Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

जालस्थल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|right|240px|usap.gov वेबसाइट​ जालस्थल अथवा वेबसाइट (अंग्रेज़ी: Website) सार्वजनिक रूप से अन्तर्जाल पर उपलब्ध जालपृष्ठों और सम्बन्धित सामग्री का एक संग्रह है जिसे एक सामान्य डोमेन नाम से पहचाना जाता है और कम से कम एक जाल सर्वर पर प्रकाशित किया जाता है। उल्लेखनीय उदाहरण wikipedia.org, google.com और amazon.com हैं। सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली साइट्स गूगल, यूट्यूब और फेसबुक हैं।Top Websites Ranking https://www.similarweb.com/top-websites/ सिमिलरवेबTop websites https://www.semrush.com/trending-websites/global/all सेमरुश सभी सार्वजनिक रूप से सुलभ जालस्थलें सामूहिक रूप से विश्वव्यापी जाल का गठन करती हैं। ऐसी निजी जालस्थल भी हैं जिन्हें केवल एक निजी संजाल पर ही अभिगम किया जा सकता है, जैसे कि अपने कर्मचारियों के लिए कम्पनी की आन्तरिक जालस्थल। उपयोगकर्ता डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्ट्फोन सहित कई उपकरणों पर जालस्थलों तक पहुंच सकते हैं। इन उपकरणों पर प्रयोग किए जाने वाले अनुप्रयोगों को जाल ब्राउज़र कहा जाता है। जालस्थल सामान्यतः किसी विशेष विषय या उद्देश्य, जैसे समाचार, शिक्षा, व्यापार, मनोरंजन या सामाजिक नेटवर्किंग के लिए समर्पित होती हैं। जालपृष्ठों के बीच अतिपाठकरण स्थल के मार्गदर्शन को निर्देशित करती है, जो अक्सर मुख्य पृष्ठ से शुरू होती है। पृष्ठभूमि thumb|295x295px|2015 में nasa.gov होम पेज विश्वव्यापी जाल अथवा वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) की शुरुआत 1989 में हुई थी, जब ब्रिटेन के एक कंप्यूटर वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली, जो उस समय CERN में काम कर रहे थे, ने इसे विकसित किया।Tim Berners-Lee https://www.w3.org/People/Berners-Lee/Overview.html 2021-11-17 W3C 27 सितम्बर 2021 https://web.archive.org/web/20210927100010/https://www.w3.org/People/Berners-Lee/Overview.html livehome of the first website https://info.cern.ch/ live https://web.archive.org/web/20170610063709/http://info.cern.ch/ 10 जून 2017 30 August 2008 info.cern.ch उनका उद्देश्य एक ऐसा सिस्टम बनाना था जिसमें दुनिया भर की जानकारी को आपस में जोड़ा जा सके और लोग एक डॉक्यूमेंट से दूसरे डॉक्यूमेंट तक आसानी से पहुंच सकें। यह एक क्रांतिकारी विचार था, जिसने पूरी दुनिया में इंटरनेट को एक नया रूप दिया। इसके कुछ साल बाद, 30 अप्रैल 1993 को, यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन (CERN) ने यह ऐलान किया कि वर्ल्ड वाइड वेब अब सभी के लिए मुफ्त और खुला होगा। इस फैसले ने वेब के विकास को तेजी दी और बहुत सारे डेवलपर्स, कंपनियों और आम लोगों को वेबसाइट्स और इंटरनेट-आधारित सेवाएं बनाने के लिए प्रेरित किया।Cailliau Robert A Little History of the World Wide Web https://www.w3.org/History.html live https://web.archive.org/web/20130506021750/http://www.w3.org/History.html 6 मई 2013 16 फ़रवरी 2007 W3C यह वह मोड़ था, जब इंटरनेट आम जनता के लिए भी उपयोगी बनना शुरू हुआ। हालाँकि, हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (HTTP) आने से पहले इंटरनेट पर जानकारी एक्सेस करने के लिए कुछ पुराने प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जाता था, जैसे कि संचिका स्थानांतरण प्रोटोकॉल (FTP) और गोफ़र प्रोटोकॉल। इनका इस्तेमाल करके लोग फाइलों को सर्वर से डाउनलोड करते थे। उस समय वेबसाइट जैसा कुछ नहीं होता था, बल्कि सिर्फ एक सीधी-सादी डायरेक्टरी होती थी, जिसमें फोल्डर और फाइलों की लिस्ट होती थी। यूज़र फाइल को ढूंढकर मैन्युअली डाउनलोड करते थे। इन फाइलों में ज़्यादातर कंटेंट सादा टेक्स्ट (Plain Text) में होता था, या फिर पुराने वर्ड प्रोसेसर फॉर्मेट में, जिनमें कोई खास