411 REFERENCE · Wikipedia
हथोर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
Egyptian हथोर Hathor.svg हथोर की सबसे आम प्रतीकात्मकता की संयुक्त छवि, जो आंशिक रूप से नेफ़रतारी की कब्र की छवियों पर आधारित है प्राचीन मिस्र के वस्त्र पहने एक महिला की प्रोफ़ाइल। उसकी त्वचा पीली है और उसके सिर पर गाय के सींगों की एक जोड़ी है, जिसके बीच में एक लाल डिस्क है जिसके चारों ओर एक कोबरा घिरा हुआ है। वह एक हाथ में काँटेदार डंडा और दूसरे हाथ में एक अंख चिन्ह पकड़े हुए है। Egyptian: ḥwt-ḥr
O10Hart 2005 61 डेंडेरा
मेम्फ़ीस रा रा
होरस
अतुम
अमुन
खूंसू इही, हू का नेफरहोटेप, रा (पुनर्जन्म का चक्र), होरस (कुछ मिथकों में)
हथोर प्राचीन मिस्रवासियों के धर्म में एक प्रमुख देवी थीं। उन्हें आकाश के देवता होरस और सूर्य देव रा की माँ अथवा पत्नी थीं। वो उन देवियों में से एक है रा की आँख (आई ऑफ़ रा) कहा जाता है। उन्हें रा का समकक्ष माना जाता है। रा के समकक्ष रूप में उन्होंने रा को दुश्मनों से बचाने का काम किया था। उनका कल्याणकारी पक्ष संगीत, नृत्य, आनंद, प्रेम, यौनिकता और मातृत्व देखभाल का प्रतिनिधित्व करना था। उन्हें कई देवताओं की पत्नी और उनके पुत्रों की माँ के रूप अमें माना जाता है। देवी के ये दोनों पक्ष मिश्र के लोगों की स्त्रीत्व की अवधारणा को दर्शाते थे। हथोर ने दुनियाओं के बीच की सीमाओं को पार किया और आत्माओं को परलोक गमन में मदद की।
हथोर को अक्सर एक गाय के रूप में चित्रित किया जाता था जो उनके मातृत्व और आकाशीय पक्ष का प्रतीक था। हालांकि उनका सबसे सामान्य रूप एक महिला का था जो गाय के सींगो और उनके बीच में सूर्य जैसा एक गोला पहने हुए थीं। उन्हें एक शेरनी, कोबरा या एक चिनार/गूलर के पेड़ के रूप में भी दिखाया जाता था।
हथोर की तरह ही चौथी सदी ईसा पूर्व में मिस्र की कला को गायों (देवी रूप) को चित्रित किया गया था लेकिन सम्भव है कि वो पुराने साम्राज्य (2686–2181 ईसा पूर्व) तक प्रकट नहीं हुई हों। पुराने साम्राज्य के शासकों के संरक्षण के साथ वो मिस्र की सबसे महत्त्वपूर्ण देवियों में से एक बन गईं। किसी भी अन्य देवि की तुलना में उन्हें अधिक मंदिर समर्पित किए गए। उनका सबसे प्रमुख मंदिर दक्षिण मिस्र में डंदेरा है। उनकी पूजा उनके पुरुष सहचरों में भी की जाती थी। मिश्र के लोग उन्हें नुबिया और कनान जैसी विदेशी भूमि तथा धूप और रत्न पत्थरों जैसी मूल्यवान वस्तुओं से जोड़कर देखते थे। मिस्र में उन्हें उन देवी-देवताओं में माना जाता है जिनकी निजी प्रार्थना और मन्नत का आमतौर पर आह्वान किया जाता था।
नवीन साम्राज्य (1550–1070 ईसा पूर्व) में उनके साथ म्यूट और आइसिस जैसी देवियों की पूजा आरम्भ हो गयी। हालांकि फिर भी हथोर सबसे अधिक पूजी जाने वाली देवियों में से एक बनी रहीं। इस साम्राज्य के अंत के साथ हथोर की पूजा से अधिक आइसिस की पूजा होने लगी लेकिन कुछ शताब्दियों बाद प्राचीन मिस्रवासियों के धर्म के विलुप्त होने तक उनकी पूजा जारी रहीं।
मूल
प्रागैतिहासिक मिस्र (3100 ईसा पूर्व से पहले) की कलाकृतियों में अक्सर मवेशियों के चित्र दिखाई देते हैं। इनमें उपर उठे हुए घुमावदार हाथों वाली महिलाओं के चित्र, गया जैसे सींगो को आकार जैसा दिखाता है। दोनों तरह के चित्रों की कल्पना मवेशियों से जुड़ी देवी का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।Hassan 1992 15 गायों को प्राचीन मिस्र सहित कई संस्कृतियों में मातृत्व और पोषक के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है क्योंकि गाय अपने बछड़ों की देखभाल करती हैं और मनुष्यों को भी दुध प्रदान करती हैं।Lesko 1999 15–17
सन्दर्भ
स्रोत
https://archive.org/details/RoutledgeDictionaryOfEgyptianGodsAndGoddesses/page/n73/mode/2up The Routledge Dictionary of Egyptian Gods and Goddesses, Second Edition Hart George Routledge 2005 978-0203023624 61–65
The Followers of Horus: Studies Dedicated to Michael Allen Hoffman Hassan Fekri A. Oxbow Books 1992 978-0946897445 Friedman Renee 307–319 Primeval Goddess to Divine King: The Mythogenesis of Power in the Early Egyptian State Adams Barbara
https://archive.org/details/unset0000unse_b8s8 The Great Goddesses of Egypt Lesko Barbara S. 1999 University of Oklahoma Press 978-0806132020 registration
बाहरी कड़ियाँ
Hathor
Athor III 13 1
श्रेणी:स्तनधारी और मानव संस्कृति