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बृहद्रथ राजवंश (मगध)
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बृहद्रथ वंश नवम्बर 2024
बृहद्रथ वंश मगध पर शासन करने वाला प्राचीनतम ज्ञात राजवंश है। इसी राजवंश का ही परिवर्तित नाम "रवानी राजवंश" हुआ। महाभारत व पुराणों से ज्ञात होता है कि प्राग्-ऐतिहासिक काल में चेदिराज वसु के पुत्र बृहद्रथ ने गिरिव्रज को राजधानी बनाकर मगध में अपना स्वतन्त्र राज्य स्थापित किया था। बृहद्रथ के द्वारा स्थापित राजवंश को बृहद्रथ-वंश कहा गया। इस वंश का सबसे प्रतापी शासक जरासंध था, जो बृहद्रथ का पुत्र था।Misra, V.S. (2007). Ancient Indian Dynasties, Mumbai: Bharatiya Vidya Bhavan, 81-7276-413-8, pp.129–36
रवानी राजवंश बृहद्रथ राजवंश रवानी राजवंश प्राचीन भारत राजतन्त्र ताम्र संचय वैदिक सभ्यता प्रद्योत वंश Late Vedic Culture (1100-500 BCE).png पूर्वी आर्यावर्त में मगध राज्य के बृहद्रथ राजवंश द्वारा शासन (ल. 1100 ई.पू) राजगीर (गिरिव्रज) common_languages ] (मुख्य) मागधी बौद्ध धर्म पण महाराजा बृहद्रथ मध्य वैदिक काल मे महाराजा जरासंध मध्य वैदिक काल मे महाराजा सहदेव उत्तर वैदिक काल मे महाराजा रिपुंजय ल. 732–682 ई.पू भारत मध्य वैदिक काल से पूर्व महाजनपद काल तक
स्थिति और विस्तार
प्राचीन मगध दक्षिणी बिहार के गया और पटना जनपदों के स्थान पर तत्कालीन मगध राज्य था। इसके उत्तर में गंगानदी, पश्चिम में सोननदी, पूर्व में चम्पा नदी तथा दक्षिण में विन्ध्याचल पर्वतमाला थी।Raychaudhuri, H.C. (1972). Political History of Ancient India, Calcutta: University of Calcutta, p.102
इतिहास
महाराजा बृहद्रथ
बृहद्रथ नाम ऋग्वेद (I.36.18, X.49.6) में मिलता है। रामायण और पौराणिक सूत्रों के अनुसार, उपरिचार वसु ने राजवंश की राजधानी वसुमती और गिरिव्रज की स्थापना की थी। महाभारत और पुराणों के अनुसार बृहद्रथ उपरीचर वसु के पांच पुत्रों में सबसे बड़े थे और उनकी रानी गिरिका थी।India through the ages https://archive.org/details/indiathroughages00mada Gopal Madan 1990 80 K.S. Gautam Publication Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India
महाराजा जरासंध
जरासंध
जरासंध अत्यन्त पराक्रमी एवं साम्राज्यवादी प्रवृत्ति का शासक था। जरासंध के नाम का जन्मसूत्र भी 'जरा' में छुपा हुआ है। वह जन्म के समय दो टुकड़ों में विभक्त था। जरा माता ने उन्हे जोड़ा था। जरासंध का नाम पुराणों में कई बार आता है। जरासंध यादवों का शत्रु था और इसीलिए महाभारत में उसका उल्लेख खलनायक के रूप में किया गया है। Jarasandha was a very powerful king of Magadha, and the history of his birth and activities is also very interesting - Vaniquotes http://vaniquotes.org/wiki/Jarasandha_was_a_very_powerful_king_of_Magadha,_and_the_history_of_his_birth_and_activities_is_also_very_interesting vaniquotes.org 2020-06-23 https://web.archive.org/web/20181129054415/https://vaniquotes.org/wiki/Jarasandha_was_a_very_powerful_king_of_Magadha,_and_the_history_of_his_birth_and_activities_is_also_very_interesting 29 November 2018 live
