411 REFERENCE · Wikipedia
कल्याणी (उपन्यास)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
यह लेख "कल्याणी" नामक एक उपन्यास के बारे में है, पश्चिम बंगाल में स्थित इसी नाम के शहर हेतु कल्याणी, पश्चिम बंगाल देखें। "कल्याणी" नामक अन्य पृष्ठों के लिए कल्याणी (बहुविकल्पी) देखें।
सितंबर 2014
कल्याणी 150px कल्याणी का मुखपृष्ठ जैनेंद्र कुमार 1939 हिंदी भारत कल्याणी की कहानी आत्मकथात्मक उपन्यास लेखक चौथा उपन्यास
सन 1939 में जैनेंद्र कुमार के चौथे उपन्यास कल्याणी का प्रकाशन हुआ। यह उपन्यास भी आत्मकथात्मक शैली में लिखा गया है। सामान्यतः इस शैली में जो उपन्यास लिखे जाते हैं, उनमें कथा के किसी महत्वपूर्ण पात्र की ओर से ही उसका संपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया जाता है परंतु इस उपन्यास की विशेषता यह है कि कथा का प्रस्तुतकर्ता उपन्यास का गौण पात्र है। उपन्यास की प्रधान पात्री श्रीमती असरानी हैं, जिनके नाम पर ही उपन्यास का नामकरण भी हुआ है। प्रस्तुतकर्ता ने अपने कुछ परिचितों की जीवनकथा के रूप में यह कहानी सामने रखी है। चूँकि वह स्वयं कथा में प्रधानता नहीं रखता, इसलिए उसके प्रति अपना दृष्टिकोण भी अधिकांशतः तटस्थ रखने का प्रयत्न करता है। इसी कारण कथानक के विकास-चक्र में कहीं-कहीं कुछ ऐसे अंश आ गए हैं, जो उसके प्रवाह की गति भंग कर देते हैं। प्रासंगिक रूप से जो दार्शनिक विचार इसमें समावेशित किए गए हैं, वे भी चिंतनपूर्ण नहीं है।
कल्याणी