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तुर्की आम चुनाव, 2018
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तुर्की आम चुनाव, 2018: तुर्की में नये राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों के लिए 24 जून को मतदान हो गया है। यह चुनाव पिछले डेढ़ दशक से तुर्की में शासन कर रहे श्री रेसेप तैयप एर्दोगन और उनकी इस्लामवादी पार्टी एके के लिए बड़ी चुनौती है।
संसदीय चुनाव तुर्की के ग्रैंड नेशनल असेंबली में संसद के 600 सदस्यों को चुनने के लिए हुए हैं।
श्री एर्दोगन ने निर्धारित समय से पहले इस वर्ष अप्रैल में चुनाव का एलान करके विपक्ष को हैरान कर दिया था। यह चुनाव अगले वर्ष नवंबर में होना था। उन्होंने तर्क दिया था कि आर्थिक चुनौतियों और सीरिया से युद्ध का सामना करने के लिए राष्ट्रपति की पर्याप्त शक्ति की आवश्यकता के मद्देनजर चुनाव कराना आवश्यक है।.http://www.posta.com.tr/ankara-da-erken-secim-iddialari-haberi-1364092 Ankara'da erken seçim iddiaları... 26 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180428094436/http://www.posta.com.tr/ankara-da-erken-secim-iddialari-haberi-1364092 28 अप्रैल 2018 deadhttp://www.bbc.com/turkce/haberler-turkiye-42511041 2018'de Türkiye: Erken seçim mi, seçime hazırlık yılı mı? Ayşe Sayın 19 April 2018 BBC.com 26 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180718185954/https://www.bbc.com/turkce/haberler-turkiye-42511041 18 जुलाई 2018 live .http://www.mynet.com/haber/guncel/kulislerde-dolasan-erken-secim-ve-afrin-iddiasi-ankara-yi-hareketlendirdi-3818652-1 Kulislerde dolaşan erken seçim ve Afrin iddiası Ankara'yı hareketlendirdi Mynet 26 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180620002114/http://www.mynet.com/haber/guncel/kulislerde-dolasan-erken-secim-ve-afrin-iddiasi-ankara-yi-hareketlendirdi-3818652-1 20 जून 2018 dead
गौरतलब है कि 15 वर्ष से एर्दोगन सत्ता पर काबिज हैं. तुर्की के मतदाताओं ने पहली बार राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव में मतदान किया है. एर्दोआन अपनी सत्तारूढ़ जस्टिस ऐंड डेवलपमेंट पार्टी के लिए पूर्ण बहुमत की उम्मीए लगाए बैठे थे।
तुर्की में जुलाई 2016 तख्ता पटल के विफल प्रयास के बाद से आपातकाल लागू है। श्री एर्दोगन ने तख्ता पलट के प्रयास के पीछे अमेरिका में रह रहे मुस्लिम मैलबी फतेहमुल्ला गुलेन का हाथ होने का अारोप लगाया था और देश में उसके समर्थकों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया था।
श्री एर्दोगन अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी मुहर्रम इंस को भारी अंतर से हराने में कामयाब रहे। एर्दोगन को 52.5 फीसद और इंस को 31.5 फीसद वोट मिले। पहले दौर की मतगणना के बाद ही उनको विजेता घोषित कर दिया गया और दूसरे दौर की नौबत ही नहीं आई।दैनिक जागरण दैनिक जागरण रेसेप तैयप एर्दोगन दुवारा चुने गए तुर्की के राष्ट्पति https://www.jagran.com/world/middle-east-turkeys-erdogan-wins-presidential-polls-extending-15-year-grip-on-power-18120562.html 24 जून 2018 समाचार दैनिक जागरण 24 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180625085656/https://www.jagran.com/world/middle-east-turkeys-erdogan-wins-presidential-polls-extending-15-year-grip-on-power-18120562.html 25 जून 2018 live