फॉर्मैटिंग नहीं होती थी। यानी, जो आज हम रंगीन, इमेज और वीडियो वाली वेबसाइटें देखते हैं, वो सब तब मौजूद नहीं था। वेबसाइट की कार्यप्रणाली वेबसाइट तब कार्य करती है जब उपयोगकर्ता अपने ब्राउज़र में कोई URL (यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर) दर्ज करता है। ब्राउज़र DNS (डोमेन नेम सिस्टम) के माध्यम से उस डोमेन के सर्वर का आईपी पता खोजता है। उसके बाद HTTP या HTTPS प्रोटोकॉल के माध्यम से सर्वर को अनुरोध भेजा जाता है, और सर्वर HTML, CSS, JavaScript तथा अन्य मीडिया फ़ाइलों को ब्राउज़र को भेजता है। इस पूरी प्रक्रिया में तीन प्रमुख घटक शामिल होते हैं: डोमेन नाम और URL वेब होस्टिंग या सर्वर क्लाइंट-साइड ब्राउज़रNyusoft Solutions — वेबसाइट विकास सेवाओं और आधुनिक वेब तकनीकों का विवरण (प्रवेश तिथि: 10 अक्टूबर 2025)। वेबसाइट की संरचना वेबसाइट की संरचना यह निर्धारित करती है कि उसके पृष्ठ, श्रेणियाँ और सामग्री किस प्रकार एक-दूसरे से जुड़ी हैं। आमतौर पर एक वेबसाइट की संरचना “मुखपृष्ठ → श्रेणी पृष्ठ → विवरण पृष्ठ” जैसी होती है। संरचना के प्रमुख मॉडल निम्नलिखित हैं: अनुक्रमिक संरचना (Sequential ) पदानुक्रमित संरचना (Hierarchical) मैट्रिक्स या नेटवर्क संरचना (Matrix) डेटाबेस-आधारित संरचना (Database-driven) एक सुव्यवस्थित संरचना वेबसाइट को उपयोगकर्ताओं और खोज इंजनों दोनों के लिए अधिक सुलभ बनाती है। उपयोगकर्ता अनुभव (UX) और डिज़ाइन सिद्धांत किसी वेबसाइट की सफलता काफी हद तक उसके डिज़ाइन और उपयोगकर्ता अनुभव पर निर्भर करती है। उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस, स्पष्ट नेविगेशन और आकर्षक दृश्य तत्व एक बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं। मुख्य डिज़ाइन सिद्धांत हैं: सरल और स्पष्ट नेविगेशन मेनू मोबाइल, टैबलेट और डेस्कटॉप पर समान रूप से कार्य करने वाला रेस्पॉन्सिव डिज़ाइन पठनीय फॉन्ट, संतुलित रंग संयोजन और सुसंगत लेआउट सामग्री का तार्किक क्रम और प्रासंगिक प्रस्तुति नवीनतम तकनीकी रुझान वेबसाइट निर्माण और विकास में समय के साथ कई तकनीकी परिवर्तन हुए हैं। आज की आधुनिक वेबसाइटें निम्नलिखित रुझानों का अनुसरण करती हैं: रेस्पॉन्सिव डिज़ाइन का उपयोग, जिससे वेबसाइट विभिन्न उपकरणों पर समान रूप से कार्य करती है। कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) जैसे वर्डप्रेस या ड्रूपल का उपयोग, जिससे वेबसाइट प्रबंधन सरल हो जाता है। गतिशील वेबसाइटें, जो उपयोगकर्ता की क्रिया या डेटा के आधार पर सामग्री प्रदर्शित करती हैं। क्लाउड होस्टिंग और कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) का उपयोग, जिससे वेबसाइट की गति और उपलब्धता में सुधार होता है। प्रोग्रेसिव वेब ऐप (PWA) जैसी तकनीकें, जो वेबसाइट को ऐप-जैसा अनुभव प्रदान करती हैं।Exobloc — नैटिव फुल-स्टैक डेवलपमेंट सेवाएँ — आधुनिक वेब और मोबाइल एप्लिकेशन विकास से संबंधित जानकारी (प्रवेश तिथि: 10 अक्टूबर 2025)। सुरक्षा और उपलब्धता वेबसाइट की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए कुछ सामान्य उपाय अपनाए जाते हैं: SSL/TLS एन्क्रिप्शन के माध्यम से डेटा का सुरक्षित संचार। सर्वर की नियमित निगरानी और बैकअप व्यवस्था। अनधिकृत पहुँच या साइबर हमलों से सुरक्षा हेतु फ़ायरवॉल और प्रमाणीकरण प्रणाली का उपयोग। उपयोगकर्ता डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा नीतियों का पालन।SecureMyOrg – क्लाउड सुरक्षा सेवाएँ — क्लाउड प्लेटफार्मों (AWS, GCP) पर सुरक्षा ऑटोमेशन एवं जोखिम प्रबंधन से संबंधित जानकारी (प्रवेश तिथि: 10 अक्टूबर 2025)। पहुँच और उपयोग आज वेबसाइटें जीवन के लगभग हर क्षेत्र में उपयोग की जा रही हैं — जैसे शिक्षा, व्यापार, मनोरंजन, शासन, संचार और सेवाएँ। वेबसाइटें सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बन चुकी हैं और डिजिटल युग में मानव जीवन का अभिन्न अंग हैं। इन्हें भी देखें अन्तर्जाल (इंटरनेट) सन्दर्भ 2 श्रेणी:अंतरजाल