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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

गेरार्ड मोरौ

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गेरार्ड मोरौ Gérard Mourou, 2014.jpg 2014 में मोरौ गेरार्ड अल्बर्ट मोरौ yes 1944 6 22 अल्बर्टविले, अधिकृत फ्रांस ग्रेनोबल विश्वविद्यालय (BSc, MSc)पियरे और मैरी क्यूरी विश्वविद्यालय (पीएचडी) डोना स्ट्रिकलैंड चिर्प्ड पल्स प्रवर्धन आरडब्ल्यू वुड पुरस्कार (1995) भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (2018) इकोल पॉलीतेक्निकएनएसटीए, पेरिसटेक,रोचेस्टर विश्वविद्यालय,मिशिगन विश्वविद्यालय,एन.आई. लोबाचेव्स्की स्टेट यूनिवर्सिटी, निज़नी नोवगोरोड,पेकिंग विश्वाविद्यालय गेरार्ड अल्बर्ट मोरौ (फ़्रांसीसी: Gérard Albert Mourou; जन्म 22 जून 1944) एक फ़्रांसीसी वैज्ञानिक, विद्युत अभियंता और लेज़र भौतिकी के क्षेत्र के अग्रणी शोधकर्ताओं में से एक हैं। उन्हें डोना स्ट्रिकलैंड के साथ संयुक्त रूप से वर्ष 2018 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें चिर्प्ड पल्स प्रवर्धन तकनीक के आविष्कार के लिए मिला, जिसने उच्च-तीव्रता वाले लेज़रों के विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन किया।लिंडिंगर मैनफ्रेड 2 अक्टूबर 2018 Eine Zange aus lauter Licht https://www.faz.net/aktuell/wissen/nobelpreise/physik-nobelpreis-2018-praezisionswerkzeuge-aus-laserlicht-15818493.html फ़्रैंकफ़र्टर ऑलगेमाइन ज़ितुंग de 6 अक्टूबर 2018 चिर्प्ड पल्स प्रवर्धन ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से अत्यंत अल्प अवधि वाली और अत्यधिक शक्तिशाली लेज़र स्पंद उत्पन्न किए जा सकते हैं। इस तकनीक ने पेटावाट-स्तर की तीव्रता वाले लेज़रों के निर्माण को संभव बनाया, जिनका उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा तथा पदार्थ विज्ञान सहित अनेक वैज्ञानिक क्षेत्रों में किया जाता है। मूरू के कार्य ने आधुनिक उच्च-तीव्रता लेज़र विज्ञान की नींव को सुदृढ़ किया और अत्यंत सूक्ष्म समयमानों पर होने वाली भौतिक प्रक्रियाओं के अध्ययन के नए अवसर प्रदान किए।http://www.engin.umich.edu/research/cuos/ResearchGroups/HFS/Profiles/Gerard_Mourou.html Gérard Mourou 2 अक्टूबर 2018 मिशिगन विश्वविद्यालय https://web.archive.org/web/20080905085848/http://www.engin.umich.edu/research/cuos/ResearchGroups/HFS/Profiles/Gerard_Mourou.html 5 सितंबर 2008 1994 में, गेरार्ड मूरू और मिशिगन विश्वविद्यालय में उनके सहयोगियों ने यह प्रदर्शित किया कि वायुमंडल में प्रसारित होने वाले टेरावाट-स्तरीय तीव्रता वाले लेज़र पुंज एक विशेष संतुलन के कारण लंबी दूरी तक संकीर्ण बने रह सकते हैं। उन्होंने पाया कि स्व-केंद्रण (केर प्रभाव के कारण उत्पन्न अपवर्तन) और वायु के आयनीकरण तथा विरलीकरण से उत्पन्न स्व-विक्षेपण के बीच संतुलन स्थापित हो जाता है। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप वायुमंडल में प्रकाश के संकीर्ण मार्ग, जिन्हें फिलामेंट कहा जाता है, निर्मित होते हैं। ये फिलामेंट लेज़र पुंज के लिए प्राकृतिक तरंगमार्ग (वेवगाइड) के रूप में कार्य करते हैं, जिससे पुंज का सामान्य प्रसरण या विचलन काफी हद तक रुक जाता है। इस खोज ने वायुमंडलीय प्रकाशिकी और उच्च-तीव्रता लेज़र भौतिकी के क्षेत्र में नए अनुसंधानों का मार्ग प्रशस्त किया तथा लंबी दूरी तक लेज़र ऊर्जा के संचरण और वायुमंडलीय मापन जैसी संभावित तकनीकों के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। सन्दर्भ 2 श्रेणी:1944 में जन्मे लोग श्रेणी:नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी