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ढब्बावाली माता मंदिर, खासरवी

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ढब्बावाली माता मंदिर भारत सांचौर जिला Dhabbawali_mata.jpg राजस्थान में ढब्बावाली माता मंदिर, खासरवी की स्थिति ढब्बावाली माता मंदिर राजस्थान ढब्बावाली माता मंदिर (English: Dhabbawali Mata Temple ) एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है जो राजस्थान के जालौर जिले में स्थित है। इसमें देवी ढब्बावाली मातामहासिद्ध शक्ति माँ ढब्बावाली देवी India, by Shaktidan Maliya. Published by Rajasthani Granthagar Sojati Gate Jodhpur, 2004. Page 48. की मूर्ति स्थापित है। यह साँचोर से ३५ किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में खासरवी में स्थित है।https://hindi.sangritoday.com/this-is-the-temple-of-sanchore-where-fair-is-held-on-every-full-moon-devotees-also-used-to-come-from-pakistan यह हैं सांचौर का वह मंदिर जहाँ हर पूर्णिमा को लगता हैं मेला, पाकिस्तान से भी आते थे श्रद्धालु Rajpurohit Kiran Jun 23, 2022 Sangri Today Jun 27, 2022 राजस्थान की पूज्य भूमि पर एक देवी पीठ जो जिला सांचोर के ग्राम खासरवी की पावन भूमि पर विराजमान हैं।  यह सिद्ध देवी पीठ माँ भगवती ढब्बावाली के नाम से संसार भर में विख्यात हैं।  इस महाशक्ति के दरबार में राजस्थान से लेकर नेपाल तक कामरू से लेकर कश्मीर तक व कश्मीर से कन्याकुमारी तक अनगिनत भक्त और साधक आते हैं। माता ढब्बावाली की प्राचीन मुर्ति काष्ठ की है। " ढब्बाजी कोली ने माताजी के शक्तिपीठ के लिए उन्नत धोरे का चयन किया। ढब्बाजी मा के परम भक्त थे। ढब्बावाली माता मंदिर (English: Dhabbawali Mata Temple ) एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है जो राजस्थान के जालौर जिले में स्थित है। इसमें देवी ढब्बावाली माता[1] की मूर्ति स्थापित है। यह साँचोर से ३५ किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में खासरवी में स्थित है। राजस्थान की पूज्य भूमि पर एक देवी पीठ जो जिला जालोर तहसील सांचोर के ग्राम खासरवी की पावन भूमि पर विराजमान हैं।  यह सिद्ध देवी पीठ माँ भगवती ढब्बावाली के नाम से संसार भर में विख्यात हैं।  इस महाशक्ति के दरबार में राजस्थान से लेकर नेपाल तक कामरू से लेकर कश्मीर तक व कश्मीर से कन्याकुमारी तक अनगिनत भक्त और साधक आते हैं। माता ढब्बावाली की प्राचीन मुर्ति काष्ठ की है। हाल ही में खासरवी स्थित श्री ढब्बा वाली माताजी मंदिर की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया। https://www.patrika.com/jalore-news/dabbawali-mata-s-pran-pratishtha-mahotsav-7510495/ ढब्बावाली माता प्रतिष्ठा : 9 कुंड और 35 जोड़ों ने आहुति देकर बने महोत्सव के साक्षी Dabbawali Mata's Pran Pratishtha Mahotsav 2022-05-04 Patrika News hi-IN 2022-06-23 मेला और खास बात माताजी के इस मंदिर में हर माह की पूर्णिमाhttps://www.marudharbharti.com/this-is-the-temple-of-sanchore-where-a-fair-is-held-on-every-full-moon-day-devotees-used-to-come-from-pakistan-also यह हैं सांचौर का वह मंदिर जहाँ हर पूर्णिमा को लगता हैं मेला,पाकिस्तान से भी आते थे श्रद्धालु 2018-04-07 मरुधर भारती 2018-10-14 https://web.archive.org/web/20181013095058/http://www.marudharbharti.com/state/rajasthan/jalore/this-is-the-temple-of-sanchor-where-every-purnima-seems-to-fair-people-come-from-pakistan 13 अक्तूबर 2018 en-GB dead को मेलाhttps://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pali/jalore/news/dhabwali-mata-temple-prestige-offerings-on-27th-and-28th-march-129560341.html धर्म-समाज:ढब्बावाली माता मंदिर प्रतिष्ठा के चढ़ावे 27 व 28 मार्च को Bhaskar लगता हैं जिसमे हजारों की संख्या में श्रद्धालु माँ के द्वार माथा टेकने आते हैं। यहाँ से जुड़ी एक खास दिलचस्प बात यह हैं कि माताजी को भोग लगाई हुई प्रसाद हम खासरवी क्षेत्र से बाहर नहीं ले जा सकते।https://hindi.talkpedia.in/2016/12/dhabbawali-mata-temple-khasravi.html जानें सांचौर के इस मंदिर से जुड़ी दिलचस्प बात Talk Pedia - टॉक पीडिया https://web.archive.org/web/20190415113652/https://www.talkpedia.info/2016/12/dhabbawali-mata-temple-khasravi.html 15 अप्रैल 2019 2019-09-19 deadhttps://www.bhaskar.com/news/rajasthan-news-khasaravi-dhabavali-temple-until-the-roof-of-the-temple-was-not-built-the-roof-was-not-placed-on-the-houses-100515-4474778.html खासरवी का ढब्बावाली मंदिर: जब तक मंदिर की छत नहीं बनी तक तक घरों पर नहीं डाली थी छत Bhaskar आवागमन मां ढब्ब्वाली के मंदिर तक पहुंचने के लिए सांचौरऔर वेड़िया से बस, जीप व टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं। हर मास की पूर्णिमा को भारी संख्या में लोग यहां पहुंचकर मनौतियां मनाते हैं। यहां तक की आज़ादी से पहले इस मंदिर में पाकिस्तान से भी श्रद्धालु आते थे।https://www.patrika.com/jalore-news/dhabbawali-mata-temple-in-khasarvi-hadecha-jalore-2544986/ आजादी से पहले इस मंदिर में पाकिस्तान से आते थे श्रद्धालु www.patrika.com 2018-10-14 hi-IN https://web.archive.org/web/20181014091627/https://www.patrika.com/jalore-news/dhabbawali-mata-temple-in-khasarvi-hadecha-jalore-2544986/ 14 अक्तूबर 2018 live श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मंदिर के पास धर्मशाला भी हैं। इन्हें भी देखें विरात्रा माता मंदिर करणी माता मन्दिर, बीकानेर सच्चियाय माता मन्दिर जालौर सांचोर सन्दर्भ श्रेणी:राजस्थान में हिन्दू मन्दिर श्रेणी:जालौर जिले के मंदिर