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अनुच्छेद 86 (भारत का संविधान)

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भारत का संविधान भाग 5 राष्ट्रपति का सदनों को अभिभाषण और संदेश भेजने का अधिकार अनुच्छेद 87(भारत का संविधान) अनुच्छेद 85 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी संविधान 1949 प्रकाशित अनुच्छेद 86 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है इसमें राष्ट्रपति को संसद के सदनों में अभिभाषण करने और उन्हें संदेश भेजने का अधिकार दिया गया है। यह अनुच्छेद संविधान के भाग V (संघ) के अंतर्गत आता है। पृष्ठभूमि अनुच्छेद 70 (अनुच्छेद 86) के मसौदे के तहत राष्ट्रपति संसद के किसी भी सदन को संबोधित कर सकते थे। इस पर कोई बहस नहीं हुई और विधानसभा ने 18 मई 1949 को इस मसौदे को अपना लिया।Article 86: Right of President to address and send messages to Houses https://www.constitutionofindia.net/articles/article-86-right-of-president-to-address-and-send-messages-to-houses/ Constitution of India 14 अप्रैल 2026 मूलपाठ (१) संसद् के किसी एक सदन को, अथवा साथ समवेत दोनों सदनों को, राष्ट्रपति सम्बोधित कर सकेगा तथा इस प्रयोजन के लिये सदस्यों की उपस्थिति की अपेक्षा कर सकेगा। भारत के प्रत्येक मंत्री और महान्यायवादी को अधिकार होगा कि वह किसी भी सदन में सदनों की किसी भी संयुक्त बैठक में, तथा संसद की किसी समिति में, जिसमें उसका नाम सदस्य के रूप में दिया गया हो, बोले तथा दुसरे प्रकार से कार्यवाहियों में भाग ले, किन्तु इस अनुच्छेद के आधार पर उसको मत देने का हक्क न होगा। (२) राष्ट्रपति संसद् में उस समय लम्बित किसी विधेयक विषयक अथवा अन्य विषयक सन्देश संसद् के किसी सदन को भेज सकेगा तथा जिस सदन को कोई सन्देश इस प्रकार भेजा गया हो वह सदन उस सन्देश द्वारा अपेक्षित विचारणीय विषय पर यथासुविधा शीघ्रता से विचार करेगा।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 33 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१०९ (1) The President may address either House of Parliament or both Houses assembled together, and for that purpose require the attendance of members. (2) The President may send messages to either House of Parliament. whether with respect to a Bill then pending in Parliament or otherwise, and a House to which any message is so sent shall with all convenient despatch consider any matter required by the message to be taken into consideration. भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 33 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१०८ सन्दर्भ श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद