली हवाएं हर चार से पांच पृथ्वी दिवसो में ग्रह का चक्कर लगाती है।Cloud-tracked winds from Pioneer Venus OCPP images W. B., Rossow; A. D., del Genio; T., Eichler Journal of the Atmospheric Sciences 47 17 2053–2084 1990 10.1175/1520-0469(1990)047<2053:CTWFVO>2.0.CO;2 http://journals.ametsoc.org/doi/pdf/10.1175/1520-0469%281990%29047%3C2053%3ACTWFVO%3E2.0.CO%3B2 PDF 1520-0469 1990JAtS...47.2053R 17 अप्रैल 2013 https://web.archive.org/web/20151106155034/http://journals.ametsoc.org/doi/pdf/10.1175/1520-0469(1990)047%3C2053:CTWFVO%3E2.0.CO%3B2 6 नवंबर 2015 live शुक्र की हवाएं उसकी घूर्णन के 60 गुने तक गतिशील है, जबकि पृथ्वी की सबसे तेज हवाएं घूर्णन गति की केवल 10% से 20% हैं।Normile, Dennis Mission to probe Venus's curious winds and test solar sail for propulsion https://archive.org/details/sim_science_2010-05-07_328_5979/page/677 Science 677 5979 328 7 मई 2010 20448159 10.1126/science.328.5979.677-a 2010Sci...328..677N शुक्र की सतह प्रभावी ढंग से समतापीय है, यह न सिर्फ दिन और रात के बीच बल्कि भूमध्य रेखा और ध्रुवों के मध्य भी एक स्थिर तापमान बनाए रखता है।http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/factsheet/venusfact.html Venus Fact Sheet NASA Williams David R. 15 अप्रैल 2005 12 अक्टूबर 2007 https://www.webcitation.org/6ftO4K7lC?url=http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/factsheet/venusfact.html 10 मार्च 2016 liveTitan, Mars and Earth: Entropy Production by Latitudinal Heat Transport Lorenz, Ralph D.; Lunine, Jonathan I.; Withers, Paul G.; McKay, Christopher P. Ames Research Center, University of Arizona Lunar and Planetary Laboratory http://sirius.bu.edu/withers/pppp/pdf/mepgrl2001.pdf 2001 21 अगस्त 2007 PDF https://web.archive.org/web/20181003224659/http://sirius.bu.edu/withers/pppp/pdf/mepgrl2001.pdf 3 अक्तूबर 2018 dead ग्रह का अल्प अक्षीय झुकाव (कम से कम तीन डिग्री, तुलना के लिए पृथ्वी का 23 डिग्री) भी मौसमी तापमान विविधता को कम करता है।Interplanetary Seasons NASA http://science.nasa.gov/headlines/y2000/interplanetaryseasons.html 21 अगस्त 2007 https://web.archive.org/web/20071016161443/http://science.nasa.gov/headlines/y2000/interplanetaryseasons.html 16 अक्तूबर 2007 live तापमान में उल्लेखनीय भिन्नता केवल ऊंचाई के साथ मिलती है। 1995 में, मैगेलन जांच ने उच्चतम पर्वत शिखर के शीर्ष पर एक अत्यधिक प्रतिबिंबित पदार्थ का चित्रण किया जो स्थलीय बर्फ के साथ एक मजबूत समानता थी। यह पदार्थ तर्कसंगत रूप से एक समान प्रक्रिया से बर्फ तक बना है, यद्यपि बहुत अधिक तापमान पर। सतह पर घुलनशील करने के लिए बहुत अस्थिर, यह गैस के रूप में उच्च ऊंचाई को ठंडा करने के लिए गुलाब, जहां यह वर्षा के रूप में गिर गया। इस पदार्थ की पहचान निश्चितता के साथ ज्ञात नहीं है, लेकिन अटकलें मौलिक टेल्यूरियम से सल्फाइड (गैलेना) तक ले जाती हैं।"Heavy metal" snow on Venus is lead sulfide Carolyn Jones Otten Washington University in St Louis http://news-info.wustl.edu/news/page/normal/633.html 2004 21 अगस्त 2007 https://web.archive.org/web/20080415000214/http://news-info.wustl.edu/news/page/normal/633.html 15 अप्रैल 2008 dead शुक्र के बादल पृथ्वी पर के बादलों की ही तरह बिजली पैदा करने में सक्षम हैं। बिजली की मौजुदगी विवादित रही है जब से सोवियत वेनेरा प्रोब द्वारा प्रथम संदेहास्पद बौछार का पता लगाया गया था। 2006-07 में वीनस एक्सप्रेस ने स्पष्ट रूप से व्हिस्टलर मोड तरंगों का पता लगाया, जो बिजली का चिन्हक है। उनकी आंतरायिक उपस्थिति मौसम गतिविधि से जुड़े एक पैटर्न को इंगित करता है। बिजली की दर पृथ्वी पर की तुलना में कम से कम आधी है। 10.1038/nature05930 Russell S. T. Zhang T. L. Delva M. Magnes W. Strangeway R. J. Wei H. Y. 2007 Lightning on Venus inferred from whistler-mode waves in the ionosphere https://archive.org/details/sim_nature-uk_2007-11-29_450_7170/page/n108 Nature 450 7170 661–662 18046401 2007Natur.450..661R 2007 में वीनस एक्सप्रेस प्रोब ने खोज की कि एक विशाल दोहरा वायुमंडलीय भंवर ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद है।Eric Hand 2007 European mission reports from Venus November Nature 450 633–660 10.1038/news.2007.297Staff http://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/7117303.stm Venus offers Earth climate clues 29 नवंबर 2007 बीबीसी न्यूज़ 28 नवम्बर 2007 https://web.archive.org/web/20090111155813/http://news.bbc.co.uk/1/hi/sci/tech/7117303.stm 11 जनवरी 2009 live 2011 में वीनस एक्सप्रेस प्रोब द्वारा एक अन्य खोज की गई और वह है, शुक्र के वातावरण की ऊंचाई में एक ओजोन परत मौजूद है।http://www.esa.int/esaCP/SEMU3N9U7TG_Life_0.html ESA finds that Venus has an ozone layer too ESA 6 अक्टूबर 2011 25 दिसंबर 2011 https://web.archive.org/web/20120127202150/http://www.esa.int/esaCP/SEMU3N9U7TG_Life_0.html 27 जनवरी 2012 live 29 जनवरी 2013 को ईएसए के वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्र ग्रह का आयनमंडल बाहर की ओर बहता है, जो इस मायने में समान है "इसी तरह की परिस्थितियों में एक धूमकेतु से आयन पूंछ की बौछार होती देखी गई"।"When A Planet Behaves Like A Comet http://www.esa.int/Our_Activities/Space_Science/When_a_planet_behaves_like_a_comet जनवरी 29, 2013 ESA January 31, 2013 Staff https://web.archive.org/web/20190502073711/http://www.esa.int/Our_Activities/Space_Science/When_a_planet_behaves_like_a_comet 2 मई 2019 live Kramer Miriam Venus Can Have 'Comet-Like' Atmosphere http://www.space.com/19537-venus-comet-atmosphere.html जनवरी 30, 2013 Space.com January 31, 2013 https://web.archive.org/web/20190503055127/https://www.space.com/19537-venus-comet-atmosphere.html 3 मई 2019 live चुंबकीय क्षेत्र और कोर thumb|upright=1.2|right|स्थलीय ग्रहों के आकार की तुलना (बाएं से दाएं) बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल वास्तविक रंगो में 1967 में वेनेरा 4 ने शुक्र के चुंबकीय क्षेत्र को पृथ्वी की तुलना में बहुत कमजोर पाया। यह चुंबकीय क्षेत्र एक आंतरिक डाइनेमो, पृथ्वी के अंदरुनी कोर की तरह, की बजाय आयनमंडल और सौर वायु के बीच एक अंतःक्रिया द्वारा प्रेरित है।Dolginov, Nature of the Magnetic Field in the Neighborhood of Venus, COsmic Research, 1969Kivelson G. M., Russell, C. T. Introduction to Space Physics https://archive.org/details/introductiontosp0000unse_w5p3 Cambridge University Press 1995 0-521-45714-9 शुक्र का छोटा सा प्रेरित चुंबकीय क्षेत्र वायुमंडल को ब्रह्मांडीय विकिरण के खिलाफ नगण्य सुरक्षा प्रदान करता है। यह विकिरण बादल दर बादल बिजली निर्वहन का परिणाम हो सकता है।Upadhyay, H. O.; Singh, R. N. Cosmic ray Ionization of Lower Venus Atmosphere April 1995 Advances in Space Research 15 4 99–108 10.1016/0273-1177(94)00070-H 1995AdSpR..15...99U आकार में पृथ्वी के बराबर होने के बावजुद शुक्र पर एक आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र की कमी होना आश्चर्य की बात थी | यह भी उम्मीद थी कि इसका कोर एक डाइनेमो रखता है। एक डाइनेमो को तीन चीजों की जरुरत होती है: एक सुचालक तरल, घूर्णन और संवहन। कोर को विद्युत प्रवाहकीय होना माना गया है, जबकि इसके घूर्णन को प्रायः बहुत ज्यादा धीमी गति का होना माना गया है, सिमुलेशन दिखाते है कि एक डाइनेमो निर्माण के लिए यह पर्याप्त है।