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अमेदिओ मोदिग्लिआनी
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Amedeo Modigliani Amedeo Modigliani Photo.jpg 250px Amedeo Clemente Modigliani 1884 7 12 y Livorno, Italy 1920 1 24 1884 7 12 y Paris, France Italian Painting, Sculpture Accademia di Belle Arti, Florence Madame PompadourJeanne Hébuterne in Red Shawl
अमेदिओ क्लेमेनते मोदिग्लिआनी (12 जुलाई 1884 - 24 जनवरी 1920) एक इतालवी कलाकार थे जो मुख्य रूप से फ्रांस में काम करते थे। वे मुख्य रूप से एक आलंकारिक कलाकार थे, उन्हें मुखौटों-जैसे चेहरे और लम्बे स्वरूपों की विशेषता लिए आधुनिक शैली में चित्रकारी और मूर्तिकारी करने के लिए जाना गया। ट्युबरकुलर मैनिंजाइटिस के कारण पेरिस में उनका निधन हो गया, जिसमें गरीबी, अत्यधिक काम और शराब और नशीले पदार्थों के सेवन ने भी अपनी भूमिका निभाई.
प्रारंभिक जीवन
thumb|left|upright|लिवोरनो में मोदिग्लिआनी का जन्मस्थान
मोदिग्लिआनी का लिवोरनो, इटली में एक यहूदी परिवार में हुआ था। बंदरगाह वाला शहर, लिवोरनो लम्बे समय तक धर्म के नाम पर प्रताड़ित लोगों के लिए शरणस्थली बना रहा और बड़े यहूदी समुदाय का निवास स्थान बना रहा। उनके पर-नाना, सोलोमन गार्सिन, 18वीं सदी में एक शरणार्थी के रूप में लिवोरनो में आकर बस गए। Werner Alfred 1967 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000alfr London Thames and Hudson. 13
मोदिग्लिआनी, फ्लामीनिओ मोदिग्लिआनी और उनकी फ्रांसीसी पत्नी, इयुजेनिया गार्सिन के चौथे बच्चे थे। उनके पिता एक मुद्रा-परिवर्तक थे, लेकिन जब उनका व्यापार विफल हुआ, तब उनके परिवार को गरीबी का सामना करना पड़ा. अमेदिओ के जन्म ने परिवार को बर्बादी से बचा लिया, क्योंकि एक प्राचीन कानून के अनुसार, लेनदार किसी गर्भवती महिला या एक नवजात शिशु की मां के बिस्तर को जब्त नहीं कर सकते थे। बैलिफों ने ठीक उसी समय उनके घर में प्रवेश किया जब इयुजेनिया प्रसव पीड़ा में चली गयीं; परिवार ने अपने घर की मूल्यवान संपत्तियों को उनके ऊपर रख कर बचा लिया।
मोदिग्लिआनी का उनकी मां के साथ बड़ा नज़दीकी सम्बंध था, जो उन्हें उनके दस वर्ष के होने तक घर में ही पढ़ाया करती थीं। ग्यारह वर्ष की आयु में प्लेयुरीसी का दौरा पड़ने के बाद उनकी स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हुई, कुछ साल बाद उनमें टाइफाइड बुखार का मामला विकसित हुआ। जब वे सोलह वर्ष की थी वे फिर से बीमार पड़े और उस तपेदिक की चपेट में आ गए जो आगे चल कर उनकी मृत्यु का कारण बनने वाला था। मोदिग्लिआनी प्लेयुरीसी के दूसरे दौर से उबरने के बाद, उनकी मां उन्हें पहले दक्षिणी इटली के दौरे पर ले गयीं: नेपल्स, कापरी, रोम और अमाल्फी और फिर उत्तर की ओर फ्लोरेंस और वेनिस. Fifield William 19 जून 1978 Modigliani: A Biography https://archive.org/details/modiglianibiogra0000will W.H. Allen 316 Diehl Gaston Reissue edition (Jul 1989) Modigliani https://archive.org/details/isbn_9780517507988 Crown Pub 96 Soby James Thrall Sep 1977 Amedeo Modigliani New York Arno P 55
उनके द्वारा कला को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने की क्षमता में उनकी मां ने कई मायनों में, एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जब वे ग्यारह साल के थे, तब उन्होंने अपनी डायरी में लिखा था:
The child's character is still so unformed that I cannot say what I think of it. He behaves like a spoiled child, but he does not lack intelligence. We shall have to wait and see what is inside this chrysalis. Perhaps an artist? Werner Alfred 1967 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000alfr London Thames and Hudson. 14
कला विद्यार्थी के रूप में वर्ष
मोदिग्लिआनी को बहुत छोटी उम्र से चित्रकारी करते हुए जाना जाता है और उनकी मां ने लिखा कि Mann Carol 1980 Modigliani https://archive.org/details/modigliani0000mann_s6e0 London Thames and Hudson. 0-500-20176-5 12 औपचारिक अध्ययन शुरु करने से पहले ही वे अपने आप को "एक चित्रकार" समझने लगे थे। अपनी इस गलतफहमी के बावजूद भी कि उनके कला का अध्ययन शुरू करने से उनके अन्य अध्ययनों में अड़चनें आयेंगी, युवा मोदिग्लिआनी की मां ने इस विषय के प्रति उनके जुनून को हवा दी।
चौदह वर्ष की उम्र में, टाइफाइड बुखार से ग्रस्त, वे अपने पागलपन में प्रलाप करते रहे कि, वे सबसे ज्यादा, पालाजो पिट्टी और फ्लोरेंस में उफिजी के चित्रकारियों को देखना चाहते हैं। लिवोरनो के स्थानीय संग्रहालय में इतालवी पुनर्जागरण मास्टरों द्वारा बनाये गए कुछ ही चित्र थे, फ्लोरेंस के विषय में जो कहानियां उन्होंने सुनी थी उसने उनमें कौतुहल पैदा किया और अपने बीमारी की अवस्था में, यह उनके लिए काफी निराशा का स्रोत था, कि वे उन्हें कभी आमने-सामने नहीं देख पाएंगे. उनकी मां ने उनसे वादा किया कि उनके स्वस्थ हो जाने के बाद, वे उन्हें खुद फ्लोरेंस ले जाएंगी. ना केवल उन्होंने अपना वादा पूरा किया, अपितु उन्होंने उन्हें लिवोरनो के सिर्वश्रेष्ठ चित्रकारी गुरु ग्युग्लिएलमो मिशेली के पास भर्ती करने का भी ज़िम्मा उठाया.
