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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

खींची गई रिक्शा

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अंगूठाकार|300x300पिक्सेल|खींची गई रिक्शा, कोलकाता, संवत् २०६१ (ई॰ सन् २००४)人力車 人力车 rénlìchē jên2-li4-chʻê1 力車 りきしゃ rikisha खींची गई रिक्शा (जापानी शब्द 人力車 jinrikisha से, अर्थ: 'मानव-शक्ति चालित वाहन') एक प्रकार का मानव-शक्ति चालित परिवहन है, जिसमें एक धावक दो पहियों वाली गाड़ी को खींचता है, जिसमें एक या दो यात्री बैठ सकते हैं। आधुनिक वर्षों में अनेक देशों में मानव-शक्ति चालित रिक्शाओं के उपयोग को प्रतिबन्धित या हतोत्साहित किया गया है, क्योंकि इससे रिक्शा श्रमिकों के कल्याण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खींची गई रिक्शाओं का स्थान मुख्यतः साइकिल रिक्शा और ऑटो रिक्शा ने ले लिया है। परिचय रिक्शा यह सामान्यतः माना जाता है कि रिक्शा का आविष्कार जापान में संवत् १९२७ (ई॰ सन् १८६० के दशक) में हुआ, जब तकनीकी प्रगति का एक तीव्र काल प्रारम्भ हुआ। संवत् १९५६ (ई॰ सन् १९वीं शताब्दी) में रिक्शा खींचना एशिया भर में एक सस्ता और लोकप्रिय परिवहन माध्यम बन गया।https://archive.org/details/rickshawcooliepe0000warr/page/14 Rickshaw Coolie: A People's History of Singapore, 1880-1940 James Francis Warren NUS Press 2003 997169266X 14https://archive.org/details/amazingbutfalseh0000dief/page/223 Amazing . . . But False!: Hundreds of "Facts" You Thought Were True, But Aren't David Diefendorf Sterling Publishing Company 2007 978-1402737916 223https://archive.org/details/rickshawcooliepe0000warr/page/14 Rickshaw Coolie: A People's History of Singapore, 1880-1940 James Francis Warren NUS Press 2003 997169266X 14 जो कृषक बड़े एशियाई नगरों की ओर प्रवास करते थे, वे प्रायः पहले रिक्शा धावक के रूप में कार्य करते थे। यह "पूर्व का सर्वाधिक प्राणघातक व्यवसाय था, और मानव के लिए सबसे अपमानजनक कार्य।"The Bizarre and the Wondrous from the Land of the Rising Sun! Boye De Mente Cultural-Insight Books 2010 978-1456424756 Demetra De Ment 95Chinese Adaptation and Diversity: Essays on Society and Literature in Indonesia, Malaysia & Singapore Leo Suryadinata NUS Press National University of Singapore. Centre for Advanced Studies 1992 9971691868 37Chinese Adaptation and Diversity: Essays on Society and Literature in Indonesia, Malaysia & Singapore Leo Suryadinata NUS Press National University of Singapore. Centre for Advanced Studies 1992 9971691868 37 जापान में रिक्शा की लोकप्रियता संवत् १९८७ (ई॰ सन् १९३० के दशक) में घटने लगी, जब स्वचालित परिवहन जैसे मोटरगाड़ी और रेलगाड़ी का आगमन हुआ। चीन में यह गिरावट संवत् १९८६ (ई॰ सन् १९२० के दशक) में प्रारम्भ हुई। सिङ्गपुर में रिक्शा की लोकप्रियता संवत् १९८० (ई॰ सन् २०वीं शताब्दी) में और बढ़ी। संवत् १९७७ (ई॰ सन् १९२०) में वहाँ लगभग ५०,००० रिक्शाएँ थीं, और यह संख्या संवत् १९८७ (ई॰ सन् १९३०) तक दुगुनी हो गई।https://archive.org/details/beyondneonlights0000luha Beyond the Neon Lights: Everyday Shanghai in the Early Twentieth Century Hanchao Lu University of California Press 1999 0520215648 348 registration विवरण अंगूठाकार|छत्रधारिणी महिला, जिनरिक्शा, लगभग संवत् १९३७ (ई॰ सन् १८८०) प्रारम्भिक रिक्शाएँ लोहे से मढ़े लकड़ी के पहियों पर चलती थीं, और यात्री कठोर, समतल सीट पर बैठते थे। संवत् १९५६–१९६७ (ई॰ सन् १९वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध से २०वीं शताब्दी के प्रारम्भ) में रबर या वायवीय रबर के टायर, स्प्रिंग गद्दियाँ और पीठ टिकाने की व्यवस्था से यात्री की सुविधा में सुधार हुआ। अन्य सुविधाएँ जैसे कि दीपक भी जोड़े गए।