Luhmann J. G., Russell C. T. J. H. Shirley and R. W. Fainbridge Venus: Magnetic Field and Magnetosphere Encyclopedia of Planetary Sciences Chapman and Hall, New York 1997 http://www-spc.igpp.ucla.edu/personnel/russell/papers/venus_mag/ 28 जून 2009 978-1-4020-4520-2 https://web.archive.org/web/20100714051425/http://www-spc.igpp.ucla.edu/personnel/russell/papers/venus_mag/ 14 जुलाई 2010 deadStevenson D. J. 2002 Planetary magnetic fields Earth and Planetary Science Letters 208 1–2 1–11 10.1016/S0012-821X(02)01126-3 15 मार्च 2003 2003E&PSL.208....1S इसका तात्पर्य है, डाइनेमो गुम है क्योंकि शुक्र के कोर में संवहन की कमी है। पृथ्वी पर, संवहन कोर के बाहरी परत मे पाया जाता है क्योंकि तली की तरल परत शीर्ष की तुलना में बहुत ज्यादा तप्त है। शुक्र पर, एक वैश्विक पुनर्सतहीकरण घटना ने प्लेट विवर्तनिकी को बंद कर दिया हो सकता है और यह भूपटल से होकर उष्मा प्रवाह के घटाव का कारण बना। इसने मेंटल तापमान को बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जिससे कोर के बाहर उष्मा प्रवाह बढ़ गया। नतीजतन, एक चुंबकीय क्षेत्र चलाने के लिए कोई आंतरिक भूडाइनेमो उपलब्ध नहीं है। इसके बजाय, कोर से निकलने वाली तापीय ऊर्जा भूपटल को दोबारा गर्म करने के लिए बार-बार इस्तेमाल हुइ है।Francis Nimmo 2002 Why does Venus lack a magnetic field? Geology 30 11 November 987–990 http://www2.ess.ucla.edu/~nimmo/website/paper25.pdf PDF 28 जून 2009 10.1130/0091-7613(2002)030<0987:WDVLAM>2.0.CO;2 0091-7613 2002Geo....30..987N https://web.archive.org/web/20181001172434/http://www2.ess.ucla.edu/~nimmo/website/paper25.pdf 1 अक्तूबर 2018 live एक संभावना यह कि शुक्र का कोई ठोस भीतरी कोर नहीं है,Konopliv, A. S.; Yoder, C. F. Venusian k2 tidal Love number from Magellan and PVO tracking data Geophysical Research Letters 23 14 1857–1860 http://www.agu.org/pubs/crossref/1996/96GL01589.shtml 12 जुलाई 2009 10.1029/96GL01589 1996 1996GeoRL..23.1857K https://web.archive.org/web/20110512154523/http://www.agu.org/pubs/crossref/1996/96GL01589.shtml 12 मई 2011 live या इसका कोर वर्तमान में ठंडा नहीं है, इसलिए कोर का पूरा तरल हिस्सा लगभग एक ही तापमान पर है। एक और संभावना कि इसका कोर पहले से ही पूरी तरह जम गया है। कोर की अवस्था गंधक के सान्द्रण पर अत्यधिक निर्भर है, जो फिलहाल अज्ञात है। शुक्र के इर्दगिर्द दुर्बल चुंबकीय आवरण का मतलब है सौर वायु ग्रह के बाह्य वायुमंडल के साथ सीधे संपर्क करती है। यहां, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के आयन पराबैंगनी विकिरण से निकले तटस्थ अणुओं के वियोजन द्वारा बनाये गये है। सौर वायु फिर ऊर्जा की आपूर्ति करती है जो इनमें से कुछ आयनों को ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र से पलायन के लिए पर्याप्त वेग देती है। इस क्षरण प्रक्रिया का परिणाम निम्न-द्रव्यमान हाइड्रोजन, हीलियम और ऑक्सीजन आयनों की हानि के रूप मे होती है, जबकि उच्च-द्रव्यमान अणुओं, जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड, को उसी तरह से ज्यादा बनाये रखने के लिए होती है। सौर वायु द्वारा वायुमंडलीय क्षरण ग्रह के गठन के बाद के अरबों वर्षों के दरम्यान जल के खोने का शायद सबसे बड़ा कारण बना। इस क्षरण ने उपरि वायुमंडल में उच्च-द्रव्यमान ड्यूटेरियम से निम्न-द्रव्यमान हाइड्रोजन के अनुपात को निचले वायुमंडल में अनुपात का 150 गुना बढ़ा दिया है। 10.1038/nature06432 Svedhem Håkan Titov Dmitry V. Taylor Fredric W. Witasse Olivier 2007 November Venus as a more Earth-like planet https://archive.org/details/sim_nature-uk_2007-11-29_450_7170/page/n68 Nature 450 7170 629–632 2007Natur.450..629S 18046393 परिक्रमा एवं घूर्णन thumb|शुक्र की कक्षा (पीली) और पृथ्वी की कक्षा (नीली) की आपस मे तुलना I शुक्र करीबन 0.72 एयू (10,80,00,000 किमी; 6,70,00,000 मील) की एक औसत दूरी पर सूर्य की परिक्रमा करता है और हर 224.65 दिवस को एक चक्कर पूरा करता है। यद्यपि सभी ग्रहीय कक्षाएं दीर्घवृत्तीय हैं, शुक्र की कक्षा 0.01 से कम की एक विकेन्द्रता के साथ, वृत्ताकार के ज्यादा करीब है। जब शुक्र ग्रह, पृथ्वी और सूर्य के बीच स्थित होता है, यह स्थिति अवर संयोजन कहलाती है, जो उसकी पहुंच को पृथ्वी से निकटतम बनाती है, अन्य ग्रह 4.1 करोड की औसत दूरी पर है। शुक्र औसतन हर 584 दिनों में अवर संयोजन पर पहुँचता है। पृथ्वी की कक्षा की घटती विकेन्द्रता के कारण, यह न्यूनतम दूरी दसीयों हजारों वर्ष उपरांत सर्वाधिक हो जाएगी। सन् 1 से लेकर 5383 तक, 4 करोड किमी से कम की 526 पहुंच है, फिर लगभग 60,158 वर्षों तक कोई पहुंच नहीं है।Venus Close Approaches to Earth as predicted by Solex 11 http://home.surewest.net/kheider/astro/Solex-Venus.txt 19 मार्च 2009 https://web.archive.org/web/20120809051650/http://home.surewest.net/kheider/astro/Solex-Venus.txt 9 अगस्त 2012 dead (numbers generated by Solex) https://web.archive.org/web/20120210152814/http://chemistry.unina.it/~alvitagl/solex/ 10 फ़रवरी 2012 सर्वाधिक विकेन्द्रता की अवधि के दौरान, शुक्र करीब से करीब 3.82 करोड किमी तक आ सकता है। सौरमंडल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा एक वामावर्त दिशा में करते है, जैसा कि सूर्य के उत्तरी ध्रुव के उपर से देखा गया। अधिकांश ग्रह अपने अक्ष पर भी एक वामावर्त दिशा में घूमते है, लेकिन शुक्र हर 243 पृथ्वी दिवसों में एक बार दक्षिणावर्त ( "प्रतिगामी" घूर्णन कहा जाता है) घूमता है, यह किसी भी ग्रह की सर्वाधिक धीमी घूर्णन अवधि है। इस प्रकार एक शुक्र नाक्षत्र दिवस एक शुक्र वर्ष (243 बनाम 224.7 पृथ्वी दिवस) से लंबे समय तक रहता है। शुक्र की भूमध्य रेखा 6.5 किमी/घंटा की गति से घुमती है, जबकि पृथ्वी की भूमध्य रेखा पर घूर्णन लगभग 1,670 किमी/घंटा है।Bakich, Michael E. 2000 The Cambridge planetary handbook Cambridge University Press 0-521-63280-3 50 https://archive.org/details/cambridgeplaneta00baki/page/50 शुक्र का घूर्णन 6.5 मिनट/शुक्र नाक्षत्र दिवस तक धीमा हो गया है, जब से मैगलन अंतरिक्ष यान ने 16 साल पहले उसका दौरा किया है।http://www.esa.int/esaCP/SEM0TLSXXXG_index_0.html Could Venus be shifting gear? European Space Agency 10 फ़रवरी 2012 19 अगस्त 2012 https://web.archive.org/web/20120731041135/http://www.esa.int/esaCP/SEM0TLSXXXG_index_0.html 31 जुलाई 2012 live प्रतिगामी घूर्णन के कारण, शुक्र पर एक सौर दिवस की लंबाई इसके नाक्षत्र दिवस की तुलना में काफी कम है, जो कि 116.75 पृथ्वी दिवस है (यह शुक्र सौर दिवस को बुध के 176 पृथ्वी दिवसों की तुलना में छोटा बनाता है)। शुक्र का एक वर्ष लगभग 1.92 शुक्र सौर दिवस लंबा है। शुक्र की धरती से एक प्रेक्षक के लिए, सूर्य पश्चिम में उदित और पूर्व में अस्त होगा।Space Topics: Compare the Planets: Mercury, Venus, Earth, The Moon, and Mars Planetary Society http://www.planetary.org/explore/space-topics/compare/ 12 अप्रैल 2007 https://web.archive.org/web/20130514003830/http://www.planetary.org/explore/space-topics/compare/ 14 मई 2013 dead शुक्र ग्रह, विभिन्न घूर्णन अवधि और झुकाव के साथ एक सौर नीहारिका से गठित हुआ हो सकता है। सघन वायुमंडल पर ज्वारीय प्रभाव और ग्रहीय उद्विग्नता द्वारा प्रेरित अस्तव्यस्त घूर्णन बदलाव के कारण वह वहां से अपनी वर्तमान स्थिति तक पहुंचा है। यह बदलाव जो कि अरबों वर्षों की क्रियाविधि उपरांत घटित हुआ होगा। शुक्र की घूर्णन अवधि सम्भवतः एक संतुलन की अवस्था को दर्शाती है जो, सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की ओर से ज्वारीय जकड़न जिसकी प्रवृत्ति घूर्णन को धीमा करने की होती है और घने शुक्र वायुमंडल के सौर तापन द्वारा बनाई गई एक वायुमंडलीय ज्वार, के मध्य बनती है।