मिशेली और माशीएओली
मोदिग्लिआनी ने 1898 से 1900 तक मिशेली के कला स्कूल में काम किया। यहां उनका सबसे पहला औपचारिक कला प्रशिक्षण 19 वीं शताब्दी में इतालवी कला की शैलियों और विषयों के अध्ययन में ओत-प्रोत माहौल में हुआ। उनके पूर्व के पेरिस के काम में, इस प्रभाव के और उनके पुनर्जागरण कला की पढ़ाई के निशान को अभी भी देखा जा सकता है: इस नवोदित काम को जितना जियोवनी बोल्दिनी जैसे कलाकारों द्वारा आकार दिया गया उतना ही टूलूज़-लुत्रेक द्वारा भी दिया गया।
मोदिग्लिआनी ने मिशेली के साथ जबकि अच्छा काम दिखाया और अपनी पढ़ाई केवल तभी छोड़ी जब वे अपने तपेदिक के शुरु होने के कारण ऐसा करने के लिए मजबूर हुए.
1901 में, रोम में रहते हुए, मोदिग्लिआनी ने डोमेनिको मोरेलि के काम की सराहना की, जो बाइबल से जुड़े भावुकतापूर्ण नाटक अध्ययन और महान साहित्य से दृश्यों के चित्रकार थे। यह विडंबना है कि वे मोरेलि से इतना प्रभावित हुए, क्योंकि इस चित्रकार ने मूर्तिपूजा का विरोध करने वाले एक समूह के लिए एक प्रेरणा स्रोत का काम किया जो दी माचीएओली (माचिया से -"रंग का छींटा", या, अधिक स्पष्ट रूप से, "धब्बा") के नाम से जाना जाता था और मोदिग्लिआनी पहले से ही माचीएओली के प्रभाव में आ चुके थे। इस छोटी से, स्थानीयकृत परिदृश्य आंदोलन का कारण था शैक्षणिक शैली चित्रकारों द्वारा पूंजीपति रूपरेखा के खिलाफ प्रतिक्रिया की आवश्यकता. फ्रांसीसी प्रभाववादियों से सहानुभूतिपूर्वक जुड़े होने के बावजूद (और वास्तव में समय से पूर्व), माचीएओली अंतरराष्ट्रीय कला पर वैसा प्रभाव नहीं डाल पाए जैसा मोनेट कि समकालीनों और अनुयायियों ने डाला और वे आज की तारीख में इटली के बाहर काफी हद तक विस्मृत किए जा चुके हैं।
इस आंदोलन के साथ मोदिग्लिआनी के सम्बंध गुग्लिएलमो मिशेली के माध्यम से जुड़े, जो उनके पहले कला शिक्षक थे। मिशेली ना केवल खुद माचीएओलो थे, अपितु इस आंदोलन के प्रसिद्ध संस्थापक जिओवानी फाटोरी के एक छात्र भी थे। मिशेली का काम इतना सजावटी और शैली इतनी आम थी कि युवा मोदिग्लिआनी ने उसके खिलाफ प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसके तहत उन्होंने लैडस्केप के जूनून को अनदेखा करना पसंद किया, जो फ्रेंच प्रभाववाद की तरह, आंदोलन की विशेषता थी। मिशेली ने अपने शिष्यों को सादे कागज़ पर चित्रकारी करने के लिए भी प्रोत्साहित किया, लेकिन मोदिग्लिआनी को इस शैली में काम करने, कैफे में चित्रकारी करने में मज़ा नहीं आया, अपितु वे घर के अंदर और विशेष रूप से अपने खुद के स्टूडियो में चित्रकारी करना पसंद करते थे। यहां तक कि जब उन्हें लैंडस्केप बनाने के लिए मजबूर किया गया (तीन की मौजूदगी ज्ञात है), Werner Alfred 1967 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000alfr London Thames and Hudson. 16 मोदिग्लिआनी ने माचीएओली के बजाय प्रोटो-क्यूबिस्ट पैलेट का इस्तेमाल किया जो केज़ाने के अधिक समान था।
मिशेली के साथ के दौरान, मोदिग्लिआनी ने ना केवल लैंडस्केप का, बल्कि उन्होंने पोर्ट्रेट, स्थिर-जीवन और नग्न चित्रकारी का भी अध्ययन किया। उनके साथी छात्र याद करते हैं कि अंतिम वाली कृति में उन्होंने अपनी सिर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को प्रदर्शित किया और जाहिरा तौर पर इस किशोर के लिए यह पूरी तरह से एक शैक्षिक खोज नहीं था: जब वे नग्न चित्रकारी नहीं करते थे, तब वे घर की नौकरानियों के साथ शारीरिक सम्बंध बनाने में व्यस्त रहते थे।
माचीएओली दृष्टिकोण को अस्वीकार करने के बावजूद, मोदिग्लिआनी को उनके शिक्षक से प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जो उन्हें "सुपरमैन" कह कर संदर्भित करते थे, यह एक ऐसा उपनाम था जो इस तथ्य को दर्शाता है कि मोदिग्लिआनी ना केवल अपनी कला में निपुण थे, बल्कि यह भी की वे नियमित रूप से नीत्शे के दज़ स्पोक ज़रथुस्त्रा से उद्धृत किया करते थे। फातोरी स्वयम अक्सर स्टूडियो में जाते थे और युवा कलाकार के नवाचारों की सराहना करते थे। Mann Carol 1980 Modigliani https://archive.org/details/modigliani0000mann_s6e0 London Thames and Hudson. 0-500-20176-5 16
