411 REFERENCE · Wikipedia
नज़ीर अकबराबादी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
thumb|right|300px|नज़ीर अकबराबादी (1740-1830)
नज़ीर अकबराबादी (१७४०–१८३०) १८वीं शदी के भारतीय शायर थे जिन्हें "नज़्म का पिता" कहा जाता है। उन्होंने कई ग़ज़लें लिखी, उनकी सबसे प्रसिद्ध व्यंग्यात्मक नज़्म बंजारानामा है।The Encyclopaedia Of Indian Literature (Volume Two) (Devraj To Jyoti), Volume 2 अमरेश दत्ता साहित्य अकादमी 2006 81-260-1194-7 1619
नज़ीर आम लोगों के कवि थे। उन्होंने आम जीवन, ऋतुओं, त्योहारों, फलों, सब्जियों आदि विषयों पर लिखा। वह धर्म-निरपेक्षता के ज्वलंत उदाहरण हैं। कहा जाता है कि उन्होंने लगभग दो लाख रचनायें लिखीं। परन्तु उनकी छह हज़ार के करीब रचनायें मिलती हैं और इन में से ६०० के करीब ग़ज़लें हैं।
आप ने जिस अपनी तमाम उम्र आगरा में बिताई जो उस वक़्त अकबराबाद के नाम से जाना जाता था।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
नजीर अकबराबादी की कविताएँ
श्रेणी:शायर
श्रेणी:1735 में जन्मे लोग
श्रेणी:१८३० में निधन