Correia, Alexandre C. M.; Laskar, Jacques; de Surgy, Olivier Néron Long-term evolution of the spin of Venus I. theory Icarus 163 1 1–23 2003 May http://www.imcce.fr/Equipes/ASD/preprints/prep.2002/venus1.2002.pdf PDF 10.1016/S0019-1035(03)00042-3 2003Icar..163....1C 22 मई 2013 https://web.archive.org/web/20190927122047/https://www.imcce.fr/Equipes/ASD/preprints/prep.2002/venus1.2002.pdf 27 सितंबर 2019 deadCorreia, A. C. M.; Laskar, J. 2003 Long-term evolution of the spin of Venus: II. numerical simulations Icarus 163 1 24–45 http://www.imcce.fr/Equipes/ASD/preprints/prep.2002/venus2.2002.pdf PDF 10.1016/S0019-1035(03)00043-5 2003Icar..163...24C 22 मई 2013 https://web.archive.org/web/20190502225637/https://www.imcce.fr/Equipes/ASD/preprints/prep.2002/venus2.2002.pdf 2 मई 2019 dead शुक्र की कक्षा और उसकी घूर्णन अवधि के बीच के 584-दिवसीय औसत अंतराल का एक रोचक पहलू यह है कि शुक्र की पृथ्वी से उत्तरोत्तर नजदीकी पहुंच करीब-करीब पांच शुक्र सौर दिवसो के ठीक बराबर है।Gold, T.; Soter, S. 1969 Atmospheric tides and the resonant rotation of Venus Icarus 11 3 356–366 10.1016/0019-1035(69)90068-2 1969Icar...11..356G तथापि, पृथ्वी के साथ एक घूर्णन-कक्षीय अनुनाद की परिकल्पना छूट गई है।Shapiro I. I. Campbell D. B. de Campli W. M. Nonresonance rotation of Venus Astrophysical Journal, Part 2 – Letters to the Editor 230 L123–L126 June 1979 10.1086/182975 1979ApJ...230L.123S शुक्र का कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है,Sheppard, Scott S.; Trujillo, Chadwick A. A survey for satellites of Venus Icarus 202 1 July 2009 12–16 10.1016/j.icarus.2009.02.008 2009Icar..202...12S 0906.2781 हालांकि क्षुद्रग्रह 2002 VE68 वर्तमान में इसके साथ एक अर्ध कक्षीय संबंध रखता है।Mikkola, S.; Brasser, R.; Wiegert, P.; Innanen, K. Asteroid 2002 VE68, a quasi-satellite of Venus Monthly Notices of the Royal Astronomical Society 351 3 L63 July 2004 10.1111/j.1365-2966.2004.07994.x 2004MNRAS.351L..63Mde la Fuente Marcos, C.; de la Fuente Marcos, R. On the dynamical evolution of 2002 VE68 Monthly Notices of the Royal Astronomical Society 427 1 728 November 2012 10.1111/j.1365-2966.2012.21936.x 2012MNRAS.427..728D इस अर्ध उपग्रह के अलावा, इसके दो अन्य अस्थायी सह कक्षीय 2001 CK32 और 2012 XE33 है। 17 वीं सदी में गियोवन्नी कैसिनी ने शुक्र की परिक्रमा कर रहे चंद्रमा की सूचना दी जो नेइथ से नामित किया गया था | अगले 200 वर्षों के उपरांत अनेकों द्रष्टव्यों की सूचना दी गई | परन्तु अधिकांश को आसपास के सितारों का होना निर्धारित किया गया था। कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान में, एलेक्स एलमी व डेविड स्टीवेन्सन के पूर्व सौर प्रणाली पर 2006 के मॉडलों के अध्ययन बताते है कि शुक्र का हमारे जैसा कम से कम एक चांद था जिसे अरबो साल पहले एक बड़ी टकराव की घटना ने बनाया था।Scientific American 10 अक्टूबर 2006 Double Impact May Explain Why Venus Has No Moon Musser, George http://www.sciam.com/article.cfm?articleID=0008DCD1-0A66-152C-8A6683414B7F0000&ref=sciam 5 दिसंबर 2011 https://web.archive.org/web/20070926222658/http://www.sciam.com/article.cfm?articleID=0008DCD1-0A66-152C-8A6683414B7F0000&ref=sciam 26 सितंबर 2007 live अध्ययन के मुताबिक करीब एक करोड़ साल बाद एक अन्य टक्कर ने ग्रह की घूर्णन दिशा उलट दी। इसने शुक्र के चंद्रमा के घुमाव या कक्षा को धीरे धीरे अंदर की ओर सिकुड़ने के लिए प्रेरित किया जब तक कि वह शुक्र के साथ टकराकर उसमें विलीन नहीं हो गया।Tytell David SkyandTelescope.com 10 अक्टूबर 2006 Why Doesn't Venus Have a Moon? http://www.skyandtelescope.com/news/home/4353026.html 3 अगस्त 2007 https://archive.today/20120530021412/http://www.skyandtelescope.com/news/home/4353026.html 30 मई 2012 live यदि बाद की टक्करों ने चन्द्रमा बनाये है तो वें भी उसी तरह से खींच लिए गए। उपग्रहों के अभाव लिए एक वैकल्पिक व्याख्या शक्तिशाली सौर ज्वार का प्रभाव है जो भीतरी स्थलीय ग्रहों की परिक्रमा कर रहे बड़े उपग्रहों को अस्थिर कर सकते है। पर्यवेक्षण thumb|220px|right| शुक्र के चरण और इसके स्पष्ट व्यास का विकास thumb|alt=A photograph of the night sky taken from the seashore. A glimmer of sunlight is on the horizon. There are many stars visible. Venus is at the center, much brighter than any of the stars, and its light can be seen reflected in the ocean.|शुक्र सदा हमारे सौरमंडल से बाहर के सबसे चमकीले तारों से भी ज्यादा चमकदार रहा है, जैसा प्रशांत महासागर के ऊपर यहां देखा जा सका है I शुक्र किसी भी तारे (सूर्य के अलावा) की तुलना में हमेशा उज्जवल है। सर्वाधिक कांतिमान, सापेक्ष कांतिमान −4.9,2006-Feb-27 (GEOPHYSICAL DATA) HORIZONS Web-Interface for Venus (Major Body=299) JPL Horizons On-Line Ephemeris System http://ssd.jpl.nasa.gov/horizons.cgi?find_body=1&body_group=mb&sstr=299 28 नवंबर 2010 https://web.archive.org/web/20170713033138/https://ssd.jpl.nasa.gov/horizons.cgi?find_body=1&body_group=mb&sstr=299 13 जुलाई 2017 live (Using JPL Horizons you can see that on 2013-Dec-08 Venus will have an apmag of −4.89) अर्द्धचंद्र चरण के दौरान होती है जब यह पृथ्वी के निकट होता है। शुक्र करीब −3 परिमाण तक मंद पड़ जाता है जब यह सूर्य द्वारा छुपा लिया जाता है। यह ग्रह दोपहर के साफ आसमान मे काफी उज्जवल दिखाई देता है,http://www.skyandtelescope.com/community/skyblog/observingblog/116925708.html See Venus in Broad Daylight! Sky & Telescope Tony Flanders 25 फ़रवरी 2011 10 मई 2013 https://archive.today/20120911073404/http://www.skyandtelescope.com/community/skyblog/observingblog/116925708.html 11 सितंबर 2012 dead और आसानी से देखा जा सकता है जब सूर्य क्षितिज पर नीचा हो। एक अवर ग्रह के रूप में, यह हमेशा सूर्य से लगभग 47° के भीतर होता है।Espenak Fred 1996 http://eclipse.gsfc.nasa.gov/TYPE/venus2.html#ve2006 Venus: Twelve year planetary ephemeris, 1995–2006 NASA Reference Publication 1349 NASA/Goddard Space Flight Center 20 जून 2006 https://web.archive.org/web/20000817181616/http://sunearth.gsfc.nasa.gov/eclipse/TYPE/venus2.html#ve2006 17 अगस्त 2000 live सूर्य की परिक्रमा करते हुए शुक्र प्रत्येक 584 दिवसों पर पृथ्वी को पार कर जाता है। जैसा कि यह दिखाई देता है, यह सूर्यास्त के बाद "सांझ का तारा" से लेकर सूर्योदय से पहले "भोर का तारा" तक बदल जाता है। एक अन्य अवर ग्रह बुध का प्रसरकोण मात्र 28° के अधिकतम तक पहुँचता है और गोधूलि में प्रायः मुश्किल से पहचाना जाता है, जबकि शुक्र को अपनी अधिकतम कांति पर चुक जाना कठिन है। इसके अधिक से अधिक अधिकतम प्रसरकोण का मतलब है यह सूर्यास्त के एकदम बाद तक अंधेरे आसमान में नजर आता है। आकाश में एक चमकदार बिंदु सदृश्य वस्तु के रूप में शुक्र को एक "अज्ञात उड़न तस्तरी" मान लेने की सहज गलत बयानी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने 1969 में एक उड़न तस्तरी देखे जाने की सूचना दी, जिसके विश्लेषण ने बाद में ग्रह होने की संभावना का सुझाव दिया था | अनगिनत अन्य लोगों ने शुक्र को असाधारण मानने की भूल की है।