411 REFERENCE · Wikipedia
शीघ्रपतन
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
शीघ्रपतन का अर्थ है यौन संबंध के दौरान अचानक वीर्यस्राव हो जाना, जो कि सामान्य रूप से यौन संबंध की अवधि को बढ़ाने में असफलता का कारण बन सकता है। यह एक सामान्य सेक्सुअल परिस्थिति है और कई पुरुषों को प्रभावित कर सकती है। यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि अत्यधिक रूप से उत्तेजित होना, अत्यधिक स्त्रेस, यौन समस्याएं, न्यूरोलॉजिकल कारण, आदि। इस समस्या का समाधान करने के लिए विभिन्न उपाय और उपचार मौजूद हैं जैसे कि व्यायाम, योग, ध्यान, डॉक्टर की सलाह लेना, आदि।https://www.healthbanao.in/2024/03/13/himcolin-gel-kitne-lagana-chahiye/ हिमकोलिन जेल कितने दिन लगाना चाहिए - हिमालय हिमकोलिन जेल लगाने का सही तरीका - Healthbanao 2024-03-13 en-US 2024-05-06 6 मई 2024 https://web.archive.org/web/20240506070043/https://www.healthbanao.in/2024/03/13/himcolin-gel-kitne-lagana-chahiye/ deadhttps://www.erecto.in/2026/08/shighrapatan-ka-ilaj-karan-diagnosis-upchar शीघ्रपतन का इलाज: कारण, लक्षण, डायग्नोसिस और उपचार डॉ. अभिषेक कुमार Erecto Men's Health Clinic 2026-08-18 2026-08-19 hi
सेक्स के मामले में यह शब्द शिवम् जी 9 सितंबर 2025के स्खलन के लिए प्रयोग किया जाता है। पुरुष की इच्छा के विरुद्ध उसका वीर्य अचानक स्खलित हो जाए, स्त्री सहवास करते हुए संभोग शुरू करते ही वीर्यपात हो जाए और पुरुष रोकना चाहकर भी वीर्यपात होना रोक न सके, अधबीच में अचानक ही स्त्री को संतुष्टि व तृप्ति प्राप्त होने से पहले ही पुरुष का वीर्य स्खलित हो जाना या निकल जाना, इसे शीघ्रपतन होना कहते हैं। इस व्याधि का संबंध स्त्री से नहीं होता, पुरुष से ही होता है और यह व्याधि सिर्फ पुरुष को ही होती है।
शीघ्र पतन की सबसे खराब स्थिति यह होती है कि सम्भोग क्रिया शुरू होते ही या होने से पहले ही वीर्यपात हो जाता है। सम्भोग की समयावधि कितनी होनी चाहिए यानी कितनी देर तक वीर्यपात नहीं होना चाहिए, इसका कोई निश्चित मापदण्ड नहीं है। यह प्रत्येक व्यक्ति की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति पर निर्भर होता है।
समय से पहले वीर्य का स्खलित हो जाना शीघ्रपतन है। यह “समय” कोई निश्चित समय नहीं है पर जब “एंट्री” के साथ ही “एक्सिट” होने लगे या स्त्री-पुरुष अभी चरम पर न हो और स्खलन हो जाए तो यह शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) है। ऐसे में असंतुष्टि, ग्लानी, हीन-भावना, नकारात्मक विचारो का आना एवं अपने साथी के साथ संबंधों में तनाव आना मुमकिन है।
यहाँ यह समझ लेना जरूरी है कि जरूरी नहीं है कि हर वह व्यक्ति जिसका वीर्यस्खलन शीघ्र होता है शीघ्रपतन का शिकार है। हो सकता है व्यक्तिविशेष किसी शारीरिक विषमता का शिकार हो और यह समस्या स्थाई हो पर इस हेतु अच्छे विशेषग्य से परामर्श आवश्यक है।
इंटरकोर्स शुरू होने से 60सैकंड के भीतर ही अगर किसी पुरूष का वीर्य-स्खलन हो जाता है तो इसे शीघ्र-पतन (premature ejaculation) कहा जायेगा। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ सैक्सुयल मैडीकल के विशेषज्ञों ने पहली बार इस शीघ्र-पतन की पारिभाषित किया है….रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विश्व भर में 30 फीसदी पुरूष इस यौन-व्याधि (Sexual disorder) से परेशान हैं।
शीघ्र पतन की सबसे खराब स्थिति यह होती है कि सम्भोग क्रिया शुरू होते ही या होने से पहले ही वीर्यपात हो जाता है। सम्भोग की समयावधि कितनी होनी चाहिए यानी कितनी देर तक वीर्यपात नहीं होना चाहिए, इसका कोई निश्चित मापदण्ड नहीं है। यह प्रत्येक व्यक्ति की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति पर निर्भर होता है। सेक्स के दौरान कुछ देर तक लंबी सांस जरूर लें। यह प्रक्रिया शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करती है। आपको मालूम होना चाहिए कि एक बार के सेक्स में करीब 400 से 500 कैलोरी तक ऊर्जा की खपत होती है। इसलिए अगर संभव हो सके तो बीच-बीच में त्वरित ऊर्जा देने वाले तरल पदार्थ जैसे ग्लूकोज, जूस, दूध आदि का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आपसी बातचीत भी आपको स्थायित्व दे सकता है। ध्यान रखें, संभोग के दौरान इशारे में बात न करके सहज रूप से बात करें।
डर, असुरक्षा, छुपकर सेक्स, शारीरिक व मानसिक परेशानी भी इस समस्या का एक कारण हो सकती है। इसलिए इससे बचने का प्रयत्न करें। इसके अलावे कंडोम का इस्तेमाल भी इस समस्या के निजात के लिए सहायक हो सकता है
इन्हें भी देखें
वीर्य स्खलन
अनुर्वरता
नपुंसकता
स्वप्नदोष
सन्दर्भ