1902 में, मोदिग्लिआनी ने आगे चल कर अपने जीवन भर का आकर्षण बनने वाले मानव चित्रण को जारी रखा, जिसके तहत उन्होंने फ्लोरेंस में अकादेमिया डी बल्ले आर्टि (Scuola Libera di Nudo, या "नग्न अध्ययन का मुक्त विद्यालय") में दाखिला लिया। एक साल बाद, जबकि वे अभी भी तपेदिक से पीड़ित थे, वे वेनिस में स्थानांतरित हो गए जहां उन्होंने इस्टीट्यूटो डी बल्ले आर्टि में अध्ययन करने के लिए दाखिला लिया।
वेनिस में ही उन्होंने पहली बार चरस का सेवन किया और अध्ययन करने के बजाए, प्रायः शहर के अपकीर्तिकर भागों में चक्कर काटने लगे। जीवन शैली के इन चुनावों का उनकी विकसित होती कलात्मक शैली पर क्या प्रभाव पड़ा, यह अनुमान का विषय है। हालांकि ये विकल्प केवल सामान्य किशोर अवस्था विद्रोह, या उस समय के कलाकारों से आम तौर पर उम्मीद की जाने वाली प्रेमवाद और रूढ़िमुक्तिवाद से कुछ अधिक लग रहा था; उनके जीवन के मैले भाग की खोज की जड़ें उनके कट्टरपंथी दर्शनों, जिनमें नीत्शे की भी शामिल है, की सिराहना में मिलती है।
पूर्व साहित्यिक प्रभाव
एक छोटे लड़के के रूप में अपने नाना के संरक्षण में विद्वान दार्शनिक साहित्य के संपर्क में होने के कारण, उन्होंने अपने कला अध्ययन के माध्यम से नीत्शे, बौडेलेयर, कार्डूची, कॉम्ते दे लौत्रेयामोंट और अन्यों को पढ़ा और प्रभावित भी हुए और यह विश्वास विकसित किया कि सच्ची कलात्मकता की राह केवल अवज्ञा और अव्यवस्था के माध्यम से निकलती है।
1901 में जो पत्र उन्होंने कापरी के अपने 'विश्राम-काल' से लिखे थे उनसे स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि वे नीत्शे की सोच से अधिक से अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इन पत्रों में उन्होंने अपने दोस्त ऑस्कर घिग्लिया को सलाह दी है;
(hold sacred all) which can exalt and excite your intelligence... (and) ... seek to provoke ... and to perpetuate ... these fertile stimuli, because they can push the intelligence to its maximum creative power. Werner Alfred 1967 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000alfr London Thames and Hudson. 17
इस समय पर लौत्रेयामोंट का काम भी उतना ही प्रभावशाली हो गया था। इस दुर्भाग्यशाली कवि की ले शैंट्स डे माल्डरोर मोदिग्लिआनी की पीढ़ी के पेरिस के अतियथार्थवादियों के लिए प्राथमिक काम बन गया और यह पुस्तक मोदिग्लिआनी की इस हद तक पसंदीदा बन गयी कि उन्होंने उसे याद कर डाला। लौत्रेयामोंट की कविता की विशेषता है विलक्षण तत्वों की निकटता और परपीड़क कल्पना; मोदिग्लिआनी का इतनी छोटी उम्र में इस पथ द्वारा इतना प्रभावित होने का तथ्य उनके विकसित होते रूचि की ओर संकेत देता है। बौडेलैर और डी'अनुनज़ियो भ्रष्ट सौंदर्य में अपनी रूचि के कारण और प्रतीकवादी कल्पना के माध्यम से उस समझ की अभिव्यक्ति करके युवा कलाकारों को समान रूप से लुभाते थे।
मोदिग्लिआनी ने घिग्लिया को कापरी से बड़े पैमाने पर लिखा, जहां उनकी मां उन्हें तपेदिक से ठीक होने में सहायता करने के लिए ले गयी थीं। ये पत्र मोदिग्लिआनी के मन में पकने वाले विकसित होते विचारों की आवाज़ का ज़रिया थे। घिग्लिया मोदिग्लिआनी से सात साल वरिष्ठ थे और यह संभावना भी है कि ये वहीं हैं जिन्होनें उस युवक को लिवोरनो में उनकी क्षमता की सीमा दिखाई. सभी अकालपक्व किशोरों की तरह, मोदिग्लिआनी को अपने से बड़ी उम्र वाले साथियों का साथ पसंद था और अपनी किशोरावस्था में घिग्लिया की भूमिका एक सहानुभूतिपूर्ण श्रोता की थी जैसा वे बताते है, विशेष रूप से उन जटिल पत्रों में जिन्हें वे नियमित रूप से भेजा करते थे और जो अभी भी हैं। Mann Carol 1980 Modigliani https://archive.org/details/modigliani0000mann_s6e0 London Thames and Hudson. 0-500-20176-5 19–22
Dear friend
I write to pour myself out to you and to affirm myself to myself.