Krystek Lee http://www.unmuseum.org/ifonat.htm Natural Identified Flying Objects The Unngatural Museum 20 जून 2006 https://web.archive.org/web/20060615170719/http://unmuseum.org/ifonat.htm 15 जून 2006 dead जैसे ही शुक्र की अपनी कक्षा के इर्दगिर्द हलचल होती है, दूरबीन दृश्यावली में यह चंद्रमा की तरह कलाओं का प्रदर्शन करता है: शुक्र की कलाओं में, ग्रह एक छोटी सी "पूर्ण" छवि प्रस्तुत करता है जब यह सूर्य के विपरीत दिशा में होता है, जब यह सूर्य से अधिकतम कोण पर होता है एक बड़ी "चतुर्थांस कला" प्रदर्शित करता है, एवं रत्रि आकाश में अपनी अधिकतम चमक पर होता है, तथा जैसे ही यह पृथ्वी और सूर्य के मध्य समीपस्थ कहीं आसपास आता है दूरबीन दृश्यावली में एक बहुत बड़ा "पतला अर्द्धचंद्र" प्रस्तुत करता है। शुक्र जब पृथ्वी और सूर्य के बीचोबीच होता है, अपने सबसे बड़े आकार पर होता है और अपनी "नव कला" प्रस्तुत करता है। इसके वायुमंडल को ग्रह के चारों ओर के अपवर्तित प्रकाश के प्रभामंडल द्वारा एक दूरबीन में देखा जा सकता हैं। शुक्र पारगमन thumb|शुक्र पारगमन, 2004 शुक्र पारगमन शुक्र पारगमन, 2012 शुक्र की कक्षा पृथ्वी की कक्षा के सापेक्ष थोड़ी झुकी हुई है; इसलिए, जब यह ग्रह पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, आमतौर पर सूर्य के मुखाकृति को पार नहीं करता। शुक्र पारगमन करना तब पाया जाता है जब ग्रह का अवर संयोजन पृथ्वी के कक्षीय तल में उपस्थिति के साथ मेल खाता है। शुक्र के पारगमन 243 साल के चक्रों में होते हैं। पारगमन की वर्तमान पद्धति मे, पहले दो पारगमन आठ वर्षों के अंतराल में होते है, फिर करीब 105.5 वर्षीय या 121.5 वर्षीय लंबा विराम और फिर से वहीं आठ वर्षीय अंतराल के नए पारगमन जोड़ो का दौर शूरू होता है। इस स्वरुप को सबसे पहले 1639 में अंग्रेज खगोलविद् यिर्मयाह होरोक्स ने खोजा था।http://www.transit-of-venus.org.uk/history.htm Transit of Venus Anon History University of Central Lancashire 14 मई 2012 https://web.archive.org/web/20040206040946/http://www.transit-of-venus.org.uk/history.htm 6 फ़रवरी 2004 dead नवीनतम जोड़ा 8 जून,2004 और 5-6 जून 2012 को था। पारगमन का अनेकों ऑनलाइन आउटलेट्स से सीधे अथवा उचित उपकरण और परिस्थितियों के साथ स्थानीय रूप से देखा जाना हो सका।http://cosmiclog.msnbc.msn.com/_news/2012/06/05/12056397-venus-transit-a-last-minute-guide?lite A. Boyle – Venus transit: A last-minute guide – MSNBC 15 मई 2013 https://web.archive.org/web/20120609145437/http://cosmiclog.msnbc.msn.com/_news/2012/06/05/12056397-venus-transit-a-last-minute-guide?lite 9 जून 2012 dead पारगमन की पूर्ववर्ती जोड़ी दिसंबर 1874 और दिसंबर 1882 में हुई; आगामी जोड़ी दिसंबर 2117 और दिसंबर 2125 में घटित होगी।Espenak Fred 2004 http://eclipse.gsfc.nasa.gov/transit/catalog/VenusCatalog.html Transits of Venus, Six Millennium Catalog: 2000 BCE to 4000 CE Transits of the Sun NASA 14 मई 2009 https://www.webcitation.org/669rnq4ZT?url=http://eclipse.gsfc.nasa.gov/transit/catalog/VenusCatalog.html 14 मार्च 2012 live ऐतिहासिक रूप से, शुक्र के पारगमन महत्वपूर्ण थे, क्योंकि उन्होने खगोलविदों को खगोलीय इकाई के आकार के सीधे निर्धारण करने की अनुमति दी है, साथ ही सौरमंडल के आकार की भी, जैसा कि 1639 में होरोक्स के द्वारा देखा गयाhttp://www.dioi.org/kn/birth.htm Horrocks and the Dawn of British Astronomy Kollerstrom Nicholas 1998 University College London 11 मई 2012 https://web.archive.org/web/20130626235945/http://www.dioi.org/kn/birth.htm 26 जून 2013 live कैप्टन कुक की ऑस्ट्रेलिया की पूर्वी तट की खोज तब संभव हो पाई जब वें शुक्र पारगमन के प्रेक्षण के लिए पीछा करते हुए जलयात्रा कर 1768 में ताहिती आ गए।Hornsby T. 1771 The quantity of the Sun's parallax, as deduced from the observations of the transit of Venus on June 3, 1769 Philosophical Transactions of the Royal Society 61 0 574–579 http://gallica.bnf.fr/ark:/12148/bpt6k55866b/f617.chemindefer 10.1098/rstl.1771.0054 15 मई 2013 https://web.archive.org/web/20190509181354/https://gallica.bnf.fr/ark:/12148/bpt6k55866b/f617.chemindefer 9 मई 2019 liveRichard Woolley 1969 Captain Cook and the Transit of Venus of 1769 Notes and Records of the Royal Society of London 24 1 19–32 10.1098/rsnr.1969.0004 0035-9149 530738 भस्मवर्ण प्रकाश तथाकथित भस्मवर्ण प्रकाश लंबे समय से चला आ रहा शुक्र प्रेक्षणों का एक रहस्य है। भस्मवर्ण प्रकाश शुक्र के अंधकार पक्ष की एक सुक्ष्म रोशनी है और नजर आती है जब ग्रह अर्द्ध चंद्राकार चरण में होता है। इस प्रकाश को सर्वप्रथम देखने का दावा बहुत पहले 1643 में हुआ था, परंतु रोशनी के अस्तित्व की भरोसेमंद पुष्टि कभी नहीं हो पाई। पर्यवेक्षकों ने अनुमान लगाया है, यह शुक्र के वायुमंडल में बिजली की गतिविधि से निकला परिणाम हो सकता है, लेकिन यह भ्रामक हो सकता है। हो सकता है यह एक उज्ज्वल, अर्द्ध चंद्राकार आकार की वस्तु देखने के भ्रम का नतीजा हो।Baum R. M. 2000 The enigmatic ashen light of Venus: an overview Journal of the British Astronomical Association 110 325 2000JBAA..110..325B अध्ययन पूर्व अध्ययन thumb|right| एक "ब्लैक ड्राप इफेक्ट", जैसा कि 1769 के पारगमन दरम्यान दर्ज किया गया। शुक्र ग्रह को "सुबह के तारे" और "शाम के तारे" दोनों ही रूपों में प्राचीन सभ्यताओं ने जान लिया था। नाम से ही पूर्व समझ जाहिर होती है कि वें दो अलग-अलग वस्तुएं थी | अम्मीसाडुका की शुक्र पटलिका, दिनांकित 1581 ईपू, यूनानी समझ दिखाती है कि दोनों वस्तु एक ही थी। इस पटलिका में शुक्र को "आकाश की उज्ज्वल रानी" के रूप में निर्दिष्ट किया गया है और विस्तृत प्रेक्षणों के साथ इस दृष्टिकोण का समर्थन किया जा सका है।Waerden, Bartel 1974 56 http://books.google.com/books?id=S_T6Pt2qZ5YC Science awakening II: the birth of astronomy स्प्रिंगर 90-01-93103-0 10 जनवरी 2011 https://web.archive.org/web/20111212081649/http://books.google.com/books?id=S_T6Pt2qZ5YC 12 दिसंबर 2011 live छठी शताब्दी ईसा पूर्व में पाइथागोरस के समय तक, यूनानियों की अवधारणा, फोस्फोरस और हेस्पेरस, के रूप में दो अलग-अलग सितारों की थी।Pliny the Elder Natural History II:36–37 translated by John F. Healy Penguin Harmondsworth, Middlesex, UK 1991 15–16 रोमनों ने शुक्र के सुबह की पहलू को लूसिफ़ेर के रूप में और शाम के पहलू को वेस्पेर के रूप में नामित किया है। शुक्र के पारगमन के प्रथम दर्ज अवलोकन का संयोग 4 दिसम्बर 1639 (24 नवम्बर उस समय प्रचलित जूलियन कैलेंडर अंतर्गत) को यिर्मयाह होरोक्स द्वारा, उनके मित्र विलियम क्रेबट्री के साथ-साथ, बना था।http://www.dioi.org/kn/IAUVenus-Transit.pdf William Crabtree's Venus transit observation Kollerstrom Nicholas 2004 Proceedings IAU Colloquium No. 196, 2004 International Astronomical Union 10 मई 2012 https://web.archive.org/web/20160519082541/http://www.dioi.org/kn/IAUVenus-Transit.pdf 19 मई 2016 dead thumb|left| गैलीलियो की खोज कि शुक्र कलाओं के प्रदर्शन (जब हमारे आसमान में सूर्य के करीब रहता है) ने साबित किया है कि वह सूर्य की परिक्रमा करता है, न कि पृथ्वी की। 17 वीं सदी की शुरुआत में जब इतालवी भौतिक विज्ञानी गैलीलियो गैलीली ने ग्रह का प्रथम अवलोकन किया, उन्होने उसे चंद्रमा की तरह कलाओं को दिखाया हुआ पाया, अर्धचंद्र से उन्नतोदर से लेकर पूर्णचंद्र तक और ठीक इसके उलट। जब यह सूर्य से सर्वाधिक दूर होता है अपना अर्धचंद्र रुप दिखाता है और जब सूर्य के सबसे नजदीक होता है यह अर्द्ध चंद्राकार या पूर्णचंद्र की तरह दिखता है। यह संभव हो सका केवल यदि शुक्र ने सूर्य की परिक्रमा की और यह टॉलेमी के भूकेन्द्रीय मॉडल, जिसमें सौरमंडल संकेंद्रित था और पृथ्वी केंद्र पर थी, के स्पष्ट खंडन करने के प्रथम अवलोकनों में से था।