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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

बाबू उमानाथ सिंह

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बाबू उमानाथ सिंह १९३६ कोहरा, अवध २०१७ अमेठी भारतीय बाबू साहब, कोहरा नरेश उदय प्रताप कॉलेज, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय हिन्दू द्रौपदी देवी बाबू प्रताप बहादुर सिंह (पिता) प्रोफ़ेसर भारत Babu Umanath Singh of Kohra - June 2024.jpg बाबू उमानाथ सिंह (जन्म: १९३६) अवध की भूतपूर्व कोहरा तालुकदारी के पूर्व उत्तराधिकारी थे।https://www.indianrajputs.com/view/kohra Genealogy of Kohra Rathore Abhinay Rajput Provinces of India en 2023-04-07 वे अवध विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर एवं उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस के संस्थापक सदस्य भी रहे।https://books.google.co.in/books/about/Uttar_Pradesh_History_Congress.html?id=ZTILPAAACAAJ&redir_esc=y Uttar Pradesh History Congress: Proceedings of the I Session, T.N.P.G. College, Tanda, 1985 1986 Uttar Pradesh History Congress en प्रारंभिक जीवन बाबू उमानाथ सिंह का जन्म सन् १९३६ में वर्तमान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की कोहरा तालुकदारी में हुआ। उनके पिता बाबू प्रताप बहादुर सिंह, कोहरा नरेश बाबू बेनी बहादुर सिंह के अनुज थे। बाबू बेनी बहादुर सिंह को कोई पुत्र न होने के कारण उनके भाई बाबू प्रताप बहादुर सिंह कोहरा के उत्तराधिकारी बने।https://m.bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A5%82_%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5_%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9 बाबू उमानाथ सिंह - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर m.bharatdiscovery.org 2024-08-15 बाबू उमानाथ सिंह १८५७ के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायक बाबू भूप सिंह के पांचवें वंशज थे। व्यक्तिगत जीवन बाबू उमानाथ सिंह का विवाह जौनपुर के प्रसिद्ध स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी ठाकुर सीताराम सिंह की पुत्री द्रौपदी देवी से हुआ तथा इनके चार पुत्र हुए: बाबू राघवेन्द्र प्रताप सिंह, कुंवर विजय सिंह, कुंवर डॉ संजय सिंह और कुंवर धनंजय सिंह। शिक्षा बाबू उमानाथ सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से पूर्ण की। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से १९५६ में स्नातक की उपाधि एवं १९५८ में प्राचीन इतिहास विषय में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में उन्होंने १९७० में गोरखपुर विश्वविद्यालय से मध्यकालीन इतिहास विषय में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की। सामाजिक योगदान बाबू उमानाथ सिंह एक समर्पित शिक्षाविद् थे। उन्होंने क्षेत्र की शिक्षा के उन्नयन के लिए अथक प्रयास किए। वह अवध विश्वविद्यालय के मध्यकालीन इतिहास विभाग में प्रोफ़ेसर के पद पर कार्यरत रहे। वह उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस के संस्थापक सदस्य भी रहे। इन्हें भी देखें कोहरा (तालुक) अमेठी सन्दर्भ श्रेणी:1936 में जन्मे लोग श्रेणी:उत्तर प्रदेश के लोग