I am the prey of great powers that surge forth and then disintegrate...
A bourgeois told me today–insulted me–that I or at least my brain was lazy. It did me good. I should like such a warning every morning upon awakening: but they cannot understand us nor can they understand life... Mann Carol 1980 Modigliani https://archive.org/details/modigliani0000mann_s6e0 London Thames and Hudson. 0-500-20176-5 20
पेरिस
आगमन
thumb|right|ले-बटाऊ-लेवोइर.
1906 में मोदिग्लिआनी पेरिस आ गये, जो उस समय कला के आधुनिक साधकों का केंद्र बिंदु था। वास्तव में, कलात्मक प्रयोग के इस केंद्र में उनका आगमन दो और विदेशियों के आगमन के साथ सम्पाती था, जो आगे चल कर कला की दुनिया में अपने निशान छोड़ने वाले थे: गीनो सेवेरिनी और जुआन ग्रीस.
वे ला वातौ-लावोर में बस गए, जो मोंटमारट्रे में गरीब कलाकारों का समुदाय था और उन्होंने रुए काऊलैनकोर्ट में खुद के लिए एक स्टूडियो किराए पर लिया। हालांकि मोंटमारट्रे में इस कलाकार के निवास से सामान्यीकृत गरीबी झलकती थी, खुद मोदिग्लिआनी ने शुरू में ऐसे पेश किया जैसे कोई परिवार का लड़का अपने परिवार की खोयी हुई आर्थिक स्थिति के दिखावे को वर्तमान तक बनाये रखने की कोशिश करता है: उनका पहनावा बिना आडंबर के बना-ठना था और जो स्टूडियो उन्होंने किराए पर लिया था वह एक शैली में नियुक्त था जो कुछ आलीशान चिलमन और पुनर्जागरण प्रतिकृतियों में भली भांति अभ्यस्तों के लिए सटीक था। उन्होंने जल्द ही बोहेमियाई कलाकार का भेष बनाने का प्रयास किया, लेकिन, अपने भूरे कॉरडरॉय, लाल दुपट्टे और बड़ी काली टोपी में भी वे ऐसे लगते थे जैसे की बुरे समय की चपेट में आकर उन्होंने जुग्गियों का पहनावा अपना लिया हो।
जब वे पहली बार पेरिस आये, वे नियमित रूप से घर पर अपनी मां को पत्र लिखा करते थे, वे अकादमिए कोलारोस्सी में अपनी नग्न चित्रकारियां करते थे और कम मात्रा में शराब पीते थे। उस समय उन्हें जानने वालो की उनके विषय में राय थी कि वे थोड़े गम्भीर प्रकृति के और लगभग असामाजिक थे। दर्ज है कि उस समय अपने ट्रेडमार्क कामगार कपड़े पहने हुए पिकासो से मिलने पर उन्होंने टिप्पणी की थी, कि हालांकि वह आदमी प्रतिभाशाली है, लेकिन यह उनके भद्दे पहनावे का बहाना नहीं हो सकता.
कायांतरण
thumb|right|चाइम सौतीन का पोर्ट्रेट, 1916
पेरिस में पहुंचने के एक वर्ष के भीतर, तथापि, उनकी चाल - ढाल और प्रतिष्ठा नाटकीय रूप से बदल गयी। उन्होंने खुद को एक व्यवसायिक विद्वान कलाकार से घुमक्कड़ों के राजकुमार के रूप में परिवर्तित कर लिया।
कवि और पत्रकार लुई लाटुरेट ने उनके परिवर्तन के बाद, इस कलाकार के पूर्व में सुसज्जित स्टूडियो में जाकर पाया कि वह जगह अव्यवस्थित है, पुनर्जागरण प्रतिकृतियों को दीवारों से हटा दिया गया है और आलीशान पर्दे अस्तव्यस्त हैं। इस समय तक मोदिग्लिआनी पहले से ही एक शराबी और नशीली दवाओं के सेवक बन चुके थे और उनके स्टूडियो से यह परिलक्षित होता था। मोदिग्लिआनी का इस समय का व्यवहार उनके एक कलाकार के रूप में विकसित होती शैली पर प्रकाश डालता है, जिसमें उनका स्टूडियो, शैक्षिक कला की उन सभी चीज़ों के लिए लगभग एक बलि का पुतला बन चुका था जिनसे वे नफ़रत करते थे और जो उनके अब तक के जीवन और प्रशिक्षण देने की पहचान बना हुआ था।
उन्होंने ना केवल अपने स्टूडियो से अपनी पूंजीपति विरासत के सभी श्रृंगारों को निकाल दिया, बल्कि, वे अपने पूर्व के कामों को व्यावहारिक रूप से नष्ट करने लगे थे। उन्होंने अपने हैरान पड़ोसियों को अपने असाधारण कृत्य के विषय में समझाते हुए कहा:
Childish baubles, done when I was a dirty bourgeois. Werner Alfred 1967 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000alfr London Thames and Hudson. 19