Anonymous Galileo: the Telescope & the Laws of Dynamics Astronomy 161; The Solar System Department Physics & Astronomy, University of Tennessee http://csep10.phys.utk.edu/astr161/lect/history/galileo.html 20 जून 2006 https://www.webcitation.org/6EB7Q5PVo?url=http://csep10.phys.utk.edu/astr161/lect/history/galileo.html 4 फ़रवरी 2013 dead शुक्र के वायुमंडल की खोज 1761 में रूसी बहुश्रुत मिखाइल लोमोनोसोव द्वारा हुई थी।Marov Mikhail Ya. D.W. Kurtz Mikhail Lomonosov and the discovery of the atmosphere of Venus during the 1761 transit Proceedings of IAU Colloquium No. 196 Preston, U.K. http://adsabs.harvard.edu/abs/2005tvnv.conf..209M 2004 209–219 Cambridge University Press 10.1017/S1743921305001390 20 मई 2013 https://web.archive.org/web/20151106160552/http://adsabs.harvard.edu/abs/2005tvnv.conf..209M 6 नवंबर 2015 livehttp://www.britannica.com/eb/article-9048817/Mikhail-Vasilyevich-Lomonosov Britannica online encyclopedia Encyclopædia Britannica, Inc Mikhail Vasilyevich Lomonosov 12 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20080725172753/http://www.britannica.com/eb/article-9048817/Mikhail-Vasilyevich-Lomonosov 25 जुलाई 2008 live शुक्र के वायुमंडल का अवलोकन 1790 में जर्मन खगोलशास्त्री योहान श्रोटर द्वारा हुआ था। श्रॉटर ने पाया कि ग्रह जब एक पतला अर्द्धचंद्र था, कटोरी 180° से अधिक तक विस्तारित हुई। उन्होने सही अनुमान लगाया कि यह घने वातावरण में सूर्य प्रकाश के बिखरने की वजह से था। बाद में, जब ग्रह अवर संयोजन पर था, अमेरिकी खगोलशास्त्री चेस्टर स्मिथ लीमन ने इसके अंधकार तरफ वाले हिस्से के इर्दगिर्द एक पूर्ण छल्ले का निरिक्षण किया और इसने वायुमंडल के लिए प्रमाण प्रदान किये।Russell H. N. 1899 The Atmosphere of Venus https://archive.org/details/sim_astrophysical-journal_1899-05_9_5/page/284 Astrophysical Journal 9 284–299 10.1086/140593 1899ApJ.....9..284R The atmosphere complicated efforts to determine a rotation period for the planet, and observers such as Italian-born astronomer Giovanni Cassini and Schröter incorrectly estimated periods of about 24 hours from the motions of markings on the planet's apparent surface.Hussey T. 1832 On the Rotation of Venus Monthly Notices of the Royal Astronomical Society 2 78–126 1832MNRAS...2...78H भू-आधारित अनुसंधान thumb|पृथ्वी से शुक्र का आधुनिक दूरबीन दृश्य। 20 वीं सदी तक शुक्र के बारे में थोड़ी बहुत और खोज हुई थी। इसकी करीब-करीब आकृतिहीन डीस्क ने कोई सुराग नहीं दिया कि इसकी सतह आखिर किस तरह की हो सकती है। इसके और अधिक रहस्यों का पर्दाफास, स्पेक्ट्रोस्कोपी, रडार और पराबैंगनी प्रेक्षणों के विकास के साथ ही हुआ। पहले पराबैंगनी प्रेक्षण 1920 के दशक में किए गए जब फ्रैंक ई रॉस ने पाया कि पराबैंगनी तस्वीरों ने काफी विस्तृत ब्योरा दिखाया जो दृश्य और अवरक्त विकिरण में अनुपस्थित था। उन्होने सुझाव दिया ऐसा निचले पीले वातावरण के साथ उसके उपर के पक्षाभ मेघ के अत्यधिक घनेपन की वजह से था।Ross F. E. 1928 Photographs of Venus 68–92 Astrophysical Journal 57 10.1086/143130 1928ApJ....68...57R 1900 के दशक में स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रेक्षणों ने शुक्र के घूर्णन के बारे में पहला सुराग दिया। वेस्टो स्लिफर ने शुक्र से निकले प्रकाश के डॉप्लर शिफ्ट को मापने की कोशिश की, लेकिन पाया कि वह किसी भी घूर्णन का पता नहीं लगा सके। उन्होने अनुमान लगाया ग्रह की एक बहुत लंबी घूर्णन अवधि होनी चाहिए।Slipher V. M. 1903 A Spectrographic Investigation of the Rotation Velocity of Venus Astronomische Nachrichten 163 3–4 35 1903AN....163...35S 10.1002/asna.19031630303 1950 के दशक में बाद के कार्य ने दिखाया कि घूर्णन प्रतिगामी था। शुक्र के रडार प्रेक्षण सर्वप्रथम 1960 के दशक में किए गए थे, इसने घूर्णन अवधि की पहली माप प्रदान की, जो आधुनिक मान के करीब थी।Goldstein, R. M.; Carpenter, R. L. 1963 Rotation of Venus: Period Estimated from Radar Measurements https://archive.org/details/sim_science_1963-03-08_139_3558/page/910 Science 139 910–911 10.1126/science.139.3558.910 17743054 3558 1963Sci...139..910G 1970 के दशक में रडार प्रेक्षणों ने पहली बार शुक्र की सतह को विस्तृत रूप से उजागर किया। एरेसिबो वेधशाला पर 300 मीटर की रेडियो दूरबीन का प्रयोग कर ग्रह पर रेडियो तरंगों के स्पंदन प्रसारित किए गए और गूँज ने अल्फा और बीटा क्षेत्रों से नामित दो अत्यधिक परावर्तक क्षेत्रों का पता लगाया। प्रेक्षणों ने पर्वतों के लिए उत्तरदायी ठहराये गए एक उज्ज्वल क्षेत्र भी पता लगाया, इसे मैक्सवेल मोंटेस कहा गया था।Campbell, D. B.; Dyce, R. B.; Pettengill G. H. 1976 New radar image of Venus https://archive.org/details/sim_science_1976-09-17_193_4258/page/n83 Science 193 10.1126/science.193.4258.1123 1123–1124 17792750 4258 1976Sci...193.1123C शुक्र पर अब अकेली केवल यह तीन ही भूआकृतियां है जिसके महिला नाम नहीं है।Carolynn Young August 1990 Chapter 8, What's in a Name? The Magellan Venus Explorer's Guide NASA/JPL http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/guide8.html 21 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20161204023231/http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/guide8.html 4 दिसंबर 2016 dead अंवेषण आरंभिक प्रयास thumb|मेरिनर 2,1962 में प्रक्षेपित शुक्र के लिए, वैसे ही किसी भी अन्य ग्रह के लिए, पहला रोबोटिक अन्तरिक्ष यान मिशन, 12 फ़रवरी 1961 को वेनेरा 1 यान के प्रक्षेपण के साथ आरंभ हुआ। सोवियत वेनेरा कार्यक्रम अन्तर्गत यह पहला यान था। वेनेरा 1 ने मिशन के सातवे दिन सम्पर्क खो दिया, तब वह पृथ्वी से 20 लाख किमी की दूरी पर था।Don Mitchell 2003 The Soviet Exploration of Venus Inventing The Interplanetary Probe http://www.mentallandscape.com/V_OKB1.htm 27 दिसंबर 2007 https://web.archive.org/web/20181012053708/http://mentallandscape.com/V_OKB1.htm 12 अक्तूबर 2018 dead शुक्र के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका का अन्वेषण भी प्रक्षेपण स्थल पर ही मेरिनर 1 यान को खोने के साथ बुरे हाल मे शुरू हुआ। पर इसके अनुवर्ती मेरिनर 2 ने सफलता पाई। 14 दिसम्बर 1962 को अपने 109-दिवसीय कक्षांतरण के साथ ही यह शुक्र की धरती से 34,883 किमी उपर से गुजरने वाला दुनिया का पहला सफलतम अन्तर्ग्रहीय मिशन बन गया। इसके माइक्रोवेव और इन्फ्रारेड रेडियोमीटर से पता चला कि शुक्र के सबसे उपरी बादल शांत थे जबकि पूर्व के भू-आधारित मापनो ने शुक्र की सतह के तापमान को अत्यधिक गर्म (425० सेन्टीग्रेड) होने की पुष्टि की है,Mayer, McCullough, and Sloanaker Observations of Venus at 3.15-cm Wave Length https://archive.org/details/sim_astrophysical-journal_1958-01_127_1/page/1 The Astrophysical Journal 1958 January 1958ApJ...127....1M McCullough Sloanaker 127 1 Astrophysical Journal 10.1086/146433 और आखिरकार यह उम्मीद भी खत्म हो गई कि यह ग्रह भूमि-आधारित जीवन का ठिकाना हो सकता है। मेरिनर 2 ने शुक्र के द्रव्यमान और खगोलीय दूरी को और बेहतर प्राप्त किया, पर वह चुंबकीय क्षेत्र या विकिरण बेल्ट का पता लगाने में असमर्थ था।