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मड़वा मटकोर
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thumb|मड़वा का गीत
मड़वा मटकोर हिन्दू विवाह की एक रस्म है, जो बिहार, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में प्रचलित हैं।शर्मा लवीना क्या है मटकोड़ रस्म, जिसके बिना अधूरी है यूपी-बिहार की शादियां, दूल्हा-दुल्हन की आंख बंद करके लिया जाता है धरती माता से आशीर्वाद Times Now Navbharat 2025-05-10 https://www.timesnowhindi.com/spirituality/matkor-puja-ka-mahatva-itihas-history-in-hindi-up-bihar-shadi-matkor-puja-ritual-explained-story-article-151603640 hi 2025-11-15 यह रस्म विवाह के पहले मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार यह रस्म भगवान श्री राम और माता सीता के विवाह के समय से ही मनाया जा रहा है।Pandey Aarya Wedding Rituals : जानें शादी में मटकोर पूजा का क्या है महत्व Herzindagi 2023-09-12 https://www.herzindagi.com/hindi/society-culture/wedding-rituals-matkor-puja-significance-article-245381 hi 2025-11-15
रिवाज
मड़वा (या माँड़ो) की रस्म में नया बाँस से मंडप बनाया जाता है और मंडप को फल और फूल से सजाया जाता है, जिसे मड़वा कहा जाता है। मंडप में कलश स्थापित कर सत्यनारायण कथा की जाती है और उसी मंडप में पुरोहित वर-कन्या की विवाह करवाते हैं। मड़वा का रस्म वर और वधु दोनों के घरों पर होता है।
'मटकोर' का अर्थ "मिट्टी खोदना" से है। मटकोरा रस्म शादी से दो–तीन दिन पहले वर-वधू पक्ष की महिलाओं द्वारा की जाती है। महिलाएँ मंगलगीत गाते हुए जौ, पान और पीला कपड़ा लेकर गाँव के बाहर जाती हैं। वहाँ सिंदूर से फावड़े की पूजा होती है और वर या वधू की बुआ (या बहन) मिट्टी खोदती है, जबकि पाँच महिलाओं का खोईंछा भरा जाता है। मिट्टी को दउरी में लेकर महिलाएँ घर लौटती हैं, जहाँ पंडित की पूजा के बाद उसी मिट्टी से कलश स्थापित किया जाता है। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन की हल्दी होती है और उनकी कलाई में लोहे की अंगूठी व जवाइन बाँधी जाती है, जिसे कंगन/ककन कहते हैं। यह हिन्दू विवाह की एक महत्वपूर्ण परंपरा है।विवाह पूर्व दोनों पक्ष की अहम रश्म है हल्दी मटकोड़ Jagran 2012-03-10 https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-8995222.html hi 2025-11-15 अगस्त 2026 InternetArchiveBot
परंपरा के स्रोत और लोक में महत्व
कुबेरनाथ राय इसे विवाह की जनजातीय परंपरा मानते हुए कहते हैं - "... 'मटकोर' की प्रथा मूलतः जनजातीय है और जनजातीय विवाह पद्धति में अब भी यह किसी न किसी रूप में चालू है।"राय 1996 175 भोजपुरी एवं मैथिली लोकगीतों में मट्कोर के गीतों की अपनी अलग विधा के रूप में पहचान है।Gorakhnath एक गीत में कन्या को कोयल के रूप में वर्णित किया गया है जबकि एक अन्य बहुत प्रसिद्ध गीत में पाँच (या सात) सखियों के माटी कोडने जाने का वर्णन मिलता है।साहनी 2014 135Chandra Kumar 2023 97
हाल में हिंदू देवी-देवताओं के पूजन में भी इस रस्म के मनाये जाने की परंपरा चल निकली है।महाशिवरात्रि : शिव-पार्वती विवाह को लेकर सजा रहा शहर, आज मटकोर व मड़वा Hindustan 2025-02-24 https://www.livehindustan.com/bihar/gaya/story-mahashivratri-2023-grand-shiva-parvati-wedding-celebrations-in-the-city-201740412332040.html hi 2025-11-15मटकोर व मड़वा की रस्म के साथ राम-जानकी का विवाहोत्सव शुरू Dainik Bhaskar 2018-12-12 https://www.bhaskar.com/bihar/patna/news/ram-janaki39s-wedding-begins-with-matkor-and-mardwa-rituals-031100-3396711.html hi 2025-11-15Jha Manoj Bihar News: श्रीसीताराम विवाह महोत्सव में मंगल गीत, कहवां के पियर माटी, कहवां के कुदार हे... Jagran 2022-11-27 https://www.jagran.com/bihar/madhubani-matkor-ceremony-with-auspicious-songs-in-shri-sitaram-marriage-festival-23231716.html hi 2025-11-15
सन्दर्भ
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स्रोत ग्रंथ
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Gorakhnath Prof Prakash Uday, Prof Bhojpuri Loksahitya Lokbharti Prakashan 978-81-19996-89-6 https://books.google.co.in/books?id=6RlHEQAAQBAJ&newbks=1&newbks_redir=0&lpg=PT44&dq=%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B0&pg=PT44#v=onepage&q=%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B0&f=false 2025-11-15
राय कुबेरनाथ चिन्मय भारत: आर्ष-चिंतन के बुनियादी सूत्र हिंदुस्तानी एकेडमी 1996 https://books.google.co.in/books?id=34wKAAAAIAAJ&q=%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B0&dq=%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B0&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&sa=X&ved=2ahUKEwjTi7GZzPSQAxWWavUHHf0tBPwQ6AF6BAgOEAM hi 2025-11-15
साहनी दीनानाथ माँ की लोरियाँ और संस्कार गीत: The Melodious Songs of Motherhood and Tradition” प्रभात प्रकाशन 2014-01-01 978-93-5048-542-2 https://books.google.co.in/books?id=qEFqCwAAQBAJ&newbks=1&newbks_redir=0&lpg=PA135&dq=%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B0&pg=PA135#v=onepage&q=%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259F%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%25B0&f=false hi 2025-11-15
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