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411 समाचार
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बंगाल विधान परिषद चुनाव, 1946

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बंगाल विधान परिषद चुनाव, 1946 ब्रिटिश भारत British Raj Red Ensign.svg legislative no बंगाल विधान परिषद चुनाव, 1937 1937 1946 1954 (East Bengal) → 1952 (पश्चिम बंगाल) बंगाल संविधान सभा की सभी 250 सीटें File:Huseyn Shaheed Suhrawardy.png 100px हुसैन शहीद सुहरावर्दी अखिल भारतीय मुस्लिम लीग 43 113 70 File:Sarat Chandra Bose.jpg 100px शरत्चन्द्र बोस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 54 86 32 300px सभापति शरत्चन्द्र बोस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस चुनावोपरांत सभापति हुसैन शहीद सुहरावर्दी अखिल भारतीय मुस्लिम लीग बंगाल विधान परिषद चुनाव, 1946 ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रांत के उच्च सदन बंगाल संविधान सभा के सदस्यों के निर्वाचन हेतु वर्ष 1946 में आयोजित किया गया था। यह चुनाव 1946 के भारतीय प्रांतीय चुनावों का एक अभिन्न अंग था। भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत बंगाल विधानमंडल को द्विसदनीय (Bicameral) स्वरूप प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत निचला सदन बंगाल विधानसभा (Legislative Assembly) और उच्च सदन बंगाल विधान परिषद (Legislative Council) के रूप में कार्य करता था। पृष्ठभूमि एवं संरचना 1935 के अधिनियम के अनुसार विधान परिषद एक स्थायी संस्था थी, जिसे कभी पूरी तरह भंग नहीं किया जाता था; इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक तीन वर्ष में सेवानिवृत्त होते थे। 1946 में विधान परिषद की सीटों के लिए सीमित मताधिकार, उच्च संपत्ति योग्यताओं और सांप्रदायिक निर्वाचन प्रणाली के तहत चुनाव संपन्न कराए गए थे। परिषद में कुल सदस्यों की संख्या न्यूनतम 63 और अधिकतम 65 निर्धारित थी, जिसका विभाजन निम्नानुसार था: **सामान्य (गैर-मुस्लिम) सीटें:** 10 **मुस्लिम सीटें:** 17 **यूरोपीय सीटें:** 3 **विधानसभा सदस्यों द्वारा निर्वाचित (अप्रत्यक्ष):** 27 **गवर्नर द्वारा मनोनीत सदस्य:** 6 से 8 दलवार स्थिति एवं परिणाम 1946 के इस चुनाव में मुख्य राजनीतिक मुकाबला दो प्रमुख दलों के बीच केंद्रित था—**अखिल भारतीय मुस्लिम लीग** और **भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस**: **अखिल भारतीय मुस्लिम लीग:** मुस्लिम मतदाताओं के लिए निर्धारित प्रत्यक्ष सीटों और विधानसभा के मुस्लिम कोटे की अप्रत्यक्ष सीटों पर अपना पूर्ण वर्चस्व स्थापित किया। **भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:** सामान्य (गैर-मुस्लिम) सीटों, शहरी प्रबुद्ध वर्गों और ज़मींदार प्रतिनिधियों के बीच प्रभावी विजय प्राप्त की। ऐतिहासिक महत्व 1946 के विधान परिषद और विधानसभा चुनावों के परिणामों ने प्रांत के विभाजन की राजनीतिक रूपरेखा को अंतिम दिशा दी। 1947 में भारत की स्वतंत्रता और बंगाल के विभाजन के समय यह परिषद दो भागों में विभाजित हो गई। विभाजन के उपरांत स्वतंत्र भारत के संविधान के तहत 1952 में पुनर्गठित पश्चिम बंगाल विधान परिषद का गठन किया गया (जिसे बाद में 1969 में समाप्त कर दिया गया)। संदर्भ इन्हें भी देखें बंगाल विधानसभा चुनाव, 1946 बंगाल विधान परिषद