Jet Propulsion Laboratory Mariner-Venus 1962 Final Project Report NASA 1962 SP-59 http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19660005413_1966005413.pdf PDF 2 अप्रैल 2013 https://web.archive.org/web/20140211144532/http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19660005413_1966005413.pdf 11 फ़रवरी 2014 live वायुमंडलीय प्रवेश thumb|right|पायोनियर, शुक्र का बहु-यान सोवियत वेनेरा 3 यान 1 मार्च 1966 को शुक्र पर उतरते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया | वायुमंडल मे प्रवेश करने वाली और किसी अन्य ग्रह की सतह से टकराने वाली यह पहली मानव-निर्मित वस्तु थी | भले ही इसकी संचार प्रणाली विफल हो गई पर इससे पहले यह तमाम ग्रहीय डेटा को प्रेषित करने में सक्षम था | Don Mitchell 2003 The Soviet Exploration of Venus Plumbing the Atmosphere of Venus http://www.mentallandscape.com/V_Lavochkin1.htm 27 दिसंबर 2007 https://web.archive.org/web/20180930201301/http://mentallandscape.com/V_Lavochkin1.htm 30 सितंबर 2018 live 18 अक्टूबर 1967 को वेनेरा 4 ने सफलतापूर्वक वायुमंडल में प्रवेश किया और अनेको वैज्ञानिक उपकरणो को तैनात किया | वेनेरा 4 ने सतह के तापमान को मेरिनर 2 द्वारा मापे गए लगभग 500० C अधिकतम से भी ज्यादा बताया और वायुमंडल को लगभग 90 से 95% कार्बन डाइऑक्साइड का होना दिखाया | वेनेरा 4 के रचनाकारो द्वारा लगाये गए अनुमानो की तुलना मे शुक्र का वायुमंडल काफी घना था | इसने पैराशुट को उतरने के तयशुदा समय की तुलना मे धीमा कर दिया | इसका मतलब था सतह तक पहुंचने से पहले यान की बैटरियो का मन्द हो जाना | 93 मिनट तक अवतरण डेटा प्रेषित करने के बाद, 24.96 किमी की ऊचाई पर वेनेरा 4 की दबाव की अंतिम रीडिंग 18 बार थी | एक दिन बाद 19 अक्टूबर 1967 को मेरिनर 5 ने बादलों के शीर्ष से 4000 किमी से कम की ऊंचाई पर एक गुजारें का आयोजन किया | दरअसल मेरिनर 5 को मूल रूप से मंगल से जुडे मेरिनर 4 के लिए एक बैकअप के रूप में बनाया गया था | लेकिन जब मिशन सफल रहा तो यान को शुक्र मिशन के लिए तब्दील कर दिया गया | इसके उपकरणों के जोडे मेरिनर 2 पर की तुलना में अधिक संवेदनशील थे। विशेष रूप में इसके रेडियो प्रच्छादन प्रयोग ने शुक्र के वायुमंडल की संरचना, दबाव और घनत्व के डेटा प्रेषित किए।Eshleman, V.; Fjeldbo, G. The atmosphere of Venus as studied with the Mariner 5 dual radio-frequency occultation experiment NASA 1969 SU-SEL-69-003 http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19690011426_1969011426.pdf PDF 1969RaSc....4..879F Eshleman 4 879 Radio Science 10.1029/RS004i010p00879 10 3 अप्रैल 2013 https://web.archive.org/web/20131203005631/http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19690011426_1969011426.pdf 3 दिसंबर 2013 live वेनेरा 4-मेरिनर 5 के संयुक्त डेटा का एक संयुक्त सोवियत-अमेरिकी विज्ञान दल द्वारा औपचारिक वार्तालाप की एक श्रृंखला में अगले वर्ष भर में विश्लेषण किया गया।Report on the Activities of the COSPAR Working Group VII 94 11–24 मई 1969 Prague, Czechoslovakia Preliminary Report, COSPAR Twelfth Plenary Meeting and Tenth International Space Science Symposium National Academy of Sciences यह अंतरिक्ष सहयोग का एक प्रारंभिक उदाहरण है।Sagdeev, Roald; Eisenhower, Susan 28 मई 2008 United States-Soviet Space Cooperation during the Cold War http://www.nasa.gov/50th/50th_magazine/coldWarCoOp.html 19 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20181225032051/https://www.nasa.gov/50th/50th_magazine/coldWarCoOp.html 25 दिसंबर 2018 live वेनेरा 4 से सीखे सबक के बाद सोवियत यूनियन ने जनवरी 1969 को एक पांच दिवसीय अंतराल मे जुडवें यान वेनेरा 5 और वेनेरा 6 को प्रक्षेपित किया। शुक्र से इनका सामना उसी साल एक दिन के आड़ में 16 व 17 मई को हुआ। यान के कुचलने की दाब सीमा को बढ़ाकर 25 बार तक सुदृढ़ किया गया और एक तेज अवतरण प्राप्त करने के लिए छोटे पैराशूट के साथ सुसज्जित किया गया। बाद के, शुक्र के हाल के वायुमंडलीय मॉडलों ने सतह के दबाव को 75 और 100 बार के बीच होने का सुझाव दिया था। इसलिए इन यानों के सतह पर जीवित बचे रहने की कोई उम्मीद नहीं थी | 50 मिनट के एक छोटे अंतराल का वायुमंडलीय डेटा प्रेषित करने के बाद दोंनों यान शुक्र के रात्रि पक्ष की सतह पर टकराने से पहले तकरीबन 20 किमी की ऊंचाई पर तबाह हो गए। भूतल और वायुमंडलीय विज्ञान thumb|alt=A stubby barrel-shaped spacecraft is depicted in orbit above Venus. A small dish antenna is located at the centre of one of its end faces|पायनियर वीनस ऑर्बिटर वेनेरा 7 को ग्रह के सतह से निकले डेटा को वापस लाने के प्रयास के लिए पेश किया गया। इसे 180 बार के दबाव को बर्दाश्त करने में सक्षम एक मजबूत अवतरण मॉड्यूल के साथ निर्मित किया गया था। मॉड्यूल को प्रवेश से पहले ठंडा किया गया, साथ ही 35 मिनट के तेज अवतरण के लिए इसे एक विशेष रूप से समेटने वाले पैराशूट के साथ लैस किया गया था। 15 दिसम्बर 1970 को यह वायुमंडल में प्रवेश करता रहा, जबकि माना गया है पैराशूट आंशिक रूप से फट गया और प्रोब ने सतह को एक जोर की टक्कर मारी, पर घातक नहीं। शायद यह अपनी जगह पर झुक गया, कुछ कमजोर संकेत प्रेषित किये और 23 मिनट के लिए तापमान डेटा की आपूर्ति की जो किसी अन्य ग्रह की सतह से प्राप्त की गई पहली दूरमिति थी। वेनेरा 8 के साथ वेनेरा कार्यक्रम जारी रहा | इसने 22 जुलाई 1972 को वायुमंडल मे प्रवेश करने के बाद 50 मीनट तक सतह से आंकडे भेजे | वेनेरा 9 ने 22 अक्टूबर 1975 को वायुमंडल में प्रवेश किया | जबकि वेनेरा 10 ने इसके ठीक तीन दिन बाद 25 अक्टूबर को वायुमंडल में प्रवेश कर शुक्र के परिदृश्य की पहली तस्वीरें भेजी | दोंनों ही यानों ने अपने अवतरण स्थलों के आसपास के तत्कालिक एकदम अलग ही परिदृश्य प्रस्तुत किये। वेनेरा 9 एक 20 डिग्री की ऐसी ढलान पर उतरा था जहां चारों ओर 30-40 सेमी के पत्थर बिखरे हुए थे | वेनेरा 10 ने मौसमी सामग्री सहित बेसाल्ट-प्रकार के बेतरतीब शिलाखंडों को दिखाया।Don Mitchell The Soviet Exploration of Venus First Pictures of the Surface of Venus 2003 http://www.mentallandscape.com/V_Lavochkin2.htm 27 दिसंबर 2007 https://web.archive.org/web/20181001195453/http://mentallandscape.com/V_Lavochkin2.htm 1 अक्तूबर 2018 dead इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने मेरिनर 10 को उस गुरुत्वीय गुलेल प्रक्षेपवक्र पर भेजा जिसकी राह शुक्र से होकर बुध ग्रह की ओर जाती थी। 5 फ़रवरी 1974 को मेरिनर 10 शुक्र से 5,790 किमी नजदीक से गुजरा और 4,000 से ज्यादा तस्वीरों के साथ वापस लौटा। इसने तब की सबसे अच्छी तस्वीरें हासिल की थी जिसमें दृश्य प्रकाश में शुक्र को लगभग आकृतिहीन दिखाया गया था। लेकिन पराबैंगनी प्रकाश ने बादलों को विस्तार मे दिखाया जिसे पृथ्वी-आधारित अवलोकनों ने पहले कभी नहीं दिखाया था।Dunne, J.; Burgess, E. The Voyage of Mariner 10 NASA 1978 SP-424 http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19780019203_1978019203.pdf PDF 12 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20131203005518/http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19780019203_1978019203.pdf 3 दिसंबर 2013 live अमेरिकी पायनियर वीनस परियोजना ने दो अलग-अलग अभियानों को शामिल किया था।Colin, L.; Hall, C. 1977 The Pioneer Venus Program https://archive.org/details/space-science-review_1977-05_20_3/page/283 20 3 283–306 Space Science Reviews 1977SSRv...20..283C 10.1007/BF02186467 पायनियर वीनस ऑर्बिटर को 4 दिसम्बर 1978 को शुक्र के आसपास की एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में स्थापित गया था। यह 13 साल से अधिक समय तक वहां बना रहा। इसने रडार के साथ सतह की नाप-जोख की तथा वायुमंडल का अध्ययन किया। पायनियर वीनस मल्टीप्रोब ने कुल चार जांच-यान छोडे जिसने 9 दिसम्बर 1978 को वायुमंडल में प्रवेश किया और इसकी संरचना, हवाओं और ऊष्मा अपशिष्टों पर डेटा प्रेषित किया।