उनके पूर्व के व्यक्तित्व की हिंसक अस्वीकृति के लिए प्रेरणा काफी अटकलों के अधीन है। यह आत्म विनाशकारी प्रवृत्ति उनके तपेदिक से और इस ज्ञान (या धारणा) से उत्पन्न हुई होगी कि इस रोग ने उन्हें मूलतः एक अकाल मौत के लिए चुना है: इस कलाकार के निवास क्षेत्र के भीतर कईयों ने इस तरह की मौत का सामना किया और इसमें सामान्य प्रतिक्रिया थी कि जब तक जीवन है उसका आनन्द ले लिया जाये, मुख्यतः आत्म विनाशकारी कार्यों में लिप्त होने के द्वारा. मोदिग्लिआनी के लिए इस प्रकार का व्यवहार पहचान के अभाव के जवाब में किया गया हो सकता है, वे उत्रिलो और सुतिन जैसे कलाकारों के सानिध्य में रहते थे, ताकि उन्हें अपने सहयोगियों से अपने काम के लिए स्वीकृति और मान्यता मिल सके।
मोदिग्लिआनी का व्यवहार इन बोहिमियाई वातावरण में भी अडिग रहा: वे अक्सर सम्बंध बनाते रहे, भारी मात्रा में मद्यपान करते रहे और चिरायता और चरस का सेवन करते रहे। नशे की हालत में, वे कभी-कभी सामाजिक समारोहों में नग्न हो जाते थे। Werner Alfred 1985 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000modi New York Harry N. Abrams, Inc. 0-8109-1416-6 24 वे एक दुखद कलाकार की प्रतिमूर्ति बन गये थे, जो मरणोपरांत लगभग विन्सेन्ट वैन गाग के समान एक आदर्श बन गये।
1920 के दशक के दौरान, मोदिग्लिआनी के कैरियर के परिणामस्वरूप और आन्द्रे सालमन के उन टिप्पणियों से उत्तेजित जिसमें उन्होंने मोदिग्लिआनी की शैली की उत्पत्ति का श्रेय चिरायता और चरस को दिया, कई उम्मीदवारों ने मादक द्रव्यों का सेवन करके और चरम बोहिमियाई राह पर चल कर उनकी "सफलता" की बराबरी करने की कोशिश की। सालमन ने- ग़लती से - दावा किया कि होश में रहने पर मोदिग्लिआनी पूरी तरह से एक सड़क छाप कलाकार थे।
...from the day that he abandoned himself to certain forms of debauchery, an unexpected light came upon him, transforming his art. From that day on, he became one who must be counted among the masters of living art. Werner Alfred 1967 Amedeo Modigliani https://archive.org/details/amedeomodigliani0000alfr London Thames and Hudson. 20
हालांकि यह प्रचार उन लोगों के लिए समर्थन जुटाने का जरिया बन गया जिनमें दुखद, बर्बाद कलाकार बनने की एक रोमांचक लालसा थी, यह रणनीतियां उन लोगों में अद्वितीय कलात्मक अंतर्दृष्टि या तकनीक नहीं पैदा कर पायी जिनमें यह पहले से ही नहीं थी।
वास्तव में, कला इतिहासकार यह सुझाव देते हैं कि मोदिग्लिआनी के लिए पूरी तरह से संभव था कि वे और अधिक से अधिक कलात्मक ऊंचाइयों को छूते यदि वे अपने स्वयम भोग में कैद न हो जाते और उसके द्वारा बर्बाद ना कर दिए जाते. हम केवल अटकलें ही लगा सकते हैं कि अपने आत्म विनाशकारी खोज से सही सलामत उभर कर वे किन ऊंचाइयों को छू पाते.
आउटपुट
पेरिस में अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान, मोदिग्लिआनी ने उग्र गति से काम किया। वे लगातार चित्र बनाते थे और एक दिन में सौ चित्र बना लेते थे। लेकिन, उनकी कई कृतियां खो गई - कई को उन्होंने खराब मान कर नष्ट कर दिया, अपना आवास बदलते रहने के कारण पीछे छूट गयी, या फिर अपनी प्रमिकाओं को दे दिया जिन्होंने उसे रखा नहीं।
वे पहले हेनरी डी टोलुज़ लौट्रेक से प्रभावित थे, लेकिन 1907 के आसपास वे पॉल सिज़ेन के कार्यों से मोहित हुए. अंततः उन्होंने अपनी अनोखी शैली विकसित की, एक ऐसी शैली जिसे अन्य कलाकारों के साथ पूर्ण रूप से वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है।
जब वे 26 वर्ष के थे तो उन्हें अपने जीवन का पहला गंभीर प्रेम हुआ, 1910 में रूसी कवयित्री अन्ना अख़्मातोवा से. दोनों का स्टूडियो समान इमारत में था और हालांकि 21 वर्षीय अन्ना का हाल ही में विवाह हुआ था, दोनों का चक्कर चलने लगा। फ़रवरी 2007 लंबी (मोदिग्लिआनी केवल 5 फुट 5 इंच के थे) और काले बालों वाली (मोदिग्लिआनी की तरह), पीली पीली और हरी-भूरी आंखों वाली, वह कन्या मोदिग्लिआनी के सौंदर्य आदर्श का मूर्त रूप थी और यह जोड़ी एक-दूसरे के प्रति मोहित हो गयी। एक साल बाद, हालांकि, अन्ना अपने पति के पास लौट गई।
कृतियों की दीर्घा
मूर्तिकला
thumb|right|upright|डिएगो रिवेरा की पोर्ट्रेट, 1914.
