411 REFERENCE · Wikipedia
सक्रीय गैलेक्सीय नाभिक
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
lang=en|thumb|upright=0.97|एक सक्रीय गैलेक्सी का भीतरी डांचा, जिसके केन्द्र से खगोलभौतिक फौवारे निकल रहे हैं
सक्रीय गैलेक्सीय नाभिक (active galactic nucleus) या स॰गै॰ना॰ (AGN) किसी गैलेक्सी के केन्द्र में ऐसा एक संकुचित क्षेत्र होता है जिसमें असाधारण तेजस्विता हो। यह विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम के पूर्ण या ऐसे भाग में हो सकता है जिस से स्पष्ट हो जाए कि इस तेजस्विता का स्रोत केवल तारे नहीं हो सकते। इस प्रकार का विकिरण रेडियो, सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव), अवरक्त (इन्फ़्रारेड), प्रत्यक्ष (ओप्टीकल), पराबैंगनी (अल्ट्रावायोलेट), ऍक्स किरण और गामा किरण के तरंगदैर्घ्य में पाया गया है। सक्रीय गैलेक्सीय नाभिक रखने वाली गैलेक्सी को सक्रीय गैलेक्सी (active galaxy) कहा जाता है।Seyfert C. K. Nuclear Emission in Spiral Nebulae https://archive.org/details/sim_astrophysical-journal_1943-01_97_1/page/28 The Astrophysical Journal 1943 97 28 10.1086/144488 1943ApJ....97...28S
खगोलशास्त्रियों का मानना है कि सक्रीय गैलेक्सीय नाभिक से उत्पन्न होने वाला विकिरण ऐसी गैलेक्सियों के केन्द्र में उपस्थित विशालकाय ब्लैक होल के इर्द-गिर्द एकत्रित होने वाले पदार्थ से पैदा होता है। अक्सर ऐसे सक्रीय गैलेक्सीय नाभिकों से मलबे के विशालकाय खगोलभौतिक फौवारे निकलते हुए दिखते हैं, मसलन ऍम87 नामक सक्रीय गैलेक्सी के नाभिक से एक 5000 प्रकाशवर्ष लम्बा फौवारा निकलता हुआ देखा जा सकता है।Humason M. L. The Emission Spectrum of the Extra-Galactic Nebula N. G। C. 1275 Publications of the Astronomical Society of the Pacific 1932 44 267 10.1086/124242 1932PASP...44..267HMayall N. U. The Spectrum of the Spiral Nebula NGC 4151 Publications of the Astronomical Society of the Pacific 1934 46 134 10.1086/124429 1934PASP...46..134M
बहुत ही भयंकर तेजस्विता रखने वाले सक्रीय गैलेक्सीय नाभिक को क्वेसार (quasar) कहते हैं।
इन्हें भी देखें
क्वेसार
विशालकाय ब्लैक होल
गैलेक्सी
खगोलभौतिक फौवारा
सन्दर्भ
*
श्रेणी:वर्गीकरण प्रणालियाँ
*
श्रेणी:गैलेक्सियाँ