Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

सच्चिदानन्द सिन्हा

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

सच्चिदानन्द सिन्हा Portrait of Dr. Sachchidananda Sinha.jpg Interim President, Constituent Assembly of India 9 December 1946 11 December 1946 \ 1871 11 10 y आरा, बिहार 1950 3 6 1871 11 10 y पटना, बिहार राधिका पटना विश्वविद्यालय हिंदु धर्म Indo-Aryan भारतीय Sachchidananda Sinha Signature.jpg डॉ सच्चिदानन्द सिन्हा (10 नवम्बर 1871 - 6 मार्च 1950)संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष और बिहार के 'जनक' थे डॉ0 सच्चिदानंद सिन्हा भारत के प्रसिद्ध सांसद, शिक्षाविद, अधिवक्ता तथा पत्रकार थे। वे भारत की संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष थे। बिहार को बंगाल से पृथक राज्य के रूप में स्थापित करने वाले लोगों में उनका नाम सबसे प्रमुख है। 1910 के चुनाव में चार महाराजों को परास्त कर वे केन्द्रीय विधान परिषद में प्रतिनिधि निर्वाचित हुए। वे प्रथम भारतीय हैं जिन्हें एक प्रान्त का राज्यपाल और हाउस ऑफ् लार्डस का सदस्य बनने का श्रेय प्राप्त है। वे प्रिवी कौंसिल के सदस्य भी थे। जीवन परिचय डा. सच्चिदानंद सिन्हा का जन्म शाहाबाद जिले के मुरार गाँव के एक कायस्थ कुल में हुआ था । वर्तमान में इनका गाँव बक्सर जिले में है। उनके पिता बख्शी शिव प्रसाद सिन्हा डुमरांव महाराज के मुख्य तहसीलदार थे। डा. सिन्हा की प्राथमिक शिक्षा-दीक्षा गांव के ही विद्यालय में हुई। केवल अठारह वर्ष की उम्र में 26 दिसंबर 1889 को उन्होंने उच्च शिक्षा के लिये इंग्लैंड प्रस्थान किया। वहां से तीन साल तक पढ़ाई कर सन् 1893 ई. में स्वदेश लौटे। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में दस वर्ष तक बैरिस्टरी की प्रैक्टिस की। उन्होंने 'इंडियन पीपुल्स' एवं 'हिंदुस्तान रिव्यू' नामक समाचार पत्रों का कई वर्षों तक संपादन किया। बाद में बंगाल से पृथक बिहार के निर्माण में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। वे सन् 1921 ई. में बिहार के अर्थ सचिव व कानून मंत्री रहे। तत्पश्चात पटना विश्वविद्यालय में उप कुलपति के पद पर रहते हुए उन्होंने सूबे में शिक्षा को नया मोड़ दिया। भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ० सच्चिदानन्द सिन्हा का योगदान6 मार्च 1950 को भारत एवं खास कर बिहार के इस महान सपूत का निधन हो गया। डा.सिन्हा की स्मृति में पटना में सिन्हा पुस्तकालय स्थापित है। सन्दर्भ श्रेणी:सांसद