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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

एमपी 40

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जुलाई 2026 एमपी 40 (MP 40) 300px नाज़ी जर्मनी सबमशीन गन 1940 – 1945 (जर्मनी द्वारा), बाद में अन्य देशों द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध, प्रथम इंडोचीन युद्ध, वियतनाम युद्ध, स्वेज संकट हेनरिक वो्लमर एर्मा वेर्के 1940 – 1945 लगभग 11 लाख 9×19 मिमी पैराबेलम स्ट्रेट ब्लोबैक, ओपन बोल्ट 500 से 550 राउंड प्रति मिनट लगभग 100 से 200 मीटर 32-राउंड वियोज्य बॉक्स मैगज़ीन एमपी 40 (MP 40, जर्मन नाम: Maschinenpistole 40) द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाज़ी जर्मनी द्वारा बड़े पैमाने पर उत्पादित और उपयोग की जाने वाली एक प्रसिद्ध सबमशीन गन थी। 9×19 मिमी पैराबेलम कारतूस दागने वाली इस स्वचालित राइफल का डिज़ाइन मुख्य रूप से पैराट्रूपर्स, स्क्वाड लीडर्स और पैदल सेना के कमांडरों के लिए तैयार किया गया था। यह हथियार अपने अनूठे आधुनिक स्वरूप, फोल्डिंग स्टॉक (मोड़ने वाले कुंदे) और अत्यधिक नियंत्रित फायरिंग दर के कारण द्वितीय विश्व युद्ध का एक वैश्विक प्रतीक बन गया। विकास और इतिहास MP 40 का विकास इसके पूर्ववर्ती संस्करण MP 38 के आधार पर किया गया था। MP 38 एक बेहतरीन हथियार था, लेकिन इसे बनाने के लिए बहुत अधिक समय और महंगी मशीनिंग प्रक्रिया की आवश्यकता होती थी, जिसे युद्ध काल में बड़े पैमाने पर उत्पादित करना मुश्किल था। एर्मा वेर्के के मुख्य डिजाइनर हेनरिक वो्लमर ने MP 38 के तंत्र को संशोधित किया और 1940 में MP 40 को प्रस्तुत किया। MP 40 के निर्माण में विनिर्माण क्षेत्र की एक अभूतपूर्व क्रांति का उपयोग किया गया-यह इतिहास के सबसे पहले ऐसे हथियारों में से एक था जिसमें मुख्य रूप से स्टैम्पड स्टील (धातु की चादरों को सांचों में दबाकर पुर्जे बनाना) और शुरुआती प्लास्टिक (बेकेलाइट) का उपयोग किया गया था। इसने गन की उत्पादन लागत को आधा कर दिया और कारखानों में इसका तेज़ी से निर्माण संभव बनाया।Ingram Mike The MP40 Submachine Gun Zenith Imprint 2001 978-0760310144 35-42 पश्चिमी मित्र देशों के सैनिकों और लोकप्रिय संस्कृति में MP 40 को अक्सर गलत तरीके से "शमाइसर" कहा जाता है। यह नाम प्रसिद्ध जर्मन हथियार डिजाइनर ह्यूगो शमाइसर के नाम पर आधारित है। हालांकि, ऐतिहासिक तथ्य यह है कि ह्यूगो शमाइसर ने MP 40 का डिज़ाइन तैयार *नहीं* किया था। उनका इस गन से संबंध केवल इतना था कि उन्होंने इसकी मैगज़ीन के फीड सिस्टम का पेटेंट कराया था। बाद में उन्होंने MP 41 नामक एक अलग गन बनाई थी, जो सफल नहीं हुई। MP 40 का वास्तविक श्रेय हेनरिक वो्लमर और एर्मा वेर्के को जाता है।Sub-Machine Gun: The Development of Sub-Machine Guns and their Ammunition from World War 1 to the Present Day तकनीकी कार्यप्रणाली MP 40 एक अत्यंत ही विश्वसनीय और सरल स्वचालित हथियार था, जिसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित थीं: ओपन बोल्ट और ब्लोबैक: यह गन 'स्ट्रेट ब्लोबैक' सिद्धांत पर काम करती थी, जहाँ फायर होने के बाद कारतूस की गैस का दबाव बोल्ट को पीछे धकेलता था। यह 'ओपन बोल्ट' से फायर होती थी, जिसका अर्थ है कि ट्रिगर दबाने से पहले बोल्ट पीछे की स्थिति में खुला रहता था। इससे बैरल को ठंडा रखने में मदद मिलती थी। फायरिंग दर नियंत्रण: एक भारी टेलीस्कोपिक रिकॉइल स्प्रिंग के उपयोग के कारण, इसकी फायरिंग दर (500 राउंड/मिनट) अन्य समकालीन सबमशीन गनों (जैसे सोवियत PPSh-41 या ब्रिटिश स्टेन गन) की तुलना में काफी कम और नियंत्रित थी। इसके कारण सैनिक बिना किसी सिलेक्ट-फायर स्विच के, केवल ट्रिगर पर नियंत्रण रखकर एकल शॉट भी आसानी से दाग सकते थे। फोल्डिंग स्टॉक: इसका धातु का कुंदा नीचे की ओर पूरी तरह मुड़ जाता था, जिससे यह हथियार बहुत छोटा और कॉम्पैक्ट हो जाता था। यह विशेषता बख्तरबंद वाहनों के क्रू और पैराट्रूपर्स के लिए वरदान साबित हुई।Zaloga Steven J. The MP 40 Submachine Gun Osprey Publishing 2014 45-55 978-1780969084 युद्ध के मैदान पर प्रभाव और विरासत MP 40 ने शहरी युद्धों और निकट-दूरी के युद्धों में जर्मन सेना को एक जबरदस्त मारक क्षमता प्रदान की। पूर्वी मोर्चे पर सोवियत संघ के खिलाफ लड़ते समय, जहाँ पूरी दुश्मन टुकड़ियाँ स्वचालित हथियारों से लैस होती थीं, MP 40 जर्मन रक्षा का मुख्य आधार बनी। युद्ध के अंत तक लगभग 11 लाख MP 40 गनों का निर्माण किया जा चुका था। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद भी, इसका उपयोग दुनिया भर के कई युद्धों (जैसे प्रथम इंडोचीन युद्ध और वियतनाम युद्ध) में विभिन्न सेनाओं और विद्रोही समूहों द्वारा किया गया। इसके स्टैम्पड स्टील डिज़ाइन ने युद्ध के बाद विकसित हुई कई आधुनिक सबमशीन गनों और असॉल्ट राइफलों (जैसे अमेरिकी M3 ग्रीस गन) के निर्माण को गहराई से प्रेरित किया।Hogg Ian V. Military Small Arms of the 20th Century Krause Publications 2000 7th 978-0873418591 212-220"WWI and WWII firearm relics still used in Russo-Ukrainian war" सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ रॉयल आर्मरीज़ - द्वितीय विश्व युद्ध के जर्मन छोटे हथियार श्रेणी:नाज़ी जर्मनी