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पुलिश्शेरी
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पुलिश्शेरी (Pulissery; इसे Pulisseri भी लिखा जाता है) दक्षिण भारतीय राज्य केरल की एक पारंपरिक करी है, जिसे दही या छाछ के आधार पर तैयार किया जाता है। इसे खट्टे दही या छाछ में नारियल, जीरा, हल्दी और हरी मिर्च का पीसा हुआ मिश्रण मिलाकर बनाया जाता है। अंत में नारियल तेल में राई, मेथी, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते का तड़का लगाकर करी को पूरा किया जाता है। पुलिश्शेरी का स्वाद हल्का, खट्टा और बहुत ही संतुलित होता है। इसे आमतौर पर चावल के साथ परोसा जाता है। केरल के विभिन्न क्षेत्रों में इसके कुछ रूपों को मोरु करी भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है छाछ से बनी करी। केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले केरल के पारंपरिक शाकाहारी भोज सद्य में पुलिश्शेरी एक महत्वपूर्ण व्यंजन है।
नाम की उत्पत्ति
पुलिश्शेरी नाम मलयालम शब्द “पुलि” से संबंधित माना जाता है। “पुलि” शब्द का अर्थ खट्टापन होता है और इसका संबंध इमली से भी है। इस व्यंजन के नाम में मुख्य रूप से खट्टे दही या छाछ से मिलने वाले खट्टे स्वाद का उल्लेख है, जो पुलिश्शेरी की पहचान है।
बनाने की विधि
कद्दूकस किए हुए नारियल को जीरा, हल्दी और हरी मिर्च के साथ बारीक पीसकर एक चिकना पेस्ट तैयार किया जाता है। इस पेस्ट को अक्सर किसी सब्ज़ी या फल के साथ पकाया जाता है, जब तक कि नारियल की कच्ची गंध और स्वाद समाप्त न हो जाए। इसके बाद खट्टा दही या छाछ डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है और करी को धीमी आँच पर हल्का गर्म किया जाता है। दही डालने के बाद करी को उबालना नहीं चाहिए, क्योंकि अधिक गर्म करने या उबालने से दही फट सकता है और करी अलग-अलग परतों में बँट सकती है। अंत में नारियल तेल में राई, मेथी, सूखी लाल मिर्च, छोटे प्याज़ और करी पत्ते का तड़का तैयार करके करी में डाल दिया जाता है। इससे पुलिश्शेरी को उसकी विशिष्ट खुशबू और स्वाद मिलता है।
विभिन्न रूप
पुलिश्शेरी को इस्तेमाल किए जाने वाले फल या सब्ज़ी के अनुसार कई अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है। केरल में इसके लोकप्रिय रूपों में पके आम की पुलिश्शेरी (माम्बझ पुलिश्शेरी), अनानास की पुलिश्शेरी, पके केले की पुलिश्शेरी और सफेद पेठे की पुलिश्शेरी (कुंबलंगा पुलिश्शेरी) शामिल हैं। आम और अनानास से तैयार पुलिश्शेरी में मीठे और खट्टे स्वाद का सुंदर संतुलन होता है, जबकि सब्ज़ियों से बनाई जाने वाली पुलिश्शेरी का स्वाद अपेक्षाकृत हल्का होता है। केरल के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिश्शेरी के स्वाद और इसे तैयार करने के तरीके में कुछ भिन्नताएँ देखने को मिलती हैं। दक्षिण केरल के कुछ क्षेत्रों में पुलिश्शेरी की अपेक्षा पतली कालान अधिक पसंद की जाती है। वहीं थलस्सेरी क्षेत्र में सफेद पेठे से बनाई जाने वाली पुलिनकरी विशेष रूप से लोकप्रिय है।
संदर्भ
Pulissery Kerala Tourism https://www.keralatourism.org/kerala-food/pulisshery/182/ 2026-07-24
Onasadya Kerala Tourism https://www.keralatourism.org/onam/ona-sadya/sadya 2026-07-24
Video guide to making special Kumbalanga Pulissery or Kerala-style ash gourd curry Gulf News https://gulfnews.com/gulfnews/food/guide-cooking/video-guide-to-making-special-kumbalanga-pulissery-or-kerala-style-ash-gourd-curry-1.1682927361850 2026-07-24
श्रेणी:केरल का खाना