411 REFERENCE · Wikipedia
कतर्नियाघाट वन्य अभयारण्य
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
कतर्नियाघाट वन्य अभयारण्य Katarniaghat Wildlife Sanctuary Deer crossing road in katarniaghat wildlife sanctuary.jpg अभयारण्य में मार्ग पार करते हुआ चीतल India Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश में अभयारण्य का स्थान yes बहराइच ज़िला, उत्तर प्रदेश, भारत मिहींपुरवा (दूरी 45 किमी) 28.335 N 81.125 E dms inline,title 400.6 km2 mi2 on 1975 वन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
कतर्नियाघाट वन्य अभ्यारण्य (Katarniaghat Wildlife Sanctuary) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच ज़िले की मिहींपुरवा तहसील में स्थित एक वन्य अभ्यारण्य है। यह 400.6 km2 mi2 on क्षेत्रफल पर नेपाल की सीमा के समीप तराई क्षेत्र में विस्तारित है। इसकी स्थापना सन् 1975 में हुई और सन् 1987 में इसे बाघ संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर के अधीन लाया गया। किशनपुर वन्य अभ्यारण्य और दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के साथ मिलाकर यह दुधवा बाघ अभ्यारण्य बनाता है।Mathur, P. K. and N. Midha (2008). Mapping of National Parks and Wildlife Sanctuaries, Dudhwa Tiger Reserve https://web.archive.org/web/20150412062838/http://www.moef.nic.in/downloads/public-information/Volume_IV_NPWS.pdf 12 April 2015 . WII – NNRMS - MoEF Project, Final Technical Report. Wildlife Institute of India, Dehradun.Tripahti, K. P., Singh, B. (2009). Species diversity and vegetation structure across various strata in natural and plantation forests in Katerniaghat Wildlife Sanctuary, North India. Tropical Ecology 50(1): 191–200.
विवरण
जैव विविधता एवं बाघों के संरक्षण के लिए इस वन्यजीव अभ्यारण्य को प्रोजेक्ट टाइगर में सम्मिलित किया गया है। कल कल करती हुई आकर्षक गिरवा नदी संकटग्रस्त गांगेय डोल्फिन विशालकाय मगर तथा कछुए का प्रिय वास स्थल है। बड़े-बड़े घास के मैदानों साल साखू एवं सगोंन के घने वनों तथा जलीय क्षेत्रों को अपने में समेटे यह वन्य जीव प्रभाग जैव विविधता में अति समृद्धि क्षेत्र है। बाघों कि दहाड़ से थर्रयाये वनों कीवृक्षों की शाखाओं पर आराम करते तेंदुए कुलाचें भरते चीतल पाड़ा बारासिंघ्हा सांभर कांकड तथा लम्बे थुथून से वन भूमि खोदते जंगली सूअर वृक्ष की डालों से झूलते बंदरों व लंगूरों का अवलोकन नैसर्गिक अनुभूतियों हैं। वन्य जीवों की प्रचुरता को संरक्षित करने के उद्देश्य से उतर प्रदेश सरकार ने इस प्रभाग को ६ प्रखंडो में बांटा है जिसमें से चार प्रखंड (कतर्निया, निशानागारा, मुर्तिहा, भारथापुर) को वन्य जीव प्रारक्षण के तहत कोर ज़ोन तथा शेष दो प्रखंडों मोतीपुर और ककरहा को बफर ज़ोन धोषित किया है। इस वन्य जीव प्रभाग के मध्य से ही उत्तर पूर्व रेलवे की छोटी लाइन तथा बिछिया कतर्निया पर्यटक स्थल को जोड़ती सड़क मार्ग एक दूसरे के समानांतर गुजरती है।
इन्हें भी देखें
प्रोजेक्ट टाइगर
बहराइच ज़िला
किशनपुर वन्य अभयारण्य
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान
सन्दर्भ
श्रेणी:उत्तर प्रदेश के वन्य अभयारण्य
श्रेणी:बहराइच ज़िला