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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

पुनाराम निषाद

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पुनाराम निषाद 1939 11 16 कार्तिक मास पूर्णिमा रिंगनी, दुर्ग जिला, छत्तीसगढ़, भारत 2017 11 11 1939 11 16 फाल्गुन मास नवमी डॉ. भी. आर. अम्बेडकर अस्पताल, रायपुर, छत्तीसगढ़ पुनाराम लोक संगीतकार पंडवानी जमुना निषाद रोहित निषाद लक्ष्मण निषाद एवं बुदवंती निषाद www.nishadbandhu.com १९७५ – ताम्र पदक सम्मान १९७५ – छत्तीसगढ़ कला सम्मान २००२ – विलासा सम्मान २००५ – पद्म श्री पुनाराम निषाद (जन्म: १६ नवंबर १९३९ – निधन: ११ नवंबर २०१७) एक प्रसिद्ध भारतीय लोक संगीतकार थे, जो छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रचलित लोक संगीत की परंपरा पंडवानी के कुशल प्रस्तुतकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। वे छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के रिंगनी गाँव में जन्मे थे। कला मंच ने पद्मश्री स्व. पुनाराम निषाद को दी श्रद्धांजलि Dainik Bhaskar 17 February 2024 https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/durg-bhilai/news/kala-manch-awarded-padmashree-late-tribute-paid-to-punaram-nishad-132597337.html hi 6 April 2025उनका जन्म एक भजन गायक के परिवार में हुआ था। मात्र १० वर्ष की आयु में उन्होंने पंडवानी की विधा सीखना प्रारंभ किया। उन्होंने यह कला झाड़ूराम देवांगन से सीखी, जिन्हें अनेक लोग पंडवानी परंपरा का जनक मानते हैं। पुनाराम निषाद वेदमती शैली के अनुयायी थेपंडवानी के साधक पूनाराम वेदमती शैली को जीते थे, राष्ट्रपति ने भी उन्हें नवाजा था - Nai Dunia 12 February 2017 https://www.naidunia.com/chhattisgarh/raipur-pandwani-seeker-punaram-vedmti-style-won-him-the-president-was-presented-999398 hi 6 April 2025, जो पंडवानी की एक पारंपरिक और अनुशासित शैली मानी जाती है। इस शैली में कथा का पाठ कठोर नियमों के अंतर्गत होता है और उसमें किसी प्रकार के सुधार या बदलाव की अनुमति नहींं होती। उन्होंने पंडवानी के लिए १८ कहानियाँ रचीं, जिनमें 'उद्योग पर्व' उनकी प्रिय थी। उन्होंने हबीब तनवीर द्वारा निर्देशित 'आगरा बाजार' और नया थियेटर के 'दुर्योधन' नाटकों में अभिनय भी किया। २८ जून १९९५ को उन्होंने लीसेस्टर के फीनिक्स आर्ट्स सेंटर में 'बियॉन्ड द बॉर्डर फेस्टिवल टूर' के दौरान प्रस्तुति दी। भारत सरकार ने २००५ में कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया।कला मंच ने पद्मश्री स्व. पुनाराम निषाद को दी श्रद्धांजलि Dainik Bhaskar 17 February 2024 https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/durg-bhilai/news/kala-manch-awarded-padmashree-late-tribute-paid-to-punaram-nishad-132597337.html hi 6 April 2025 वे अपने गाँव रिंगनी में शांतिनिकेतन आश्रम में पंडवानी सिखाते थे। उनके पुत्र रोहित निषाद, एक किसान हैं। सन्दर्भ श्रेणी:छत्तीसगढ़ के लोग श्रेणी:पद्म श्री पुरस्कार विजेता श्रेणी:पंडवानी