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लाय सरपाटिल
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लाय सरपाटिल जिन्हें लाई पाटिल के नाम से भी जाना जाता है छत्रपति शिवाजी भोंसले के समय मराठा साम्राज्य के समूंद्री सेना से एक सैन्य टुकड़ी के नायक थे। उनका जन्म महाराष्ट्र के अलीबाग मे एक सोन कोली परिवार मे हुआ था जो कोलीयों का पारंपरिक मुखिया था एवं उनके बीच व्यवस्था बनाए रगते थे। शिवाजी महाराज ने सरपाटिल के सम्मान मे एक लड़ाकू जहाज बनवाया था जिसका नाम पालखी रखा गया।https://www.researchgate.net/publication/327829489_India's_Maritime_History_Sea-faring_groups_and_Maritime_Icons Marinal powers of indiahttps://books.google.co.in/books?id=iF8MAAAAIAAJ Shivaji and the Maratha Art of War Deopujari Murlidhar Balkrishna 1973 Vidarbha Samshodhan Mandal en 21 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20180801034413/https://books.google.co.in/books?id=iF8MAAAAIAAJ 1 अगस्त 2018 live
दरियासारंग लाय राव सरपाटिल मराठा समुद्री सेना दरियासारंग सरपाटिल File:Diorama showing maratha naval tactics, National Museum, New Delhi (cropped).jpg लाई पाटिल अलीबाग १० वर्ष बेड़े का प्रभारी जंजीरा द्वीप पर चढ़ाई सरपाटिल
लाय सरपाटिल को पेशवा ने जंजीरा द्विप पर चढ़ाई करने के लिए मराठा समुद्री सेना मे सैन्य टुकड़ी का अध्यक्ष बनाया था जिसके बाद सरपाटिल ने दस वर्ष तक मराठा साम्राज्य मे सेवा की।https://books.google.co.in/books?id=N5mIVt_Zd-0C&pg=PA818&lpg=PA818&dq=Lai-Patil&source=bl&ots=SBpR0Gvslw&sig=ACfU3U3q90PVpGZ5LhelgSb_RTj_C4UOnw&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjL5o7t1_joAhWHbX0KHc-NCREQ6AEwGHoECAMQAQ#v=onepage&q=Lai-Patil&f=false Shivaji the Great 2003 Balwant Printers Pvt. Ltd. 978-81-902000-0-4 en
इतिहास
१६७५ मे शिवाजी महाराज ने जंजीरा द्विप को मराठा साम्राज्य मे सामिल करना चहा जिसके लिए सरपाटिल को जंजीरा पर चदाई का आदेश मिला मराठा साम्राज्य के प्रधानमंत्री पेशवा मोरोपंत पिंगले ने योजना बनाई की लाय सरपाटिल के नेतृत्व मे मराठा समुद्री सेना जंजीरा पर चदाई के लिए रस्सीयां टांग देंगे और बाद मे पेशबा मराठा थल सेना लेकर जंजीरा पर आक्रमण कर देगा।https://sg.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/193987/9/09_chapter%203.pdf BACKGROUND OF ESTABLISHMENT OF MARATHA ARMADA &
KANHOJI ANGRE AND ANGRIYA BANK (ANALYSIS)जून 2020 InternetArchiveBot https://books.google.co.in/books?id=YINDAAAAYAAJ Bulletin of the Deccan College Research Institute Institute Deccan College Post-graduate and Research 1978 Dr. A. M. Ghatage, director, Deccan College Postgraduate and Research Institute en
योजना के अनुसार सरपाटिल ने आधी रात को जंजीरा के शिद्दीयों से बचते हुए जंजीरा द्विप के चारों ओर ५०० रस्से लटका दिये और हमला के लिए तैयार हो गए।https://books.google.co.in/books?id=BRZkDwAAQBAJ&pg=PT73&dq=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88+%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B2&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwj97Zaa2_joAhUY7HMBHSJTB08Q6AEIHjAA#v=onepage&q=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88%20%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B2&f=false Shivaji Ke Management Sootra Thakur Pradeep Prabhat Prakashan 978-93-87980-04-4 hi लेकिन पेशवा का कोई अता-पता नहीं था। सरपाटिल ने सुबह होने तक पेशवा और मराठा थल सेना का इंतजार किया लेकिन कोई नहीं आया और सरपाटिल भी जंजीरा पर आक्रमण नही कर सकता था क्योंकि मराठा समुद्री सेना काफी कम थी अगर युद्ध होता तो शिद्दी कुछ ही समय मे मराठाओं को हरा देते इसलिए सुबह सूरज उगने से पहले ही ५०० रस्से वापिस खिंचकर और हतास होकर वापस लोट गया।
सरपाटिल के साहस और बहादुरी को देखते हुए शिवाजी ने लाय को रायगढ़ बुलाया और सरपाटिल की उपाधि से सम्मानित किया और सरपाटिल के लिए खास युद्ध जहाज़ बनवाया।
संदर्भ