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शहादा
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शहादत सामान्य व्यवहार में गवाही के विवरण गवाही
thumb|300px| (शहदा का सुलेखीय चित्रण) ला इलाहा इल्लल्लाहु मुहम्मदुर रसूलुल्लाह
210px|thumb|शहादा
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शहादा (الشهادة ar DIN aš-šahādah as-shahadah.ogg audio "गवाही देना"; और भी अश-शहादतन (ar الشَهادَتانْ, "दो गवाहियाँ, एक इस्लामी बुनियादी प्रथा है, इस बात का एलान करना कि अल्लाह एक है और मुहम्मद अल्लाह के भेजे गए प्रेषित (पैगम्बर) हैं। अधिकांश पारंपरिक स्कूलों के अनुसार एक व्यक्ति को मुस्लिम बनने के लिए शहादा का एक ही ईमानदार पाठ आवश्यक है।ला-इलाहा इल्लल्लाह की शर्तों (ज्ञान, यक़ीन...अन्त तक) की व्याख्या https://islamqa.info/hi/answers/12295/%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%B9-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%B2%E0%A4%B2%E0%A4%B2%E0%A4%B9-%E0%A4%95-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A4%A4 islamqa.info
यह एलान सूक्ष्म रूप से इस तरह है:
لَا إِلٰهَ إِلَّا الله مُحَمَّدٌ رَسُولُ الله
ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह
कोई भी पूज्य नहीं है, अल्लाह के सिवा, मुहम्मद उस के पैगम्बर हैं।N Mohammad (1985), The doctrine of jihad: An introduction, Journal of Law and Religion, 3(2): 381-397
हर मुसलमान इस बात को प्रकट करता है कि "अल्लाह एक है, और मुहम्मद, अल्लाह के रसूल हैं", यही विशवास का मूल धातू और स्तंभ है।प्रथम स्तम्भ: 'ला इलाहा इल्लल्लाह और 'मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह की गवाही https://knowingallah.com/hi/articles/%E0%A4%AA-%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%AE-%E0%A4%B8-%E0%A4%A4%E0%A4%AE-%E0%A4%AD-%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%B9-%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%B2%E0%A4%B2-%E0%A4%B2-%E0%A4%B9-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A4%A6-%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B8-%E0%A4%B2-%E0%A4%B2-%E0%A4%B2-%E0%A4%B9-%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%B5-%E0%A4%B9/ knowingallah.com 17
मार्च 2023
शब्द और उच्छारण
शहादा (ar شَهادة) गवाही को कहते हैं, ग्नान कोष में, न्याय कोष में भी इस शब्द को इस्तेमाल किया जाता है, जो के गवाही के लिए इस्तेमाल होता है, चाहे वह कर्जा, हादिसे, बुराई, या तलाक के वक्त में हो। The New Encyclopedia of Islam, Cyril hi tom Alta Mira Press, 2001, p. 416.
इस्लामी पद कोष में और कुरआन के सन्दर्भ में यह शब्द "विशवास प्रकट" के लिए इस्तेमाल किया जाता है। शहादा पढना या बोलना, या प्रकट करना हर मुस्लिम के लिए ज़रूरी है। इसी से ईमान या विशवास स्वीकार और प्रकट होता है।
चित्र मालिका
इन चित्रों में, बहुत सारे ध्वज हैं जिन पर "शहादा" लिखा हुआ है।
सन्दर्भ
3
बाहरी कड़ियाँ
Shahada
"The First Pillar of Islam"जून 2020 InternetArchiveBot
"The Shahadah as Truth and as Way"
http://www.essaouira.nu/culture_arabic.htm Arabic phrases
and about Islam essaouira.nu 5 नवंबर 2014 https://web.archive.org/web/20141106013410/http://www.essaouira.nu/culture_arabic.htm 6 नवंबर 2014 live
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