1909 में, मोदिग्लिआनी, बीमार और अपने जंगली जीवन शैली से थके हुए लिवोरनो में घर लौट आए। जल्द ही वे पेरिस लौट आये और इस बार उन्होंने मोंटपर्नास में स्टूडियो किराए पर लिया। उन्होंने खुद को मूल रूप से एक मूर्तिकार के रूप में देखा ना कि एक चित्रकार के रूप में और अपने कार्यों को जारी रखने के लिए उन्हें तब प्रोत्साहन मिला जब का एक महत्वाकांक्षी युवा कला व्यापारी पॉल गिलौम ने उनके कार्यों में रूचि दिखाई और उनका परिचय मूर्तिकार कोंस्टेंटीन ब्रान्कुजी़ से करवाया.
यद्यपि मोदिग्लिआनी द्वारा बनाई गई कई मूर्तियों की शृंखला को 1912 के सैलून डी औटोम्ने में प्रदर्शित किया गया, 1914 तक उन्होंने मूर्तिकला को त्याग दिया और सिर्फ चित्रकारी पर अपना ध्यान केंद्रित किया, यह कदम उन्होंने इसलिए उठाया क्योंकि युद्ध भड़कने से मूर्तिकला के लिए सामग्री प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी और साथ ही मोदिग्लिआनी शारीरिक रूप से दुर्बल होते जा रहे थे।क्लेन, मेसन, एट अल., मोदिग्लिआनी: बीयोंड द मिथ पृष्ठ 197. यहूदी संग्रहालय और येल यूनिवर्सिटी प्रेस, 2004.
प्रभाव के प्रश्न
मोदिग्लिआनी ने मोंटपर्नासे में कई समकालीन कलाकारों और मित्रों का चित्र बनाया है: शैम सूतिन, मोज़े किसलिंग, पाब्लो पिकासो, डिएगो रिवेरा, मेरी "मारेव्ना" वोरोबाएव-स्टेबेस्का, जुआन ग्रिस, मैक्स जैकोब, ब्लेज़ सेंड्रार्स और जीन कॉकटेऊ, विशेष चित्रों के लिए सभी बैठे.
प्रथम विश्व युद्ध के शुरू होने पर, मोदिग्लिआनी ने सेना में भर्ती होने की कोशिश की, लेकिन खराब स्वास्थ्य के चलते उन्हें मना कर दिया गया।
युद्ध के वर्ष
thumb|left|मोदिग्लिआनी, पाब्लो पिकासो और आंद्रे सालमन, 1916
पेरिस में मोदी के रूप में जाने जाते थे, जो कई पेरिस वासियों द्वारा ' शापित' (मौदित) के रूप में अनुवादित किया गया, लेकिन उन्हें दोस्तों और परिवार वालों के बीच डीडो के नाम से जाने जाते थे, मोदिग्लिआनी एक सुंदर पुरुष थे और महिलाओं का अधिक ध्यान आकर्षित करते थे।
उनके जीवन में महिलाओं का आना जाना लगा रहा जब तक की बीएट्रिस हेस्टिंग्स का उसके जीवन में प्रवेश नहीं हुआ। वे उनके साथ लगभग डो वर्षों तक रही, उनके कई चित्रों का विषय भी बनी, जिसमें मैडम पोम्पाडौर भी शामिल है और उनके अधिकांश शराबी क्रोध का शिकार बनी। फ़रवरी 2007
1914 में जब ब्रिटिश चित्रकार नीना हैम्नेट पहली बार मोंटपर्नासे पहुंची, उनकी पहली शाम कैफे में बगल के टेबल पर बैठे एक मुस्कुराते हुए आदमी ने मोदिग्लिआनी; चित्रकार और यहूदी के रूप में खुद का परिचय दिया। वे अच्छे दोस्त बन गए।
1916 में, मोदिग्लिआनी ने पोलिश कवि और आर्ट डीलर लियोपोल्ड ज्बोरोव्सकी और उनकी पत्नी अन्ना से मित्रता की।
जैन हेव्युटर्न
thumb|right|125px|जैन हेव्युटर्न
उसके बाद की गर्मी में, रूसी मूर्तिकार चना ओरलोफ़ ने उनकी मुलाकात एक 19 वर्षीय कला की छात्रा जैन हेव्युटर्न से कराईhttp://www.museothyssen.org/thyssen/exposiciones/WebExposiciones/2008/modigliani/fundacion/fundacion9_ing.html Photo Museo Thyssen - Bornemisza retrieved जून 8, 2009 https://web.archive.org/web/20080229014847/http://www.museothyssen.org/thyssen/exposiciones/WebExposiciones/2008/modigliani/fundacion/fundacion9_ing.html 29 फ़रवरी 2008 dead जो फौजिता सुगुहारु के लिए पोज़ दे चुकीं थी। एक रूढ़िवादी पृष्ठभूमि से आने वाली हेब्युटर्न को अपने रोमन कैथोलिक धर्मनिष्ठ परिवार द्वारा इस चित्रकार के साथ सम्बंध रखने के कारण त्याग दिया गया, जिन्हें वे एक लंपट परित्यक्त से थोड़ा ही अधिक मानते थे और उससे भी बदतर था कि वह एक यहूदी थे। अपने परिवार के विरोधों के बावजूद, जल्द ही वे एक साथ रहने लगे और हालांकि हेब्युटर्न उनके जीवन का वर्तमान प्यार थी, उनके सार्वजनिक दृश्य मोदिग्लिआनी के व्यक्तिगत शराबी प्रदर्शनियों से अधिक प्रसिद्ध रहे। फ़रवरी 2007
3 दिसम्बर 1917 को, मोदिग्लिआनी की पहली एकल प्रदर्शनी बर्थ वेल गैलरी में शुरू हुई। पेरिस पुलिस प्रमुख, मोदिग्लिआनी के नग्न चित्रों को देख कर रुष्ट हो जाते हैं और प्रदर्शनी के शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर उसे बंद करने के लिए मजबूर कर देते हैं।
उनके और हेब्युटर्न के नाइस में स्थानांतरित होने के बाद, वे गर्भवती हो गई और 29 नवम्बर 1918 को उन्होंने एक पुत्री को जन्म दिया जिसका नाम उन्होंने जेनी रखा (1918-1984)।
नाइस
