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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

क़ाफ़ (सूरा)

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जून 2015 सूरा क़ाफ़ (इंग्लिश: Qaf (surah) इस्लाम के पवित्र ग्रन्थ कुरआन का 50 वां सूरा (अध्याय) है। इसमें 45 आयतें हैं। नाम सूरा क़ाफ़अनुवादक: मौलाना फारूक़ खाँ भाष्य: मौलाना मौदूदी अनुदित क़ुरआन - संक्षिप्त टीका सहित 759 से https://archive.org/details/TranslationOfTheMeaningsOfTheNobleQuranInTheHindipdfका नामसूरा क़ाफ़ का अनुवाद (किंग फ़हद प्रेस) https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/50 https://quranenc.com 16 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20200622083734/https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/50 22 जून 2020 dead आरम्भ ही के अक्षर क़ाफ़ से उद्धृत है। मतलब यह है कि वह सूरा जिसका उद्घाटन अक्षर क़ाफ़ से होता है। अवतरणकाल सूरा मक्की सूरा अर्थात पैग़म्बर मुहम्मद के मक्का के निवास के समय हिजरत से पहले अवतरित हुई। किसी विश्वस्त उल्लेख से यह पता नहीं चलता कि यह ठीक किस कालखण्ड में अवतरित हुई है, किन्तु विषय-वस्तुओं पर विचार करने से यह महसूस होता है कि इसका अवतरणकाल मक्का मुअज़्ज़मा का दूसरा कालखण्ड है, जो नुबूवत के तीसरे वर्ष से आरम्भ होकर पाँचवे वर्ष तक रहा। इस कालखण्ड की विशेषताएँ सूरा अनआम के परिचय-सम्बन्धी लेख में आ चुकी हैं। विषय और वार्ताएँ इस्लाम के विद्वान मौलाना सैयद अबुल आला मौदूदी लिखते हैं कि विश्वस्त उल्लेखों से मालूम होता है कि अल्लाह के रसूल (सल्ल.) अधिकतर दोनों ईदों की नमाज़ों में इस सूरा को पढ़ा करते थे। कुछ और उल्लेखों में आया है कि फ़ज्र की नमाज़ में भी आप अधिकतर इसको पढ़ा करते थे। इससे यह बात स्पष्ट है कि नबी (सल्ल.) की दृष्टि में यह एक बड़ी महत्त्वपूर्ण सूरा थी। इसलिए आप ज़्यादा-से ज़्यादा लोगों तक बार-बार इसकी वार्ताओं को पहुँचाने का आयोजन करते थे। इसके महत्त्व का कारण सूरा को ध्यानपूर्वक पढ़ने से आसानी से समझ में आ जाता है। पूरी सूरा का विषय आख़िरत ( परलोक ) है। अल्लाह के रसूल (सल्ल.) ने जब मक्का मुअज़्ज़मा में अपने आह्वान का आरम्भ किया तो लोगों को सबसे ज़्यादा अचम्भा आपकी जिस बात पर हुआ , वह यह थी कि मरने के पश्चात् मनुष्य पुनः उठाए जाएँगे और उनको अपने कर्मों का हिसाब देना होगा । लोग कहते थे कि यह तो बिलकुल अनहोनी बात है, आख़िर यह कैसे सम्भव है कि जब हमारा कण-कण धरती में बिखर चुका हो तो इन बिखरे हुए अंशों को हज़ारों वर्ष बीत जाने के बाद फिर से इकट्ठा करके हमारा यह शरीर नए सिरे से बना दिया जाए और हम जीवित होकर उठ खड़े हों ? इसके उत्तर में अल्लाह की ओर से यह अभिभाषण अवतरित हुआ। इसमें बड़े संक्षिप्त तरीके से छोटे - छोटे वाक्यों में एक तरफ़ परलोक की सम्भावना और उसके घटित होने के प्रमाण दिए गए हैं और दूसरी तरफ़ लोगों को सावधान किया गया है कि तुम चाहे आश्चर्य करो या बुद्धि से बहुत दूर समझो या झुठलाओ, इससे यथार्थ में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता। सुरह "क़ाफ़'' का अनुवाद बिस्मिल्ला हिर्रह्मा निर्रहीम अल्लाह के नाम से जो दयालु और कृपाशील है। बिस्मिल्लाह क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद इस सूरा का प्रमुख अनुवाद: क़ुरआन की मूल भाषा अरबी से उर्दू अनुवाद "मौलाना मुहम्मद फ़ारूक़ खान", उर्दू से हिंदी "मुहम्मद अहमद" Qaf (surah) सूरा का अनुवाद http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/49:1 http://tanzil.net 15 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20180425183153/http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/49:1 25 अप्रैल 2018 dead ने किया। बाहरी कडियाँ इस सूरह का प्रसिद्ध अनुवादकों द्वारा किया अनुवाद क़ुरआन प्रोजेक्ट पर देखें Qaf (surah) 50:1 50 - क़ाफ़ अल-हुजुरात अध-धारियात सन्दर्भ: इन्हें भी देखें क़ुरआन मुहम्मद क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद सूरा आयत (क़ुरआन) इस्लामी शब्दावली श्रेणी:सूरा