Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

आँखों में तुम हो

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

आँखों में तुम हो आँखों में तुम हो.jpg आँखों में तुम हो का पोस्टर शक्ति सामंत आशिम एस सामंत अनु मलिक शब्द कुमार शरद कपूर, सुमन रंगनाथन, रोहित रॉय 26 दिसंबर, 1997 भारत हिन्दी आँखों में तुम हो 1997 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। यह आशिम सामंत द्वारा निर्देशित और उनके पिता शक्ति सामंत द्वारा निर्मित है। इसे एक साथ बंगाली में अचेना अतिथि के नाम से निर्मित किया गया था। इसमें शरद कपूर, सुमन रंगनाथन और रोहित रॉय मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म आज अशोक कुमार की आखिरी फिल्म होने के लिए जानी जाती है।10-20 साल नहीं, इन पांच सितारों ने दशकों तक बॉलीवुड पर किया राज, नहीं दे पाया कोई टक्कर, ढेर हो गए नए स्टार https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/bollywood-ashok-kumar-to-amitabh-bachchan-5-bollywood-powerful-stars-who-shockingly-ruled-industry-for-decades-7716409.html 5 फरवरी 2024 News18 हिंदी 1 अक्टूबर 2023 hi 5 फ़रवरी 2024 https://web.archive.org/web/20240205163006/https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/bollywood-ashok-kumar-to-amitabh-bachchan-5-bollywood-powerful-stars-who-shockingly-ruled-industry-for-decades-7716409.html dead कहानी यह कहानी प्रेम, पूजा, प्रताप और रंजीत की है। पूजा से प्रेम बहुत ही ज्यादा प्यार करते रहता है, लेकिन प्रेम के पारिवारिक भविष्यवक्ता के कहने के अनुसार अगर पूजा की शादी प्रेम से होती है तो प्रेम की अकाल मृत्यु हो जाएगी। इस कारण प्रेम के दादाजी इस शादी के खिलाफ रहते हैं। वे इस बात को पूजा से कहते हैं और उसे प्रेम की जिंदगी से हमेशा के लिए दूर जाने बोलते हैं। पूजा उनकी बात मान कर प्रेम को छोड़ कर चले जाती है और प्रताप से शादी कर लेती है। प्रताप एक बहुत ही प्रसिद्ध व्यापारी है और अपनी पत्नी, पूजा से बहुत प्यार भी करता है। प्रताप की माँ, रानीमाँ को दिल की बीमारी है। प्रताप और पूजा के स्विट्ज़रलैंड में हनीमून के दिन ही प्रताप की एक दुर्घटना में मौत हो जाती है। चूंकि रानीमाँ को दिल की बीमारी है, इस कारण पूजा ये बात उन्हें नहीं बताती है। एक दिन दुर्गा पूजा के दौरान, पूजा की नजर प्रताप पर पड़ती है, जो असल में उसका हमशक्ल होता है। रानीमाँ को रंजीत मार देता है और इस हत्या को होते पूजा देख लेती है। पूजा इस कारण रंजीत को गोली मार देती है, पर वो गोली मामाबाबू के सिने में लग जाती है। रंजीत पूलिस को बुला कर पूजा के खिलाफ बयान देता है कि उसी ने रानीमाँ और मामाबाबू को मारा है। सारे सबूत पूजा के खिलाफ मिलने के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है। यह मामला न्यायालय में आता है और उसका वकील प्रेम बन जाता है। वह अदालत में साबित कर देता है कि पूजा बेगुनाह है और रंजीत ही असल हत्यारा है। इसके बाद अंत में दिखाया जाता है कि पूजा और प्रेम की शादी हो रही है। कलाकार सुमन रंगनाथन – पूजा प्रताप बर्मन / पूजा प्रेम कपूर शरद कपूर – प्रताप बर्मन / रंजीत बर्मन रोहित रॉय – प्रेम कपूर अशोक कुमार – कपूर राखी गुलज़ार – रानीमाँ सत्येन्द्र कपूर – गुप्ता, सरकारी वकील राम मोहन – डॉक्टर प्रमोद मुथु – मोहन रविशंकर – पूजा के पिता अनुराग – रमेश संगीत गीत गायक आनंद बख्शी अनु मलिक हम कहे ना कहे कुमार शानू, अनुराधा पौडवाल 6:57 आँखों में तुम हो कुमार शानू, अलका यागनिक 4:56 मैंने सावन से कहा कुमार शानू 5:49 मेरी आँखों में अनुराधा पौडवाल 5:30 हर एक मुस्कुराहट अलका यागनिक 5:41 सब कहते है अनुराधा पौडवाल 5:13 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 0250937 आँखों में तुम हो हो, आँखों में तुम श्रेणी:अनु मलिक द्वारा संगीतबद्ध फिल्में श्रेणी:भारतीय रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा फ़िल्में