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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अल-अवर अल-शन्नी

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अल-अवर अल-शन्नी الأعور الشني ar बिश्र बिन मुन्किज़ बिन अल-नुअमान 7वीं शताब्दी लगभग 700 ईस्वी (80 हिजरी) कवि, योद्धा अरबी कविता, राजनीतिक कविता प्रारम्भिक इस्लामी और उमय्यद काल दीवान अल-अवर अल-शन्नी इस्लाम अल-अवर अल-शन्नी (الأعور الشني; मृत्यु लगभग 700 ईस्वी) प्रारम्भिक इस्लामी काल और उमय्यद शासन के दौरान एक प्रख्यात अरबी कवि और योद्धा थे। उनका वास्तविक नाम बिश्र बिन मुन्किज़ था, लेकिन अरबी साहित्य और इतिहास में वे अपने उपनाम अल-अवर (एक आँख वाला) के रूप में अमर हुए। वे न केवल अपनी ओजस्वी वाणी के लिए प्रसिद्ध थे, बल्कि युद्ध के मैदान में अपनी तलवार की धार के लिए भी पहचाने जाते थे। वे अरब के प्रतिष्ठित अब्दुल क़ैस कबीले के एक प्रभावशाली सदस्य और हज़रत अली इब्न अबी तालिब के कट्टर समर्थकों में से एक माने जाते हैं।बिश्र बिन मुन्किज़ सैय्यद जिया अल-दीन अल-हैदरी (Sayyid Diya' al-Din al-Haydari) Diwan al-A'war al-Shanni 1999 Mu'assasat al-Mawahib Beirut ar कबीलाई पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन अल-अवर अल-शन्नी का जन्म 7वीं शताब्दी में हुआ था। उनका संबंध अब्दुल क़ैस (Abdul Qays) कबीले की शन्न शाखा से था, जो ऐतिहासिक रूप से बहरीन और पूर्वी अरब के क्षेत्रों में निवास करता था। अब्दुल क़ैस कबीला अपनी धार्मिक निष्ठा और इस्लाम को सबसे पहले स्वीकार करने वाले कबीलों में से एक होने के कारण विशेष सम्मान रखता था। अल-अवर के पिता, मुन्किज़, कबीले के एक सम्मानित बुजुर्ग थे। अल-अवर का पालन-पोषण शुद्ध अरबी संस्कृति और वीरता के वातावरण में हुआ, जिसका गहरा प्रभाव उनकी बाद की कविताओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनकी कविताओं में अपने कबीले के गौरव और उनकी बहादुरी के किस्से अत्यंत प्रभावशाली ढंग से वर्णित हैं। उन्होंने अपनी विकलांगता को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि इसे अपनी पहचान का हिस्सा बना लिया। राजनीतिक सक्रियता और ऐतिहासिक युद्ध अल-अवर अल-शन्नी का जीवन केवल साहित्य तक सीमित नहीं था, बल्कि वे अपने युग की महान राजनीतिक उथल-पुथल के सक्रिय भागीदार थे। वे हज़रत अली इब्न अबी तालिब के प्रति अपनी अटूट वफ़ादारी के लिए जाने जाते थे। जब इस्लामी खिलाफत में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हुई, तो वे अली के पक्ष में एक योद्धा और प्रचारक के रूप में उभरे: जमल और सिफ़्फ़िन के युद्ध: इन दोनों निर्णायक युद्धों में उन्होंने हज़रत अली की सेना के अग्रिम दस्ते में रहकर लड़ाई लड़ी। उन्होंने युद्ध के मैदान में अपने काव्य का उपयोग एक मनोवैज्ञानिक हथियार के रूप में किया, जिससे सैनिकों का मनोबल ऊँचा हुआ और विरोधियों की तर्कशक्ति कमजोर हुई। उमय्यद विरोध: उमय्यद शासन की स्थापना के बाद भी वे अपने वैचारिक रुख पर अडिग रहे। उन्होंने अपनी शायरी के माध्यम से उमय्यद शासकों की नीतियों की आलोचना की और अहले-बैत (पैगंबर के परिवार) के अधिकारों की वकालत करना जारी रखा। उनकी राजनीतिक कविता (सि‍यासी शायरी) उस दौर के प्रतिरोध का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जाती है।Al-Ma'ini Abdul Hamid Poets of Abdul Qays and their poetry in the Islamic and Umayyad eras 2002 Abdulaziz Saud Al-Babtain Cultural Foundation Kuwait 13–16 ar काव्य शैली और साहित्यिक योगदान उनकी कविताओं को बाद में आधुनिक विद्वानों द्वारा "दीवान अल-अवर अल-शन्नी" के रूप में संकलित किया गया। उनके काव्य की कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: 1. राजनीतिक प्रतिबद्धता: वे उन प्रारंभिक कवियों में शामिल थे जिन्होंने कविता को केवल विलासिता का साधन न मानकर विचारधारा के प्रचार का माध्यम बनाया। 2. वीरता का वर्णन (हमासा): युद्ध के दृश्यों, तलवारों की खनक और घोड़ों की टापों का सजीव चित्रण उनकी शैली की पहचान थी। 3. कबीलाई गौरव (फ़ख्र): उन्होंने अपने कबीले 'अब्दुल क़ैस' की सेवाओं को इस्लाम के इतिहास के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया। 4. व्यंग्य (हिजा): उन्होंने अपने राजनीतिक शत्रुओं पर अत्यंत तीखे और तार्किक व्यंग्य किए, जो आज भी शोधकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक संदर्भ के रूप में महत्वपूर्ण हैं। मृत्यु और ऐतिहासिक विरासत अल-अवर अल-शन्नी की मृत्यु उमय्यद काल के दौरान लगभग 700 ईस्वी (80 हिजरी के आसपास) हुई। उन्हें एक ऐसे योद्धा-कवि के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने अपनी कलम और तलवार दोनों से अपने सिद्धांतों की रक्षा की। उनका "दीवान" न केवल अरबी साहित्य का अनमोल हिस्सा है, बल्कि यह शुरुआती इस्लामी राजनीति और समाज को समझने के लिए एक प्राथमिक स्रोत (Primary Source) भी है। आज भी अरबी विश्वविद्यालयों में उनकी कविताओं का अध्ययन उमय्यद काल के साहित्य के अंतर्गत विशेष रूप से किया जाता है। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ विकीडेटा: अल-अवर अल-शन्नी (Q102258322) श्रेणी:अरबी कवि श्रेणी:7वीं शताब्दी के लेखक श्रेणी:8वीं शताब्दी के लेखक श्रेणी:मुस्लिम योद्धा श्रेणी:2026 विकि लव्ज़ रमजान प्रतियोगिता के लेख