David R. Williams 6 जनवरी 2005 Pioneer Venus Project Information NASA Goddard Space Flight Center http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/pioneer_venus.html 19 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20190515084212/https://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/pioneer_venus.html 15 मई 2019 live अगले चार वर्षों में चार और वेनेरा लैंडर मिशनों ने अपनी जगह ले ली। जिनमें से वेनेरा 11 और वेनेरा 12 ने शुक्र के विद्युतीय तुफानों का पता लगायाDon Mitchell 2003 The Soviet Exploration of Venus Drilling into the Surface of Venus http://www.mentallandscape.com/V_Venera11.htm 27 दिसंबर 2007 https://web.archive.org/web/20190110031441/http://mentallandscape.com/V_Venera11.htm 10 जनवरी 2019 live तथा वेनेरा 13 और वेनेरा 14, चार दिनों की आड में 1 और 5 मार्च 1982 को नीचे उतरे और सतह की पहली रंगीन तस्वीरें भेजी। सभी चार मिशनों को ऊपरी वायुमंडल में गतिरोध के लिए पैराशूट के साथ तैनात किया गया था, लेकिन 50 किमी की ऊंचाई पर उनको मुक्त कर दिया गया, क्योंकि शुक्र का घना निचला वायुमंडल बिना किसी अतिरिक्त साधन के आरामदायक अवतरण के लिए पर्याप्त घर्षण प्रदान करता है। वेनेरा 13 और 14 दोनों ने एक्स-रे प्रतिदीप्ति स्पेक्ट्रोमीटर के साथ ऑन-बोर्ड मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण किया और प्रविष्ठी टक्कर के साथ की मिट्टी की संपीडता मापने का प्रयास किया। वेनेरा 14 ने, हालांकि, खुद से अलग हो चुके अपने ही कैमरें के लेंस का ढक्कन गिरा दिया और इसकी प्रविष्ठी मिट्टी को छुने मे विफल रही। अक्टूबर 1983 में वेनेरा कार्यक्रम को बंद करने का तब समय आ गया, जब वेनेरा 15 और वेनेरा 16 को सिंथेटिक एपर्चर रडार के साथ शुक्र के इलाकों के मानचित्रण संचालन के लिए कक्षा में स्थापित किया गया।Greeley Ronald Batson, Raymond M. 2007 Planetary Mapping 47 Cambridge University Press 978-0-521-03373-2 http://books.google.com/?id=ztodv66A1VsC&pg=PA47 19 जुलाई 2009 1985 में सोवियत संघ ने, शुक्र और उसी वर्ष अंदरुनी सौरमंडल से होकर गुजर रहे हैली धूमकेतु, से मिले अवसर का संयुक्त अभियानों से भरपूर फायदा उठाया। 11 और 15 जून 1985 को हैली के पडने वाले रास्ते पर वेगा कार्यक्रम के दो अंतरिक्ष यानों से वेनेरा-शैली की एक-एक प्रविष्ठी गिराइ गई (जिसमें वेगा 1 आंशिक रूप से असफल रहा) और उपरी वायुमंडल के भीतर एक गुब्बारा-समर्थित एयरोबोट छोडा गया। गुब्बारों ने 53 किमी के करीब एक संतुलित ऊंचाई हासिल की, जहां दबाव और तापमान तुलनात्मक रूप से पृथ्वी की सतह पर जितना होता हैं। दोनों तकरीबन 46 घंटों के लिए परिचालन बने रहे और शुक्र के वातावरण को पूर्व धारणा से ज्यादा अशांत पाया | यहां अशांत वातावरण का तात्पर्य उच्च हवाओं और शक्तिशाली संवहन कक्षों से है।Linkin, V.; Blamont, J.; Preston, R. The Vega Venus Balloon experiment Bulletin of the American Astronomical Society 1985 17 722 1985BAAS...17..722L The VEGA Venus Balloon Experiment https://archive.org/details/sim_science_1986-03-21_231_4744/page/n67 Sagdeev, R. Z.; Linkin, V. M.; Blamont, J. E.; Preston, R. A. Science 231 1407–1408 1986 10.1126/science.231.4744.1407 17748079 4744 1696342 1986Sci...231.1407S रडार मानचित्रण thumb|शुक्र का मैगलन रडार स्थलाकृतिक नक्शा (कृत्रिम रंग) प्रारंभिक भू-आधारित रडार ने सतह की एक बुनियादी समझ प्रदान की। पायनियर वीनस और वेनेरा ने बेहतर समाधान प्रदान किये। संयुक्त राज्य अमेरिका के मैगलन यान को रडार से शुक्र के सतही मानचित्रण के लिए एक मिशन के साथ 4 मई 1989 को प्रक्षेपित किया गया था। अपने 4½ वर्षीय कार्यकलापों के दरम्यान प्राप्त की गई उच्च-स्पष्टता की तस्वीरें पूर्व के सभी नक्शों से काफी आगे निकल गई और यह अन्य ग्रहों की दृश्य प्रकाश तस्वीरों के बराबर थी। मैगलन ने रडार द्वारा शुक्र की 98% से अधिक भूमी को प्रतिबिंबित किया,Lyons, Daniel T.; Saunders, R. Stephen; Griffith, Douglas G. The Magellan Venus mapping mission: Aerobraking operations Acta Astronautica 35 9–11 मई–June 1995 669–676 10.1016/0094-5765(95)00032-U और उसके 95% गुरूत्व क्षेत्र को प्रतिचित्रित किया। 1994 में अपने मिशन के अंत में, मैगलन को शुक्र के घनत्व के अंदाज के लिए वायुमंडल में तबाह होने भेज दिया गया था।Magellan begins termination activities JPL Universe 9 सितंबर 1994 http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/status940909.html 30 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20161203084847/http://www2.jpl.nasa.gov/magellan/status940909.html 3 दिसंबर 2016 dead शुक्र ग्रह को गैलिलियो और कैसिनी अंतरिक्ष यान द्वारा बाहरी ग्रहों के लिए अपने संबंधित मिशनों के गुजारे के दौरान अवलोकित किया गया है। लेकिन मैगलन एक दशक से भी ज्यादा तक के लिए शुक्र का अंतिम समर्पित मिशन बन गया।Michel Van Pelt 2006 Space invaders: how robotic spacecraft explore the Solar System https://archive.org/details/spaceinvadershow00pelt 186–189 स्प्रिंगर 0-387-33232-4Davis, Andrew M.; Holland, Heinrich D.; Turekian, Karl K. Meteorites, comets, and planets 489 Elsevier 2005 0-08-044720-1 वर्तमान और भविष्य के मिशन नासा के बुध के मेसेंजर मिशन ने अक्टूबर 2006 और जून 2007 में शुक्र के लिए दो फ्लाईबाई का आयोजन किया। धीमा करने के लिए इसके प्रक्षेपवक्र का मार्च 2011 में बुध की एक संभावित कक्षा में समावेश हुआ | मेसेंजर ने उन दोनों फ्लाईबाई पर वैज्ञानिक डेटा एकत्र किया।Timeline MESSENGER http://messenger.jhuapl.edu/the_mission/MESSENGERTimeline/TimeLine_content.html 9 फ़रवरी 2008 https://web.archive.org/web/20130513092921/http://messenger.jhuapl.edu/the_mission/MESSENGERTimeline/TimeLine_content.html 13 मई 2013 dead वीनस एक्सप्रेस प्रोब यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया था। इसे स्टारसेम के माध्यम से प्राप्त एक रूसी सोयुज-फ्रेगट रॉकेट द्वारा 9 नवम्बर 2005 को प्रमोचित किया गया। 11 अप्रैल 2006 को इसने सफलतापूर्वक शुक्र के इर्दगिर्द एक ध्रुवीय कक्षा ग्रहण की।Venus Express ESA Portal European Space Agency http://www.esa.int/SPECIALS/Venus_Express/index.html 9 फ़रवरी 2008 https://web.archive.org/web/20121207174741/http://www.esa.int/SPECIALS/Venus_Express/index.html 7 दिसंबर 2012 live प्रोब शुक्र के वायुमंडल और बादलों का एक विस्तृत अध्ययन कर रहा है। इसमें ग्रह का प्लाज्मा वातावरण और सतही विशेषताओं, विशेष रूप से तापमान, के मानचित्रण शामिल है। वीनस एक्सप्रेस से उजागर प्राथमिक परिणामों से एक यह खोज है कि विशाल दोहरा वायुमंडलीय भंवर ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद है। thumb| कला अवधारणा : नासा द्वारा तैयार एक वीनस रोवरG. A. Landis, "Robotic Exploration of the Surface and Atmosphere of Venus", paper IAC-04-Q.2.A.08, Acta Astronautica, Vol. 59, 7, 517–580 (October 2006). See animation https://web.archive.org/web/20160304070020/http://www.lpi.usra.edu/vexag/may2008/presentations/19Landis.mov 4 मार्च 2016 ]] जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने एक शुक्र परिक्रमा यान अकात्सुकी (औपचारिक रूप से "Planet-C") को तैयार किया, जो 20 मई 2010 को प्रक्षेपित हुआ था, पर यह यान दिसंबर 2010 में कक्षा में प्रवेश करने में असफल रहा | आशाएं अभी बाकी है, क्योंकि यान सफलतापूर्वक सीतनिद्रा में है और छह साल में एक और प्रविष्टि का प्रयास कर सकता है। नियोजित जांच-पड़ताल ने बिजली की उपस्थिति की पुष्टि हेतू सतही प्रतिचित्रण के लिए डिजाइन किया गया एक इंफ्रारेड कैमरा और उपकरणों को, साथ ही वर्तमान भूपटल के ज्वालामुखीकरण के अस्तित्व के निर्धारण को, शामिल किया है।Venus Climate Orbiter "PLANET-C" JAXA http://www.jaxa.jp/projects/sat/planet_c/index_e.html 9 फ़रवरी 2008 https://www.webcitation.org/66pe8RvRF?url=http://www.jaxa.jp/projects/sat/planet_c/index_e.html 11 अप्रैल 2012 live यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी को 2014 में बुध के लिए एक बेपिकोलम्बो नामक मिशन शुरू करने की उम्मीद है। 