नाइस की यात्रा पर, जो लियोपोल्ड ज्बोरोवस्की, मोदिग्लिआनी, फौजिता और अन्य कलाकारों द्वारा सोचा और आयोजित किया गया था, इन कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों को धनाढ्य पर्यटकों को बेचने की कोशिश की। मोदिग्लिआनी अपने कुछ चित्रों को बेच पाने में कामयाब रहे, लेकिन प्रत्येक केवल कुछ ही फ़्रैंक में बिकी. इसके बावजूद, इस दौरान उन्होंने अधिकतर ऐसे चित्र बनाये जो आगे चल कर उनके सर्वाधिक लोकप्रिय और महत्वपूर्ण कामों में गिने गए।नवम्बर 2009
अपने जीवनकाल के दौरान उन्होंने अपनी कई कलाकृतियां बेची, लेकिन कभी भी कोई बहुत अधिक पैसे में नहीं बेच सके। जो भी पैसे उन्हें मिलते थे वह बहुत जल्द उनकी बुरी लतों के चलते गायब हो जाते थे।नवम्बर 2009
1919 मई में वे पेरिस लौटे, जहां, हेब्युटर्न और अपनी बेटी के साथ, उन्होंने rue de la Grande Chaumière में एक मकान किराए पर लिया। वहां रहते हुए जेनी हेव्युटर्न और अमेदिओ मोदिग्लिआनी दोनों ने एक दूसरे के और अपने चित्र बनाये। नवम्बर 2009
मृत्यु
thumb|125px|पेरे लाचैसे कब्रिस्तान में अमेदिओ मोदिग्लिआनी और जैन हेव्युटर्न की कब्र.
हालांकि उन्होंने चित्रकारी करना जारी रखा, मोदिग्लिआनी का स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ता रहा और उनको शराब प्रेरित संज्ञाशून्यता लगातार होने लगी।
1920 में, कई दिनों तक उनकी कोई खबर ना पा कर, नीचे रहने वाले उनके पड़ोसी ने परिवार की खबर ली और मोदिग्लिआनी को बिस्तर में भ्रांतचित्त अवस्था में और लगभग नौ माह की गर्भवती हेब्युटर्न को पकड़े हुए पाया। उन्होंने एक डॉक्टर को बुलाया, लेकिन ज्यादा कुछ किया नहीं जा सका क्योंकि मोदिग्लिआनी उस समय की लाइलाज बीमारी ट्युबरक्युलर मैनिंजाइटिस से पीड़ित थे।
24 जनवरी 1920 को मोदिग्लिआनी का निधन हो गया। उनका एक विशाल अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें मोंटमारट्रे और मोंटपारनासे में कलात्मक समुदाय से कई लोग शामिल हुए.
हेब्युटर्न को उनके माता पिता के घर ले जाया गया, जहां, गमगीन होकर, मोदिग्लिआनी की मृत्यु के दो दिन बाद वे पांचवें तल की खिड़की से बाहर कूद गयीं जिसके परिणाम स्वरूप उनकी और उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गयी। मोदिग्लिआनी को पेरे लाचैस सिमेट्री में दफनाया गया। हेब्युटर्न पेरिस के निकट Cimetière de Bagneux में दफनाया गया था और 1930 के बाद कड़वाहट से भरे परिवार ने उनके शव को मोदिग्लिआनी के बगल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। एक एकल समाधि पत्थर उन दोनों को सम्मानित करता है। मोदिग्लिआनी के स्मृति लेख पर लिखा हुआ है: "स्ट्रक डाउन बाई डेथ एट दी मोमेंट ऑफ़ ग्लोरी" ("यश के समय में मृत्यु की ग्रास में")। उनकी में लिखा है: "दीवोटेड कोम्पैनियं टू दी एक्सट्रीम सैकरीफाइस" ("चरम बलिदान के लिए समर्पित साथी")Lappin Linda 2002 Summer Missing person in Montparnasse: The case of Jeanne Hebuterne Literary Review: an international journal of contemporary writing 45 4 785–811 00244589 1 जुलाई 2008
मोदिग्लिआनी की मृत्यु दरिद्रता और बेसहारा परिस्थितियों में हुई - वे अपने जीवन काल में केवल एक प्रदर्शनी का प्रबंध कर सके और अपने काम को रेस्तरां में भोजन के बदले देते रहे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी प्रतिष्ठा बढ़ गई। नौ उपन्यास, एक नाटक, एक वृत्तचित्र और तीन फीचर फ़िल्में उनके जीवन को समर्पित की गयी है। नवम्बर 2010 में, अमेदिओ मोदिग्लिआनी के 1917 के आसपास बनाये गए एक न्यूड शृंखला का हिस्सा एक नग्न चित्र, न्यूयॉर्क में एक नीलामी में 68.9 मिलियन डॉलर (£ 42.7m) में बेचीं गयी - जो इस कलाकार के काम का रिकॉर्ड मूल्य था। "ला बल्ले रोमैने" के लिए बोली ने, उसकी कीमत को इसके अनुमानित 40 मिलियन डॉलर (£ 24.8m) से ज्यादा कर दिया।
मोदिग्लिआनी का पिछला नीलामी रिकॉर्ड 43.2 मिलियन यूरो (£ 35.8m) पर, पेरिस में इस साल के शुरू में तय किया गया। इस कलाकार द्वारा एक अन्य चित्र - जैन हेव्युटर्न (au chapeau) - अपनी प्रेमिका की पहली तस्वीरों में से एक, 19.1 मिलियन डॉलर (£11.8m) में बिका जो इसके अनुमानित 9- 12 मिलियन (£5.6-7.4m) से काफी ज्यादा थी।http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-11682850 बीबीसी समाचार - मोदिग्लिआनी नग्न 68.9 मिलियन डॉलर के रिकॉर्ड मूल्य पर बिका 14 मार्च 2011 https://web.archive.org/web/20101210132451/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-11682850 10 दिसंबर 2010 live
विरासत
फ्लोरेंस में मोदिग्लिआनी की बहन ने उनके 15 महीने की बेटी, जेनी (1918-1984) को अपनाया. एक वयस्क के रूप में उन्होंने अपने पिता की एक जीवनी लिखी जिसका शीर्षक था मोदिग्लिआनी: मैन एंड मिथ .
