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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अपने अपने अजनबी

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अपने अपने अजनबी सच्चिदानंद हीरानंद वात्सयायन अज्ञेय द्वारा लिखा गया हिन्दी उपन्यास है। यह अज्ञेय का तीसरा उपन्यास है। इसपर अस्तित्ववाद का प्रभाव देखने को मिलता है। इस उपन्यास की प्रमुख पात्र योके द्वारा अपनी इच्छा मृत्यु पा लेने की चाहत अस्तित्ववाद का ही उदाहरण है। ‘मृत्यु से साक्षात्कार’ को विषय बनाकर मानव के जीवन और उसकी नियति का इतने कम शब्दों में मार्मिक और भव्य विवेचन इस उपन्यास की गरिमा का मूल है। https://www.pustak.org/books/bookdetails/424 पुस्तक.ऑर्ग 29 जनवरी 2019 https://web.archive.org/web/20190129235842/https://www.pustak.org/books/bookdetails/424 29 जनवरी 2019 live विशेषताएँ अपने अपने अजनबी उपन्यास में कुल तीन अध्याय हैं। इन अध्यायों का नामकरण पात्रों के नाम के आधार पर किया गया है। जैसे- 'योके और सेल्मा' , 'सेल्मा' , 'योके' आदि। सेल्मा कहती है कि "वरण की स्वतंत्रता कहीं नहीं है, हम कुछ भी स्वेच्छा से नहीं चुनते हैं।"अज्ञेय अपने अपने अजनबी २०१९ भारतीय ज्ञानपीठ नयी दिल्ली 64 उसके इस कथन को योके अपने जीवन के अंतिम क्षण में भी झुठलाने का प्रयास करती है। वह अपनी मृत्यु को अपनी इच्छा से चुनती है। पात्र सेल्माअज्ञेय अपने अपने अजनबी २०१९ भारतीय ज्ञानपीठ नयी दिल्ली 978-81-263-3053-9 ४३ योके ऐकेलोफ जगन्नाथन् पॉल सोरेन बाहरी कड़ियाँ अपने अपने अजनबी- पुस्तक.ऑर्ग संदर्भ श्रेणी:हिन्दी उपन्यास श्रेणी:अज्ञेय श्रेणी:मनोविश्लेषणात्मक उपन्यास श्रेणी:अस्तित्ववादी उपन्यास श्रेणी:पुस्तकें