2020 में बुध की कक्षा तक पहुंचने से पहले यह शुक्र के लिए दो फ्लाईबाई का प्रदर्शन करेंगे |BepiColombo ESA Spacecraft Operations http://www.esa.int/SPECIALS/Operations/SEMYRMQJNVE_0.html 9 फ़रवरी 2008 https://web.archive.org/web/20121018200022/http://www.esa.int/SPECIALS/Operations/SEMYRMQJNVE_0.html 18 अक्तूबर 2012 live नासा ने अपने न्यू फ्रंटियर्स कार्यक्रम के तहत, सतह की स्थिति का अध्ययन करने और regolith के तात्विक और खनिजीय लक्षणों की जांच करने के लिए, शुक्र ग्रह पर उतरने के लिए एक वीनस इन-सीटु एक्सप्लोरर नामक लैंडर मिशन का प्रस्ताव किया है। यह यान, सतह में ड्रिल करने और उन प्राचीन चट्टान के नमूनों के अध्ययन के लिए जो कठोर सतही परिस्थितियों से अपक्षीण नहीं हुए है, के लिए एक कोर सेम्पलर से लैस किया जाएगा। शुक्र का वायुमंडलीय और सतही अन्वेषी मिशन "सर्फेस एंड एटमोस्फेयर जियोकेमिकल एक्सप्लोरल" (SAGE) को 2009 न्यू फ्रंटियर चयन में एक मिशन अध्ययन उम्मीदवार के रूप में नासा द्वारा चुना गया था।http://www.nasa.gov/home/hqnews/2009/dec/HQ_09-296_New_Frontiers_Candidates.html New Frontiers missions 2009 NASA 9 दिसंबर 2011 https://www.webcitation.org/6ATYmOaZM?url=http://www.nasa.gov/home/hqnews/2009/dec/HQ_09-296_New_Frontiers_Candidates.html 6 सितंबर 2012 live लेकिन मिशन को उड़ान के लिए नहीं चुना गया। वेनेरा डी (रूसी: Венера-Д) अन्वेषी शुक्र के लिए एक प्रस्तावित रूसी अंतरिक्ष यान है। इसे शुक्र ग्रह के इर्दगिर्द रिमोट-सेंसिंग प्रेक्षण और एक लैंडर की तैनाती करने के अपने लक्ष्य के साथ 2016 के आसपास छोड़ा जाएगा। यह वेनेरा डिजाइन पर आधारित है। जो ग्रह की धरती पर लंबी अवधि तक जीवित रहने में सक्षम है। अन्य प्रस्तावित शुक्र अन्वेषण अवधारणाओं में रोवर, गुब्बारे और एयरोबोट शामिल हैं।Atmospheric Flight on Venus NASA Glenn Research Center Technical Reports http://gltrs.grc.nasa.gov/Citations.aspx?id=1568 18 सितंबर 2008 https://web.archive.org/web/20110720022756/http://gltrs.grc.nasa.gov/Citations.aspx?id=1568 20 जुलाई 2011 dead मानवयुक्त उड़ान अवधारणा मानव की शुक्र उड़ान एक मानवयुक्त शुक्र फ्लाईबाई मिशन, अपोलो कार्यक्रम हार्डवेयर का प्रयोग कर, 1960 के दशक के अंत में प्रस्तावित किया गया था।Feldman, M. S.; Ferrara, L. A.; Havenstein, P. L.; Volonte, J. E.; Whipple, P. H. Manned Venus Flyby, February 1, 1967 Bellcomm, Inc http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19790072165_1979072165.pdf PDF 1967 20 मई 2013 https://web.archive.org/web/20130524055143/http://ntrs.nasa.gov/archive/nasa/casi.ntrs.nasa.gov/19790072165_1979072165.pdf 24 मई 2013 live मिशन को अक्टूबर के अंत या नवंबर 1973 की शुरुआत में शुरु करने की योजना बनाई गई और तकरीबन एक वर्ष तक चलने वाली इस उड़ान में तीन लोगों को शुक्र के पास भेजने के लिए एक सेटर्न V रॉकेट का प्रयोग किया गया। करीब चार महीने बाद, अंतरिक्ष यान शुक्र की सतह से लगभग 5,000 किलोमीटर की दूरी से गुजर गया। अंतरिक्ष यान समय-सूची यह शुक्र ग्रह को और अधिक बारीकी से अन्वेषण के लिए पृथ्वी से छोड़े गये प्रयासरत और सफल अंतरिक्ष यान की एक सूची है।http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/chronology_venus.html Chronology of Venus Exploration (NASA) 27 अप्रैल 2013 https://web.archive.org/web/20150730111434/http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/chronology_venus.html 30 जुलाई 2015 live शुक्र को पृथ्वी की कक्षा में स्थित हबल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा भी प्रतिबिंबित किया गया है। सूदूर दूरबीन प्रेक्षण शुक्र के बारे में जानकारी का एक अन्य स्रोत है। + नासा गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर द्वारा बनाई गई समय-सूची (2011 तक की) उत्तरदायित्व अभियान प्रक्षेपण तत्व और परिणाम नोट्स USSR USSR स्पुटनिक 7 1961 2 4 सम्पर्क (प्रयास किया) USSR USSR वेनेरा 1 1961 2 12 फ्लाईबाई (सम्पर्क खोया) USA USA मेरिनर 1 1962 7 22 फ्लाईबाई (प्रक्षेपण विफल) USSR USSR स्पुटनिक 19 1962 8 25 फ्लाईबाई (प्रयास किया) USA USA मेरिनर 2 1962 8 27 फ्लाईबाई USSR USSR स्पुटनिक 20 1962 9 1 फ्लाईबाई (प्रयास किया) USSR USSR स्पुटनिक 21 1962 9 12 फ्लाईबाई (प्रयास किया) USSR USSR कॉसमॉस 21 1963 11 11 Attempted Venera test flight? USSR USSR वेनेरा 1964A 1964 2 19 फ्लाईबाई (प्रक्षेपण विफल) USSR USSR वेनेरा 1964B 1964 3 1 फ्लाईबाई (प्रक्षेपण विफल) USSR USSR कॉसमॉस 27 1964 3 27 फ्लाईबाई (प्रयास किया) USSR USSR ज़ोंड 1 1964 4 2 फ्लाईबाई (सम्पर्क खोया) USSR USSR वेनेरा 2 1965 11 12 फ्लाईबाई (सम्पर्क खोया) USSR USSR वेनेरा 3 1965 11 16 लैंडर (सम्पर्क खोया) USSR USSR कॉसमॉस 96 1965 11 23 लैंडर (प्रयास किया ?) USSR USSR वेनेरा 1965A 1965 11 23 फ्लाईबाई (प्रक्षेपण विफल) USSR USSR वेनेरा 4 1967 6 12 प्रोब USA USA मेरिनर 5 1967 6 14 फ्लाईबाई USSR USSR कॉसमॉस 167 1967 6 17 प्रोब (प्रयास किया) USSR USSR वेनेरा 5 1969 1 5 प्रोब USSR USSR वेनेरा 6 1969 1 10 प्रोब USSR USSR वेनेरा 7 1970 8 17 लैंडर USSR USSR कॉसमॉस 359 1970 8 22 प्रोब (प्रयास किया) USSR USSR वेनेरा 8 1972 3 27 प्रोब USSR USSR कॉसमॉस 482 1972 3 31 प्रोब (प्रयास किया) USA USA मेरिनर 10 1973 11 4 फ्लाईबाई बुध फ्लाईबाई USSR USSR वेनेरा 9 1975 6 8 ऑर्बिटर और लैंडर USSR USSR वेनेरा 10 1975 6 14 ऑर्बिटर और लैंडर USA USA पायनियर वीनस 1 1978 5 20 ऑर्बिटर USA USA पायनियर वीनस 2 1978 8 8 प्रोब USSR USSR वेनेरा 11 1978 9 9 फ्लाईबाई बस और लैंडर USSR USSR वेनेरा 12 1978 9 14 फ्लाईबाई बस और लैंडर USSR USSR वेनेरा 13 1981 10 30 फ्लाईबाई बस और लैंडर USSR USSR वेनेरा 14 1981 11 4 फ्लाईबाई बस और लैंडर USSR USSR वेनेरा 15 1983 6 2 ऑर्बिटर USSR USSR वेनेरा 16 1983 6 7 ऑर्बिटर USSR USSR वेगा 1 1984 12 15 लैंडर और गुब्बारा हैली धूमकेतु फ्लाईबाई USSR USSR वेगा 2 1984 12 21 लैंडर और गुब्बारा हैली धूमकेतु फ्लाईबाई USA USA मैगलन 1989 5 4 ऑर्बिटर USA USA गैलिलियो 1989 10 18 फ्लाईबाई बृहस्पति ऑर्बिटर/प्रोब USA USA कैसीनी 1997 10 15 फ्लाईबाई शनि ऑर्बिटर USA USA मेसेंजर 2004 8 3 फ्लाईबाई (x2) बुध ऑर्बिटर ESA वीनस एक्सप्रेस 2005 11 9 ऑर्बिटर JPN JPN अकात्सुकी 2010 12 7 ऑर्बिटर (प्रयास किया) 2016 में प्रयास संभावित ESA JPN JPN बेपिकोलम्बो 2014 7 फ्लाईबाई (x2, योजना बनी) बुध ऑर्बिटर की योजना औपनिवेशीकरण शुक्र का औपनिवेशीकरण अपने बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण शुक्र की धरती पर उपनिवेश मौजूदा प्रौद्योगिकी के बस के बाहर है। हालांकि, सतह से लगभग पचास किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दबाव और तापमान पृथ्वी की सतह पर जितना ही हैं। शुक्र के वायुमंडल में वायु (नाइट्रोजन और ऑक्सीजन) एक हल्की गैस होगी जो अधिकांशतः कार्बन डाइऑक्साइड है। इसने शुक्र के वायुमंडल में व्यापक "अस्थायी शहरों" के प्रस्तावों के लिए प्रेरित किया है।Geoffrey A. Landis http://link.aip.org/link/?APCPCS/654/1193/1 Colonization of Venus AIP Conference Proceedings 654 1 1193–1198 10.1063/1.1541418 2003 15 जून 2020 https://archive.today/20120711103532/http://link.aip.org/link/?APCPCS/654/1193/1 11 जुलाई 2012 dead एयरोस्टेट (हवा के गुब्बारे से भी हल्का) को प्रारंभिक अन्वेषण के लिए एवं अंतिम रूप से स्थायी बस्तियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कई इंजीनियरिंग चुनौतियों में से एक इन ऊंचाइयों पर सल्फ्यूरिक एसिड की खतरनाक मात्रा हैं। सन्दर्भ 3 श्रेणी:शुक्र ग्रह श्रेणी:सौर मंडल के ग्रह श्रेणी:ग्रह श्रेणी:खगोलशास्त्र