https://archive.org/details/beyondneonlights0000luha Beyond the Neon Lights: Everyday Shanghai in the Early Twentieth Century Hanchao Lu University of California Press 1999 0520215648 69 registration शंघाई नगर में सार्वजनिक रिक्शाओं को पीले रंग में रंगा जाता था, जिससे उन्हें सम्पन्न नागरिकों के निजी वाहनों से भिन्न किया जा सके, जिनका वर्णन इस प्रकार किया गया:"... सदैव चमकदार, सावधानीपूर्वक रख-रखाव किया गया, और उनमें 'एक निर्मल श्वेत गद्दीदार दोहरी सीट, गोद पर रखने हेतु स्वच्छ चैकदार कपड़ा, तथा वर्षा से रक्षा हेतु एक विस्तृत तिरपाल होता था (कभी-कभी तीन यात्री भी एक साथ यात्रा करते थे)।"https://archive.org/details/beyondneonlights0000luha Beyond the Neon Lights: Everyday Shanghai in the Early Twentieth Century Hanchao Lu University of California Press 1999 0520215648 69–70 registrationरिक्शाएँ यात्रा का एक सुविधाजनक साधन थीं, जो संकरे, घुमावदार नगर मार्गों से सरलता से गुजर सकती थीं। वर्षा ऋतु में, यात्री को गाड़ी से बाहर उठाकर, जलमग्न मार्गों के ऊपर से उनके गंतव्य द्वार तक पहुँचाया जा सकता था। यह द्वार-से-द्वार यात्रा प्रदान करती थीं, जो कि निर्धारित सार्वजनिक बस और ट्राम सेवा से भिन्न थी।https://archive.org/details/beyondneonlights0000luha Beyond the Neon Lights: Everyday Shanghai in the Early Twentieth Century Hanchao Lu University of California Press 1999 0520215648 69 registration देशीय परिप्रेक्ष्य एशिया भारत संवत् १९३७ (ई॰ सन् १८८०) के आसपास भारत में रिक्शा का आगमन हुआ, सर्वप्रथम शिमला में।Imperial Simla: the political culture of the Raj Pamela Kanwar Oxford University Press 2003 0195667212 2 176 संवत् १९५७ (ई॰ सन् १९०० के आसपास) यह कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में प्रारम्भ हुआ, और संवत् १९७१ (ई॰ सन् १९१४) में यह किराए पर चलने वाला वाहन बन गया।https://archive.org/details/rickshawcooliepe0000warr/page/14 Rickshaw Coolie: A People's History of Singapore, 1880-1940 James Francis Warren NUS Press 2003 997169266X 14 सेवा उपलब्धता यद्यपि अधिकांश नगरों में ऑटो रिक्शा सेवा उपलब्ध है, हाथ से खींची जाने वाली रिक्शाएँ कुछ क्षेत्रों में अब भी प्रचलित हैं, जैसे कोलकाता — "मानव-शक्ति चालित ताना रिक्शाओं का अन्तिम गढ़"।Frommer's India Pippa de Bruyn Keith Bain David Allardice Shonar Joshi 18 February 2010 John Wiley and Sons 978-0470645802 Fourth 15, 57, 156 ट्रिलिन के अनुसार, कोलकाता की अधिकांश रिक्शाएँ उन लोगों की सेवा करती हैं जो "ग़रीबी से थोड़ा ऊपर" की श्रेणी में आते हैं और प्रायः अल्प दूरी की यात्रा करते हैं। तथापि, हाल ही में हाय्रापिएट और ग्राइनर द्वारा प्रकाशित एक लेख में यह पाया गया कि रिक्शाएँ मध्यवर्गीय नागरिकों को भी परिवहन प्रदान करती हैं, जो सुविधा की दृष्टि से और स्थानीय बाजार तक की अल्प दूरी की यात्रा हेतु इनका उपयोग करते हैं। रिक्शाओं का उपयोग सामान, ख़रीदारों और विद्यालय जाने वाले बच्चों को ले जाने के लिए भी किया जाता है।