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411 समाचार
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महरंग बलोच

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महरंग बलोच Mahrang Baloch.jpg महरंग बलोच, 2024 1993 01 01 ySiddiqui Huma Mahrang Baloch: The Face of Balochistan https://www.financialexpress.com/business/defence-mahrang-baloch-the-face-of-baloch-resistance-3567829/ 8 April 2025 Financial Express 29 July 2024 en बलोच यकजिहती समितिZaman Sarah Baloch Activists March to Pakistani Capital to Demand End to Extrajudicial Killings https://www.voanews.com/a/baloch-activists-march-to-pakistani-capital-to-demand-end-to-extrajudicial-killings-/7406137.html 20 December 2023 Voice of America 20 December 2023 en 22 December 2023 https://web.archive.org/web/20231222014113/https://www.voanews.com/a/baloch-activists-march-to-pakistani-capital-to-demand-end-to-extrajudicial-killings-/7406137.html live डॉक्टर, मानवाधिकार कार्यकर्ता बलोच लोगों के मानवाधिकार के लिये कार्यरत बोलान चिकित्सा महाविद्यालय मंगोचर, बलूचिस्तान, पाकिस्तान 2009– आजीवन कारावास आरोपित महरंग बलोच (ur ماہ رنگ بلوچ; जन्म 1 जनवरी 1993) पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रान्त में मनवाधिकारों के हनन के विरुद्ध संघर्ष करने वाली एक कार्यकर्त्ता तथा बलोच यकजिहती समिति के संस्थापक और नेत्री हैं। पाकिस्तान के बलोचिस्तान की रहने वाली महरंग बलूच पेशे से एक डॉक्टर हैं। महरंग बलोच के भाषण इतने प्रभावशाली हैं कि उन्हें संपूर्ण प्रांत में सम्मान और प्रशंसा के साथ साथ लोगों का साथ भी मिलता रहा है। बलूच लोगों को एकजुट करने में वे काफी सफल रही हैं और इस प्रांत की महिलाएं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़क पर उतरती हैं. 1948 से लेकर आज तक बलूस्तिान और पाकिस्तान सरकार व आर्मी के साथ तनाव कभी शांत नहीं हुआ. इधर यह और तेजी से बढ़ा है. इसके नतीजे के तौर पर बलूस्तिान में पाकिस्तान की सेना, अर्धसैनिक और खुफिया बलों ने बलूच लोगों का अपहरण करने, उन्हें प्रताड़ित और जान से मार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए. उन्हें बस से उतारा गया और गोलियों से छलनी कर दिया गया. लगभग तीन दर्जन हथियारबंद लोगों ने बलूचिस्तान और पंजाब की सीमा पर स्थित पाकिस्तान के मूसाखेल जिले में ये हमला किया. 35 वाहनों को आग के हवाले भी कर दिया। 31 साल की महरंग 2006 से बलूच लोगों के अपहरण और हत्याओं का विरोध कर रही हैं. उनके पिता एक राजनीतिक कार्यकर्ता थे. वे एक दिन अचानक ‘गायब’ हो गए…बाद में उनका बुरी तरह क्षत विक्षत शव 2011 में मिला था. ये ही वह दिन था जब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सिर पर कफन बांध लिया. 2017 में उनके भाई भी ऐसे ही लापता हुए जो साल भर वापस किए गए. सेना के खिलाफ उनके आंदोलन का ही असर था कि 3 महीने से अधिक समय तक कब्जे में रखने के बाद लौटा दिया. बलूच का अभियान आज तक थमा नहीं, धमकियों का सामना करने के बावजूद न उनके मार्च रुके न अहिंसक आंदोलन. 2019 में उन्होंने BYC की स्थापना की कर दी। बीवाईसी यानी बलूच यकजेहती समिति (Baloch Yakjehti Committee) के जरिए वह बलूच लोगों के सामने आने वाले मुद्दों पर बातचीत करने के लिए समुदायों में छोटी-छोटी जमीनी बैठकें आयोजित करती हैं। पाकिस्तान के बलूचिस्तान की रहने वाली महरंग बलूच पेशे से एक डॉक्टर हैं. 16 साल की उम्र से पाकिस्तान की सेना के खिलाफ जंग लड़ रहीं बलोच की मुख्य लड़ाई बलूचिस्तान में पाक सेना के गैरकानूनी तरीके से आम लोगों को उठा ले जाने और हत्या जैसे शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ है. महरंग की 5 बहनें और 1 भाई हैं और उनका परिवार कलात, बलूचिस्तान से है. पिता अब्दुल गफ्फार बलूच एक मजदूर और वामपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता थे.वह सीटीडी (आतंकवाद-रोधी विभाग) के जरिए बेजा हत्याओं और किडनैपिंग के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं। इन्हें भी देखें बलूचिस्तान मुक्ति सेना श्रेणी:मानवाधिकार कार्यकर्ता