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घट
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दक्षिण भारतीय तालवाद्य मिट्टी के बर्तन के लिए घड़ा
अक्टूबर 2026
घट (संस्कृत: घटम्, IAST: ghaṭam, उच्चारण: /ˈɡʱəʈəm/) दक्षिण भारत का एक पारंपरिक ताल वाद्य है, जिसका व्यापक उपयोग कर्नाटक शास्त्रीय संगीत में किया जाता है।घटम
https://bharatdiscovery.org/india/घटम
भारतकोश
15 फ़रवरी 2026 यह मूलतः मिट्टी से बना एक विशेष प्रकार का घड़ा होता है, जिसे हाथों, उंगलियों और हथेलियों से बजाया जाता है। अपनी विशिष्ट ध्वनि और लयात्मक क्षमता के कारण घटम को दक्षिण भारतीय संगीत परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।
thumb|घट – एक भारतीय तालवाद्य
घटम चिकनी मिट्टी से निर्मित एक ठोस वाद्य यंत्र है। तमिलनाडु में पाया जाने वाला यह यंत्र मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत में प्रयुक्त होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत समारोहों में मृदंगम और खंजरी के साथ होता है।घटम
https://www.indianculture.gov.in/hi/musical-instruments/ghana-vaadaya/ghatama
भारतीय संस्कृति
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
15 फ़रवरी 2026
इतिहास
घटम का इतिहास प्राचीन भारतीय संगीत परंपराओं से जुड़ा माना जाता है। यह वाद्य ग्रामीण जीवन में प्रयुक्त साधारण मिट्टी के घड़ों से विकसित हुआ। समय के साथ इसे शास्त्रीय मंचों पर स्थान मिला और यह कर्नाटक संगीत के प्रमुख ताल वाद्यों में सम्मिलित हो गया। 20वीं शताब्दी में कई प्रसिद्ध कलाकारों ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
संरचना और निर्माण
घटम प्रायः विशेष प्रकार की मिट्टी से बनाया जाता है, जिसे कठोरता और ध्वनि-गुणवत्ता के लिए चुना जाता है। कुछ घटमों में धात्विक चूर्ण या अन्य खनिज पदार्थ मिलाए जाते हैं, जिससे इसकी अनुनाद क्षमता बढ़ती है। यह बिना किसी झिल्ली या तार के पूर्णतः ठोस वाद्य है। इसका मुख खुला होता है और कलाकार इसे गोद में रखकर बजाते हैं।
वादक अपनी हथेलियों, उंगलियों, नाखूनों और कभी-कभी कलाई के सहारे विभिन्न ताल और ध्वनियाँ उत्पन्न करते हैं। वादन के दौरान घटम को शरीर से सटाकर या थोड़ा हिलाकर ध्वनि में परिवर्तन भी किया जाता है।
भारतीय शास्त्रीय संगीत में उपयोग
घटम मुख्यतः कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के साथ प्रयुक्त होता है, जहाँ यह मृदंगम, कंजिरा और मोर्सिंग जैसे अन्य ताल वाद्यों के साथ संगति करता है। एकल वादन में भी इसका प्रयोग होता है। लय और ताल की जटिल संरचनाओं को व्यक्त करने में यह वाद्य अत्यंत सक्षम माना जाता है।
आज घटम का उपयोग पारंपरिक मंचों के अतिरिक्त विश्व संगीत और समकालीन प्रस्तुतियों में भी किया जा रहा है।
चित्र दीर्घा
सन्दर्भ
श्रेणी:भारतीय वाद्य यंत्र