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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अझ़दहा

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thumb|220px|ताइवान के लॉन्गशान मंदिर के ऊपर अझ़दहे की आकृति thumb|220px|बीजिंग की "नौ अझ़दहों की दीवार" पर शाही अझ़दहों की आकृतियाँ (जिनके पंजों में पाँच नाखून होते हैं) thumb|220px|इटली के रेजियो कालाब्रिया राष्ट्रीय संग्राहलय की दीवार पर पच्चीकारी से बनी एक अझ़दहे की आकृति thumb|220px|भारत के मणिपुर राज्य में पोउबी लइ पफल की प्रतिमा, जो पाखंगबा नामक अझ़दहा-रूपी देवता का एक रूप हैं अझ़दहा, अज़दहा, अजदहाhttp://dsalsrv02.uchicago.edu/cgi-bin/philologic/getobject.pl?c.0:1:1125.plattsअक्तूबर 2022 InternetArchiveBot एक काल्पनिक जीव है जिसमें सर्प की प्रकृति के बहुत से तत्त्व थे और कुछ संस्कृतियों में उड़ने और मुंह से आग उगलने की क्षमता भी थी। यह दुनिया की कई संस्कृतियों के मिथकों में पाया जाता है। कभी-कभी इस जीव को अजगर भी बुलाया जाता है, हालांकि यह थोड़ा सा ग़लत है क्योंकि "अजगर" उस सर्प का हिंदी नाम है जिसे अंग्रेज़ी में "पायथन" कहते हैं। शब्द की उत्पत्ति अझ़दहा में "झ़" का उच्चारण "ज़", "ज" और "झ" से भिन्न है और यह हिंदी-उर्दू के बहुत कम शब्दों में से है जिसमें यह ध्वनि पाई जाती है। वैसे तो यह शब्द फ़ारसी से उत्पन्न हुआ समझा जाता है लेकिन इसकी संस्कृत में भी गहरी सजातीय जड़े हैं जो संस्कृत और कश्मीरी समेत उत्तर भारत की सभी भाषाओँ की पूर्वज प्राचीन आदिम हिन्द-ईरानी भाषा तक पहुँचती हैं। संस्कृत का "अहि" शब्द भिन्न रूपों में बहुत सी हिन्द-ईरानी भाषाओँ में पाया जाता है और "अझ़ि" या "अज़ि" इसी का रूप है। अहि/अझ़ि/अज़ि का अर्थ होता है "सर्प" और यह "अहिरावण" जैसे शब्दों में मिलता है। "दहाक" का अर्थ "काटना" या "डंक मारना" होता है।Charudeva Shastri felicitation volume https://web.archive.org/web/20150406025153/http://books.google.com/books?id=WiAhAAAAMAAJ 6 अप्रैल 2015 , Charudeva Shastri, Suniti Kumar Chatterji, Charu Deva Shastri Felicitation Committee, 1974, ... The first component Azhi —, Skt. ahi — Greek othis means a snake and Dahaka — biter, stinger ... Skt। ... to bite, to sting. The full name survives in Persian as azhdaha, a python, a great snake. Only the second component ...Journal, Volumes 3-4 https://web.archive.org/web/20150406021248/http://books.google.com/books?id=PwdDAAAAYAAJ 6 अप्रैल 2015 , Uttar Pradesh Historical Society, ... Ahi or Ahika in Sanskrit is a snake. Ascoli identifies Ahi with Greek echis (not ophis) and Zend azhi. Ahi was used as a proper name, like Nahir, lion and Vyaghra, tiger, as we see in the name of the legendary Raja Ahi Baran ... अंग्रेज़ी में इसी कालपनिक जीव को "ड्रैगन" (Dragon) कहते हैं जो यूनानी भाषा के द्राकोन (δράκων) शब्द से आया है, जिसका अर्थ है "एक बड़े आकार का सर्प, विशेषकर जल में रहने वाले सर्प।" भारतीय संस्कृति में प्राचीन वैदिक धर्म में वृत्र (जिसका अर्थ है "ढकने वाला") एक असुर भी था और एक नाग भी। माना जाता है कि यह संभवतः एक अझ़दहा के ही जैसा जीव था। यह इन्द्र का शत्रु और सूखे (जल की कमी) का प्रतीक था।