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बैट्राकोमायोमाचिया
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बैट्राकोमायोमाचिया (अंग्रेज़ी: Batrachomyomachia, प्राचीन यूनानी : Βατραχομυομαχία) प्राचीन यूनानी साहित्य का एक लघु 'हास्य महाकाव्य' है। इसके नाम का शाब्दिक अर्थ "मेंढकों और चूहों का युद्ध" है। यह रचना होमर के महान महाकाव्य इलियड की एक उत्कृष्ट 'पैरोडी' है। जहाँ 'इलियड' में ट्रॉय के युद्ध में देवताओं और महान योद्धाओं के बीच के गंभीर और विनाशकारी संघर्ष को दर्शाया गया है, वहीं इस काव्य में उसी 'डैक्टिलिक हेक्सामीटर' छंद और महाकाव्यात्मक शैली का उपयोग करके जानवरों (मेंढकों और चूहों) के बीच एक तुच्छ युद्ध का हास्यास्पद वर्णन किया गया है।
== व्युत्पत्ति ==
यह शब्द तीन प्राचीन यूनानी शब्दों के संयोजन से बना है:
बैट्राकोस = मेंढक
मायोस = चूहा
माचिया = युद्ध या लड़ाई
== लेखक और रचना काल ==
प्राचीन रोमनों और यूनानियों का पारंपरिक रूप से यह मानना था कि इस महाकाव्य की रचना स्वयं होमर ने की थी। हालांकि, रोमन इतिहासकार प्लूटार्क ने इसका श्रेय हैलीकारनेसस के पिग्रेस को दिया है, जो 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में फारस की रानी आर्टेमिसिया के भाई थे।
आधुनिक भाषाविज्ञान और साहित्यिक विश्लेषण के अनुसार, इस कविता में इस्तेमाल किए गए कई शब्द और व्याकरणिक संरचनाएं होमर के युग (8वीं शताब्दी ईसा पूर्व) की नहीं हैं। अधिकांश आधुनिक विद्वान मानते हैं कि यह रचना संभवतः हेलेनिस्टिक काल - लगभग तीसरी या दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व) के किसी अज्ञात कवि द्वारा लिखी गई थी।
== कथानक ==
इस लघु महाकाव्य का कथानक लगभग 300 पंक्तियों में फैला हुआ है और यह प्राचीन देवताओं तथा योद्धाओं के अतिशयोक्तिपूर्ण चित्रण पर आधारित है:
भूमिका और दुर्घटना: कहानी की शुरुआत में चूहों का राजकुमार साइकैर्पैक्स एक तालाब के किनारे पानी पी रहा होता है। वहाँ उसकी मुलाकात मेंढकों के राजा फिसिग्नाथस से होती है। राजा फिसिग्नाथस राजकुमार को अपनी पीठ पर बैठाकर तालाब की सैर कराने का प्रस्ताव देता है।
जल सर्प का आगमन: जब वे दोनों तालाब के बीच में होते हैं, तो अचानक एक भयानक जल सर्प प्रकट होता है। डर के मारे मेंढकों का राजा गोता लगा देता है और भूल जाता है कि उसकी पीठ पर एक चूहा बैठा है जो तैर नहीं सकता। राजकुमार साइकैर्पैक्स डूब जाता है, लेकिन मरने से पहले वह बदला लेने की कसम खाता है।
युद्ध की घोषणा: किनारे पर बैठा एक अन्य चूहा यह सब देख लेता है और चूहों के राजा (साइकैर्पैक्स के पिता) को सूचित करता है। क्रोधित होकर चूहे मेंढकों के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर देते हैं। वे अखरोट के छिलकों, सुइयों और बीन की फलियों से अपने लिए कवच और हथियार बनाते हैं
देवताओं का हस्तक्षेप: 'इलियड' की तरह ही, माउंट ओलिंपस पर देवता इस युद्ध को देखते हैं। ज़्यूस एथेना से पूछता है कि वह किसकी मदद करेगी। एथेना दोनों की मदद करने से इंकार कर देती है, क्योंकि चूहों ने उसके मंदिर के वस्त्र कुतर दिए थे और मेंढकों की टर्र-टर्र ने उसकी नींद हराम कर दी थी।
युद्ध का अंत: युद्ध शुरू होता है और चूहे मेंढकों का भारी नरसंहार करते हैं। जब ऐसा लगता है कि मेंढकों की प्रजाति नष्ट हो जाएगी, तो ब्रह्मांड के संतुलन को बनाए रखने के लिए ज़्यूस अपने वज्र से हमला करता है। इसके बावजूद चूहे नहीं रुकते। अंततः, ज़्यूस युद्ध को रोकने के लिए बख़्तरबंद केकड़ों की एक सेना भेजता है। केकड़े चूहों की पूंछ और पैर काटने लगते हैं, जिससे घबराकर चूहे भाग जाते हैं और एक ही दिन में युद्ध समाप्त हो जाता है।
== साहित्यिक महत्व ==
'बैट्राकोमायोमाचिया' पश्चिमी साहित्य में हास्य और व्यंग्य की नींव रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है। यह 'वीर-हास्य' शैली का प्रथम उदाहरण है, जिसने बाद के युगों में अलेक्जेंडर पोप की द रेप ऑफ द लॉक जैसी प्रसिद्ध अंग्रेजी पैरोडी रचनाओं को प्रेरित किया। यह काव्य दर्शाता है कि कैसे महानता और तुच्छता को एक साथ मिलाकर एक शक्तिशाली साहित्यिक प्रभाव पैदा किया जा सकता है।
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
सेक्रेड टेक्स्ट्स - बैट्राकोमायोमाचिया