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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

सुजाता (1959 फ़िल्म)

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सुजाता सुजाता.jpg सुजाता का पोस्टर बिमल रॉय बिमल रॉय सचिन देव बर्मन (संगीत)मजरुह सुल्तानपुरी (गीत) सुबोध घोष (कहानी)नबेन्दु घोष (पटकथा)पॉल महेन्द्र (संवाद) मोहन स्टुडियोज़ अमित बोस कमल बोस बिमल रॉय प्रोडक्शन्स सुनील दत्त, नूतन, शशिकला, ललिता पवार 1959 भारत हिन्दी सुजाता १९५९ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसके निर्माता व निर्देशक प्रसिद्ध बिमल रॉय थे तथा इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका सुनील दत्त तथा नूतन ने निभाई थी। यह फ़िल्म भारत में प्रचलित छुआछूत की कुप्रथा को उजागर करती है। इस फ़िल्म की कहानी एक ब्राह्मण पुरुष और एक अछूत कन्या के प्रेम की कहानी है। इस फ़िल्म को १९५९ में फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। संक्षेप एक सभ्रांत ब्राह्मण दम्पति उपेन्द्र चौधरी (तरुण बोस) तथा चारु (सुलोचना) के घर काम करने वाले की पत्नी समेत हैजे के कारण मृत्यु हो जाती है और वह अपने पीछे एक नवजात बच्ची छोड़ जाते हैं जिसे चारु की ज़िद से उपेन्द्र के परिवार की आया पालने लग जाती है और जिसका नाम सुजाता (बड़ी होकर नूतन) रखा जाता है। उपेन्द्र दम्पति की अपनी भी एक नवजात बच्ची होती है जिसका नाम होता है रमा (बड़ी होकर शशिकला)। चूंकि सुजाता का पिता अछूत जाति से था इसलिए जब उपेन्द्र की बुआ (ललिता पवार) उनके घर आती हैं तो सुजाता को छुपाने की कोशिश किये जाने के बावजूद बुआ को पता चल जाता है और उपेन्द्र दम्पति को वह निर्देश देती है कि उसे किसी भी तरह से उसी की जात बिरादरी में भेज दिया जाये। लेकिन सारे प्रयास विफल हो जाते हैं। सुजाता उपेन्द्र परिवार में ही बड़ी होती है और उपेन्द्र दम्पति को ही वह अपना माँ-बाप समझने लगती है। रमा भी उसको अपनी बड़ी बहन मानती है। लेकिन सुजाता अनपढ होती है जबकि रमा कॉलेज में पढ़ती है। बुआ का नवासा अधीर (सुनील दत्त) जब शहर से पढ़ाई कर वापस आता है तो उसे सुजाता को देखते ही प्यार हो जाता है जबकि बुआ चाहती है कि अधीर और रमा का विवाह हो। सुजाता भी अधीर को चाहने लगती है। एक दिन जब चारु और बुआ के बीच चल रही बातचीत को जब सुजाता सुनती है तो उसे पता चलता है कि वह अछूत है। वह अधीर से किनारा करने की कोशिश करती है लेकिन अधीर नये ख्यालात का लड़का है और वह इन दकियानूसी बातों को नहीं मानता है। एक दिन एक हादसे में चारु को चोट लग जाती है और उसे खून देने की ज़रुरत पड़ती है। केवल सुजाता का ही खून चारु के खून से मिलता है इसलिए चारु को सुजाता का खून चढ़ता है। इससे पहले चारु बुआ के बहकावे में आकर सुजाता को अधीर से प्रेम करने के लिए दुत्कारती थी, लेकिन अब चारु सुजाता को अपना लेती है और आखिरकार बुआ भी इस रिश्ते को अपनी मंज़ूरी दे देती है। चरित्र सुनील दत्त - अधीर नूतन - सुजाता शशिकला - रमा चौधरी ललिता पवार - उपेन्द्र चौधरी की बुआ तरुण बोस - उपेन्द्र चौधरी असित सेन - पण्डित जी (छोटा रोल) सुलोचना - चारु चौधरी मुख्य कलाकार सुनील दत्त नूतन शशिकला ललिता पवार तरुन बोस असित सेन सुलोचना दल संगीत इस फ़िल्म में संगीत दिया है ऍस डी बर्मन ने और गीत के बोल लिखे हैं मजरुह सुल्तानपुरी ने। +सुजाता के गीतगीतगायक/गायिका१अंधे ने भी सपना देखामोहम्मद रफ़ी२बचपन के दिन भी क्या दिन थेगीता दत्त, आशा भोंसले३जलते हैं जिसके लिएतलत महमूद४काली घटा छाएआशा भोंसले५नन्ही कली सोने चलीगीता दत्त६सुन मेरे बन्धु रेऍस डी बर्मन७तुम जीयो हज़ारों सालआशा भोंसले रोचक तथ्य परिणाम बौक्स ऑफिस समीक्षाएँ सुजाता" एक हिंदी फिल्म है जो 1959 में रिलीज हुई थी। फिल्म की रिलीज के समय, भारतीय समाज जाति के आधार पर विभाजित था और अस्पृश्यता का मुद्दा अभी भी प्रचलित था। यह फिल्म जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर ध्यान देने और सामाजिक सुधार की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बनाई गई थी। फिल्म का उद्देश्य मौजूदा सामाजिक मानदंडों को चुनौती देना और परिवर्तन को प्रेरित करना था। फिल्म के निर्माण के दौरान कुछ विवाद और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और इसे सफल माना गया। फिल्म का सरकार और समाज पर प्रभाव पड़ा और बदलाव के लिए एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन में योगदान दिया। फिल्म की सफलता इसके शक्तिशाली संदेश और उस समय भारतीय समाज पर इसके प्रभाव का एक वसीयतनामा है। नामांकन और पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार - बिमल रॉय फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार - नूतन फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार - बिमल रॉय फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ कथा लेखन पुरस्कार - सुबोध घोष राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार तीसरी श्रेष्ठ फीचर फिल्म पुरस्कार बाहरी कड़ियाँ 0053319 सुजाता श्रेणी:1959 में बनी हिन्दी फ़िल्म श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार विजेता श्रेणी:एस॰ डी॰ बर्मन द्वारा संगीतबद्ध फिल्में