सिनेमा
मोदिग्लिआनी पर दो फिल्में बनाई गयी: 1958 में ले अमान्ट्स डे मोंटपर्नास जिसका निर्देशन जैक बेकर ने किया और 2004 में मोदिग्लिआनी, जिसका निर्देशन मिक डेविस ने किया और एंडी गार्सिया ने मोदिग्लिआनी की मुख्य भूमिका निभाई.
1972 में बनी फिल्म ट्रैवल्स विथ माई आंट में रेड न्यूड (1917) ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मैगी स्मिथ का धूर्ततापूर्वक झुका चेहरा, जिसके बाल गहरे लाल हैं, उसे मूल पेंटिंग पर चढ़ा दिया गया प्रतीत होता है।
1968 की फ्रेंच फिल्म ले टाटू में एक काल्पनिक लीजन फ़ौजी है जिसकी पीठ पर मोदिग्लिआनी द्वारा बनाया गया टैटू है। चूंकि उनकी मृत्यु के बाद से, मोदिग्लिआनी द्वारा बनाई गयी कृतियों का मूल्य आसमान छूने लगा, एक आर्ट डीलर पूरी फिल्म के दौरान उस लीजन फ़ौजी के पीठ से उस टैटू को निकालकर एक संग्रहालय में रखने का प्रयास करता है।
चुनिंदा काम
चित्र
Amedeo Modigliani
हैट पहने एक महिला का सिर (1907)
जुआन ग्रीस का पोर्ट्रेट (1915)
आर्ट डीलर पॉल गुइलौमे का पोर्ट्रेट (1916)
जीन कोक्टौ का पोर्ट्रेट (1916)
नग्न बैठे हुए (ca. 1918) होनोलूलू अकादमी ऑफ़ आर्ट्स
जैन हेव्युटर्न की पोर्ट्रेट (1918)
पंखे के साथ महिला (1919), आधुनिक कला संग्रहालय पेरिस से मई 19, 2010. को चोरी
मारिओस वार्वोगलिस का पोर्ट्रेट (1920; मोदिग्लिआनी का अंतिम चित्र)
मूर्तियां
(मोदिग्लिआनी द्वारा बनाई गयी केवल 27 मूर्तियों के अस्तित्व में होने की जानकारी है।अप्रैल 2010)
एक महिला का सिर (1910/1911)।
सिर (1911-1913)।
सिर (1911-1912)।
सिर (1912)।
रोज़ करियाटिड (1914)।
इन्हें भी देखें
Painting the Century: 101 Portrait Masterpieces 1900-2000
आधुनिक, समकालीन और बाहरी कला के लिए लिले मेटरोपोल संग्रहालय
दीवान पर बैठा एक नग्न
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
हेच संग्रहालय
मोदिग्लिआनी: मिथक के परे, यहूदी संग्रहालय, न्यूयॉर्क 2004
मोदिग्लिआनी और उनकी मॉडलें, द रॉयल एकेडमी ऑफ आर्ट्स, लंदन 2006
1811805,00.html प्रदर्शनी की समीक्षासितंबर 2021 InternetArchiveBot द रॉयल एकेडमी ऑफ आर्ट्स में मोदिग्लिआनी
1812380,00.html रैट्स टीथ एंड एमटी आइज़सितंबर 2021 InternetArchiveBot , द गार्जियन्स के 2006 के आरए शो की समीक्षा में मोदिग्लिआनी के काम की उपेक्षा करनेवाला विचार.
मोदिग्लिआनी के यहूदी प्रभाव
श्रेणी:1884 में जन्मे लोग
श्रेणी:१९२० में निधन
श्रेणी:यहूदी कलाकार
श्रेणी:यहूदी चित्रकार
श्रेणी:इतालवी यहूदी
श्रेणी:सेफार्डी यहूदी
श्रेणी:आधुनिक चित्रकार
श्रेणी:आधुनिक वास्तुशिल्पी
श्रेणी:फ्रांस में इतालवी आप्रवासी
श्रेणी:इतालवी चित्रकार
श्रेणी:इतालवी वास्तुशिल्पी
श्रेणी:टस्कन चित्रकार
श्रेणी:मैनिंजाइटिस से मृत्यु
श्रेणी:फ्रांस में होने वाली ड्रग से संबंधित मौतें
श्रेणी:Père Lachaise Cemetery में दफनाये गये लोग
श्रेणी:लिवोरनो के लोग