दयानंद यजुर्वेदभाष्य भास्कर: महर्षि दयानंद के वेद-भाष्य https://web.archive.org/web/20150406034730/http://books.google.com/books?id=wRcnAQAAIAAJ 6 अप्रैल 2015 , सुदर्शनदेव आचार्य, दयानंद सरस्वती, आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट, १९७४ इसे वेदों में "अहि" (यानि सर्प) भी कहा गया है और कुछ वर्णनों में इसके तीन सर दर्शाए गए हैं।The Dragon Keeper's Handbook: Including the Myth and Mystery, Care and Feeding, Life and Lore of These Fiercely Splendid Creatures https://web.archive.org/web/20150406015104/http://books.google.com/books?id=VKPcM7-ldwkC 6 अप्रैल 2015 , Shawn MacKenzie, Llewellyn Worldwide, 2011, ISBN 978-0-7387-2785-1, ... In Vedic India we find three-headed Vritra, a divine Chaos Dragon and, some would argue, a descendent of Tiamat; certainly a Dragon made in her wild mold. But where Tiamat was creative, Vritra was willfully destructive ... आधुनिक भारतीय साहित्य में भी अझ़दहा को कभी ख़तरे और कभी साहस के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया गया है। हरिवंश राय बच्चन ने अपने "दो चट्टानें" नाम के संग्रह की प्रसिद्ध कविता "सूर समर करनी करहिं" में अझ़दहा को एक ज़ुल्म ढाने वाला और सच्चाई के तर्क के प्रति बहरा पात्र दिखाया है जिस से केवल बल के प्रयोग से बात की जा सकती है: और ऐसा अज़दहा जब सामने हो, कान ही जिसके न हों तो, गीत गाना - हो भले ही वीर रस का वह तराना - गरजना, नारा लगाना, शक्ति अपनी क्षीण करना, दम घटाना। बड़ी मोटी खाल से उसकी सकल काया ढकी है। सिर्फ़ भाषा एक जो वह समझता है, सबल हाथों की, करारी चोट की है।Do Chattanein https://web.archive.org/web/20150406012646/http://books.google.com/books?id=lJwMTwEACAAJ 6 अप्रैल 2015 , Harivansh Rai Bachchan, Rajpal & Sons, ISBN 978-81-7028-799-5 भारत के कुछ भागों में अझ़दहा से सम्बन्धित हिन्दू व बौद्ध धार्मिक आस्थाएँ भी हैं। मसलन मणिपुर राज्य में पाखंगबा एक प्रकार के दिव्य-प्राणी (देवता) हैं जिनका स्वरूप अझ़दहा जैसा है।Hastings Encyclopedia of Religion and Ethics, Volume 11 यूरोपीय संस्कृति में यूरोपीय अझ़दहे अक्सर परों वाले होते हैं और क्रोधित होकर अपने मुँह से आग के गोले फेंक सकते हैं। इनका शरीर एक भीमकाय सांप की तरह होता है और आगे छिपकली की तरह दो टाँगे होती हैं। बिना टांगों वाले अझ़दहे को वायवर्न (wyvern) कहा जाता है। प्राचीन कथाओं में अक्सर अझ़दहों को ग़ुफाओं में रहने वाला जीव बताया जाता है। प्राचीन अंग्रेज़ी भाषा की बियोवुल्फ़ (Beowulf) नामक कविता में ऐसे ही अझ़दहों का वर्णन है। कभी-कभी इन्हें किसी बड़े ख़ज़ाने की रखवाली करते हुए भी बताया जाता है। चीनी संस्कृति में चीनी अझ़दहे, जिन्हें "लॉन्ग" (龍) कहा जाता है, मनुष्यों का रूप धारण कर सकते हैं और उन्हें कृपालु जीवों के रूप में दर्शाया जाता है। पाँच नाखूनों के पंजे वाले अझ़दहे को चीनी सम्राटों का चिह्न माना जाता था। कला के क्षेत्र में चीनी संस्कृति में अझ़दहों का बहुत प्रयोग होता है। इन्हें भी देखें बियोवुल्फ़ साँप सजातीय शब्द सन्दर्भ 2 श्रेणी:अझ़दहे श्रेणी:कालपनिक जीव श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना श्रेणी:दंत कथा वाले जीव