Hyrapiet Shireen Greiner Alyson L. October 2012 Calcutta's Hand–Pulled Rickshaws: Cultural Politics and Place Making in a Globalizing City https://archive.org/details/sim_geographical-review_2012-10_102_4/page/n4 Geographical Review 102 4 407–426 10.1111/j.1931-0846.2012.00167.x 143034771 यह "२४-घण्टे की रोगी-वाहन सेवा" के रूप में भी प्रयुक्त होती है। हाय्रापिएट और ग्राइनर के अनुसार, रिक्शा खींचने वाले व्यक्तियों ने कोलकाता समैरिटन्स के लिए सह-शिक्षक की भूमिका निभाई है, और कोलकाता के वेश्यालय क्षेत्रों में उपेक्षित समुदायों तक पहुँच के कारण एच॰आई॰वी॰/एड्स सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। मानसून ऋतु में जलमग्न मार्गों से होकर यात्रा करने हेतु रिक्शा सबसे प्रभावी साधन है। जब कोलकाता में बाढ़ आती है, तब रिक्शा व्यवसाय में वृद्धि होती है और किराए बढ़ जाते हैं।India https://archive.org/details/northeastindia0000unse_y1g0 Joe Bindloss Lonely Planet 2009 978-1741793192 2 135 रिक्शा खींचने वाले अत्यन्त निर्धन जीवन जीते हैं, और अनेक तो रिक्शा के नीचे ही सोते हैं। विद्वान रुद्रान्सु मुखर्जी ने रिक्शा में यात्रा करने को लेकर लोगों की द्वैध भावना का उल्लेख किया है: वे स्वयं रिक्शा में बैठकर यात्रा करना पसन्द नहीं करते, किन्तु "उनकी आजीविका छीनने" के विचार से भी असहज हैं।May 2024 माथेरान, महाराष्ट्र के समीप स्थित एक पर्यटक पर्वतीय स्थल, जो पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित है, वहाँ मोटर वाहनों पर प्रतिबन्ध है, अतः वहाँ मानव-शक्ति चालित रिक्शाएँ अब भी प्रमुख परिवहन साधन हैं।http://www.indiapost.com/matheran-smallest-peaceful-vehicle-free-hill-station/ Matheran: Smallest, peaceful & vehicle-free hill station Admin India Post विधिक स्थिति तमिलनाडु में संवत् २०३१ (ई॰ सन् १९७४) में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की सरकार (मुख्यमन्त्री एम॰ करुणानिधि) ने हाथ से खींची जाने वाली रिक्शाओं के संचालन पर औपचारिक रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया, और उनके स्थान पर पैडल रिक्शा को प्रोत्साहित किया। संवत् २०६२ (ई॰ सन् २००५) में पश्चिम बङ्गाल की साम्यवादी सरकार ने खींची गई रिक्शाओं पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने की योजना की घोषणा की, जिससे रिक्शा खींचने वालों द्वारा विरोध प्रदर्शन और हड़तालें हुईं।WebIndia, 2005. संवत् २०६३ (ई॰ सन् २००६) में पश्चिम बङ्गाल के मुख्यमन्त्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने घोषणा की कि खींची गई रिक्शाओं पर प्रतिबन्ध लगाया जाएगा और रिक्शा खींचने वालों का पुनर्वास किया जाएगा।Trillin Calvin April 2008 Last Days of the Rickshaw http://ngm.nationalgeographic.com/2008/04/kolkata-rickshaws/calvin-trillin-text https://web.archive.org/web/20080319154322/http://ngm.nationalgeographic.com/2008/04/kolkata-rickshaws/calvin-trillin-text dead 19 March 2008 National Geographic 213 4 97WebIndia, 2005. संवत् २०८२ (ई॰ सन् २०२५) के श्रावण मास में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने खींची गई रिक्शाओं पर औपचारिक रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया।https://www.indiatoday.in/india/story/supreme-court-calls-practice-of-hand-pulled-rickshaws-inhuman-and-asks-government-to-arrange-for-rehabilitation-of-pullers-2767503-2025-08-07 Top court calls hand-pulled rickshaws 'inhuman', asks for pullers' rehabilitation Ojha Srishti 7 August 2025 India Today en-in 8 August 2025 सन्दर्भ श्रेणी:सायकिल प्रकार श्रेणी:जापानी भाषा पाठ वाले लेख श्रेणी:चीनी भाषा पाठ वाले लेख