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411 समाचार
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एलूर

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आन्ध्र प्रदेश में इस से मिलते-जुलते नाम के शहर के लिए एलुरु देखें एलूर Eloorഏലൂർ ml एलूर India Kerala 10.067 76.300 inline, title केरल में स्थिति नगर ज़िला एर्नाकुलम ज़िला प्रान्त केरल देश 30092 2001 भाषाएँ प्रचलित मलयालम एलूरवासी; मलयाली; केरलवासी https://lsgkerala.gov.in Eloor Municipality At a Glance Local Self Government Department, Government of Kerala 2026-10-12 नगरपालिका नगरपालिका परिषद = एलूर; तालुक= परवूर; पंचायत समिति (ब्लॉक)= परवूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कलमस्सेरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एर्नाकुलम 9 https://en-ca.topographic-map.com/map-q7m5tj/Eloor/ Eloor topographic map, elevation, terrain Topographic-Map.com 2026-10-12 पिन 683501 +91-0484 दूरभाष कूट KL-41 लिंगानुपात 1000:1023 ♂/♀ भारतीय मानक समय +5:30 https://eloormunicipality.lsgkerala.gov.in/ एलूर (ഏലൂർ)(en Eloor) भारत के केरल (या केरलम) राज्य के एर्नाकुलम ज़िले में स्थित एक नगर है। एलूर भारत के केरल राज्य के एर्नाकुलम ज़िले में स्थित एक विशिष्ट औद्योगिक द्वीप है। यह चारों ओर से पेरियार नदी की शाखाओं से घिरा हुआ है। यह परवूर तालुक के अंतर्गत आता है और कोच्चि शहरी समूह का एक अभिन्न हिस्सा है। इसका कुल क्षेत्रफल 14.21 वर्ग किलोमीटर है। 'एलूर' शब्द की उत्पत्ति के संबंध में दो प्रमुख मत हैं। पहले मत के अनुसार, यह मलयालम शब्द 'एलुम' और 'ऊरु' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ "सात गाँवों का संगम" होता है। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में चेर राजवंश के शासनकाल के दौरान इस द्वीप का उपयोग रणनीतिक सैन्य शिविरों और अन्न भंडारों के लिए किया जाता था। २०वीं शताब्दी के मध्य तक एलूर एक शांत कृषि प्रधान द्वीप था, जहाँ धान और नारियल की सघन खेती होती थी। वर्ष 1943 में यहाँ फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रवनकोर की स्थापना के साथ ही इस क्षेत्र का तीव्र औद्योगिक रूपांतरण शुरू हुआ। यहाँ औपनिवेशिक काल की कुछ पुरानी संरचनाएँ और औद्योगिक वास्तुकला के शुरुआती अवशेष मौजूद हैं, जो केरल के औद्योगिक इतिहास को दर्शाते हैं। एलूर केरल के सबसे बड़े औद्योगिक बेल्ट में से एक है। यहाँ फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रवनकोर लिमिटेड, त्रवनकोर कोचीन केमिकल्स, इंडियन रेअर अर्थ्स लिमिटेड और हिन्दुस्तान कीटनाशक लिमिटेड जैसे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के २५० से अधिक उद्योग स्थापित हैं। कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और कोच्चि पोर्ट के निकट होने के कारण यह क्षेत्र माल ढुलाई और रसद आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। तीव्र औद्योगिकीकरण के कारण पारंपरिक कृषि अब अत्यधिक सीमित हो चुकी है, हालांकि अंतर्देशीय मत्स्यपालन कुछ क्षेत्रों में सक्रिय है। यहाँ मुख्य रूप से 'पोक्कली' जैसी लवण-प्रतिरोधी पारंपरिक धान की किस्मों की खेती ज्वारीय आर्द्रभूमि में की जाती थी। इसके अतिरिक्त, नारियल के बागान , कंदमूल जैसे टैपिओका) और केले की पारंपरिक बागवानी यहाँ की आजीविका के मुख्य स्रोत थे। