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411 समाचार
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अग्रिम जमानत

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अग्रिम जमानत (Anticipatory bail) न्यायालय का वह निर्देश है जिसमें किसी व्यक्ति को, उसके गिरफ्तार होने के पहले ही, जमानत दे दिया जाता है (अर्थात आरोपित व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया जायेगा।)। भारत के आपराधिक कानून के अन्तर्गत, गैर जमानती अपराध के आरोप में गिरफ्तार होने की आशंका में कोई भी व्यक्ति अग्रिम जमानत का आवेदन कर सकता है। अदालत सुनवाई के बाद सशर्त अग्रिम जमानत दे सकती है। यह जमानत पुलिस की जाँच होने तक जारी रहती है।http://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-city-11103745.html फर्जी मुकदमों पर लगाम लगाएगी अग्रिम जमानत 24 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150907040644/http://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-city-11103745.html 7 सितंबर 2015 live अग्रिम जमानत का यह प्रावधान भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा ४३८ में दिया गया है।AIR 1980 SC 1632 भारतीय विधि आयोग ने अपने ४१वें प्रतिवेदन में इस प्राविधान को दण्ड प्रक्रिया संहिता में सम्मिलित करने की अनुशंसा की थी। अग्रिम जमानत का आवेदन करने पर अभियोग लगाने वाले को इस प्रकार की जमानत की अर्जी के बारे में सूचना दी जाती है ताकि वह चाहे तो न्यायालय में इस अग्रिम जमानत का विरोध कर सके। अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का आदेश निरस्त (रद्द) किया जा सकता है। सामान्यतः इसे वही न्यायालय निरस्त कर सकता है जिसने जमानत प्रदान की हो, या कोई उच्चतर न्यायालय जैसे कि सत्र न्यायालय द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को उच्च न्यायालय निरस्त कर सकता है, तथा उपयुक्त मामलों में सर्वोच्च न्यायालय भी अपील या विशेष अनुमति के माध्यम से इसे रद्द कर सकता है। अग्रिम जमानत की निरस्तीकरण के प्रमुख आधारों में जमानत की शर्तों का उल्लंघन, गवाहों को प्रभावित करने या जांच में सहयोग न करने जैसे स्वतंत्रता के दुरुपयोग, जमानत अवधि के दौरान समान या अधिक गंभीर अपराध का किया जाना, जमानत प्रदान करते समय महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना या बाद में गंभीर नए साक्ष्यों का सामने आना, अथवा प्रारम्भिक आदेश का विधिक दृष्टि से त्रुटिपूर्ण या मनमाना होना शामिल है। हालांकि, एक बार अग्रिम जमानत प्रदान हो जाने के बाद उसे सामान्यतः हल्के में निरस्त नहीं किया जाता, और अभियोजन या शिकायतकर्ता पर यह दायित्व होता है कि वह कोई महत्वपूर्ण नई परिस्थिति या गंभीर कानूनी त्रुटि को स्थापित करे।https://www.advocatebhuvneshkumargoyal.com/anticipatory-bail/ Anticipatory bail: law, procedure & Supreme Court guidelines - Advocate Bhuvnesh Kumar Goyal Goyal Advocate Bhuvnesh Kumar 2025-12-05 en-US 2026-02-17 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 498a में अग्रिम जमानत आदेश हेतु मानदंड श्रेणी:भारतीय विधि