हरिवंश पुराण से ज्ञात होता है कि उसने काशी, कोशल, चेदि, मालवा, विदेह, अंग, वंग, कलिंग, पांडय, सौबिर, मद्र, कश्मीर और गंधार के राजाओं को परास्त किया। इसी कारण पुराणों में जरासंध को महाबाहु, महाबली और देवेन्द्र के समान तेज वाला कहा गया है।Gokhale Namita https://books.google.com/books?id=7DYnAgAAQBAJ&dq=jarasandha+birth&pg=PT62 The Puffin Mahabharata 2013-01-21 Penguin UK 978-93-5118-415-7 en
thumb|भीम द्वारा जरासंध का वध
मथुरा शासक कंस से शिवकृपा से प्राप्त अपनि दोनों कन्याओं की शादी जरासंध ने की तथा ब्रहद्रथ वंश की राजधानी वशुमति या गिरिव्रज या राजगृह को बनाई। भगवान श्रीकृष्ण की सहायता से पाण्डव पुत्र भीम ने जरासंध को द्वन्द युद्ध में मार दिया। उसके बाद उसके पुत्र सहदेव को शासक बनाया गया।India through the ages https://archive.org/details/indiathroughages00mada Gopal Madan 1990 80 K.S. Gautam Publication Division, Ministry of Information and Broadcasting, Government of India
महाराजा सहदेव
सहदेव, मगध नरेश
सहदेव जरासंध का पुत्र था, जिसे जरासंध की हत्या के बाद पांडवों ने मगध के सिंहासन पर बिठाया था। सहदेव ने पांडवों की ओर से कुरुक्षेत्र युद्ध लड़ा था । पुराणों के अनुसार, वह अपने चचेरे भाई जयदेव के साथ कुरुक्षेत्र युद्ध में शकुनि द्वारा मारा गया था।Misra, V.S. (2007). Ancient Indian Dynasties, Mumbai: Bharatiya Vidya Bhavan, 81-7276-413-8, p.290
सहदेव का उत्तराधिकारी सोमधि (या सोम्फी) जो की सहदेव का पुत्र था। पांडवों द्वारा उसे अधीनस्थ बनने के लिए सहमत होने के बाद उन्हें मगध के सिंहासन पर बिठाया गया था। इसके बाद मगध राज्य कुरु राज्य के अधिन शासन करने लगा।
राजवंश का अंत
रिपुंजय
बृहद्रथ वंश का अंतिम राजा रिपुंजय था, जिसे पुनिक (पुलिक) नामक मंत्री ने मार डाला था। रिपुंजय की मृत्यु के बाद, पुनिक ने अपने ही पुत्र प्रद्योत को सिंहासन पर बैठाया और 682 ईसा पूर्व में प्रद्योत राजवंश की स्थापना की।
वंशावली
शासकों की सूची-
+मगध के बृहद्रथ राजवंश के शासकों की सूचीक्रम-संख्याशासकशासन अवधि (ई.पू में)टिप्पणी1महाराजा बृहद्रथल. 1700–1680राजा बृहद्रथ ने मगध साम्राज्य की स्थापना की।2महाराजा जरासंधल. 1680–1665राजा बृहद्रथ का पुत्र और राजवंश के सबसे शक्तिशाली शासक, भीम द्वारा वध कर दिया गया।3महाराजा सहदेवल. 1665–1661राजा जरासंध का पुत्र, पांडवों के अधीन शासन किया।4महाराजा सोमधिल. 1661–1603राजा सहदेव का पुत्र5महाराजा श्रुतसरवासल. 1603–15396महाराजा अयुतायुसल. 1539–15037महाराजा निरामित्रल. 1503–14638महाराजा सुक्षत्रल. 1463–14059महाराजा बृहतकर्मनल. 1405–138210महाराजा सेनाजीतल. 1382–133211महाराजा श्रुतंजयल. 1332–129212महाराजा विप्रल. 1292–125713महाराजा सुचील. 1257–119914महाराजा क्षेम्यल. 1199–117115महाराजा सुब्रत ल. 1171–110716महाराजा धर्मल. 1107–104317महाराजा सुसुमल. 1043–97018महाराजा द्रिधसेनल. 970–91219महाराजा सुमतिल. 912–87920महाराजा सुबालाल. 879–85721महाराजा सुनीताल. 857–81722महाराजा सत्यजीतल. 817–76723महाराजा विश्वजीतल. 767–732राजा रिपुंजय के पिता24महाराजा रिपुंजयल. 732–682राजा रिपुंजय राजवंश के अंतिम राजा थे उनकी हत्या उनके प्रधानमंत्री पुलिक द्वारा कर दी गई और अपने पुत्र प्रद्योत को मगध का नया राजा बना दिया और प्रद्योत वंश की नीव रखी।
इन्हें भी देखें
मगध
प्रद्योत वंश
हर्यक वंश
महाभारत
मगध के राजवंशों और शासकों की सूची
सन्दर्भ
सन्दर्भ ग्रन्थ
बाहरी कड़ियाँ
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