संसदीय चुनाव
तुर्की में पहली बार राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव में मतपत्रों के जरिये चुनाव करवाया गया था। एर्दोगन 2003 से 2014 तक तुर्की के प्रधानमंत्री थे। इसके बाद से वह यहां के राष्ट्रपति बने हुए हैं। अप्रैल 2017 में अपनाए गए नए संविधान के मुताबिक प्रधानमंत्री का पद खत्म कर दिया गया है और नए राष्ट्रपति के पास पहले से ज्यादा अधिकार होंगे। चुनाव जीतने के बाद अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए एर्दोगन ने कहा था कि देश की जनता ने राष्ट्रपति पद के लिए मुझ पर भरोसा जताया है।
नई व्यवस्था अब तेजी से लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 88 फीसद वोटिंग के जरिये तुर्की ने पूरी दुनिया को लोकतंत्र का संदेश दिया है। गौरतलब है कि तुर्की में 2016 में सेना ने तख्ता पलट की कोशिश की थी। उसके बाद से वहां आपातकाल लागू है। चुनाव प्रचार के दौरान एर्दोगन और विपक्षी दलों ने कहा था कि जीत मिलते ही आपातकाल को हटा दिया जाएगा। चुनाव के नतीजों पर विपक्षी नेता इंस ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
संसद में भी बहुमत
संसदीय चुनाव में भी एर्दोगन की पार्टी एकेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। 600 सदस्यों वाली संसद में एकेपी को 293 सीटें मिली हैं। इसकी सहयोगी पार्टी एमएचपी ने 50 सीटों पर कब्जा जमाया है। चुनाव जीतने के बाद अपने पहले भाषण में एर्दोगन ने कहा कि यह देश के सभी मतदाताओं की जीत है।
thumb|right|200px|तेहरान, ईरान में तुर्की आम चुनाव। 17 जून 2018
पूर्ण बहुमत
एर्दोगन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुहर्रम इंस को पूर्ण बहुमत से हराया। उन्हें पहले दौर की गिनती में ही आधे से अधिक वोट मिल गए थे। इसके बाद दूसरे दौर की गिनती की जरूरत नही पड़ी थी।
पहली बार राष्ट्रपति व्यवस्था लागू
राष्ट्रपति ने अप्रैल 2017 में तुर्की में जनमत संग्रह कराया। इसके परिणाम के अनुसार अब देश में संसदीय प्रणाली लागू होगी।
नी व्यवस्था में प्रधानमंत्री का पद नहीं होगा और राष्ट्रपति पहले कि तुलना में अब ज्यादा शक्तियां मिलेगीं। वह मंत्रियों और न्यायपालिका के सदस्यों की नियुक्ति कर सकेगा। [[रजब तैयब इरदुगान|एर्दोगन] ने जनमत संग्रह के नतीजों समर्थन किया लेकिन विपक्ष का कहना था कि इससे राष्ट्रपति निरंकुश हो जाएगा।
राष्ट्रपति चुनाव
तुर्की राष्ट्रपति चुनाव, 2018
उम्मीदवार
मतपत्र पत्र पर उपस्थिति के क्रम में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की आधिकारिक सूचीhttp://www.cumhuriyet.com.tr/haber/turkiye/975078/Pusuladaki_siralama_belli_oldu__ince_ilk_sirada.html Pusuladaki sıralama belli oldu: İnce ilk sırada 2018-05-14 Cumhuriyet 2018-05-14 https://web.archive.org/web/20180514162315/http://www.cumhuriyet.com.tr/haber/turkiye/975078/Pusuladaki_siralama_belli_oldu__ince_ilk_sirada.html 2018-05-14 1 2 3 4 5 6 150x150px 150x150px center|150x150px 150x150px 150x150px center|150x150px मुहर्रम इंस मेरल अक्सेनेर रजब तैयब इरदुगान (पदधारी) सेलहत्तीन देमिर्तस तेमेल करामोल्लाओग्लो दुगो पेरिंसक सीएचपी(राष्ट्र गठबंधन) आईवीआई पार्टी(राष्ट्र गठबंधन) एके पार्टी(पीपुल्स एलायंस) एडीपी(कोई गठबंधन नहीं) सादेत(राष्ट्र गठबंधन) वतन](कोई गठबंधन नहीं) अभियान देखें अभियान देखें अभियान देखें अभियान देखें अभियान देखें अभियान देखें
परिणाम
सन्दर्भ
श्रेणी:तुर्की का इतिहास