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प्राकृतिक इतिहास (प्लिनी)

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प्राकृतिक इतिहास (Naturalis Historia) First page from the Editio Princeps of the Pliny's "Historia Naturalis".jpg प्लिनी द एल्डर द्वारा लिखित 'नेचुरल हिस्ट्री' की एक पुरानी मुद्रित पांडुलिपि का मुख्य पृष्ठ 15वीं शताब्दी में इटली में मुद्रित 'प्राकृतिक इतिहास' की एक ऐतिहासिक प्रति प्लिनी द एल्डर लैटिन प्रकृति, विज्ञान, भूगोल, कला और मानव इतिहास विश्वकोश लगभग 77–79 ईसवी प्राकृतिक इतिहास, प्राचीन रोमन सेनापति, लेखक और दार्शनिक प्लिनी द एल्डर द्वारा रचित एक अत्यंत विशाल और ऐतिहासिक विश्वकोश है।https://www.britannica.com/topic/Natural-History-encyclopaedia-by-Pliny-the-Elder Natural History: encyclopaedia by Pliny the Elder Encyclopedia Britannica लगभग 77 से 79 ईसवी के बीच लैटिन भाषा में लिखी गई यह कृति, रोमन साम्राज्य से आधुनिक काल तक पूर्ण रूप से जीवित रहने वाली सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण साहित्यिक रचनाओं में से एक है। इस ग्रंथ में प्राचीन काल के रोमन और यूनानी ज्ञान का संपूर्ण निचोड़ प्रस्तुत किया गया है। प्लिनी की यह महान रचना कुल 37 पुस्तकों (खंडों) में विभाजित है, जिसमें मानव जीवन और प्रकृति से जुड़े लगभग हर विषय को शामिल किया गया है। इस ग्रंथ में खगोल विज्ञान, गणित, भूगोल, मानव विज्ञान, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कृषि, औषध विज्ञान (फार्माकोलॉजी), खनिज विज्ञान और कला के इतिहास का विस्तृत व व्यवस्थित वर्णन मिलता है।https://www.worldhistory.org/Naturalis_Historia/ Pliny the Elder's Naturalis Historia World History Encyclopedia प्लिनी ने स्वयं यह दावा किया था कि इस विश्वकोश को तैयार करने के लिए उन्होंने 100 से अधिक विभिन्न लेखकों की लगभग 2,000 से अधिक पुस्तकों का अध्ययन किया और उनमें से 20,000 से अधिक महत्वपूर्ण तथ्यों को इस एक ग्रंथ में संकलित किया। यह कृति रोमन सम्राट टाइटस को समर्पित की गई थी। इस ग्रंथ की एक विशेष बात यह है कि यह दुनिया के उन शुरुआती विश्वकोशों में से एक है जिसने बाद के यूरोपीय और आधुनिक विश्वकोशों के प्रारूप के लिए एक मानक (मॉडल) स्थापित किया। 79 ईसवी में माउंट विसुवियस ज्वालामुखी के भयंकर विस्फोट के दौरान (जिसमें पोम्पेई शहर नष्ट हो गया था) लोगों को बचाते समय प्लिनी द एल्डर की मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण वे इस रचना को अंतिम रूप से पूर्ण और संशोधित नहीं कर सके।https://penelope.uchicago.edu/Thayer/E/Roman/Texts/Pliny_the_Elder/home.html Pliny the Elder: the Natural History LacusCurtius इसके बावजूद, मध्ययुगीन यूरोप में विज्ञान और चिकित्सा के अध्ययन के लिए 'प्राकृतिक इतिहास' को एक परम प्रामाणिक स्रोत माना जाता था। भारत के प्राचीन इतिहास, विशेषकर रोम और भारत के बीच होने वाले व्यापार और भारतीय मसालों के आयात के ऐतिहासिक विवरणों के लिए आज भी भारतीय इतिहासकार प्लिनी की इसी पुस्तक का प्रमुखता से संदर्भ देते हैं। सन्दर्भ 29em बाहरी कड़ियाँ एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका पर 'प्राकृतिक इतिहास' की जानकारी वर्ल्ड हिस्ट्री एन्साइक्लोपीडिया पर प्लिनी और उनकी रचना का इतिहास लैटिन और अंग्रेजी में 'प्राकृतिक इतिहास' का पूरा अनुवाद (LacusCurtius) श्रेणी:लैटिन साहित्य श्रेणी:रोमन साम्राज्य