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गोपालसमुद्रम नारायण रामचन्द्रन
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डॉ॰ जीएन रामचन्द्रन जीएन रामचन्द्रन yes 1922 10 8 एर्नाकुलम, कोचि राज्य, ब्रिटिश भारत yes 2001 04 7 1922 10 8 चेन्नई, तमिलनाडु, भारत भारतीय सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्लीमद्रास विश्वविद्यालयभारतीय विज्ञान संस्थानकैंडेविश प्रयोगशाला मद्रास विश्वविद्यालय (बीएससी, एमएससी, डीएससी)कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (पीएचडी) चन्द्रशेखर वेंकटरमन रामचंद्रन आरेख
गोपालसमुद्रम नारायण रामचन्द्रन अथवा जीएन रामचन्द्रन (8 अक्टूबर 1922 – 7 अप्रैल 2001)(IUCr) G. N. Ramachandran https://www.iucr.org/people/crystallographers/g.-n.-ramachandran 2020-10-21 www.iucr.org भारतीय भौतिकविज्ञानी थे। उन्हें पेप्टाइड सरंचना को समझने के लिए रामचन्द्रन आरेख विकसित करने के लिए जाना जाता है। कोलेजन की संरचना के ट्रिपल-हेलिकल मॉडल को प्रस्तुत करने वाले वो प्रथम व्यक्ति थे। उसके बाद उन्होंने भौतिकी और जैविकी के क्षेत्र में शोध कार्य किया।
शुरूआती जीवन और शिक्षा
रामचन्द्रन का जन्म ब्रिटिश भारत के कोचि राज्य के एर्नाकुलम कस्बे में एक तमिल परिवार में हुआ।Vijayan M. Johnson L. N. Louise Johnson 2005 Gopalasamudram Narayana Ramachandran. 8 October 1922 – 7 April 2001: Elected FRS 1977 बायोग्राफिकल मेमोरिज ऑफ़ फेलोज ऑफ़ द रॉयल सोसाइटी 51 367 10.1098/rsbm.2005.0024 70784146 M Vijayan उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से सन् 1939 में भौतिकी में स्नातक की।The prize that missed the master http://hindu.com/2001/04/26/stories/08260006.htm https://web.archive.org/web/20030506150213/http://www.hindu.com/2001/04/26/stories/08260006.htm dead 6 May 2003 7 October 2013 The Hindu 26 April 2001 D. BalasubramanianVijayan M. May 2001 G. N. Ramachandran (1922–2001) Nature en 411 6837 544 10.1038/35079236 11385557 21453587 1476-4687 free उन्होंने सन् 1942 में बंगलोर में भारतीय विज्ञान संस्थान से जुड़ गये। वहाँ पर वो विद्युत् अभियांत्रिकी विभाग से जुड़े और उसी समय उन्होंने भौतिकी में अपनी रुचि को पहचान लिया। इसके बाद उन्होंने अपना विभाग बदलकर भौतिकी विभाग करवा लिया और भौतिकी में ही स्नातकोत्तर की शिक्षा पूर्ण की। इसके बाद उन्होंने चन्द्रशेखर वेंकटरमन के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। उसके बाद उन्होंने सन् 1947 में डीएससी की उपाधि प्राप्त की।Balaram P Ramaseshan, S. 21 April 2001 G.N. Ramachandran Current Science Indian Academy of Sciences 80 8 908–910 http://www.ias.ac.in/currsci/apr252001/909.pdf 21 February 2009
शोध कार्य
पीएचडी पूरी करने के बाद वो भारतीय विज्ञान संस्थान में सन् 1949 में भौतिकी के सहायक आचार्य बने। सन् 1952 में वो मद्रास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष बन गये और वहाँ पर क्रिस्ट भौतिकी में अपना शोध कार्य आरम्भ कर दिया।
आखिरी समय
रामचन्द्रन की पत्नी का सन् 1988 में निधन हो गया और उसके बाद उनका स्वास्थ्य भी धीरे-धीरे खराब होने लग गया। जीवन के अन्तिम वर्षों में वो पार्किंसन रोग से प्रभावित हो गये थे। सन् 2001 में 78 वर्ष की आयु में रामचन्द्रन का निधन हो गया।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
जीएन रामचन्द्रन – भारतीय विज्ञान के ताज का गहना (अंग्रेज़ी में)
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श्रेणी:भारतीय वैज्ञानिक
श्रेणी:२००१ में निधन