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असीमा चटर्जी
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असीमा चटर्जी Asima Chatterjee 1.jpg 1917 9 23 yes कलकत्ता, बंगाल प्रेसिडेंसी, ब्रिटिश राज 2006 11 22 1917 9 23 yes कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत भारतीय कार्बनिक रसायन, पादपरसायन विज्ञान राजाबाज़ार साइंस कॉलेज कलकत्ता विश्वविद्यालय অসীমা চট্টোপাধ্যায় bn वरदानंद चटर्जी 1945 कलकत्ता विश्वविद्यालय (DS) yes सांसद, राज्य सभा नामांकित 18 फ़रवरी 1982 13 अप्रैल 1984 9 मई 1984 8 मई 1990 रसायनशास्त्र वैज्ञानिक
असीमा चटर्जी (bn অসীমা চট্টোপাধ্যায়; 23 सितम्बर 1917 – 22 नवम्बर 2006) एक भारतीय रसायनशास्त्री थीं। उन्होंने जैवरसायन विज्ञान और फाइटोमेडिसिन के क्षेत्र में काम किया।The Shaping of Indian Science. p. 1036. Indian Science Congress Association, Presidential Addresses By Indian Science Congress Association. Published by Orient Blackswan, 2003. ISBN 978-81-7371-433-7 उनके सबसे उल्लेखनीय कार्य में विन्सा एल्कालोड्स पर शोध शामिल है। उन्होने मिर्जिलेट-रोधी तथा मलेरिया-रोधी औषधियों का विकास किया। उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के औषधीय पौधों पर काफी मात्रा में काम किया।
सन १९७५ में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
जीवनी
प्रारंभिक जीवन
असीमा चटर्जी (पूर्व मुकर्जी)Mention of the maiden name का जन्म २३ सितम्बर १९१७ को बंगाल में हुआ था। वो एक उत्कृष्ट छात्रा थीं, चटर्जी कोलकाता में बड़ी हुईं और स्कूल की शिक्षा के बाद में कलकत्ता विश्वविद्यालय के स्कॉटिश चर्च कॉलेज में दाखिला लिया, १९३६ में रसायन विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की।Some Alumni of Scottish Church College in 175th Year Commemoration Volume Scottish Church College, 2008, p. 584http://www.scotchem.org/alumni_frame_2.htm Chemistry alumni of Scottish Church College 14 मार्च 2017 https://web.archive.org/web/20090406193504/http://www.scotchem.org/alumni_frame_2.htm 6 अप्रैल 2009 dead
शैक्षणिक कार्य
असीमा चटर्जी ने १९३८ में कलकत्ता विश्वविद्यालय से जैव-रसायन विज्ञान में मास्टर की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और उन्होंने १९४४ में डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की।https://valentinaproject.com/2014/08/06/asima-chatterjee-chemist/ Asima Chatterjee, chemist valentinaproject 2014-08-06 The Valentina Project 2016-10-11 https://web.archive.org/web/20161012150641/https://valentinaproject.com/2014/08/06/asima-chatterjee-chemist/ 12 अक्तूबर 2016 dead उन्होंने पौध उत्पादों और कृत्रिम जैविक रसायन विज्ञान के रसायन विज्ञान के विषय पर अपना डॉक्टरेट अनुसंधान ध्यान केंद्रित किया। चटर्जी ने अपने शोध को प्राकृतिक उत्पादों के रसायन विज्ञान के आसपास केंद्रित किया और इसके परिणामस्वरूप मलेरियारोधी और कीमोथेरेपी दवाओं का परिणाम हुआ।https://valentinaproject.com/2014/08/06/asima-chatterjee-chemist/ Asima Chatterjee, chemist valentinaproject 2014-08-06 The Valentina Project 2016-10-11 https://web.archive.org/web/20161012150641/https://valentinaproject.com/2014/08/06/asima-chatterjee-chemist/ 12 अक्तूबर 2016 dead
व्यवसाय
वह रसायन विज्ञान विभाग के संस्थापक प्रमुख के रूप में १९४० में कलकत्ता विश्वविद्यालय के लेडी ब्रेबॉर्न कॉलेज में नियुक्त हुईं। चटर्जी किसी भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट ऑफ साइंस प्राप्त करने वाली पहली महिला बनीं।
पुरस्कार और सम्मान
वह कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्रेमचंद रॉयचंद स्कॉलर थीं।
जानकी अम्माल के बाद वे दूसरी महिला थीं, जिन्हें डॉक्टरेट ऑफ साइंस (DSc) प्रदान किया गया था। (१९४४ में कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा)
१९६० में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली का फ़ेलो चुना गया था।
फरवरी १९८२ से मई १९९० तक उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामित किया गया था।
सन्दर्भ
श्रेणी:भारतीय महिला वैज्ञानिक
श्रेणी:पद्म भूषण सम्मान प्राप्तकर्ता
श्रेणी:१९७५ पद्म भूषण
श्रेणी:1917 में जन्मे लोग
श्रेणी:२००६ में निधन
श्रेणी:भारतीय वैज्ञानिक