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा एलूर के प्रदूषित क्षेत्रों में मिट्टी को पुनर्जीवित करने के लिए 'फाइटोरेमेडिएशन' तकनीक का सुझाव दिया गया है। इसके तहत ऐसे विशिष्ट पौधों को उगाया जाता है जो मिट्टी से भारी धातुओं और रसायनों को अवशोषित कर भूमि को पुनः कृषि योग्य बना सकें। केरल कृषि विश्वविद्यालय और स्थानीय कृषि विभागों द्वारा किसानों को मृदा परीक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही, प्रदूषित भूमि से बचने के लिए नियंत्रित वातावरण में मृदा-रहित कृषि और ऊर्ध्वाधर खेती जैसी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर शोध चल रहा है। निकटतम हवाई अड्डा कोचीन अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र है, जो यहाँ से लगभग 20 किमी दूर नेदुमबास्सेरी में स्थित है। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन अलुवा और एर्नाकुलम टाउन हैं। कोच्चि मेट्रो का कलमश्शेरी और पाथडीपलम स्टेशन एलूर के सबसे नजदीक हैं। यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग 544 (NH 544) और सलेम-कोच्चि राजमार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है। पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, एलूर वॉटर मेट्रो स्टेशन का विकास किया गया है। यह स्टेशन दक्षिण चित्तूर और चेरानल्लूर मार्गों से जुड़ा हुआ है। भविष्य में इसे पूर्णतः हाइब्रिड इलेक्ट्रिक नौकाओं और व्यापक टर्मिनल नेटवर्क से एकीकृत कर कोच्चि के मुख्य आईटी और औद्योगिक गलियारों (जैसे कक्कानाड और वैटीला) से सीधा जोड़ने की योजना है। मुत्तर नदी पर ₹27.70 करोड़ की लागत से इस महत्वाकांक्षी पुल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। 153.24 मीटर लंबे इस पुल में नारियल के खंभों द्वारा आधुनिक मृदा सुदृढ़ीकरण तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यह परियोजना एलूर द्वीप को सीधे मुख्य कोच्चि शहर के उपनगरों से जोड़ेगी और वर्तमान यातायात भार को कम करेगी। यहाँ केरल राज्य सड़क परिवहन निगम और निजी बसों का सुदृढ़ नेटवर्क है। पेरियार नदी के विभिन्न घाटों से केरल राज्य जल परिवहन विभाग की नावें और पारंपरिक नावें यात्रियों एवं माल की आवाजाही में मदद करती हैं। औद्योगिक केंद्र होने के कारण यहाँ भारत के विभिन्न राज्यों के लोग निवास करते हैं, जिससे यहाँ एक मिश्रित संस्कृति का विकास हुआ है। प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल: एलूर कडू धर्मसंस्था मन्दिर: यह क्षेत्र का एक अत्यंत प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है। यहाँ विभिन्न सरकारी स्कूल और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थित हैं। कोच्चि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी इसके निकटवर्ती क्षेत्र में है। गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पास ही स्थित राजगिरी अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज, एर्नाकुलम (कलमश्शेरी) मुख्य आधार हैं। पेरियार नदी के किनारे बने कुछ घाट और औद्योगिक दृश्य यहाँ की पहचान हैं। यद्यपि यह एक औद्योगिक क्षेत्र है, लेकिन नदी के द्वीपीय स्वरूप के कारण यहाँ कुछ स्थानों पर मैंग्रोव और पक्षी दर्शन की संभावनाएँ बनती हैं। "Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394"The Rough Guide to South India and Kerala," Rough Guides UK, 2017, ISBN 9780241332894 इन्हें भी देखें एर्नाकुलम ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:एर्नाकुलम ज़िला श्रेणी:केरल के शहर श्रेणी:एर्नाकुलम ज़िले के नगर